दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
पुरे वर्ष सन् 2018 के पर्व त्यौहार निचे मौजूद है...

लेबल

आप यहाँ आये हमें अच्छा लगा... आपका स्वागत है

नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

स्वास्थ लाभ के साथी, इस वेबसाइट से जुड़ें : राज

Thyroid Diet Chart लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Thyroid Diet Chart लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, जुलाई 15, 2015

थायराइड मरीज के लिए डाइट चार्ट

Diet Chart for Thyroid patient

थायराइड बहुत ही आवश्‍यक ग्रंथि है। यह ग्रंथि गले के अगले-निचले हिस्‍से में होती है। थायराइड को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। क्‍योंकि इसका लक्षण एक साथ नही दिखता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो आदमी की मौत हो सकती है। यह ग्रंथि होती तो बहुत छोटी है लेकिन, हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में इसका बहुत योगदान होता है।

थाइराइड एक प्रकार की इंडोक्राइन ग्रंथि है, जो कुछ हार्मोन के स्राव के लिए जिम्‍मेदार होती है। यदि थाइराइड ग्रंथि अच्‍छे से काम करना बंद कर दे तो शरीर में कई समस्‍यायें शुरू हो जाती हैं। शरीर से हार्मोन का स्राव प्रभावित हो जाता है। लेकिन यदि थायराइड ग्रंथि कम या अधिक सक्रिय हो तब भी शरीर को प्रभावित करती है।

लाइफस्‍टाइल और खान-पान में अनियमितता बरतने के कारण थायराइड की समस्‍या होती है। अगर शुरूआत में ही खान-पान का ध्‍यान रखा जाए तो थायराइड की समस्‍या होने की संभावना कम होती है। थायराइड के मरीजों का डाइट चार्ट कैसा हो, हम आपको उसकी जानकारी देते हैं।

थायराइड रोगियों के लिए डाइट चार्ट -

  • अपनी डाइट चार्ट में ऐसे खाद्य-पदार्थों को शामिल कीजिए जिसमें आयोडीन की भरपूर मात्रा हो। क्‍योंकि आयोडीन की मात्रा थायराइड फंक्‍शन को प्रभावित करती है।
  • समुद्री जीवों में सबसे ज्‍यादा आयोडीन पाया जाता है। समुद्री शैवाल, समुद्र की सब्जियों और मछलियों में आयोडीन की भरपूर मात्रा होती है।
  • कॉपर और आयरन युक्‍त आहार के सेवन करने से भी डायराइड फंक्‍शन में बढ़ोतरी होती है।
  • काजू, बादाम और सूरजमुखी के बीज में कॉपर की मात्रा होती है।
  • हरी और पत्‍तेदार सब्जियों में आयरन की भरपूर मात्रा होती है।
  • पनीर और हरी मिर्च तथा टमाटर थायराइड गंथि के लिए फायदेमंद हैं।
  • विटामिन और मिनरल्‍स युक्‍त आहार खाने से थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि होती है।
  • प्‍याज, लहसुन, मशरूम में ज्‍यादा मात्रा में विटामिन पाया जाता है।
  • कम वसायुक्‍त आइसक्रीम और दही का भी सेवन थायराइड के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
  • गाय का दूध भी थायराइड के मरीजों को पीना चाहिए।
  • नारियल का तेल भी थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि करता है। नारियल तेल का प्रयोग सब्‍जी बनाते वक्‍त भी किया जा सकता है।

थायराइड के रोगी इन खाद्य-पदार्थों को न खायें -

  • सोया और उससे बने खाद्य-पदार्थों का सेवन बिलकुल मत कीजिए।
  • जंक और फास्‍ट फूड भी थायराइड ग्रंथि को प्रभावित करते हैं। इसलिए फास्‍ट फूड को अपनी आदत मत बनाइए।
  • ब्राक्‍कोली, गोभी जैसे खाद्य-पदार्थ थायराइड फंक्‍शन को कमजोर करते हैं।

थायराइड थायराइड के मरीजों को डाइट चार्ट का पालन करना चाहिए, साथ ही नियमित रूप से योगा और एक्‍सरसाइज भी जरूरी है। नियमित व्‍यायाम करने से भी थायराइड फंक्‍शन में वृद्धि होती है। थायराइड की समस्‍या बढ़ रही हो तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।