दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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मंगलवार, अगस्त 04, 2015

Gharelu Upchar or Ayurvedik Dohe

आयुर्वेदिक दोहे
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१-एक नंबर

दही मथें माखन मिले, केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें, रंग गुलाबी आय..

२-दू नंबर -राजेश मिश्रा

बहती यदि जो नाक हो, बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें, सूंघें डाल रुमाल..

३-तीन नंबर
अजवाइन को पीसिये, गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो, तन कंचन बन जाय..

४- नंबर-राजेश मिश्रा
अजवाइन को पीस लें, नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों, सभी बला टल जाय..

५- नंबर
अजवाइन-गुड़ खाइए, तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो, पायेंगे आराम..

६- नंबर-राजेश मिश्रा

ठण्ड लगे जब आपको, सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में, अदरक पियें उबाल..

७- नंबर
अदरक का रस लीजिए. मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें, सर्दी जाए भाग..

८- नंबर-राजेश मिश्रा
रोटी मक्के की भली, खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका, टी० बी० भी हो दूर..

९- नंबर
गाजर रस संग आँवला, बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही, पायें सब आराम..

१०- नंबर
शहद आंवला जूस हो, मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में, यौवन स्थिर काम..

११- नंबर-राजेश मिश्रा
चिंतित होता क्यों भला, देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली, यौवन स्थिर होय..

१२- नंबर

लाल टमाटर लीजिए, खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो, दूर रहे मधुमेह..

१३- नंबर-राजेश मिश्रा
प्रातः संध्या पीजिए, खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये, नहीं रहे मधुमेह..

१४- नंबर
सात पत्र लें नीम के, खाली पेट चबाय,
दूर करे मधुमेह को, सब कुछ मन को भाय..

१५- नंबर-राजेश मिश्रा
सात फूल ले लीजिए, सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को, जीवन में हो प्यार..

१६- नंबर
तुलसीदल दस लीजिए, उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी, तन-मन मालामाल..

१७- नंबर-राजेश मिश्रा
थोड़ा सा गुड़ लीजिए, दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए, चाहे मोहनभोग.

१८- नंबर-राजेश मिश्रा
अजवाइन और हींग लें, लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें, दर्द दूर हो जाय..

१९- नंबर

ऐलोवेरा-आँवला, करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों, जीवन में हो सिद्धि..

२०- नंबर-राजेश मिश्रा
दस्त अगर आने लगें, चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर, लें पानी के साथ..

२१- नंबर
मुँह में बदबू हो अगर, दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक दूर होय तत्काल..

२२- नंबर
कंचन काया को कभी, पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला, करे उसे भी नष्ट..

२३- नंबर-राजेश मिश्रा

बीस मिली रस आँवला, पांच ग्राम मधु संग,
सुबह शाम में चाटिये, बढ़े ज्योति सब दंग..

२४- नंबर
बीस मिली रस आँवला, हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में, फ़ौरन हो आराम..

२५- नंबर-राजेश मिश्रा

नीबू बेसन जल शहद , मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने, बेहतर यही उपाय..

२६.- नंबर
मधु का सेवन जो करे, सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में, वाणी मधुरिम होय.

२७.- नंबर-राजेश मिश्रा
पीता थोड़ी छाछ जो, भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की, चेहरे पर हो ओज..

२८- नंबर-राजेश मिश्रा
ठण्ड अगर लग जाय जो नहीं बने कुछ काम,
नियमित पी लें गुनगुना, पानी दे आराम..

२९- नंबर-राजेश मिश्रा
कफ से पीड़ित हो अगर, खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें, कफ तब बाहर आय..

३०- नंबर-राजेश मिश्रा

अजवाइन लें छाछ संग, मात्रा पाँच गिराम,
कीट पेट के नष्ट हों, जल्दी हो आराम..

३१- नंबर-राजेश मिश्रा
छाछ हींग सेंधा नमक, दूर करे सब रोग,
जीरा उसमें डालकर, पियें सदा यह भोग..।

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रविवार, जुलाई 19, 2015

ये घरेलु नुस्खे हैं बेजोड़ ...राज

होमियो या एलोपैथिक दवा बार-बार लेने से बचें ...!

आज की लाइफस्टाइल और भाग - दौड़ की जिंदगी में आए दिन होने वाली इन तकलीफों में आराम पाने के लिए आजमाएं ये नुस्खे ...
* पीरियड्स का दर्द कुछ कम हो, इसके लिए एक गिलास ठंडे पानी में 2 - 3 नींबू निचोड़ कर पी लें !
* अगर तेज सिरदर्द हो - तो सेब काटकर उसमें थोड़ा सा नमक मिला कर सुबह खाली पेट खाएं - काफी आराम मिलेगा !
* बार - बार पेट फूलता है, तो पानी में 1/4 चम्मच बेकिंग सोडा पानी में मिलाकर पीने से आराम मिलेगा !
* अगर गले की खराश से परेशान हैं, तो 2 - 3 तुलसी की पत्तियों को डालकर पानी में उबाल लें - इस पानी से गरारा करें !
* मुंह के अल्सर में पका केला और शहद मिला कर खाने से काफी आराम मिलता है - इसे मुंह में लगाया भी जा सकता है !
* इसी तरह हाई बी पी का घरेलु इलाज करें - इसके लिए थोड़ा - थोड़ा मेथी दाना पाउडर पानी के साथ फांक लें!
( यह पाउडर डायबिटीज में भी लाभकारी है )
* अस्थमा है, तो आधा चम्मच दालचीनी पाउडर शहद में मिलाकर सोने से पहले खाएं - कुछ दिनों में फर्क महसूस करेंगे !
* कहीं जलन हो रही है या फिर धूप से त्वचा झुलस गई हो - कच्चे आलू का रस निकालकर लगाने से फायदा होता है !
तरबूज के छिलके के सफेद भाग में कपूर और चंदन मिलकर लेप करें - जलन से शांति मिलेगी !
* जोड़ों के दर्द मेंं एक गिलास गर्म पानी में नींबू निचोड़कर दिन में 8 से 10 बार पीएं !
* बुखार आने पर अजवाइन चूर्ण आधा चम्मच दिन में तीन बार खाएं - जल्द राहत मिलेगी और बुखार उतर जाएगा !
* सरसों के तेल में 3 - 4 लहसुन की कली डालकर पका लें और ठंडा कर लें - इस तेल से मालिश करने से बदन दर्द में आराम मिलेगा !
* सौंफ और मिश्री का समभाग चूर्ण मिलाकर दो चम्मच दोनों समय भोजन के बाद लेते रहने से मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है !
* खरबूजे के साथ खरबूजे के बीज भी खाने चाहिए - क्योंकि बीज स्मरण शक्ति बढ़ाने व शरीर का पोषण करने में समर्थ हैं !
* गर्मी से चक्कर आना - उल्टी जैसा बार - बार लगता है, तो एक बर्तन में सौ ग्राम धनिया कूटकर डाल दें - उसमें लगभग आधा किलो पानी डाल दें ! एक घंटे बाद आधा कप पानी छानकर उसमें पांच बताशे डालकर हर तीन घण्टे में पीएं !
* तुलसी के पत्तों के रस में शहद या शक्कर मिला चाटने से चक्कर आना बन्द होता है !
* सिर चकराने पर आधा गिलास पानी में दो लौंग उबालकर उस पानी को पीने से लाभ मिलता है !

बुधवार, मार्च 25, 2015

राज का स्वास्थ्य चालीसा

Raj's Health Chalisa
स्वस्थ रहने के सूत्र

एक स्वस्थ जीवन शैली का चयन करना एक लंबी, अधिक पूरा जीवन हो सकता है। आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार से आप के आसपास हर किसी पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप उदाहरण के माध्यम से अपने परिवार और दोस्तों के बेहतर आदतों को सिखा सकते हैं स्वस्थ रहने के विचार से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. कुछ छोटे परिवर्तन करने से आपको बड़े परिणाम देखने को मिल सकते है।

मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य का सर्वाधिक महत्व है। स्वास्थ्य के बिना धन ,संपत्ति, मनोरंजन और अन्य सुविधाएं महत्व हीन हैं। कहते हैं जो व्यक्ति तन और मन से स्वस्थ् होता है, वह संसार का सबसे सुखी प्राणी है, क्योंकि स्वस्थ् तन में ही स्वस्थ् मन रहता है। हमारे ऋषि मुनियों ने शुरू से ही स्वास्थ्य के महत्व को स्वीकार किया है और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करने की सलाह दी है। जो मनुष्य सूर्योदय से पूर्व उठते हैं और अपनी दिनचर्या पूर्ण करके निर्धारित समय के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते हैं, निष्काम भाव से कर्म करते हैं तथा रात्रि में समय पर शयन करते हैं वे हमेशा स्वस्थ् बने रहते हैं। स्वस्थ रहने का सबसे आसान मंत्र है- प्रकृति के नियमों का पालन, कठोर शारीरिक परिश्रम और पौष्टिक, सादा व गर्म भोजन। आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हम यहाँ दे रहे कुछ टिप्स जिन पर अमल करके आप अपने आपको चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।

ताजा हवा और धूप

सूरज की रोशनी के कई फ़ायदे है इस से आपकी त्वचा सूर्य के प्रकाश के संपर्क मे रहती है. इस से आपको विटामिन डी मिलता है जिससे आपके शरीर के निर्माण और मजबूत, स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है जो कैल्शियम को अवशोषित में मदद करता है।
1. दूध और कटहल का कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिये ।
2. दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए।
3. नमक और दूध (सेंधा नमक छोड़कर) दूध और सभी प्रकार की खटाइयां, दूध और मूँगफली, दूध और मछली, एक साथ प्रयोग ना करें।
4. दही गर्म करके नहीं खाना चाहिये हानि पहुँचती है, कढ़ी बनाकर खा सकते हैं।
5. शहद और घी समान परिणाम में मिलाकर लेना विष के समान है।
6. जौ का आटा कोर्इ अन्न मिलाये बिना नहीं लेना चाहिए।
7. रात्रि के समय सत्तू का प्रयोग वर्जित है, बिना जल मिलाये सत्तू ना खायें।
8. तेज धूप में चलकर आने के बाद थोड़ा आराम करके ही पानी पियें, व्यायाम या शारीरिक परिश्रम के तुरन्त बाद पानी ना पियें या थोड़ी देर बाद पानी पियें।
9. प्रात:काल भोजन के पश्चात तेज गति से चलना हानिकारक है।
10. शाम को खाने के बाद थोड़ी देर चलना आवश्यक है, खाना खाकर तुरन्त सो जाना हानिकारक है।
11. रात्रि में दही का सेवन निषेध है, भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन निषेध है। दिन में भोजन के बाद मठ्ठा और रात्रि में भोजन के बाद दूध लेना लाभदायक होता है। वात के रोगों में ब्लड एसिडिटी, कफ वृद्धि या संधिवात में दही ना खायें।
12. शौच क्रिया के बाद, भोजन से पहले, सर्दी-जुकाम होने पर, दांतों में पीव आने पर और पसीना आने की दशा में पान का सेवन नहीं करना चाहिए।
13. सिर पर अधिक गर्म पानी डालकर स्नान करने से नेत्रों की ज्योति कम होती है जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं।
14. सोते समय सिर पर कपड़ा बांधकर सोना, पैरों में मोजे पहनकर सोना, अधिक चुस्त कपड़े पहनकर सोना हानिकारक है।
15. शहद कभी भी गर्म करके ना खायें, छोटी मधुमक्खी का शहद सर्वोत्तम होता है।
16. तेज ज्वर आने पर तेज हवा, दिन में अधिक देर तक सोना, अधिक परिश्रम, स्नान, क्रोध आदि से बचना चाहिये।
17. नींद लेने से पित्त घटता है, मालिश से वात कम होता है और उल्टी करने से कफ कम होता है एवं उपवास करने से ज्वर शांत होता है ।

राज के इन आसान हेल्थ टिप्स को भी अपनाएं 

इन दिनों लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि दिनों दिन वे नई-नई परेशानियों और बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। चाहे खान-पान हो या आरामदायक जीवनशैली। और तो और शहरी वातावरण भी उन्हें इस तरह की दिनचर्या बनाने में काफी मदद की है। सभी ऐशोआराम की चीजें उन्हें घर बैठे हासिल हो जाती है। उन्हें उठकर कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
  • प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है।
  • ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
  • अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें। 
  • ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो।
  • तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज करें यह बहुत से बीमारियों की जड़ होती है। 
  • डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। जैसे कि चीज, कॉटेज चीज, दूध और क्रीम का लो फैट प्रोडक्ट आदि। 
  • यदि खाना ही है तो, मक्खन ,फैट फ्री चीज और मोयोनीज का लो फैट उत्पाद प्रयोग में लाऐं।
  • तनाव हमारी जिंदगी में काफी निगेटिव असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव कम करने के लिए सकारात्मक विचार बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। 
  • तनाव कम करने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा ऐसे काम करें, जिसे करने में आपको मन लगता हो। 
  • तनाव कम करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।
  • गुस्सा तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए गुस्सा आने पर स्वंय को शांत करने के लिए एक से दस तक गिनती गिनें। 
  • उन लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो आपके तनाव को बढ़ाते हों।
  • धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर और उम्र पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही फेफड़ों का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।
  • धूम्रपान में कमी लाने के लिए उसकी तलब लगने पर सौंफ आदि का सेवन करें।
  • मार्केट में भी आजकल बहुत से प्रोडक्ट मिलने लगे हैं जो धूम्रपान की तलब को कम करते हैं।
  • सुबह-शाम ताजा भोजन करें।
  • निश्चित समय पर भोजन करें।
  • अनियमित भोजन से दूर रहें।
  • पानी ज्यादा से ज्यादा पिएँ।
  • रात का भोजन सोने से तीन घंटे पहले अवश्य कर लें।
  • खाना खाने के बाद 10 मिनट वज्रासन में अवश्य बैठें।
  • भोजन से पहले व तुरंत बाद पानी पीना हानिकारक है।
  • गरिष्ठ, तले, मसालेदार, खटाईयुक्त भोजन से परहेज करें।
  • अंकुरित अन्न, सलाद, सूप का समावेश भोजन व नाश्ते में अवश्य करें।
  • केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।