दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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बुधवार, नवंबर 02, 2016

Benefits Of Salt Water

सुबह नमक वाला पानी पीने के चमत्कारी फायदे

स्वस्थ जीवन और निरोगी काया कौन नहीं चाहता है। यदि स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो रोज सुबह उठकर काला नमक या सेंधा नमक को पानी में मिलाकर पीएं। इस पानी को अंग्रेजी में सोल वाटर कहते हैं। नमक वाले पानी को पीने से ब्लड शुगर, मोटापा और ब्लड प्रेशर आदि बीमारियों से मुक्ति मिलेगी ही साथ यह आपको अन्य घातक बीमारियों से भी बचाता है। आपको पानी में केवल काला नमक व सेंधा नमक ही मिलाना है। किचन में मैजूद साधा नमक न मिलाएं। 80 से ज्यादा खनिज काले नमक में होते हें जो शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। आइये जानते हैं नमक वाला पानी कैसे आपको कई तरह की बीमारियों से छुटकारा दिलवाता है।

कैसे बनाएं नमक वाला पानी?

1 गिलास गुनगुने पानी में एक छोटी चम्मच काला नमक को मिलाएं। और इसे अच्छे से मिलाएं। अब यह पानी पीने लायक बन गया है।

नमक वाले पानी पीने के फायदे

त्वचा की समस्या में

नमक वाला पानी पीने से त्वचा से संबंधित सभी परेशानियां जैसे एक्ने, एक्जिमा और रैश की परेशानी दूर होती है। नमक के पानी में क्रामिया होता है जो त्वचा की हर समस्या से लड़ता है।

पाचन तंत्र को ठीक रखना

नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथियों को सक्रिय करने में मदद करता है। लार पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले एंजाइम को उत्तेजित करने में सहायता करती है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। इसके अलावा इंटेस्टाइनिल ट्रैक्ट और लिवर में भी एंजाइम को उत्तेजित होने में मदद मिलती है, जिससे खाना पचने में आसानी होती है।

नींद समस्या में

नींद की समस्या आजकल कई लोगों में देखी जा रही है। एैसे में रोज सुबह नमक वाला पानी पीना चाहिए। नींद लाने में नमक हमारी तंत्रिका को आराम देता है और दो खतरनाक हार्मोन्स एड्रनलाईन और कोर्टिसोल को नमक कम कर देता है जिस वजह से रात को शांत व अच्छी नींद आती है।

वजन घटाएं

यह पाचन को दुरुस्त करके शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
काले नमक का पानी पीना न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा होता अपितु यह चेहरे से जुड़ी हर दिक्कत को भी दूर करता है। सुबह उठकर अपनी आदत में थोड़ा बदलाव लाएं और नमक के पानी को पीने की आदल डालें।
काले नमक का पानी पीना न सिर्फ सेहत के लिए अच्छा होता अपितु यह चेहरे से जुड़ी हर दिक्कत को भी दूर करता है। सुबह उठकर अपनी आदत में थोड़ा बदलाव लाएं और नमक के पानी को पीने की आदल डालें।

बनाए हड्डी मजबूत

शायद ही आपको पता होगा कि हमारा शरीर भी हड्डियों से खनिज और कैल्शियम को खींचता है। इससे धीरे-धीरे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। लेकिन नमक वाले पानी में जो तत्व पाए जाते हैं वे कैल्शियम की कमी को पूरा करते हैं और हड्डियों को भी मजबूत बनाते हैं।
अगर आप स्‍वस्‍थ जीवन जीना चाहते हैं तो नियमित रूप से सुबह पानी में काला नमक मिलाकर पीना शुरू कर दें।

जी हां, इस लिक्विड को सोल वॉटर कहते हैं, और इसे पीने से ब्‍लड शुगर, ब्‍लड प्रेशर, एनर्जी में सुधार, मोटापा और अन्‍य तरह की बीमारियां तुरंत ठीक हो जाती है। लेकिन नमक पानी लेते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इसमें आपको सादे नमक का प्रयोग नहीं करना है, अथवा यह फायदे की जगह आपको नुकसान पहुचायेगा। काले नमक में 80 मिनरल और जीवन के लिए जरूरी सभी आवश्यक प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं।

दो औषधियों के जरिये आप पा सकते है सफेद दांत


बेहद व्यस्त दिनचर्या के चलते हम अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सही से देखभाल नहीं कर पाते जिनमें दांत एक है | हम सब पीले दांतों से परेशान है और सफेद दांतों के बारे में भूलते जा रहे है | आज के दिनों में सफेद दांत होना अति आवश्क है |अगर आपके पास सफेद दांत है तो आप खुल के हस पायेगे, किसी के नजदीक जा पायेगे | अगर आपके दांत पीले और गंदे हैं तो आप अपनी इज्जत की खातिर हसना भूल जायेगे,, शर्म के मारे किसी के नजदीक नहीं जा पायेगें |

आज हम आयुर्वेद के खजाने से आपके लिए एक आसान और बेहद असरदार नुख्सा लेकर आये है | 
यह सिर्फ एक नुख्सा ही नहीं है—- यह है आपकी मुस्कान वापिस लाने वाला रास्ता | यह नुख्सा जितना आसान है उतना ही असरदार | आइये देखते है के कैसे आप पा सकते हो सफेद – सुंदर दांत सिर्फ एक मिनिट में |
teath के लिए चित्र परिणाम
एक बर्तन में थोडा सा बेकिंग सोडा डाल कर उस में ताजा निकला हुआ नीम्बू का रस मिला कर अच्छे से मिक्स कर लें | इन दोनों औषधियों को तब तक उंगली से मिलाते रहें जब तक आपको एक गाढ़ा पेस्ट नहीं मिल जाता है | जब पेस्ट बन कर तयार हो जाए उसके बाद इस पेस्ट को अपने दांतों पर लगाये | वह पेस्ट दांतों के लिए बलीच का काम करेगा | पेस्ट को दांतों पर लगाने के एक मिनिट बाद दांतों को ब्रश कर के साफ़ कर लें |परिणाम देखकर आप दंग रह जाएँगे|

रोजाना एक इलायची खाने के फायदे

इलायची के स्वास्थ्य लाभ

इलायची एक सुगंधित मसाला है। यह मीठे व्यंजन का स्वाद बढ़ाने के लिए उपयोग में लाई जाती है। इसकी गंध तीखी होती है। इसलिए इसका उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है। इसमें आयरन और राइबोफ्लेविन, विटामिन सी के साथ ही नियासिन भी पाया जाता है। ये रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इलायची खाने के कई फायदे हैं चलिए आज हम जानते हैं इलायची खाने के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में...

1. पाचन को ठीक कर देती है

खाने के बाद कई लोग इलायची का उपयोग माउथ फ्रेशनर के रूप में करते हैं। जानते हैं क्यों? दरअसल इलायची प्राकृतिक रूप से गैस को खत्म करने का काम करती है। यह पाचन को बढ़ाने, पेट की सूजन को कम करने व दिल की जलन को खत्म करने का काम करती है। 
आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार यह खाने के पाचन में मदद करती है। यदि आपको बदहजमी की शिकायत है तो दो से तीन इलायची, अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा, थोड़ी सी लौंग और सूखा धनिया पीस लें। इस पाउडर को गर्म पानी के साथ खाएं। पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स खत्म हो जाएंगी।

2. सांस की दुर्गंध दूर करती है

इलायची में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। साथ ही, इसका तेज स्वाद और भीनी-सी महक सांसों की दुर्गंध दूर करती है। यह डायजेस्टिव को मजबूत बनाती है। रोज खाने के बाद एक इलायची खाएं या रोज सुबह इलायची की चाय पी सकते हैं।

4. फेफड़ों से जुड़े रोगों का है प्राकृतिक इलाज

इलायची अस्थमा, खांसी, ज़ुकाम और फेफड़ों से जुड़ी दूसरी बीमारियों से राहत दिलाती है। आयुर्वेद में इलायची को एक गर्म मसाला माना गया है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखती है।
इसके सेवन से कफ बाहर हो जाता है। सर्दी, खांसी या छाती में जमाव है, तो इन परेशानियों से राहत पाने के लिए इलायची सबसे बेहतर प्राकृतिक उपचार है। यदि आपको ज्यादा सर्दी हो रही हो तो भाप लेते समय गर्म पानी के बर्तन में इलायची के तेल की कुछ बूंदें डालें।

5. दिल की गति को नियमित करना

इलायची पोटैशियम, कैल्शियम जैसे खनिजों से भरपूर होती है। इसलिए यह शरीर की इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इलायची दिल की गति को नियमित करने में मदद करती है। साथ ही, यह ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करती है। इसीलिए अगर आप अपने हार्ट को हमेशा हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो अपने रोजाना के खाने में इलायची को शामिल करें या केवल इलायची वाली चाय पिएं।

3. एसिडिटी से छुटकारा

इलायची में मौजूद तेल इसे एसिडिटी को खत्म करता है। इलायची चबाने पर इसमें से कई तरह के तेल निकलते हैं, जो आपकी लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं। इससे आपका पेट ठीक तरह से कार्य करता है। भूख तेज लगती है। इलायची खाने पर इसमें मौजूद तेल ठंडक का अहसास कराता है। इसलिए इसे चबाने से एसिडिटी से होने वाली जलन दूर हो जाती है।

6. एनीमिया से बचाती है

एक गिलास गर्म दूध में एक या दो चुटकी इलायची पाउडर और हल्दी मिलाएं। आप यदि चाहें तो स्वाद के लिए चीनी मिला सकते हैं।एनीमिया के लक्षणों और कमजोरी से राहत पाने के लिए इसे हर रात पिएं। 

7. शरीर को डिटॉक्सिफाई करना

इलायची मैंगनीज का एक प्रमुख स्रोत है। मैंगनीज एंजाइम के स्राव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह फ्री रेडिकल्स को ख्रत्म करता है। इसके अलावा, इलायची में शरीर से जहरीले तत्व बाहर करने का गुण पाया जाता है। यह कैंसररोधी का भी काम करती है।

इन आहार के सेवन से मक्खन की तरह पिघलेगी चर्बी

चर्बी घटने का सबसे आसान तरीका

बढ़ते वजन से परेशान ज्‍यादातर लोगों के लिए वजन घटाने की कोशिश एक मुद्दे की तरह होती है। इसके लिए वह जिम, योग और विशेष प्रकार की डाइट को भी अपनाते हैं। इन तरीकों में से अधिकांश बहुत प्रभावी होते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर आप आसानी से फैट कम करने में सफल हो सकते हैं। हालांकि आपको इस बात पर विश्‍वास नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सच है ऐसे खाद्य पदार्थ चयापचय को बढ़ाकर, फैट की रिहाई करने वाले हार्मोंन को उत्‍तेजित कर, शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर कर फैट घटाने में मदद करते हैं। इसलिए इन खाद्य पदार्थों को अपने स्‍वस्‍थ आहार योजना का हिस्‍सा बनाना बहुत महत्‍वपूर्ण है। यहां जल्‍दी से फैट को कम करने वाले ऐसे ही जादुई आहार के बारे में जानकारी दी गई है। 

केले को हमेशा से ही वजन बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। लेकिन आपको यह जानकर बहुत आश्‍चर्य होगा कि केला फैट को जलाने वाला फल है। इस फल में मौजूद प्रतिरोधी स्‍टार्च पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के कारण, पेट में फैटी एसिड में परिवर्तित हो जाती है। यह चयापचय फैट में मदद कर फैट को रोकने में मदद करता है। वजन कम करने के लिए आप इसे स्‍मूदी या फ्रूट सलाद के रूप में ले सकते हैं। 

साबुत अनाज फैट को कम करने का एक स्मार्ट विकल्प है। अनाजों को अपने आहार में शामिल करने से शरीर के विषैले तत्‍व बाहर निकलते हैं और शरीर का फैट कम होता हैं। साबुत अनाज सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। इसमें विटामिन ई, विटामिन बी और अन्य तत्व जैसे जिंक, सेलेनियम, कॉपर, आयरन, मैगनीज एवं मैग्नीशियम आदि प्राप्‍त किया जा सकते हैं। साथ ही इनमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। 

नारियल का तेल मध्यम श्रृंखला ट्राइग्लिसराइड्स से समृद्ध होता है। यह फैटी एसिड शरीर द्वारा जल्‍दी पच जाता है, इसतरह से यह शरीर में जमा नहीं होता, लेकिन शरीर द्वारा ऊर्जा के उत्पादन के उपयोग कर सकते हैं। वजन घटाने के उद्देश्‍य को पूरा करने के लिए नारियल का तेल खाना पकाने के लिए तेल का एक बेहतरीन विकल्‍प है।

बादाम के फायदे के बारे में भला कौन नहीं जानता। प्रोटीन से भरपूर यह नट्स मांसपेशियों के निर्माण के साथ-साथ शरीर में फैट को भी जमा नहीं होने देते। फैट को जलाने में मदद करने के कारण बादाम को चयापचय को बढ़ावा देने के लिए भी जाना जाता है। पेंसिलवेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के क्लाएर बेरीमैन के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों के बजाय हर रोज नाश्ते में बादाम का सेवन करने से हृदय संबंधी रोगों का खतरा तो कम होता ही है। साथ ही शरीर में जमने वाली अतिरिक्त वसा को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है। बादाम को हर रोज नाश्ते में शामिल कर मेटाबॉलिक और हृदय रोगों के खतरों को आसानी से कम किया जा सकता है। बादाम को आप कच्‍चे या पानी में भिगोकर भी खा सकते हैं।

लाल मिर्च में फैट को जलाने के प्रभाव होते हैं। मिर्च कैप्सेसिन से भरपूर होने के कारण ऑक्सीकरण द्वारा पेट वसा को कम करने में मदद करता है। यह चयापचय को बढ़ाकर शरीर से कैलोरी को जलाने में मदद करती है। ब्रिटेन में हुए एक शोध के अनुसार, लाल मिर्च शरीर में व्याप्त अवांछित कैलोरी जलाने एवं मोटापा घटाने में मददगार साबित होती है। मिर्च में मौजूद कैप्सेसिन तत्व, मिर्च को गर्मी देकर भूख कम करता है और कैलॉरी को जलाते हुए ऊर्जा की खपत बढ़ा सकता है। 

ब्रोकली खाने से न केवल स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण मिलता है, बल्कि इस‍में लो कैलोरी होने की वजह से वजन भी कम होता है। ब्रोकोली में मौजूद फिटोनुट्रिएंट एंजाइम को उत्‍तेजित कर, वसा कोशिकाओं में वसा को जलाने के लिए उत्तेजित करता है। अब आप जब भी सब्‍जियां खरीदने जाएं, तो ब्रोकली को कभी नजरअंदाज न करें। आप इसका सेवन सब्‍जी या सलाद के रूप में कर सकते हैं। 

दालें भारतीय भोजन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्‍सा है और इसके विभिन्‍न प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं। यह आयरन का अच्‍छा स्रोत है और इसकी कमी चयापचय को धीमा कर सकती है। अपने आहार में नियमित रूप से दालों को शामिल कर चयापचय दर को बनाये रखने और फैट को प्रभावी रूप से कम करने में मदद मिलती है। अकुरित दालों को आप सलाद के रूप में भी ले सकते हैं।

लहसुन के फायदे और नुकसान

लहसुन के ये अद्भुत व गज़ब फायदे


आमतौर पर लहसुन का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन कम लोगों को ही पता होता है कि लहसुन के कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं.
लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य कंपाउंड होता है, जोकि एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंड गुणों से भरपूर होता है. साथ ही इसमें विटामिन और पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं. विटामिन B1, B6, C होने के साथ ही इसमें मैगनीज, कैल्शियम, कॉपर, सेलेनियम और दूसरे प्रमुख लवण होते हैं.
हर रोज लहसुन की थोड़ी मात्रा का सेवन करने से कई बीमारियां दूर रहती हैं. लहसुन से ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए इस कच्चा खाना चाहिए. बहुत ज्यादा पका देने से इसके कुछ स्वास्थ्यवर्धक तत्व नष्ट हो जाते हैं.

लहसुन के फायदे:

  • *दिल के स्वास्थ्य के लिए लहसुन से बेहतर कुछ भी नहीं. ये ब्लड सर्कुलेशन और लो कोलेस्ट्रॉल को बनाए रखने में मददगार होता है. इसकी इन खूबियों की वजह से दिल संबंधी कई बीमारियां अपने-आप ही दूर रहती हैं . दिल को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए हर रोज सुबह के समय लहसुन की एक कच्ची कली का सेवन करना फायदेमंद होता है.
  • *गठिया के दर्द में आराम के लिए भी लहसुन का इस्तेमाल फायदेमंद है. गठिया के मरीजों के लिए ये एक अचूक दवा है. इसका एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण गठिया के दर्द में काफी आराम पहुंचाता है. लहसुन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाकर आप गठिया के दर्द में आराम पा सकते हैं.
  • *सर्दी और खांसी के इलाज में भी लहसुन एक कारगर औषधि है. शुरुआती सांस संबंधी बीमारी में भी लहसुन फायदेमंद है.
  • *लौंग की ही तरह लहसुन भी दांत दर्द में काफी फायदेमंद है. प्रभावित दांत में लहसुन का तेल लगाने से दांत के दर्द में राहत मिलती है. इससे इंफेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है.
  • *लहसुन का इस्तेमाल पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. इसमें मौजूद कई पोषक तत्व खाने को पचाने में मदद करते हैं. इसके साथ कई रिसर्च में ये भी कहा गया है कि लहसुन का इस्तेमाल कैंसर से बचाव में भी मदद करता है. लहसुन का इस्तेमाल करने वालों में कैंसर होने के चांसेज काफी कम हो जाते हैं.
  • *फंगल इंफेक्शन में भी लहसुन काफी फायदेमंद है. कई बार पैरों की उंगलियों के बीच में फंगल इंफेक्शन हो जाता है. प्रतिदिन की डाइट में कच्चे लहसुन का इस्तेमाल करने से ऐसी बीमारियां दूर रहती हैं साथ ही उस जगह पर कच्चे लहसुन को पीसकर लगाने से भी फायदा होगा.
  • *इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी लहसुन एक बेजोड़ दवा है. इसमें मौजूद विटामिन सी, बी6 और दूसरे मिनरल्स इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करते हैं. साथ ही ये संक्रमण से बचाव में भी कारगर है.
  • *हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने के लिए भी लहसुन का इस्तेमाल काफी फायदेमंद है. ये हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने का काम करता है. खासतौर पर सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर. उच्च रक्त चाप के मरीजों को निश्चित रूप से लहसुन का सेवन करना चाहिए.

लहसुन की अधिक मात्रा आपके स्‍वास्‍थ्‍य को हानिकारक प्रभाव भी दे सकती हैं।

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  1. लहसुन सांस में बदबू, मुंह, पेट या सीने में जलन, गैस, मतली, उल्टी, शरीर में गंध और दस्त का कारण बन सकता है।
  2. लहसुन के गाढ़े पेस्ट का त्‍वचा पर उपयोग त्‍वचा को जलने की तरह नुकसान पहुंचा सकता है।
  3. गर्भावस्था एवं स्तनपान करानेवाली स्त्रियों को वैद्यराज की देखरेख में लेवे |
  4. लहसुन के सेवन से खून का बहाव ज्‍यादा होता है। इसलिए अनुसूचित सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले लहसुन का सेवन करना बंद कर दें।
  5. लहसुन गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट में जलन पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपको पाचन संबंधी समस्‍या हो तो लहसुन का प्रयोग सावधानी से करे|
  6. अधिक कच्चा लहसुन लेने के बाद एक स्वस्थ आदमी में दिल का दौरा पड़ने की संभावना हो जाती है|

शुक्रवार, अक्तूबर 21, 2016

बेकिंग सोडा के कुछ कमाल के टिप्स : बेकिंग सोडा एक नैचुरल स्क्रब है, जो कील मुंहासे और दांतों को सफेद करता है..."राज"

बेकिंग सोडा के हैं अनगिनत फायदे : राजेश मिश्रा 

हल्दी, चंदन, बेसन के लाभ के बारे में तो "राज" सभी जानते हैं लेकिन किचिन में यूज होने वाले बेकिंग सोड़ा भी स्किन को ग्लोइंग और खूबसूरत बनाता है। बेकिंग सोडे का इस्तेमाल हम खाने-पीने की चीजों में करते हैं लेकिन इसके और भी बहुत सारे फायदे हैं, जिनके बारे में शायद आपको पता नहीं है। जी हां, बेकिंग सोडा खाने की चीजों के अलावा रूप निखारने में भी काफी इस्तेमाल किया जाता है। यह आपको आसानी से मार्किट में मिल जाता है और दूसरा यह महंगा भी नहीं है।बेकिंग सोडा एक नैचुरल स्क्रब है, जो कील मुंहासे और दांतों को सफेद करता है। हल्दी, चंदन, बेसन के लाभ के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन किचिन में यूज होने वाले बेकिंग सोड़ा भी "राज" स्किन को ग्लोइंग और खूबसूरत बनाता है।

आइए पढ़ते हैं इसके फायदे:-

1. फेसवॉश

यह एक अच्छा फेसवॉश है। मेकअप को हटान के लिए बेकिंग सोडा में पानी मिलाकर चेहरे को धो लें। इससे मेकअप के कण अच्छे तरीके निकल जाएंगे।

2. पैरों की खूबसूरती

बेकिंग सोडा का इस्‍तेमाल पैरों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग पैडिक्‍योर के रूप में भी कर सकती हैं। यह पैरों की खूबसूरती को बढ़ाता है। इसके लिए एक टब में चार लीटर पानी लें । उसमें आधा कप बेकिंग सोडा डाल दें। आधे घंटे तक पैर को पानी में डालकर रखने के बाद अापके पैर खूबसूरत दिखाई देंगे।

3. सनबर्न 

गर्मियों में धूप के कारण त्‍वचा सनबर्न का शिकार हो जाती है। सनबर्न से बचने के लिए बेकिंग सोडा और पानी को मिलाकर पेस्‍ट बना लें और इस पेस्‍ट को सनबर्न वाली जगह पर लगाएं। इससे सनबर्न का शिकार हुई अापकी त्वचा को तुरंत आराम मिलेगा।

4. डार्क अंडरआर्म

बेकिंग सोडा के कुछ कमाल के टिप्स के लिए चित्र परिणाम

डार्क अंडरआर्म में कालेपन का सबसे बड़ा कारण जमा हुआ डेड स्किन सेल्स होता है। इसको स्‍क्रब करने से इसका कालापन दूर किया जा सकता है।। इसके लिए बेकिंग सोडा और पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना कर अंडरआर्म पर स्क्रब करें। इससे अंडरआर्मस का कालापन दूर हो जाएगा।

5.ब्‍लैकहेड्स

ब्‍लैकहेड्स की समस्‍या होने पर बेकिंग सोडा का इस्‍तेमाल करने से इनको दूर किया जा सकता है। सबसे पहले चेहरे को साफ करें । अब पानी और बेकिंग सोडा का मास्क बनाकर ब्‍लैकहेड्स वाले स्‍थान पर लगाएं। इससे ब्लैकहेड्स अौर मुंहासों की समस्‍या ठीक हो जाती हैं।

घर में अगर बेकिंग सोडा रखा है तो उसके कमाल के फायदे हैं. बेकिंग सोडा खाने में इस्तेमाल में लाने के साथ ही किचन के कई महत्वपूर्ण जगहों पर काम आता है. ये हैं बेकिंग सोडा के कुछ कमाल के टिप्स:

टिप्‍स- 

डस्टबीन में कुछ डालने से पहले थोड़ा-सा बेकिंग सोडा डालिए. बेकिंग सोडा डस्टबिन में होने से कचरा डालने से बदबू नहीं आएगी और साथ ही हर धुलाई के साथ डस्टबिन चमकता नजर आएगा.
  • - अगर वॉश बेसिन की नाली में कुछ फंस गया हो तो लगभग आधा कटोरी बेकिंग सोडा लेकर इसमें डाल दीजिए. इससे न सिर्फ नाली साफ होगी, बल्कि उसमें से आ रही बदबू भी जाती रहेगी.
  • - अगर आपको भी वॉश बेसिन और बाथ टब को साफ करते समय उपयोग में लाने वाले के‍मिकल की महक अच्‍छी नहीं लगती, तो आप केमिकल की जगह बेकिंग सोडे का इस्तेमाल कर सकती हैं. एक स्पंज के टुकड़े में थोड़ा-सा बेकिंग सोडा लेकर हल्के हाथों से रगड़ते हुए बाथ टब को साफ की‍जिए.
  • - कई घरों का फ्रिज, सेब, अदरक, लहसुन, प्याज तथा अन्य कोई तेज महक से भरा रहता है. अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो एक छोटी कटोरी में बेकिंग सोडा लेकर फ्रिज में रख दीजिए. फ्रिज की दुर्गंध दूर हो जाएगी. कुछ दिनों बाद इस सोडे को बदल कर नया रख दीजिए.
  • इसका इस्तेमाल करने के दौरान इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि ये बहुत कम देर के लिए ही शरीर के संपर्क में रहे. त्वचा पर इस्तेमाल करने से पहले इसे हाथ पर थोड़ा सा लगाकर पैच टेस्ट कर लेना चाहिए.

बेकिंग सोडा के फायदे:

1. कील-मुंहासों से निजात पाने के लिए ये एक कारगर उपाय है. कील-मुहांसों को खत्म करने के साथ ही ये त्वचा का pH लेवल भी बैलेंस रखने में मददगार है. एक चम्मच बेकिंग सोडा में थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्‍ट बना लें. इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर एक से दो मिनट के लिए लगाएं. दिन में 2 से 3 बार करने से फायदा होगा.

2. दांतों के पीलेपन को दूर करने के लिए भी बेकिंग सोडा एक कारगर उत्पाद है. पीलापन दूर करने के साथ ही ये प्लार्क भी दूर करने का काम करता है. ब्रश में थोड़ी सी मात्रा में बेकिंग सोडा लगाकर ब्रश करने से दांतों का पीलापन चला जाता है. पर इसके ज्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए.

3. सनबर्न दूर करने के लिए भी बेकिंग सोडा प्रयोग में लाया जाता है. बेकिंग सोडा को ठंडे पानी में मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें और इस घोल को एक साफ कपड़े की मदद से प्रभावित जगह पर लगाएं. इससे लाभ होगा.

4. गोरी रंगत पाने के लिए भी बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है. ये डेड सेल्स को हटाकर त्वचा में निखार लाता है. इसे गुलाब जल में घोलकर चेहरे पर कुछ मिनटों के लिए लगाने से फायदा होगा.

5. दांतों की ही तरह नाखून के पीलेपन को दूर करने के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है. बेकिंग सोडा, पानी और हाइड्रोजन पराक्साइड के घोल में कुछ देर तक हाथ रखने से नाखून का पीलापन चला जाता है. इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार करने से लाभ होगा.

6. शरीर की दुर्गंध को दूर करने के लिए भी बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जाता है. ये पसीने को सोख लेता है और बदबू को दूर देता है. सोडा को पानी में मिलाकर अंडराआर्म्स में सफाई करने से फायदा होगा.

7. बदबूदार बालों के लिए भी बेकिंग सोडा का इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑयली हेयर वालों के लिए भी ये एक कारगर उपाय है. इसके इस्तेमाल से स्कैल्प हेल्दी बनते हैं.
बेकिंग सोडा के कुछ कमाल के टिप्स के लिए चित्र परिणाम

8. अगर आपके बालों में डैंड्रफ हो गया है तो बेकिंग सोडा आपके लिए एक कारगर उपचार हो सकता है. गीले बालों में एक चम्मच बेकिंग सोडा धीरे-धीरे मलें और कुछ देर बाद उसे साफ कर लें. ऐसा करने से डैंड्रफ साफ हो जाएगा.

बुधवार, सितंबर 28, 2016

शक्तिवर्धक फल, सब्जियां और दालें

शाकाहार अधिक पौष्टिक व गुणकारी

गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि के साथ यदि उचित मात्रा में दालें एवम् हरी सब्जियों का सेवन किया जाए तो "राज" मांसाहार की अपेक्षा शाकाहार सस्ता होने के साथ-साथ स्वादिष्ट, रोगप्रतिरोधक क्षमता से भरपूर और शक्तिवर्धक भी होता है।

शक्तिवर्धक सब्जियों तथा फलों के गुण

नींबू-lemon

नींबू की गिनती फल तथा सब्जियों दोनों में कर सकते हैं एकगिलास उबलते हुए पानी में "राज एक नींबू निचोडकर पीते रहने से शरीर में नयी स्फूर्ति का अनुभव होता है। नेत्र ज्योति बढ़ती है। मानसिक दुर्बलता दूर होती है। अधिक काम करने से थकावट नहीं होती। नींबू पानी बिना चीनी-नमक के एक एक घूंट पीना चाहिए। लंम्बी बीमारी के बादकी कमजोरी खाना खाने से कहीं ज्यादा नींबू पानी से दूर होती है। पर रोज-रोज नहीं लेना चाहिए, आपका मोटापा काफी कम हो जाएगा और यह आम्लीय होताहै ज्यादा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
- एक कप उबला पानी में एक चुटकी सेंधा नमक, एक चुटकी काला नमक, एक चम्मच-lemonचीनी, दस बूंद नींबू का रस, भूना हुआ जीरा चौथाई चम्मच मिलाकर पियें। इसे चाय की जगह पर पी सकते हैं, यह पाचन शक्ति, शारीरिक शक्ति बढ़ता है। कभी –कभी इसे पीते रहें ।

सेबःapple 

इसमें फासफोरस होता है, जो पेट को साफ करता है। सेब, विटामिन व खनिज जैसे तत्वों से भरपूर होता है। इसके छोटे-छोटे टुकडे कर शहद डालकरखायें ,फलकी गुणवत्ता बढजातीहै। सेब काटकर उस पर उबलता पानी डालें जब पानी ठंडा हो जाये तो सेब को मसल कर उसका शर्बत बनायें मीठे के लिये मिश्री डालें।यह छोटे बच्चों केलिये भी उपयोगी आहार है.बच्चों ,बडों सब को शक्ति व स्फूर्ति देता है। गठिया रोग में दो सेब रोज खायें।
प्रतिदिन एक सेब खाएँ। यह हमें अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करेगा। सेब का सेवन हृदय रोगियों के लिए भी लाभदायक है। एनीमिया के रोगी सेब के रस का सेवन करें, लाभ होगा। भोजन के साथ सेब का सेवन करने से शराब पीने की आदत धीरे-धीरे छूट जाती है। कच्चे सेब के सेवन से अतिसार व कब्ज में आराम मिलता है। उच्च रक्तचाप में सेब खाने से बहुत राहत मिलती है। पथरी रोग में भी सेब का सेवन लाभप्रद सिद्ध होता ह

पपीताः pappaya 

अच्छा पका हुआ पपीता ही खाना गुणकारी है। खाली पेट पपीता खाना ज्यादा लाभदायक होता है। इसके बाद दोपहर भोजन के बाद पपीता खाने से भोजन ठीक से हजम हो जाता है। पपीता सेवन से रक्तवाहिनी शिरायें लचीली होती हैं, रक्त सुचारु रूप से प्रवाहि होता है। ह्रदय रोग में सबसे ज्यादा लाभदायक है।

आमःmango 

आम खाने से रक्तअधिक मात्रा में बनता है। दुबले लोगों का वजन बढ़ता है। शरीर में स्फूर्ति आती है। आम में शहद व ठंडे या गुनगुने दूध में मिलाकर पियें अधिक लाभकारी होता है.एनिमिक होने पर या गर्भवती महिलाएं अधिक मात्रा में खाएं।

अंगूरःgrape 

शरीर को भरपूर आयरन (Iron) पौष्टिक तत्व : अंगूर में कैल्शियम, क्लोरिन, लोहा और बायफ्लवोनाइडस् हैं।
सुझाव : अंगूर में शक्कर की मात्रा बहुत ज़्यादा है। अंगूर जितने गहरे रंग का होता है "राज उतना ही पौष्टिक होता है। स्वाद के अनुसार हरे या गहरे लाल रंग के अंगूर खा सकते हैं। इन्हें दूध से बने कस्टर्ड, क्रीम दही या पुडिंग में बिना पकाए डाला जा सकता है) मिलता है।
करता है ताकि रक्तआस नी से प्रवाहित हो सके। आपको मांसल करता है। श्वेत प्रदर में लाभ होता है। गर्भवति महिलाओं का बच्चा स्वस्थ्य व बलवान होता है।

मोनक्काः 

सर्दी के मौसम में मोनक्का लाभप्रद है। बीस मोनक्का गर्म पानी में धोकर रात को भिगो दें। प्रातः पानी पीलें तथा इसे खा लें। इसे नित्य प्रयोग करने से रक्तबढता है व शक्ति उत्पन्न होती है। दुर्बल-कमजोर रोगी को मोनक्का का पानी रोज पिलायें।मोनक्का से आयरन प्राप्त होता है ।एक पाव दूध में चार पांच मोनक्का उबालकर दूध पी जायें तथा पका हुआ मोनक्का भी खा जायें इससे कब्जियत दूर करता है।

आंवलाः amla 

इसमें सारे रोगों को दूर रखने की शक्ति होती है। आंवला युवक को नवयौवनता प्रदान करता है। इसमें विटामिन सी सर्वाधिक होता है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवला शक्ति का भंडार है। आंवला किसी प्रकार भी खायें स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है।एक आंवला रोज किसी भी रूप में लें.

केलाः banana

केला एक संपू्र्ण व संतुलित आहारमाना जाता हैजो बच्चे भोजन नहीं कर पाते उन्हे भोजन की जगह केला खिलाने से ताकत मिलती है।केला अपने में संपूर्ण भोजन की तरह होता है ।मांसपेशियां मजबूत होती है। वीर्यवर्धक होता है। केला एक फल ही नहीं है इसे जरूरत पडने पर रोटी की जगह भी खा सकते हैं. एक समय में तीन से अधिक केले नहीं खाना चाहिये। ताजा केला खाना सर्वोत्तम है। प्रातः दो केले पर थोड़ा सा घी लगाकर खाकर ऊपर से दूध पीयें। इससे शरीर पुष्ठ होता है।

अमरूदःguava 

इसमें विटामिन सी 300 से 450 मि.ग्रा. तक होता है। ह्दय को बल, शरीर को स्फूर्ति देता है.पाचन क्रिया को सुचारू बनाता,होसके तो इसे भूंनकर भीखायें पेट के लिये फायदेमंद है.खाने को हजम करता है।

छुआराः 

इससे केलशियम बहुत मात्रा में मिलता है। इसे खाकर ऊपर से दूध पीने से हड्डियों के सभी रोगों से निजात मिलता है।

गाजरः 

रोज आधा गिलास गाजर के रसमें शहद मिलाकर पीने से कमजोरी दूर होती है। रक्त (हिमोग्लोबिन)बढता है। गाजर खाने से फाइबर अधिक मिलता है जिसकी सख्त जरूरत आपके शरीर को होती है।

शक्तिवर्धक सब्जियाँ vegetables

मूलीः radish

गन्धक, पोटाश, आयोडीन, कैलशियम, लोहा, फासफोरस, मैग्नीशियम, क्लोरीन मूली में बहुतायत पाया जाता है। एक मूली रोज खाने से हड्डियां मजबूत होंगी। ह्दय को बल मिलता है ।जॉडिस में सुबह खाली पेट अवश्य खायें.

टमाटरः tomato 

प्रातः नाश्ते में एक ग्लास टमाटर के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पियें चहेरा टमाटर की तरह लाल हो जायेगा, स्मरण शक्ति बढ़ती है, हाईब्लड प्रेशर घटता है, भूख बढ़ती है ,हिमोग्लोबिन बढ़ाता है तथा रक्त में लाल कणों को बढ़ाता है। टमाटर में लोहा दोगुना पाया जाता है। बच्चों को टमाटर का रस पिलाने से बलवान हष्टपुष्ट रहते हैं। बड़ी आंतों को ताकत देता है। उनके घाव को दूर करता है

आलूःpotat 

आलुओं में "राज मुर्गों के चूजों जैसी प्रोटीन होती है। बड़ी आयु वालों के लिय बहुत लाभदायक है इसमें विटामिन .सी.अधिक मात्रामें पाया जाताहै.इसे भूनकर खायें तो डायबिटीस वालों को नुकसान नहीं करेगा.बच्चों को उबले आलू देना फायदेमंद है.छोटेबच्चों को आलू खिचडी में डालकर या अलग से उबालकर,मसलकरक खिलायें .

लहसुनःgarlic 

दिन में तीनों बार खाने के साथ खाने से बल बढ़ता है। पाचन शक्ति ठीक होती है। प्रातः चार दाने खाकर दूध पीने से वीर्य बढ़ता है। नपुंसकता जाती है। यदि लहसुन नियमित खाने तो बुढापा जल्दी नहीं आता। झुर्रिर्यां नहीं पड़ती हैं ,कारण झुर्रियां धमनियों के सिकुडने से पड़ती हैं–।

मूंगफलीःgroundnut 

इसमें प्रोटीन, चिकनाई पाई जाती है। इसकी चिकनाई घी से मिलती जुलती होती है। मूंगफली खाने से दूध बादाम घी की कमी पूरी होती है। अण्डे के बराबर प्रोटीन पाई जाती है। यह गर्म होती है इसलिए सर्दियों में खाना चाहिये, गरम प्रकृति के व्यक्तियों को हानिकारक है ज्यादा खाने से पित बढ़ता है। गर्भावस्था में नित्य मूंगफली खाने से शिशु की प्रगति में लाभ होता है। कच्ची मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं को दूध बढ़ता है। सर्दियों में सूखापन आ जाता है तो मूंगफली के तेल, गुलाब जल मिलाकर मालिश करें। सूखापन दूर होता है। मुठ्ठी भर मूंगफली तमाम पोषक तत्वों को पूरा करती है।

शक्तिवर्धक दालें dal

मूंग दालmungdal

- ज्वर में मूंगदाल देना उत्तम है।इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाई जाती है ये दाल पचनें में हल्की होती है इस कारण मरीज के लिये उत्तम मानी जाती है। छिलके सहित काम में लेना चाहिये। मूंग दाल आंखों के लिये हितकारक है।
- लम्बे समय तक बीमार रहने के बाद मूंग की दान खाने से शक्ति बढ़ती है। मूंग पानी में उबाल कर नमक, काली मिर्च डालकर, हींग का तड़का लगाकर देने से सुपाच्य होता है व शक्ति बढ़ती है।
-मूंग सेककर पीसे, उससे उबटन लगायें पसीना आना बंद हो जायेगा।
-कब्जः चावल एक भाग दाल दो भाग मूंग मिलाकर खिचड़ी बनाये कब्ज दूर होगा। पेट साफ होगा।
-मूंग पानी में पीसकर जले स्थान पर लगाये लेप से जलन ठीक होगी।
- छिल्के सहित मूंग इतने पीनी में भिगायें कि पानी सोख ले। दो घंटे बाद पीसकर दाल, खाज पर लगायें लाभ होगा। 

उड़द दाल urad dal

- मलमूत्र अधिक लाने वाली, गठिया, दमा, बवासीर, लकवा में लाभदायक इसकी दालें खायें।
-. शक्तिवर्धक उड़द किसी भी रूप में खाये शक्ति ही बढ़ायेगी। यह गरिष्ठ होती है, अच्छी पाचन शक्ति वाले ही खाये। उड़द खाने से शरीर में मांस बढ़ता है। दाल हींग से छौंकर खाने से इसके गुणों में वृद्धि होती है।
- साबुत उड़द जलते कोयले पर डालें इसका धुंआ सूंघे हिचकी मिट जायेगी।
- नकसीर सिर दर्द- उड़द की दाल पीसकर माथे पर लगाने से नकसीर, सिर दर्द ठीक होता है।

अरहर दाल arhar dal

जिन्हें अरहर की दाल नुकसान करती है किसी भी तरह से इसे घी में छौंकर खायें फिर किसी प्रकार हानि नहीं करेगी। इसे खोलकर पकाएं इसको उबाला पानी गिरा कर इसमें नमक मिर्च हल्दी डालकर बंद कर दें इसका झाग निकाल देनें से इससे यूरिया एसिड नहीं बनता।
हाइडोसिल- बच्चों की अगर पोत लटक जाये तो इसे भिगोकर, पीसकर गर्म कर लेप लगाये।
दाल प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। कई दाले मिलाकर खाने से प्रोटीन के अतिरिक्त लोहा-चूना कार्बोहाइडेट पाया जाता है। सामान्य व्यक्ति को अपने आहार में सामान्य रूप से पचास ग्राम दालें सेवन करना चाहिये।

मसूर दाल masoor dal

मसूर दाल गर्म शुष्क रक्त बढ़ाने वाली रक्त को गाढ़ा करने वाली होती है। पचने में भारी होती है। घी का छौंक लगाकर खाने से नेत्रों को शक्ति मिलती है। मसूर, मूंग की दाल समान है। मूंग की जगह धुली मसूर प्रयोग कर सकते है। -
-.पेट के रोग- पाचन क्रिया से संबंधित हर प्रकार के रोग में मसूर की दाल खाना लाभप्रद है।
-फोडे फुनसी- मसूर की पुलिटिस लगाने से फोडे फूटकर मवाद सुखा देते है।
- मुंहासे व मुंहासे के दाग धब्बे- मसूर की दाल इतने पानी में भिगोये की पानी सोखले फिर पीसकर दूध में मिलाकर सुबह शाम चेहरे पर मलें।
-खूनी बवासीर- हो तो प्रायः भोजन के साथ मसूर की दाल खाने व एक गिलास खट्टी छाछ पीने से लाभ होता है।

पापड papad

शक्तिप्रद- जो किसी बीमारी से उठें हों। पाचन शक्ति दुर्बल हो तो पापड के साथ भोजन करने से भोजन शीघ्र पचता है। रक्त अधिक बनता है।

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