दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शनिवार, नवंबर 21, 2015

तोंद कम करने के 51 सरल उपाय

पेट की चर्बी घटाने के सरल उपचार

Simple home remedies to reduce abdominal fat

शरीर पर चरबी का अधिक होना मोटापे का सबसे बड़ा लक्षण होता है। गलत तरह से खान-पान करना, रहन सहन में भी गलत तरीके प्रयोग करना आदि जैसी वजह से पेट बाहर निकल जाता है। और कमर की चरबी अधिक हो जाती है। धीरे-धीरे मोटापा गर्दन, हाथ और पैरों तक फैल जाता है। यानी इन जगहों पर चरबी अधिक हो जाती है। शरीर पूरी तरह से चरबी युक्त हो जाता है। और इंसान को चलने फिरने में भी दिक्कतों के साथ-साथ कई गंभीर बीमारीयों के होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। आइये आपको बताते है कमर की चरबी को कम कैसे करें। आयुर्वेद में इसका इलाज संभव है। कमर की चरबी कम करने के लिए राजेश मिश्रा द्वारा बताये गए आप इन उपायों का प्रयोग कर सकते हो. . कमर की चरबी को कम करने का सबसे पहला नियम जो आयुर्वेद में है.  वह है-
  • भूख से कम ही भोजन का सेवन करें। जितनी भूख है उससे कम ही खाना खायें। इससे पेट का आकार नहीं बढ़ता और पाचन भी ठीक रहता है। कम भोजन करने से पेट में गैस नहीं बनती है। कोशिश करें कि दिन में 2 बार शौच जाएं।सुबह उठते ही एक गिलास गरम पानी मे आधा नींबू निचोड़कर पीएं। इसमे एक चम्मच शहद मिलाकर पिएंगे तो ज्यादा फायदा होगा। इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और चर्बी जलती है।  
  • अदरक को टुकड़ों मे काट लें फिर एक कप पानी मे उबालें। 10 मिनिट तक उबालने के बाद अदरक बाहर निकाल दें और इसे चाय की तरह पीएं। 
  • लहसुन मे मोटापा कम करने के तत्व होते हैं। एक कप मामूली गरम पानी मे एक नींबू निचोड़ें। लहसुन की तीन जवे इस पानी के साथ लें। चर्बी कम करने का उम्दा उपाय है।  रोज सुबह खाली पेट लें. 
  • बादाम मे मौजूद ओमेगा 3 फेटी एसिड अनावश्यक पेट की चर्बी हटाने मे सहायक है। रोज रात को 9 बादाम पानी मे गलाए और सुबह इनको छीलकर खाएं।  
  • भोजन से आधे घंटे पूर्व एक चम्मच एप्पल सायडर वेनेगर को एक गिलास पानी मे मिलाकर पीएं।इससे ज्यादा केलोरी जलती है और चर्बी कम होती है। 
  • पुदेने के पत्ते और हरा धनिया के पत्ते पीस लें ,इसमे नमक और नींबू का रस मिलाकर चटनी तैयार करे। भोजन के साथ प्रयोग करें। इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और फालतू चर्बी खत्म होती है। 
  • एलोवेरा का जूस पीने से चर्बी पेट मे जमा नही होती| आधा गिलास गरम पानी मे 2 चम्मच एलोवेरा जूस और एक चम्मच जीरा मिश्रण करें।  रोज सुबह खाली पेट लें और लेने के बाद एक घंटे तक कुछ न खाएं। चर्बी कम करने का बेहतरीन उपचार है। 
  • अपनी दिनचर्या मे कसरत और मॉर्निंग वाक को आवश्यक रूप से शामिल करें।  
  • मोटापे से मुक्ति का एक और बड़ा सरल उपाय यह है कि भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन न करें। भोजन करने के लगभग 1 घंटे के बाद ही पानी पीयें। इससे कमर का मोटाप नहीं बढ़ता है। और यह तरीका पेट को कम करने में भी मददगार होता है।
  • भोजन में अधिक से अधिक जौ से बने आटे की रोटियों का इस्तेमाल करें। गेहूं के आटे की रोटी का सेवन बिलकुल कम कर दें। जौ शरीर में मौजूद अतरिक्त चरबी को कम कर देता है। जिससे कमर और पेट की चरबी कम हो जाती है।
  • वजन कम करने और अतरिक्त चरबी को कम करने के लिए आपको यह भी पता होना चाहिए कि भोजन में किन चीजों को इस्तेमाल करें और किन का नहीं। आपको चावल, आलू और चपाती का सेवन कम से कम मात्रा में करना चाहिए साथ ही खाने में कच्चा सलाद, सब्जी और मिक्स वेज का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।
  • हमेशा खाना भूख लगने पर ही खाएं। खाना खाते वक्त यह बात जरूर ध्यान रखें कि खाने को मुंह में अच्छी तरह से बारीकी से चबाकर खाएं ताकि आसानी से भोजन गले से नीचे उतर सके।
  • सुबह के नाश्ते में आप चना, मूंग और सोयाबीन को अधिक से अधिक खाने में उपयोग करें। अंकुरित अनाज में आपको भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व आपको मिलेगें। जो मोटापा को बढ़ने नहीं देगें। दलिया को भी आप अपने नाश्ते में जरूर शामिल करें।
  • कमर की अधिक चरबी को कम करने के लिए आपको अपने खाने में हरी सब्जियों का अत्याधिक सेवन करना चाहिए। आप मेथी, पालक, चैलाई की सब्जी को अपने खाने में शमिल करें। हरी सब्जियों में मौजूद कैल्श्यिम और फाइबर आपके शरीर में पोषक तत्वों को पहुंचाते हैं। और इनसे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
  • गर्मियों में दही या मट्ठा के सेवन करने से शरीर के चरबी घटती है। दिन में 2 से 3 बार मट्ठा का सेवन करें।
  • सुबह खाली पेट गरम पानी में 2 चम्मच शहद डालकर 2 महीने तक सेवन करने से कमर का मोटापा कम होता है। इसके अलावा तेल की मालिश करने से भी कमर की चरबी को कम किया जा सकता है।

छिलके वाली दाल का प्रयोग

वजन कम करने के लिए छिलके वाली दाल का प्रयोग करें। इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है। रोजाना सेवन करने से कोलेस्ट्राल की मात्रा भी शरीर में कम होती है जिसकी वजह से वजन कम हो जाता है।

सलाद का सेवन

  • सुबह हो या शाम आपको सलाद का सेवन जरूर करना है। इससे आपको कम कैलोरी और हाई फाइबर मिलता है जो कमर की चरबी को आसानी से कम करता है।
  • खाना खाने के बाद एक गिलास गर्म पानी को घूंट लेकर पीएं आपका मोटापा कम होगा।
  • रात्री को सोने से 2 घंटा पहले खाना खाएं।

बाहर निकला हुआ पेट अंदर करने के आसान घरेलू तरीके : राज 

  1. नियमित रूप से पपीता का सेवन करें। पपीता हर मौसम में मिलता है। यह पेट की चर्बी को जल्दी घटाता है।
  2. पत्तागोभी का जूस रोज पीएं। इसकी आदत डाल लें। इस जूस में चर्बी को घटाने के गुण होते हैं।
  3. जितना हो सके आलू, चावल और शक्कर का सेवन कम से कम कर दें। क्योंकि इनमें अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है।
  4. गेहूं के आटे की रोटी खाने की बजाए सोयाबीन, चना और गेहूं के आटे को मिलाकर यानी मिश्रित आटे की रोटी का सेवन करें।
  5. छाछ भी तेजी से वजन घटाती है इसलिए एक दिन में दो से तीन बारी छाछ का सेवन करें।
  6. अपने खाने में दही का इस्तेमाल जरूर करें। पेट को अंदर करने के लिए दही सेवन फायदेमंद है।
  7. हल्दी और आंवले के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिला लें और इसे छाछ के साथ मिलाकर पीएं। यह कमर को बिलकुल पतला और स्लिम बनाती है।
  8. यदि मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो अपने खाने में हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करें। नए शोध में बताया गया है कि वजन कम करने के लिए सबसे आसान तरीका है मिर्च को खाना। मिर्च में कैप्साइसिन तत्व पाया जाता है जो भूख को कम करता है और इससे उर्जा की खपत बढ़ती है और वजन नियंत्रण में रहता है।
  9. 2 चम्मच शहद को एक चम्मच पुदीने के रस में मिलाकर नियमित लेने से पेट अंदर होता है और वजन भी घटता है।
  10. पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा जल्दी कम होता है।
  11. फलों और सब्जियों में कैलोरी कम होती है इसलिए जितना हो सके आप फलों और सब्जियों का सेवन अधिक करें। केवल चीकू और केला न खाएं। ये मोटापा बढ़ाते हैं।
  12. टमाटर का 250 ग्राम रस 3 महीने तक सुबह खाली पेट लें। यह बहार निकले हुए पेट को अंदर कर देगा।
  13. सलाद में प्याज और टमाटर खाएं और इसमें नमक और काली मिर्च का पउडर डालें। सलाद खाने से पेट जल्दी भरता है और वजन नियंत्रित होता है।
  14. वजन कम करना कठिन नहीं है बस आपको अपने खान-पान में थोड़ा चेंज करना है। जिससे आप पतले और स्लिम होने लगोगे। जितना हो सके फास्ट फूड से परहेज करें। क्योंकि एक बार मोटापा बढ़ता है तब यह आसानी से घटता नहीं है जिस वजह से उम्र तो अधिक लगने लगती है साथ ही अनेक बीमारीयां भी शरीर पर लगने लगती है।
  15. आपको अपने जीवन शैली में एक छोटा सा परिवर्तन लाना जरूरी है। जैसे चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल करें। साईक्लिंग करना, जाॅगिंग, टहलना, और व्यायाम जरूर करें। एैसा करने से आपकी कमर की चरबी तो कम होगी ही साथ ही आपको मोटापे से मुक्ति मिल जाएगी। इसलिए आप इन घरेलू उपायों को अपनाकर पेट की चर्बी को कम कर सकते हो।

    अंत में राजेश मिश्रा का राम राम स्वीकार करें 

गुरुवार, नवंबर 19, 2015

डेंगू / Dengue : सुरक्षा ही बचाव है - राजेश मिश्रा

डेंगू होने के कारण, बचाव और रोकथाम ऐसे करें.. 

  • संक्रमित मच्छर के काटने के 3 से 14 दिनों बाद Dengue Fever के लक्षण दिखने शुरू होते है।
  • रोकथाम / Prevention ही इसका सबसे अच्छा और बेहतर ईलाज है। 

हर साल दुनिया में लगभग 10 करोड़ लोग डेंगू / Dengue Fever के शिकार होते है। भारत में भी हर साल कई लोगो की Dengue Fever के कारण मृत्यु हो जाती है। हमें रोज समाचार पत्रों में या News Channel पर Dengue Fever का आतंक देखने को मिलता है। समय की जरुरत है की इस बीमारी के बारे में लोगो में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। इस लेख द्वारा राजेश मिश्रा की कोशिश है की, आपको Dengue Fever सम्बन्धी अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो।

Dengue Fever के बारे में संक्षिप्त जानकारी :

Dengue Fever क्या है ?

Dengue Fever यह एक Viral बीमारी है जो की Dengue Virus के 4 प्रकारों में से किसी एक प्रकार के Dengue Virus से होता है। जब कोई रोगी Dengue Fever से ठीक हो जाता है, तब उस मरीज को उस एक प्रकार के Dengue Virus से लम्बे समय के लिए प्रतिरोध / immunity मिल जाती है परन्तु अन्य 3 प्रकार के Dengue Virus से Dengue Fever दोबारा हो सकता है। दूसरी बार होने वाला Dengue Fever काफी गंभीर हो सकता है जिसे Dengue Hemorrhagic Fever कहते है।

Dengue Fever कैसे होता है ?

Dengue Fever हवा, पानी, साथ खाने से या छूने से नहीं फैलता है। Dengue Fever संक्रमित स्त्री / मादा जाती के Aedes Aegypti नामक मच्छर के काटने से होता है। अगर किसी व्यक्ति को Dengue Fever है और उस व्यक्ति को यह मच्छर काट कर उसका खून पिता है तो उस मच्छर में Dengue Virus युक्त खून चला जाता है। जब यह संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है तो Dengue Virus उस स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है।
Aedes aegypti मच्छर की कुछ खास विशेषताए :
  • यह दिन में ज्यादा सक्रिय होते है। 
  • इन मच्छर के शरीर पर चीते जैसी धारिया होती है। 
  • ज्यादा ऊपर तक नहीं उड़ पाते है।
  • ठन्डे और छाव वाले जगहों पर रहना ज्यादा पसंद करते है। 
  • पर्दों के पीछे या अँधेरे वाली जगह पर रहते है। 
  • घर के अन्दर रखे हुए शांत पानी में प्रजनन / breeding करते है। 
  • अपने प्रजनन क्षेत्र के 200 meter की दुरी के अन्दर ही उड़ते है। 
  • गटर या रस्ते पर जमा खराब पानी में कम प्रजनन करते है। 
  • पानी सुख जाने के बाद भी इनके अंडे 12 महीनो तक जीवित रह सकते है। 

Dengue Fever के लक्षण : राजेश मिश्रा 

संक्रमित मच्छर के काटने के 3 से 14 दिनों बाद Dengue Fever के लक्षण दिखने शुरू होते है। Dengue Fever के लक्षण निचे दिए गए है :
  • तेज ठंडी लगकर बुखार आना 
  • सरदर्द 
  • आँखों में दर्द 
  • बदनदर्द / जोड़ो में दर्द 
  • भूक कम लगना 
  • जी मचलाना, उलटी 
  • दस्त लगना 
  • चमड़ी के निचे लाल चट्टे आना 
  • Dengue Hemorrhagic Fever की गंभीर स्तिथि में आँख, नाक में से खून भी निकल सकता है 

Dengue Fever का इलाज : राजेश मिश्रा 

  • Dengue Fever का रोकथाम / Prevention ही इसका सबसे अच्छा और बेहतर ईलाज है। 
  • Dengue Fever की कोई विशेष दवा या vaccine नहीं है। 
  • एक viral रोग होने के कारण इसकी दवा निर्माण करना बेहद कठिन कार्य है। 
  • Dengue Fever के इलाज / चिकित्सा में लाक्षणिक चिकित्सा / symptomatic treatment की जाती है। 
  • Dengue Fever की कोई दवा नहीं है पर इस रोग से शरीर पर होने वाले side-effects से बचने के लिए रोगी को डॉक्टर की सलाह अनुसार आराम करना चाहिए और समय पर दवा लेना चाहिए। 
  • रोगी को पर्याप्त मात्रा में आहार और पानी लेना चाहिए। बुखार के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार paracetamol लेना चाहिए। डेंगू बुखार में रोगी ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे ज्यादा आवश्यक हैं। 
  • बुखार या सरदर्द के लिए Aspirin / Brufen का उपयोग न करे। 
  • डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित Platelet count की जाँच करना चाहिए। 
  • हमारी रोगप्रतिकार शक्ति Dengue Fever से लड़ने में सक्षम होती है, इसलिए हमें हमेशा योग्य संतुलित आहार और व्यायाम द्वारा रोग प्रतिकार शक्ति को बढाने की कोशिश करनी चाहिए। 

Dengue Fever के बचाव के उपाय : राजेश मिश्रा 

जैसे की मैंने पहले भी लिखा है, Dengue Fever का रोकथाम / Prevention ही इसका सबसे बेहतर ईलाज है। Dengue Fever के बचाव के उपाय  :
  • घर के अन्दर और आस-पास पानी जमा न होने दे। कोई भी बर्तन में खुले में पानी न जमने दे। 
  • बर्तन को खाली कर रखे या उसे उलटा कर कर रख दे। 
  • अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी जमा कर रखते है तो उसे ढक कर रखे। 
  • अगर किसी चीज में हमेशा पानी जमा कर रखते है तो पहले उसे साबुन और पानी से अच्छे से धो लेना चाहिए, जिससे मच्छर के अंडे को हटाया जा सके। 
  • घर में कीटनाशक का छिडकाव करे। 
  • कूलर का काम न होने पर उसमे जमा पानी निकालकर सुखा कर दे। जरुरत होने पर कूलर का पानी रोज नियमित बदलते रहे। 
  • किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डो में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दे। अगर पानी जमा है तो उसमे मिटटी डाल दे। 
  • खिड़की और दरवाजे में जाली लगाकर रखे। शाम होने से पहले दरवाजे बंद कर दे। 
  • ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सके। 
  • रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए। 
  • अन्य मच्छर विरोधी उपकरणों का इस्तेमाल करे जैसे की electric mosquito bat, repellent cream, sprays etc. 
  • अगर बच्चे खुले में खेलने जाते है तो उने शरीर पर mosquito repellent cream लगाए और पुर शरीर ढके ऐसे कपडे पहनाए। 
  • अपने आस-पास के लोगो को भी मच्छर को फैलने से रोकने के लिए प्रोत्साहित करे। 
  • अपने आस-पास में अगर कोई Dengue Fever या Malaria के मरीज का पता चलता है तो इसकी जानकारी स्वास्थय विभाग एवं नगर निगम को दे, जिससे तुरंत मच्छर विरोधी उपाय योजना की जा सके। 
  • Dengue Fever के ज्यादातर मरीजो की मृत्यु platelet या खून के अभाव में होती है। मेरी आप सभी से request है की जरुरत के समय रक्तदान / Blood Donation करने से बिलकुल न घबराए और साल में कम से कम दो बार Blood Donation जरुर करे। 
  • कई लोग Dengue Fever में Platelet Count बढाने के लिए पपीते के पत्ते का रस पिने के सलाह देते है। पपीते के पत्ते का रस पिने के बाद कई मरीजो में platelet count में सुधार होते हुए देखा गया है। इसका कोई ठोस पुरावा नहीं है और न कोई research हुआ है। अब बाजार में पपीते के extract की दवा भी मिलती है जो की डॉक्टर जरुरत होने पर आपको लेने की सलाह दे सकते हैं।

शुक्रवार, नवंबर 13, 2015

क्रीम और साबुन छोड़ें घरेलु उबटन लगाएं

साफ चेहरा और कोमल त्वचा पाएं : राज
मौसम के अनुसार फेस पैक घर पर बनायें


त्वचा की किस्म और मौसम के आधार पर कौन सा फेस मास्क आप की त्वचा पर सूट करेगा व इसे घर पर भी कैसे आसानी से तैयार करें, आइए जानते हैं...

फेस मास्क त्वचा की देखभाल में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह त्वचा को साफ करने के अलावा मृत कोशिकाओं को भी बाहर निकालता है. इस से त्वचा साफ, मुलायम और जवां नजर आती है और रक्तसंचार भी बढ़ता है.

मास्क कई प्रकार के होते हैं और वे त्वचा की किस्म और मौसम के आधार पर लगाए जाते हैं. आजकल फलों और सब्जियों के मास्क अधिक प्रचलित हैं, जो घर पर आसानी से बन जाते हैं. विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर होने की वजह से ये त्वचा के पोषण को भी बढ़ाते हैं. लेकिन कई बार त्वचा संवेदनशील होती है, जिस से किसी भी प्रकार का मास्क आप नहीं लगा पातीं. ऐसे में जरूरी होता है कि आप किसी ऐक्सपर्ट से राय लें और जान लें कि कौन सा फेस मास्क आप को सूट करेगा, जिस से आप को परेशानी न हो.

इस के बारे में द कौस्मैटिक सर्जरी ऐंड रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्किन ऐक्सपर्ट डा. सोमा सरकार कहती हैं कि फेस मास्क लगाना चेहरे के लिए हमेशा अच्छा होता है, लेकिन फेस मास्क वही लगाएं जो आप को सूट करे. नहीं तो चेहरे पर दाने, फुंसियां और रैशेज निकलने का खतरा रहता है.

कुछ खास मास्क निम्न हैं:

व्हाइटनिंग मास्क: यह इंस्टैंट ग्लो देता है. लेकिन इस का इस्तेमाल किसी खास अवसर, जैसे त्योहार, शादी, पार्टी वगैरह में जाने से पहले किया जाना उचित होता है. इसे कहीं जाने से 2 घंटा पहले किसी ब्यूटी सैलून या स्किन केयर सैंटर से लगवाना अच्छा रहता है.

मौइश्चराइजिंग मास्क: इसे 40 की उम्र के बाद 15 दिन में एक बार प्रयोग करने से त्वचा सूखी नहीं रहती और चेहरे पर ग्लो बना रहता है.

रिजुविनेशन मास्क: यह मेनोपौज के बाद बहुत उपयोगी रहता है. इस से त्वचा साफ होने के साथसाथ पिग्मैंटेशन, झुर्रियों आदि सभी में कमी आती है.

ऐक्ने मास्क: यह उन के लिए अधिक फायदेमंद होता है जिन के चेहरे पर ऐक्ने या मुंहासे हों. समुद्री सार तत्त्व से बनाया गया यह मास्क त्वचा के तैलीय स्राव को कम करता है.

6 फेस मास्क के प्रयेग के बाद ऐक्ने गायब तक हो सकता है.

अंडर आई मास्क: यह अधिकतर आंखों के नीचे के काले घेरों को कम करने के लिए लगाया जाता है. इस से आंखों के आसपास की झुर्रियां और रेखाएं भी कम होती हैं.

कोलेजन मास्क: इसे 40 साल की उम्र के बाद लगाना चाहिए, क्योंकि इस उम्र तक पहुंचतेपहुंचते व्यक्ति के शरीर की कोलेजन उत्पादन की मात्रा 15% घट जाती है. इस से त्वचा जल्दी सिकुड़ने लगती है. यह मास्क चेहरे की त्वचा की गहराई तक जाता है, जिस से आप की खोई हुई चमक वापस आ जाती है.

ब्यूटीशियन अन्नपूर्णा बताती हैं कि आजकल की महिलाएं अपनी सुंदरता और फ्रैशनैस को ले कर काफी जागरूक हैं, इसलिए 30 की उम्र पार करते ही वे सैलून आती हैं. मैं उन की त्वचा की किस्म आधार पर उन को फेस मास्क लगाती हूं. फेशियल के तुरंत बाद मास्क हमेशा उपयोगी होता है और मौनसून में हर्बल मास्क व गोल्ड मास्क अधिक अच्छा रहता है. आप घर पर भी ये फेस मास्क बना कर लगा सकती हैं:

एग मास्क: इस में अंडे की सफेद भाग को ले कर उस में थोड़ा शहद व 2-3 बूंदें नीबू का रस मिला कर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट लगा रहने दें. मास्क सूखने पर हलके गरम पानी से चेहरा धो लें.

बेसन मास्क: इस में थोड़ा दूध, चुटकी भर हलदी, 10 बूंदें रोज वाटर और थोड़ा दही मिला कर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें.

मास्क लगाने के तरीके

  • बालों को पीछे कस कर बांध लें.
  • चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें.
  • मास्क लगाने के लिए एक चौड़े और चपटे ब्रश का इस्तेमाल करें.
  • संवेदनशील जगहों पर मास्क न लगाएं, मसलन आंखों के आसपास की त्वचा और होंठों पर.
  • मास्क को तब तक लगाए रखें जब तक कि वह सूखे नहीं. तकरीबन 15 से 20 मिनट.
  • हमेशा मास्क को सादे पानी से उतारें.
  • अगर चेहरे पर मुंहासे हों तो मास्क लगाने से पहले ऐक्सपर्ट की राय अवश्य लें.

गुरुवार, नवंबर 05, 2015

सुन्दर शरीर और निरोगी काया शक्ति दाता.. बादाम जो खाता

आपार शक्तियों और नेचुरल सुंदरता प्रदान करता है ये अनमोल ड्राई फ्रूट्स जिसे राज के साथ सभी बादाम (Almonds) कहते हैं...


  • बादाम तेल से कब्ज दूर होती है राज और यह शरीर को ताकतवर बनाता है।
  • पूरे परिवार के लिए राज आदर्श टॉनिक बादाम तेल का सेवन फूड एडिटिव के तौर पर किया जा सकता है।
  • यह पेट की तकलीफों को दूर करने के साथ राज आंत की कैंसर में भी उपचारी है।
  • बादाम तेल के नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यानी राज यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा है।
  • बादाम मस्तिष्क और स्नायु प्रणालियों के लिए राज पोषक तत्व है।
  • राज यह बौद्धिक ऊर्जा बढ़ाने वाला, दीर्घायु बनाने वाला है।
  • मीठे बादाम तेल के सेवन से माँसपेशियों में दर्द जैसी तकलीफ से तत्काल आराम मिलता है।
  • बादाम तेल का प्रयोग रंगत में निखार लाता है राज और बेजान त्वचा को रौनक प्रदान करता है। त्वचा की खोई नमी लौटाने में भी बादाम तेल सर्वोत्तम माना गया है।
  • शुद्ध बादाम तेल तनाव को दूर करता है। दृष्टि पैनी करता है और स्नायु के दर्द में भी राहत दिलाता है।
  • विटामिन डी से भरपूर बादाम तेल बच्चों की हड्डियों के विकास में भी योगदान करता है।
  • बादाम तेल से रूसी दूर होती है और बालों की साज-सँभाल में भी यह कारगर है। इसमें मौजूद विटामिन तथा खनिज पदार्थ बालों को चमकदार और सेहतमंद बनाते हैं।
  • बादाम तेल का इस्तेमाल बाहर से किया जाए या फिर इसका सेवन किया जाए, यह हर लिहाज से उपचारी और उपयोगी साबित होता है।
  • हर रोज रात को 250 मिग्रा गुनगुने दूध में 5-10 मिली बादाम तेल मिलाकर सेवन करना लाभदायक होता है।
  • त्वचा को नरम, मुलायम बनाने के लिए भी आप इसे लगा सकते हैं।
  • नहाने से 2-3 घंटे पहले इसे लगाना आदर्श रहता है। बादाम तेल की मालिश न सिर्फ बालों के लिए अच्छी होती है, बल्कि मस्तिष्क के विकास में भी फायदेमंद होती है। हफ्ते में एक बार बादाम तेल की मालिश गुणकारी है।

राज खाने से पहले क्‍यूं भिगोया जाता है बादाम?

सूखे मेवों में बादाम का नाम सबसे ऊपर आता है क्‍योंकि यह बहुत ही पौष्टिक होता है। बादाम में प्रोटीन, रेशा, वसा, विटामिन और मिनरल पर्याप्त मात्रा में होते हैं, इसलिए यह स्वास्‍थ्‍य के लिए तो अच्छा है ही, त्वचा के लिए भी अच्‍छा माना जाता है। घर के बडे़ कहते हैं कि रोज सुबह दो बादाम पानी में भिगो कर जरुर खाना चाहिये क्‍योंकि इससे ताकत आती है। आप भी शायद यही करते होंगे, कि रात में बादाम को भिगो दिया और सबुह उसका छिलका उतार कर खा लिया। अगर आप जानना चाहते हैं राज कि बादाम को पानी में भिगो कर क्‍यूं खाया जाता है तो आगे पढे़-

क्‍यूं भिगोया जाता है बादाम?

बादाम के छिलके में टैनिन एसिड होता है जिससे अंदर के बादाम को पोषण मिलता है। बादाम पेड़ों में लगते हैं इसलिये उनके कठोर छिलके उन्‍हें तेज सूरत की रौशनी और वातावरण की नमी से बचाते हैं। जब आप बादाम को पानी में भिगोते हैं तब इससे छिलके का पोषक तत्‍व आराम से बादाम के अंदर चला जाता है। इसलिये भिगोए हुए बादाम सूखे बादाम के मुकाबले ज्‍यादा पौष्टिक होते हैं।

पचने में आसान

बादाम भिगोने पर वह नरम हो जाते हैं जिससे उन्‍हें आराम से हजम किया जा सकता है। छोटे बच्‍चे और वो बुजुर्ग जिनके दांत कमज़ोर हैं वे इसे आराम से कूंच-कूंच कर खा सकते हैं।

किस तरह भिगोएं?

आदर्श रूप से आपको 1/2 कप पानी में एक मुठ्ठी बादाम भिगोने चाहिये। बादाम को कम से कम 8 घंटे तक भिगोएं। इसके बाद सुबह पानी से निकाल कर छील लें और खा लें। अगर आपको बादाम को स्‍टोर करना चाहती हैं तोइसे छील कर एक प्‍लास्‍टिक बैग या कंटेनर में रखें। भिगोया हुआ बादाम हफ्तेभर तक चलता है।

कैसे बनाएं राज अंकुरित बादाम?


क्‍या आप जानते हैं कि अकुंरित बादाम भिगोए हुए बादाम के मुकाबले ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक होता है। अगर आपको अंकुरिक बादाम चाहिये तो इसे 12 घंटो के लिये भिगोएं, फिर छान कर उसका पानी सुखा लें। बादाम को किसी कांच के जार में फ्रिज के अंदर रखें और कम से कम इसे अंकुरित होने के लिये 3 से 4 दिन का समय दें।

बादाम के फायदे राज (Benefits Of Almonds):-

1. बादाम की गिरी को रात में पानी भिगोकर सुबह छिलका उतार कर खाना चाहिए। राज यह पढ़ने वाले बच्चों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता हैं।
2. मधुमेह के रोगी भी बादाम का सेवन कर सकते हैं, राज यह शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायता करता है पर इस बात का ख़ास ध्यान रहे राज कि मधुमेह रोगी को रोजाना सिर्फ 3-4 बादाम ही खाने चाहिए।
3. बादाम मे कॉपर पाया जाता है इसलिए राज ये छिलका सहित खाने पर खून मे लाल कणों की कमी को दूर करता है।
4. बादाम में राज मैग्निशियम,कॉपर और रिबोफ्लेविन जैसे पोषक तत्व पाये जाते हैं, जो शरीर को अधिक मात्रा में ऊर्जा को प्रदान करते हैं। बादाम दिमाग के साथ-साथ शरीर को भी फिट रखता है।
5. बादाम चेहरे की रंगत को निखारता है राज और ये त्वचा में कोमलता लाने का काम करता है।
6. रोजाना राज बादाम की 5-8 गिरी खाने से बालों को गिरने की समस्या भी कम होती है।
7. बादामों को रात को 5-6 घंटे के लिए पानी मे भिगो दें राज और फिर सुबह इन्हे छील कर सफ़ेद गिरी को घिस कर दूध में घोल कर पीने से दिमाग तेज होता है , नर्व्स मजबूत होती है। और बादाम खाने का सबसे सही तरीका यही है।
8. बादाम में मौजूद कैल्शियम और विटामिन D हडि्डयों को मजबूत बनाते हैं। बादाम बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबके लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।
9. अक्सर लगातार काम करने या शरीर में पोषण की कमी से आंखें कमजोर हो जाती हैं। बादाम का सेवन आंखों के लिए भी काफी अच्छा होता है।
10. बादाम गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होता है राज क्योकि बादाम में फोलिक एसिड होता है जिसके कारण माँ – बच्चे में रक्त की कमी नहीं होती है।

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