दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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शनिवार, नवंबर 21, 2015

तोंद कम करने के 51 सरल उपाय

पेट की चर्बी घटाने के सरल उपचार

Simple home remedies to reduce abdominal fat

शरीर पर चरबी का अधिक होना मोटापे का सबसे बड़ा लक्षण होता है। गलत तरह से खान-पान करना, रहन सहन में भी गलत तरीके प्रयोग करना आदि जैसी वजह से पेट बाहर निकल जाता है। और कमर की चरबी अधिक हो जाती है। धीरे-धीरे मोटापा गर्दन, हाथ और पैरों तक फैल जाता है। यानी इन जगहों पर चरबी अधिक हो जाती है। शरीर पूरी तरह से चरबी युक्त हो जाता है। और इंसान को चलने फिरने में भी दिक्कतों के साथ-साथ कई गंभीर बीमारीयों के होने का खतरा भी अधिक बढ़ जाता है। आइये आपको बताते है कमर की चरबी को कम कैसे करें। आयुर्वेद में इसका इलाज संभव है। कमर की चरबी कम करने के लिए राजेश मिश्रा द्वारा बताये गए आप इन उपायों का प्रयोग कर सकते हो. . कमर की चरबी को कम करने का सबसे पहला नियम जो आयुर्वेद में है.  वह है-
  • भूख से कम ही भोजन का सेवन करें। जितनी भूख है उससे कम ही खाना खायें। इससे पेट का आकार नहीं बढ़ता और पाचन भी ठीक रहता है। कम भोजन करने से पेट में गैस नहीं बनती है। कोशिश करें कि दिन में 2 बार शौच जाएं।सुबह उठते ही एक गिलास गरम पानी मे आधा नींबू निचोड़कर पीएं। इसमे एक चम्मच शहद मिलाकर पिएंगे तो ज्यादा फायदा होगा। इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और चर्बी जलती है।  
  • अदरक को टुकड़ों मे काट लें फिर एक कप पानी मे उबालें। 10 मिनिट तक उबालने के बाद अदरक बाहर निकाल दें और इसे चाय की तरह पीएं। 
  • लहसुन मे मोटापा कम करने के तत्व होते हैं। एक कप मामूली गरम पानी मे एक नींबू निचोड़ें। लहसुन की तीन जवे इस पानी के साथ लें। चर्बी कम करने का उम्दा उपाय है।  रोज सुबह खाली पेट लें. 
  • बादाम मे मौजूद ओमेगा 3 फेटी एसिड अनावश्यक पेट की चर्बी हटाने मे सहायक है। रोज रात को 9 बादाम पानी मे गलाए और सुबह इनको छीलकर खाएं।  
  • भोजन से आधे घंटे पूर्व एक चम्मच एप्पल सायडर वेनेगर को एक गिलास पानी मे मिलाकर पीएं।इससे ज्यादा केलोरी जलती है और चर्बी कम होती है। 
  • पुदेने के पत्ते और हरा धनिया के पत्ते पीस लें ,इसमे नमक और नींबू का रस मिलाकर चटनी तैयार करे। भोजन के साथ प्रयोग करें। इससे मेटाबोलिज़म तेज होता है और फालतू चर्बी खत्म होती है। 
  • एलोवेरा का जूस पीने से चर्बी पेट मे जमा नही होती| आधा गिलास गरम पानी मे 2 चम्मच एलोवेरा जूस और एक चम्मच जीरा मिश्रण करें।  रोज सुबह खाली पेट लें और लेने के बाद एक घंटे तक कुछ न खाएं। चर्बी कम करने का बेहतरीन उपचार है। 
  • अपनी दिनचर्या मे कसरत और मॉर्निंग वाक को आवश्यक रूप से शामिल करें।  
  • मोटापे से मुक्ति का एक और बड़ा सरल उपाय यह है कि भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन न करें। भोजन करने के लगभग 1 घंटे के बाद ही पानी पीयें। इससे कमर का मोटाप नहीं बढ़ता है। और यह तरीका पेट को कम करने में भी मददगार होता है।
  • भोजन में अधिक से अधिक जौ से बने आटे की रोटियों का इस्तेमाल करें। गेहूं के आटे की रोटी का सेवन बिलकुल कम कर दें। जौ शरीर में मौजूद अतरिक्त चरबी को कम कर देता है। जिससे कमर और पेट की चरबी कम हो जाती है।
  • वजन कम करने और अतरिक्त चरबी को कम करने के लिए आपको यह भी पता होना चाहिए कि भोजन में किन चीजों को इस्तेमाल करें और किन का नहीं। आपको चावल, आलू और चपाती का सेवन कम से कम मात्रा में करना चाहिए साथ ही खाने में कच्चा सलाद, सब्जी और मिक्स वेज का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए।
  • हमेशा खाना भूख लगने पर ही खाएं। खाना खाते वक्त यह बात जरूर ध्यान रखें कि खाने को मुंह में अच्छी तरह से बारीकी से चबाकर खाएं ताकि आसानी से भोजन गले से नीचे उतर सके।
  • सुबह के नाश्ते में आप चना, मूंग और सोयाबीन को अधिक से अधिक खाने में उपयोग करें। अंकुरित अनाज में आपको भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व आपको मिलेगें। जो मोटापा को बढ़ने नहीं देगें। दलिया को भी आप अपने नाश्ते में जरूर शामिल करें।
  • कमर की अधिक चरबी को कम करने के लिए आपको अपने खाने में हरी सब्जियों का अत्याधिक सेवन करना चाहिए। आप मेथी, पालक, चैलाई की सब्जी को अपने खाने में शमिल करें। हरी सब्जियों में मौजूद कैल्श्यिम और फाइबर आपके शरीर में पोषक तत्वों को पहुंचाते हैं। और इनसे आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा।
  • गर्मियों में दही या मट्ठा के सेवन करने से शरीर के चरबी घटती है। दिन में 2 से 3 बार मट्ठा का सेवन करें।
  • सुबह खाली पेट गरम पानी में 2 चम्मच शहद डालकर 2 महीने तक सेवन करने से कमर का मोटापा कम होता है। इसके अलावा तेल की मालिश करने से भी कमर की चरबी को कम किया जा सकता है।

छिलके वाली दाल का प्रयोग

वजन कम करने के लिए छिलके वाली दाल का प्रयोग करें। इसमें प्रोटीन की मात्रा कम होती है। रोजाना सेवन करने से कोलेस्ट्राल की मात्रा भी शरीर में कम होती है जिसकी वजह से वजन कम हो जाता है।

सलाद का सेवन

  • सुबह हो या शाम आपको सलाद का सेवन जरूर करना है। इससे आपको कम कैलोरी और हाई फाइबर मिलता है जो कमर की चरबी को आसानी से कम करता है।
  • खाना खाने के बाद एक गिलास गर्म पानी को घूंट लेकर पीएं आपका मोटापा कम होगा।
  • रात्री को सोने से 2 घंटा पहले खाना खाएं।

बाहर निकला हुआ पेट अंदर करने के आसान घरेलू तरीके : राज 

  1. नियमित रूप से पपीता का सेवन करें। पपीता हर मौसम में मिलता है। यह पेट की चर्बी को जल्दी घटाता है।
  2. पत्तागोभी का जूस रोज पीएं। इसकी आदत डाल लें। इस जूस में चर्बी को घटाने के गुण होते हैं।
  3. जितना हो सके आलू, चावल और शक्कर का सेवन कम से कम कर दें। क्योंकि इनमें अधिक कार्बोहाइड्रेट होता है।
  4. गेहूं के आटे की रोटी खाने की बजाए सोयाबीन, चना और गेहूं के आटे को मिलाकर यानी मिश्रित आटे की रोटी का सेवन करें।
  5. छाछ भी तेजी से वजन घटाती है इसलिए एक दिन में दो से तीन बारी छाछ का सेवन करें।
  6. अपने खाने में दही का इस्तेमाल जरूर करें। पेट को अंदर करने के लिए दही सेवन फायदेमंद है।
  7. हल्दी और आंवले के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिला लें और इसे छाछ के साथ मिलाकर पीएं। यह कमर को बिलकुल पतला और स्लिम बनाती है।
  8. यदि मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो अपने खाने में हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करें। नए शोध में बताया गया है कि वजन कम करने के लिए सबसे आसान तरीका है मिर्च को खाना। मिर्च में कैप्साइसिन तत्व पाया जाता है जो भूख को कम करता है और इससे उर्जा की खपत बढ़ती है और वजन नियंत्रण में रहता है।
  9. 2 चम्मच शहद को एक चम्मच पुदीने के रस में मिलाकर नियमित लेने से पेट अंदर होता है और वजन भी घटता है।
  10. पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा जल्दी कम होता है।
  11. फलों और सब्जियों में कैलोरी कम होती है इसलिए जितना हो सके आप फलों और सब्जियों का सेवन अधिक करें। केवल चीकू और केला न खाएं। ये मोटापा बढ़ाते हैं।
  12. टमाटर का 250 ग्राम रस 3 महीने तक सुबह खाली पेट लें। यह बहार निकले हुए पेट को अंदर कर देगा।
  13. सलाद में प्याज और टमाटर खाएं और इसमें नमक और काली मिर्च का पउडर डालें। सलाद खाने से पेट जल्दी भरता है और वजन नियंत्रित होता है।
  14. वजन कम करना कठिन नहीं है बस आपको अपने खान-पान में थोड़ा चेंज करना है। जिससे आप पतले और स्लिम होने लगोगे। जितना हो सके फास्ट फूड से परहेज करें। क्योंकि एक बार मोटापा बढ़ता है तब यह आसानी से घटता नहीं है जिस वजह से उम्र तो अधिक लगने लगती है साथ ही अनेक बीमारीयां भी शरीर पर लगने लगती है।
  15. आपको अपने जीवन शैली में एक छोटा सा परिवर्तन लाना जरूरी है। जैसे चढ़ने और उतरने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल करें। साईक्लिंग करना, जाॅगिंग, टहलना, और व्यायाम जरूर करें। एैसा करने से आपकी कमर की चरबी तो कम होगी ही साथ ही आपको मोटापे से मुक्ति मिल जाएगी। इसलिए आप इन घरेलू उपायों को अपनाकर पेट की चर्बी को कम कर सकते हो।

    अंत में राजेश मिश्रा का राम राम स्वीकार करें 

गुरुवार, जुलाई 30, 2015

मोटापा कम करने के लिए डाइट चार्ट

60 दिनों के डाइट चार्ट से पा सकते हैं
एक परफेक्ट और फिट बॉडी : राज

मोटापा कम करना एक बहुत बड़ा चैलेंज है, खास तौर पर तब, जब वजन कुछ ज्‍यादा ही हो। ऐसे समय वजन कम करने के थका देने वाले शेड्यूल से भी कोई फायदा नहीं होता है। हर कोई स्‍लीम होने ... कई बार लोग डाइट के नाम पर भूखे रहते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदाई होता है। वजन घटाने के ... अपने डाइट चार्ट से अनहेल्‍दी फूड हटाकर कुछ ऐसी चीजें बढा़एं, जो स्वादिष्ट न हो लेकिन पोषक हो।
एक अच्छी पर्सनैलिटी की पहचान स्वस्थ शरीर से होती है। आप अपने काम में तभी परफेक्ट हो पाएंगे, जब आपका स्वास्थ्य अच्छा होगा और आप फिट होंगे। बिज़ी लाइफस्टाइल के चलते, आजकल सभी अपनी फिटनेस का ख़ास ख़्याल रखते हैं। फिट बॉडी के लिए ज़रूरी है कि आपकी डाइट भी हेल्दी हो। सही डाइट अगर नियमित रूप से टाइम पर ली जाए, तो आपका स्वास्थ्य सही रहेगा। इसके साथ एक्सरसाइज़ करना भी ज़रूरी है। यहां हेल्थ और वेलनेस गुरू आपको बता रहे हैं 2 महीने का डाइट प्लान। इससे आप बिना जिम गए और बिना पैसे खर्च किए सिर्फ 60 दिनों में पा सकते हैं एक परफेक्ट और फिट बॉडी।



Day 1
आज आपके हेल्थ प्रोग्राम का पहला दिन है। हमेशा ध्यान रखें कि आप जो भी आहार ले रहे हैं, वो सही मात्रा में हो। अपनी डाइट से स्टार्ची फूड जैसे ब्रेड, पास्ता और आलू को कम करें, क्योंकि इनमें बहुत ज़्यादा कैलोरीज़ होती हैं।

Day 2
आज आपके प्रोग्राम का दूसरा दिन है। फल खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन अगर आप अपने शरीर से एक्सट्रा फैट कम करना चाहते हैं, तो कुछ फल जैसे केला, चीकू, अंगूर और आम को अपनी डाइट में शामिल न करें। जूस लेने से बेहतर है फल खाएं।

Day 3
आज आपके डाइट चार्ट में हैं हेल्दी स्नैक्स। स्नैक्स में आप डिप की हुई वेजिटेबल सलाद, घर पर भुने हुए कुरमुरे, भेल, बिना मक्खन लगे हुए पॉपकॉर्न, ड्राय फूट्स और स्प्राउट्स खा सकते हैं। इससे आपको पूरे दिन के लिए एनर्जी मिलेगी।


Day 4

अपने हेल्थ प्रोग्राम में डाइट के साथ एक्सरसाइज़ भी शामिल करें, जैसे लिफ्ट के बजाए सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, मॉर्निंग वॉक।

Day 5
अगर आपको रात में उठ-उठकर खाने की आदत के लिए टोका जाता है, तो उन्हें बताएं कि यह खराब आदत नहीं हैं, बल्कि एक साथ ज़्यादा खाने से अच्छा है रुक-रुककर खाना। एेसा करने से एक बार में आपके शरीर में ज़्यादा फैट इकट्ठा नहीं होगा।

Day 6
चाय, कॉफी क्लोरीन युक्त पानी और सॉफ्ट ड्रिंक्स की जगह सोया मिल्क, वेजिटेबल जूस, फ्रूट जूस, सादा पानी और एलोवेरा जूस पिएं। इससे आप स्लिम एंड ट्रिम दिखेंगे।

Day 7
अगर आपको स्विमिंग आती है, तो यह रोज़ करें। इससे आपकी एक्सट्रा कैलोरीज़ बर्न होती हैं और आप फिट रहते हैं।

Day 8
प्योर वेजिटेरियन डाइट अपनाएं, जिसमें फलों और सब्जियों की भरपूर मात्रा हो। इसे वेदिक डाइट कहते हैं। इसके अलावा, स्प्राउट्स और अदरक-शहद को गर्म पानी में मिक्स करके पिएं। इससे शरीर का एक्सट्रा फैट कम होता है।

Day 9
क्या आपको पता है कि फल और सब्जियों के रंग भी शरीर को स्वस्थ बनाते हैं? लाल और नारंगी रंग के फल और सब्ज़ियों से नर्वस सिस्टम ठीक तरह से काम करता है। हरा रंग शरीर के एसिड और एल्कालाइन लेवल को संतुलित रखता है। जामुनी रंग के फल और सब्ज़ियां भी सेहत के लिए अच्छी होती हैं और आप आरामदेह महसूस करते हैं।

Day 10
अपनी डाइट में फ्रेश और नेचुरल तरीके से पकाए गए आहार ही शामिल करें। अल्कोहल और निकोटीन से बचें। रोज़ कम-से-कम 30 मिनट के लिए सैर करें। इससे आपके शरीर की थकान दूर होगी और दिमाग को भी शांति मिलेगी।

Day 11
आपके हेल्थ प्रोग्राम के दस दिन बीत चुके हैं। उम्मीद है कि आप हमारे डाइट चार्ट को फॉलो कर रहे हैं और फिटनेस की ओर बढ़ रहे हैं। अंगूर, केला, चीकू और आम को छोड़कर आप अच्छे से बाकी फल खाएं।

Day12
रोज़ कम-से-कम 2 लीटर पानी ज़रूर पिएं। एक गिलास पानी आपको 15 से 20 मिनट तक भूख लगने से रोकता है। साथ ही, पानी पीने से शरीर की आंतरिक गंदगी दूर होती है। इसलिए सॉफ्ट ड्रिंक्स, कॉफी और शेक के बजाए पानी भरपूर मात्रा में लें। वेजिटेरियन फूड लेने के साथ अपनी डाइट में तुलसी, गेहूं के जवारे, एलोवेरा, जिनसेंग (औषधीय पौधा, जो दक्षिण एशिया और उत्तर अमेरिका में पाया जाता हैं) को शामिल करें। यह आपके शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएगा और आपको सीज़नल इंफेक्शन से दूर रखेगा।

Day 14
स्नैक्स में हाई कैलोरीज़ और ऑयली फूड को अवॉइड करें। इसकी जगह मुट्ठी भर बादाम खाएं। इसमें प्रोटीन्स, मिनरल्स और अनसैचुरेटेड फैट होता है, जो ब्लड कोलेस्ट्रोल के लिए फायदेमंद है।आमतौर पर फूड फैट दो तरह के होते हैं- सैचुरेटेड फैट और अनसैचुरेटेड फैट। अनसैचुरेटेड फैट बेहतर होता है। यह वेजिटेबल ऑयल, नट्स और सीफूड में पाया जाता है।

Day 15
अच्छे स्वास्थ्य के लिए डिनर लाइट और कार्बोहाइड्रेट्स-फ्री होना चाहिए। सूप या सलाद डिनर के लिए बहुत हेल्दी होता है। डिनर करने के करीब 3 से 4 घंटे बाद सोना चाहिए।

Day 16

अगर आप वेजिटेरियन हैं, तो मीट, डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, पनीर) और अंडे की जगह सोया मिल्क पी सकते हैं। मीट न खाने का फायदा यह होता है कि इससे कैंसर, डायबिटीज़, मोटापा और दिल से संबंधित बीमारियां होेने के चांसेस कम हो जाते हैं।

Day 17
ऐसा मत सोचिए कि आपकी खाने की आदत एक ही दिन में बदल जाएगी। इसके लिए हर रोज़ एक्सरसाइज़ करनी भी ज़रूरी है।

Day 18
यह ज़रूरी नहीं है कि दिन में आपको तीन बार ही खाना है। आप थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में 4 से 5 बार भी खा सकते हैं। हर 3 से 4 घंटे में खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल रहेगा और शरीर में एक्सट्रा फैट नहीं जमेगा।

Day 19
आपके आहार का ग्लाइसेमिक इन्डेक्स खाने के बाद शरीर के ब्लड शुगर को प्रभावित करता है। ग्लाइसेमिक इन्डेक्स एक प्रकार का न्यूमेरिकल मेज़रमेंट होता है। इससे यह मापा जाता है कि कौन-सा फूड आइटम ब्लड शुगर लेवल को कितना और कितनी तेजी से बढ़ा रहा है। इसलिए (low GI) कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स भोजन, जैसे- गेहूं की ब्रेड, पास्ता, उबले हुए आलू और अनपॉलिश्ड चावल का सेवन कीजिए। इनमें कार्बोहाइड्रेट्स कम होते हैं।

Day 20
भोजन में नमक की उचित मात्रा ही लेनी चाहिए। वो प्रोडक्ट्स जिनमें नमक ज़्यादा होता है, जैसे सॉस, कैचअप, चिप्स, पापड़, अचार, कैन और टिन वाले फूड आइटम्स को अवॉइड करना चाहिए।

Day 21
सोया में phytoestrogens होते हैं, जो महिलाओं में स्तन/ब्रेस्ट और ओवेरीअन/गर्भाशय कैंसर की संभावना कम करते हैं। सोया मिल्क दूसरे हाई प्रोटीन ड्रिंक्स की तुलना में बेहतर होता है, इसलिए खाने में पनीर की जगह टोफू खाएं। टोफू सोया दूध को जमाकर बनाया जाता है। जमी हुई दही को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खाएं।


Day 22
केला हाई ब्लड प्रेशर के लिए अच्छा होता है, क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा ज़्यादा और सोडियम की मात्रा कम होती है। केला फाइबर्स का मुख्य स्रोत है और इससे पाचन क्रिया भी सही रहती है। केले के सेवन से तुरंत एनर्जी मिलती है।

Day 23
अल्कोहल, क्लोरीन युक्त पानी और सॉफ्ट ड्रिंक्स को अपनी डाइट से पूरी तरह हटा दीजिए। इनमें एनर्जी तो होती है, लेकिन न्यूट्रिशन बिल्कुल भी नहीं होता। इसकी जगह वेजिटेबल जूस, कोकोनट वॉटर, हर्बल चाय और चीनी डाले बिना, यानी अनस्वीटन्ड फ्रूट जूस पिएं।

Day 24
फ़िजिकल एक्टिविटी से थकान और स्ट्रेस दूर होता है। कभी-कभी बोरियत, डिप्रेशन और टेंशन में हम ज़्यादा खाना शुरू कर देते हैं। इसलिए एक्सरसाइज़ ज़रूर करें।बोरियत महसूस होने पर खाना खाने की जगह, म्यूज़िक सुनें या फिर कुछ ऐसा काम करें, जिससे आपको खुशी हो।

Day 25
एक दिन में एक बड़े चम्मच से ज़्यादा तेल का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। आप ऑलिव आयल या राइस ब्रैन ऑयल यूज़ कर सकते हैं। फूड आइटम्स को डीप फ्राइ करने की जगह ग्रिल या बेक करें।

DAY 26
जैसा कि हम पहले भी बता चुके हैं कि स्वस्थ और फिट रहने के लिए अपने भोजन में नॉनवेज, जैसे मीट, चिकन शामिल न करें। इससे न सिर्फ मोटापा बढ़ता है, बल्कि इनमें कैंसर पैदा करने वाले तत्व भी मौजूद होते हैं। खासकर रेड मीट (गर्म मीट- सुअर, भैंस का) का सेवन कतई न करें। अगर आप नॉनवेज खाना ही चाहते हैं, तो फ्राइड फिश खाएं और अंडे का सफेद पोर्शन खाएं।

Day 27
इन टिप्स से आपको वज़न कम करने में मदद मिलेगी। 1- जब भी खाना खाएं, छोटी प्लेट में ही सर्व करें और हर बाइट को धीरे-धीरे चबा-चबा कर खाएं। 2- अगर आपका फेवरेट फूड भी है, तो भी ज़्यादा न खाएं। 3- कभी भी पूरा पेट भरकर नहीं खाएं।

Day 28

अपने भोजन में लहसुन का इस्तेमाल करें। लहसुन में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। यह लिवर में carcinogens (एक प्रकार का कैंसरकारी पदार्थ) को निष्क्रिय करता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए सलाद और सॉस में लहसुन ज़रूर डालें। सब्ज़ी बनाते हुए भी लहसुन-अदरक का पेस्ट डालना चाहिए। इससे सब्ज़ी का स्वाद भी बढ़ेगा और यह फायदा भी करेगा।

Day 29
पूरे दिन में नमक की मात्रा 2500 मिली ग्राम से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर नमक ज़्यादा लगे, तो नींबू भी खाने में डाल सकते हैं।

Day 30

आज आपके हेल्थ प्रोग्राम का एक महीना पूरा हुआ। हम उम्मीद करते हैं कि आप हमारे द्वारा बताए डाइट चार्ट को फॉलो कर रहे होंगे और अपनी सेहत में सुधार कर रहे होंगे। इस डाइट चार्ट को लंबे समय तक फॉलो करते रहने से आप अपनी फिटनेस को बरकरार रख पाएंगे।

Day 31

कुछ लोग डाइटिंग का गलत मतलब निकालते हैं और पतले होने के लिए खाना-पीना तक छोड़ देते हैं। यह एक अनहेल्दी और खतरनाक तरीका है। भोजन से सिर्फ भूख ही नहीं मिटती, बल्कि हमारे शरीर को एनर्जी भी मिलती है। अगर हम पर्याप्त भोजन नहीं करेंगे और भूखे रहेंगे, तो बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए डाइटिंग का सही तरीका अपनाएं और फिट रहें।

Day 32
हमारा शरीर ब्रह्मांड की शक्तियों से प्रभावित होता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आप कोई एक्सरसाइज़ करें तो मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इससे शरीर का मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है। एक्सरसाइज़ के दौरान अपनी गर्दन और बॉडी पार्ट्स को क्लॉकवाइस घुमाएं।

Day 33

एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है। एक ही जगह बैठे रहने से शरीर में फैट इकट्ठा होता रहता है। इसलिए अपने रूटीन में योगा, एक्सरसाइज़, वॉकिंग, जॉगिंग और एरोबिक्स शामिल करें। इससे शरीर की थकान दूर होती है और आप एक्टिव भी रहते हैं।

Day 34
एक्वा/वॉटर ऐरोबिक्स से शरीर की मांसपेशियां शेप में आती हैं। इससे ज्वाइंट और मांसपेशियों की चोट भी सही होती है। अपनी मेंटल हेल्थ सुधारने के लिए अच्छी तरह सांस लें।

Day 35
सांस लेना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इससे आपकी मेंटल हेल्थ भी सही रहती है। जैसे कि अगर आप कन्फ्यूज़्ड हैं, तो लंबी सांसें लीजिए। जब भी आप टेंशन में हों, तो लंबी सांसें लें। कुछ देर में आप रिलैक्स्ड महसूस करेंगे।

Day 36
रोज़ बैलेंस्ड डाइट लें, जिसमें कैल्शियम, विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा हो। फलों और सब्जियों का जूस भी पिएं।

Day 37

गाय के दूध की जगह सोया मिल्क पीना शुरू करें। नॉनवेज जैसे मीट और अंडे की जगह फलों और सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें। इससे कैंसर की संभावना कम हो जाती है।

Day 38
ताज़े सब्ज़ी और फल ही खाएं, यह शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इसी तरह स्प्राउट्स और बादाम को भी अपने भोजन में शामिल करें। इससे आपके शरीर के साथ दिमाग को भी पॉज़िटिव एनर्जी मिलेगी।

Day 39
अपने शरीर को ठंडा रखने के लिए खीरे का खूब जूस पिएं। गर्मियों के दिनों में इसके साथ पुदीना भी ले सकते हैं। ज़्यादा मिर्च-मसाला और तली हुई चीज़ों से बचकर रहें। नारियल पानी पिएं।

Day 40
फलों और सब्ज़ियों से आपका नर्वस सिस्टम ठीक रहता है। ज़्यादा गुस्सा करने से भी बचें। जब भी गुस्सा आए, तो लंबी सांसें लें।

Day 41

एक छोटी प्लेट में जितना आ पाए, उतना ही खाएं। इसके बाद भी भूख लगे, तो आप कुछ हल्का और हेल्दी खा सकते हैं।

Day 42

फाइबर शरीर के लिए बहुत ज़रूरी होता है, लेकिन इसकी ज़्यादा मात्रा से पेट फूलने लगता है। अगर आप ज़्यादा फाइबर की मात्रा ले रहे हैं, तो इसके बाद खूब सारा पानी पिएं।

Day 43
शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थ जैसे धूम्रपान, शराब, ड्रग्स, नॉनवेज और डेयरी प्रोडक्ट्स से बचकर रहें।

Day 44
वर्कआउट करने से शरीर में नए सेल्स का निर्माण होता है। इससे एनर्जी मिलती है। साथ ही, यह शरीर के सात चक्रों को एक सीध में संतुलित करता है।

Day 45
वेजिटेरियन फूड से शरीर और दिमाग को शक्ति मिलती है।

Day 46
योगा को अपने रूटीन में शामिल करें। योगा की प्रैक्टिस से शरीर को मज़बूती मिलती है।

Day 47
सोया में हाई प्रोटीन होता है। इसमें मीट के बराबर प्रोटीन तो होता ही है, साथ ही इसमें phytoestrogens हैं, जो महिलाओं में होने वाले स्तन और गर्भाशय कैंसर की संभावना कम करते हैं।

Day 48

ऐसा भोजन करें, जो ताज़ा हो, बनाने में आसान हो और नेचुरल तरीके से पकाया गया हो। पैकेज्ड फूट को अवॉइड करें। इससे आप मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे।

DAY 49

भोजन में सजावट के लिए चीज़ और क्रीम की जगह नींबू के रस का इस्तेमाल करें। इसी तरह सुबह उठकर नींबू के रस को गर्म पानी में मिलाकर पिएं और अपने दिन की एक हेल्दी शुरुआत करें। इससे आप पूरे दिन एक्टिव रहेंगे।

DAY 50
स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ हेल्दी खाना ही नहीं, बल्कि एक्सरसाइज़ भी बहुत ज़रूरी है। इसलिए अपनी दिनचर्या में फिज़िकल एक्टिविटी शामिल करें। इससे आपकी थकान दूर होगी, साथ ही यह आपकी भूख और वज़न को कंट्रोल में रखेगा।

DAY 51
रिफाइंड शुगर का सेवन कम करें और ज्याद़ा मीठा खाने से बचें। चीनी से स्किन कोलेजन्स डैमेज हो जाते हैं। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन है, जो हमारे शरीर में पाया जाता है। यह स्किन टिश्यू को आपस में जोड़ता है। कोलेजन के नष्ट हो जाने से त्वचा ढीली पड़ने लगती है।

DAY 52
सफेद रंग के आहार से बचें। इसमें डेयरी प्रोडक्ट्स, चीनी, चावल, ब्रेड और मैदा आते हैं। इनकी जगह आप गेहूं की बनी चीजें, जैसे ब्राउन या रेड राइस, व्हीट पास्ता और ब्रेड लें।

DAY 53

वज़न कम करने के लिए खाली पेट रहने का नुस्खा कभी मत अपनाएं। भूखे रहने के बाद जब आप खाना खाते हैं, तो आपके शरीर में एक्स्ट्रा फैट स्टोर हो जाता है, इसलिए खाना ज़रूर खाएं। वज़न कम करने के लिए आप कम मात्रा में दिन में 4 से 5 बार खाएं।

DAY 54

पालक, टमाटर और पपीते को अपने खाने में ज़रूर शामिल करें। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, जो अर्ली साइन ऑफ एजिंग से स्किन को प्रोटेक्ट करते हैं और आंखों को भी स्वस्थ रखते हैं।

DAY 55
कई टिप्स हैं जो वज़न घटाने में असरदार हो सकते हैं, जैसे हर बाइट को चबा-चबाकर खाना। साथ ही, जितना एक बार में खा सकते हैं, उतना ही खाएं और टीवी के सामने बैठकर खाने से बचें।

DAY 56
पिलाटेस शरीर और दिमाग की एक्सरसाइज़ होती है। इससे शरीर की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं और बॉडी पोस्चर ठीक रहता है। इसलिए हर रोज़ पिलाटेस का अभ्यास करना चाहिए।

DAY 57
रोज़ 2 से 3 लीटर शुद्ध पानी पिएं। यह नेचुरल मिनरल्स से भरपूर होता है। पानी से चेहरा साफ और हाइड्रेटेड रहता है। सिर्फ यही नहीं, इससे डायजेशन सिस्टम भी सही रहता है।

DAY 58
क्लोरीन मिला हुआ पानी और कोल्ड ड्रिंक्स को अपनी डाइट से दूर रखें।

Day 59
दिन की शुरुआत सूर्य नमस्कार से करें। एक बार सूर्य नमस्कार करने से शरीर में पूरी तरह से खिंचाव आता है, जिससे सारे ज्वाइंट खुल जाते हैं। एक से ज़्यादा बार करने से आपको हार्ट प्रॉब्लम्स भी नहीं होतीं।

Day 60
रोज़ मेडिटेशन करें। इससे थकान तो दूर होती ही है, साथ ही यह आपको ऊर्जा देता है। इससे आपका कॉन्सन्ट्रेशन भी सही रहता है। इस तरह यह 60 दिनों का हेल्थ प्रोग्राम फॉलो करने से आप बिल्कुल फिट रहेंगे।

अब राजेश मिश्रा को इज़ाज़त दीजिये... मुझे आशा है... आप सभी को ये डाइट चार्ट पसंद आया होगा और आपके साथ आपके पुरे परिवार के लिए फायदेमंद साबित होगा.. 

Rajesh Mishra, Kolkata

शनिवार, जुलाई 25, 2015

तोंद कम करने के 17 सरल उपाय

पेट के निचले भाग की चर्बी को ऐसे कम कर सकते हैं : राजेश मिश्रा
 

अनियमित और मसालेदार भोजन के अलावा आरामपूर्ण जीवनशैली के चलते तोंद / पेट के निचले भाग की चर्बी एक वैश्विक समस्या बन गई है जिसके चलते डायबिटीज और हार्टअटैक का खतरा बढ़ जाता है। तोंद कई अन्य रोगों को भी जन्म देती है। इसके चलते व्यक्ति हमेशा शरीर में अच्छा फिल नहीं कर पाता।

कमर और पेट के आसपास इकट्ठा हुई अतिरिक्त चर्बी से किडनी और मूत्राशय में भी दिक्कतें होना शुरू हो जाती हैं। रीढ़ की हड्डी पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है और जिसके चलते आए दिन कमर दर्द और साइड दर्द होता रहता है। अगर आप तोंद से छुटकारा पाकर फिर से उसे पेट बनाने की सोच रहे हैं तो यहां दिए जा रहे हैं 17 ऐसे उपाय जिसे करने में आपको अतिरिक्त श्रम नहीं करना पड़ेगा। जरूरी नहीं कि सभी 17 उपाय आप आजमाएं। किसी भी एक उपाय को नियमित करें तो 1 माह में लाभ नजर आने लगेगा।

* पेट की चर्बी घटाना आसान है पर वहीं पर पेट के निचले भाग की चर्बी घटाना थोड़ा मुश्‍किल है। हमारी लाइफस्‍टाइल कुछ ऐसी हो चुकी है कि हम ना चाह कर भी अपने शरीर का वजन बढ़ाते चले जा रहे हैं। कुछ लड़कियों का पूरा शरीर देखने में पतला लगता है पर पेट काफी ज्‍यादा निकला होता है। लेकिन जब आप किलो भर वजन कम करने लगेगीं तो ‘बैली फैट’ अपने आप ही खतम होने लगेगा।

* बैलेंस डाइट और रेगुलर एक्‍सरसाइज करने से आप अपना वज़न कंट्रोल कर सकते हैं।
* आपको कुछ ऐसे फूड बताउंगा जिसे खाने से आप अपने पेट के निचले भाग की चर्बी को कमकर सकते हैं। मैं आपको कोई डाइट करने के लिये नहीं बोल रहा हूँ, बल्कि यह ऐसे खाघ पदार्थ हैं, जो जल्‍दी से वजन कम करते हैं, जैसे नींबू पानी, जड़ी बूटियां, ग्रीन टी आदि।



* पेट के नीचे की चर्बी को घटाने के लिये हर रोज 7 से 8 गिलास पानी जरुर पियें। इससे शरीर की गंदगी बाहर निकलेगी और आपका मैटाबॉलिज्‍म बढेगा।

जड़ी बूटियां.....


* आपको सोडियम लेना कम करना होगा नहीं तो शरीर में पानी की मात्रा बढेगी और आप मोटे लगेगें। भोजन में नमक की मात्रा को केंट्रोल करें और इसे कंट्रोल करने के लिये कुछ तरह की जड़ी बूटियों का सेवन करें। त्रिफला खाएं और वजन घटाएं। आंवला या आंवले के जूस का सेवन भी कर सकतें हैं……


* शहद का सेवन करे ...मोटापा बढने की एक और वजह है, वह है चीनी की मात्रा। चीनी की जगह पर आप शहद का सेवन कर सकते हैं।

* दालचीनी पावडर से .... आप अपनी सुबह की कॉफी या चाय में दालचीनी पाउडर डाल कर ब्‍लड शुगर को कंट्रोल कर सकती हैं। यह एक चीनी को रिपलेस करने का एक अच्‍छा तरीका भी है।


* मेवे खाये ... फैट को कम करने के लिये आपको फैट खाना पडे़गा। जी हां, कई लोग इस बात पर यकीन नहीं करते हैं,
लेकिन मेवों में अच्‍छा फैट पाया जाता है। तो ऐसे में आप बादाम, मूगंफली और अखरोट आदि का सेवन करें। इनमें हेल्‍दी फैट होता है जो शरीर के लिये जरुरी होता है।


* एवोकाडो का सेवन भी फायदे मंद है .. इसमे ऐसा वसा होता है जो शरीर के लिये आवश्‍यक होता है। इसका जूस पीने से आपका पेट पूरे दिन भरा रहेगा और आप ओवर ईटिंग नहीं करेगें।

* संतरा ले ... आप को जब भी भूख लगे , तो उस समय अपने पर्स या बैग में संतरे रखें। इससे पेट भी भरा रहेगा और आप मोटे भी नहीं होगें।


* दही खाये .... अगर आपको पतला होना है तो अनहेल्‍दी डेजर्ट खाने से बचें और इसकी जगह पर दही खाएं। इसमें बहुत सारा पोषण होता है और कैलोरी बिल्‍कुल भी नहीं होती।


* ग्रीन टी दिन में एक कप ग्रीन टी पीने से लाभ मिलता है। इससे शरीर का मैटाबॉलिज्‍म बढता है और फैट बर्न होता है।


* सालमन.... इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो कि शरीर के लिये जरुरी वसा है और शरीर को अच्‍छे से कार्य करने के लिये मदद करता है। यह फैट आपका पेट पूरे दिन भरा रखता है और ज्‍यादा खाने से बचाता है।


* ब्रॉकली खाये ... इसमें विटामिन सी होता है और साथ ही यह शरीर में एक तत्‍व बनाता है जो कि शरीर फैट से एनर्जी को बदलने में प्रयोग करता है।


* नींबू का प्रयोग करे .... रोज सुबह नींबू पानी पीने से आपकी चर्बी कम हो सकती है। अगर पानी गर्म हो तो और भी अच्‍छा है। इसमें शहद मिला कर पीजिये।

* कच्‍चा लहसुन चबाने से पेट की निचले भाग की चर्बी कम होगी। अगर इसमें थोड़ा सा नींबू का रस छिड़क दिया जाए तो और भी अच्‍छा। इससे पेट भी कम होगा और ब्‍लड सर्कुलेशन भी अच्‍छा रहेगा।


* अपने भोजन में अदरक शामिल करें क्‍योंकि इसे खाने से पेट के निचले भाग की चर्बी कम होती है। इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कि इंसुलिन को बढने से रोकता है और ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

मंगलवार, अप्रैल 21, 2015

5 गंभीर रोगों के लिए राज का कारगर घरेलु उपाय

ज्यादा वजन , डायबिटीज़, पैरों और घुटने का दर्द, किडनी की समस्या और थायरॉयड से ऐसे मिलेगी मुक्ति
Powerlifter Julia Vins (Russia)

इस आलेख में राजेश मिश्रा आप सभी के लिए लाये हैं 5 गंभीर बिमारियों से निजात पाने का सरल और कारगर उपाय| जिसमें डाइट, एक्सर्साइज़ और लाइफस्टाइल के तहत सजग रहने की सुन्दर पहेली बताई जा रही है| इसे अपनाकर आप और अपने परिवार के साथ-साथ रिश्तेदारों को कई रोगों से बचा सकते हैं...

ये रोग हैं- 1.वजन काम करना, 2 . डायबिटीज़, 3.पैरों और घुटने का दर्द, 4.किडनी की समस्या और 5. थायरॉयड|


कामकाजी हो या गृहिणी, घर-बार के अलावा उन्हें खुद को संभालने का वक्त बहुत कम मिल पाता है। उसी तरह से जिस तरह से अधिकांशतः पुरुष पैसे कमाने, व्यापार बढ़ाने,  परिवार की जिम्मेदारियों को निर्वाह करने में भूल जाते हैं की उनका शरीर कई रोगों का कारखाना (उद्योग) बन गया है|  कम वक्त और सही जानकारी के अभाव में, सैकड़ों बार कोशिश करने के बावजूद हमारा शरीर कई रोगों के आगोश में जकड जाता है| अब होगा सही इलाज़ परहेज़ और एक्सरसाइज़ से| 

वजन कम करना

वजन कम करना और चर्बी को गला देना दोनों ही अलग अलग बातें हैं। आज कल हम तरह तरह के जंक फूड खाते रहते हैं , जिनमें खाघ पदार्थ और पोषण के नाम पर कुछ भी नहीं होता, लेकिन हां, इससे फैट खूब मिल जाता है। यही फैट आपके शरीर में जम जाता है जो कई दिनों तक रहने से विष का रूप ले लेता है।

डाइट

  • मक्खन, घी, मलाई आदि न लें, क्योंकि इनसे दिल की नलियां संकरी होती हैं और वजन भी बढ़ता है।
  • मैदा, सूजी, सफेद चावल, चीनी, आलू यानी सफेद चीजों की मात्रा डाइट में काफी कम कर दें। दूध भी डबल टोंड लें।
  • पैक्ड चीजें मसलन पैक्ड जूस, बेकरी आइटम्स, सॉस आदि से बचें। रोजाना करीब आधे चम्मच से ज्यादा नमक न लें।
  • बहुत मीठी चीजों (मिठाई, चॉकलेट आदि) से बचें। ये वजन बढ़ाती हैं।
  • जितना हो सके हाई फाइबर और लो फैट वाली डाइट लें। गेहूं, ज्वार, ओट्स, बाजरा आदि को आटे या दलिया की तरह लें। इनका मिक्स दलिया अच्छे कॉलेस्ट्रॉल और ओमेगा-3 को बढ़ाता है।
  • रोजाना आधा चम्मच फ्लैक्स-सीड्स (अलसी के बीज) गुनगुने पानी के साथ खाएं। चाहें तो आटे में भी मिला सकते हैं। 5 किलो आटे के लिए 100-150 ग्राम फ्लैक्स-सीड्स काफी हैं।
  • रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली नॉर्मल पानी के साथ लें। इससे कॉलेस्ट्रॉल की प्रॉब्लम में आराम मिलता है।
  • रोजाना 5-6 बादाम और 1-2 अखरोट खाएं। बादाम-अखरोट रात भर भिगोकर लें। इससे पाचन अच्छा होता है और विटामिन ई की मात्रा बढ़ती है।
  • लो-ग्लाइसिमिक इंडेक्स (धीमें-धीमें ग्लूकोज में तब्दील होने वाले)वाले फल जैसे कि जामुन, पपीता, सेब, आड़ू आदि खाएं।
  • हरी सब्जियां, साग, शलजम, बीन्स, मटर, ओट्स, सनफ्लावर सीड्स, अलसी आदि खाएं। इनमें फॉलिक एसिड होता है, जो कॉलेस्ट्रॉल को काबू में रखता है।
  • ऑलिव ऑयल, तिल का तेल और सरसों का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। ये हार्ट के लिए अच्छे हैं।
  • हफ्ते में 2-3 बार मछली या चिकन खा सकते हैं। हालांकि मछली बेहतर है। चिकन खाना चाहते हैं, तो एक बार में 100 ग्राम तक काफी है। ध्यान रहे कि यह तले-भुने और ज्यादा मसालेदार न हों।

नोट : ग्लाइसिमिक इंडेक्स उस लेवल को कहा जाता है, जिस पर खाने से मिलने वाले एनर्जी ग्लूकोज में बदलती है। हाई-ग्लाइसिमिक, यानी जिन चीजों का ग्लाइसिमिक इंडेक्स ज्यादा होता है, वे तेजी से ग्लूकोज में बदलती हैं। इससे भूख जल्दी लगती है और हमें दोबारा खाना पड़ता है। नतीजा शरीर में फैट बढ़ जाता है, लो-ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाली चीजें धीरे-धीरे ग्लूकोज में बदलती हैं और काफी देर तक पेट भरा होने का अहसास कराती हैं। ये वजन घटाने के लिहाज से काफी फायदेमंद हैं।

एक्सरसाइज

  • अगर हार्ट पेशंट को दो मंजिल चढ़ने या 2 किमी पैदल चलने के बाद सांस फूलने जैसी कोई दिक्कत नहीं होती, तो वह सामान्य लोगों की तरह एक्सरसाइज कर सकता है, वरना डॉक्टर से पूछकर एक्सरसाइज करें।
  • किसी भी एक्सरसाइज के दौरान अगर दिक्कत (बेचैनी, दर्द, उलटी, घबराहट आदि) हो, तो वहीं रुक जाएं। डॉक्टर को दिखाने के बाद ही फिर से एक्सरसाइज का प्लान करें।
  • हल्की फिजिकल एक्सरसाइज के तौर पर रोजाना 45-50 मिनट वॉक करें। एक बार में नहीं कर सकते तो 15-15 मिनट के लिए तीन बार में करें।
  • जॉगिंग या एयरोबिक्स से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें, क्योंकि बीपी का लोवर लेवल बढ़ता है।
  • हैवी एक्सरसाइज जैसे कि वेट लिफ्टिंग आदि न करें। अगर हार्ट प्रॉब्लम शुरुआती स्टेज में है, तो लाइट वेट लिफ्टिंग कर सकते हैं।
  • योग और प्राणायाम करें। लेकिन ध्यान रखें कि ये कार्डियो एक्सरसाइज के विकल्प नहीं हैं। उसके बाद ब्रिस्क वॉक, साइकलिंग आदि करें।
  • अनुलोम-विलोम करें। शीतली प्राणायाम खासतौर पर मन को शांत रखता है और बीपी को मेंटेन करता है। कपालभाति, भ्रस्त्रिका और कुंबज बिना डॉक्टर से पूछे न करें।
  • खाने के बाद न चलें, क्योंकि खाने के बाद हार्ट रेट बढ़ जाता है। चलने लगेंगे, तो हार्ट रेट और बढ़ कर डबल हो जाएगा। इससे घुटन हो सकती है। खाने के कम-से-कम 40-45 मिनट बाद चलें।
  • ऐसे आसन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें, जिनमें सारा वजन सिर पर या हाथों पर आता है, जैसे कि मयूरासन, शीर्षासन आदि।

लाइफस्टाइल

  1. टाइम पर खाएं
  2. रेग्युलर फिजिकल एक्सरसाइज करें।
  3. स्ट्रेस से बचें

डायबीटीज (शुगर)

डायबीटीज के मरीज वजन कंट्रोल में रखें, तो इंसुलिन छूट सकता है और दवाएं भी 40 फीसदी तक कम हो सकती हैं। बेहतर फिटनेस के लिए यह जरूरी है।

डाइट

  • चीनी, शक्कर, गुड़, गन्ना, शहद, चॉकलेट, पेस्ट्री, केक, आइसक्रीम आदि मीठी चीजों से बचें।
  • हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों से बचें, क्योंकि ये जल्दी ग्लूकोज में बदल जाती हैं। इससे शरीर में शुगर एकदम से बढ़ जाता है। इनमें प्रमुख हैं मैदा, सूजी, सफेद चावल, वाइट ब्रेड, नूडल्स, पित्जा, बिस्किट, तरबूज, अंगूर, सिंघाड़ा, चीकू, केला, आम, लीची आदि।
  • सब्जियों में आलू, अरबी, कटहल, जिमिकंद, शकरकंद, चुकंदर न खाएं। इनमें स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट काफी ज्यादा होता है, जो शुगर बढ़ा सकते हैं। हां, इन्हें कभी-कभार उबाल कर खा सकते हैं।
  • फलों में आम, चीकू, अंगूर, केला, शरीफा आदि से परहेज करें क्योंकि इनमें शुगर काफी ज्यादा होती है।
  • मैदा और मक्के का आटा न खाएं। इनका ग्लाइसिमिक इंडेक्स ज्यादा होता है।
  • शुगर के मरीजों को प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा कॉम्बिनेशन लेना चाहिए। मसलन, नाश्ते में टोंड या डबल टोंड के दूध में बना दलिया लें या फिर ब्राउन ब्रेड के साथ अंडा लें। इसी तरह खाने में सब्जी के साथ दाल भी लें। इससे शुगर का लेवल सही रहता है। वजन कम करना है, तो कार्ब कम करके प्रोटीन बढ़ाएं। कार्बोहाइड्रेट से शुगर जल्दी बनती है, जबकि प्रोटीन से धीरे-धीरे शुगर रिलीज होती है, जिससे ज्यादा देर तक पेट भरा हुआ लगता है।
  • लो-ग्लाइसिमिक इंडेक्स वाली चीजें (हरी सब्जियां, सोया, मूंग दाल, काला चना, राजमा, ब्राउन राइस, अंडे का सफेद हिस्सा आदि) खाएं।
  • खाने में करीब 20 फीसदी फाइबर जरूर हो। चोकर के साथ रोटी बनाएं। जौ (बारले), काला चना, लोबिया, राजमा, स्प्राउट्स आदि खाएं क्योंकि इनसे प्रोटीन और फाइबर दोनों मिलते हैं। स्प्राउट्स में एंटी-ऑक्सिडेंट भी काफी होते हैं।
  • दिन भर में 4-5 बार फल और सब्जियां खाएं, लेकिन एक ही बार में सब कुछ खाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खाएं। फलों में चेरी, स्ट्रॉबेरी, सेब, संतरा, अनार, पपीता, मौसमी आदि और सब्जियों में करेला, घीया, तोरी, सीताफल, खीरा, टमाटर आदि खाएं।
  • रोजाना 5-7 बादाम और 1-2 अखरोट खाएं। दालचीनी का एक टुकड़ा और एक चम्मच मेथीदाना रोजाना खाएं। दालचीनी को पीसकर और मेथीदाना को भिगोकर या आटे में मिलाकर खा सकते हैं।
  • घीया, करेला, खीरा, टमाटर, एलोवेरा और आंवले का जूस खासतौर पर फायदेमंद है।
  • लो फैट दही और स्किम्ड/डबल टोंड दूध लेना चाहिए। ग्रीन टी पीना अच्छा है। चाय के साथ हाई फाइबर बिस्कट या फीके बिस्कट ले सकते हैं।
  • छाछ और नारियल पानी पिएं। नीम-करेला पाउडर ले सकते हैं। फौरी तौर पर न सही, लेकिन लंबे वक्त में यह जरूर फायदा पहुंचाता है।

एक्सरसाइज

  1. रोजाना 50 मिनट वॉक करें। वॉक करते वक्त कम से कम 8-10 मिनट में 1 किमी चल लें। रोजाना 10,000 कदम चलने की कोशिश करें। नंगे पैर न चलें।
  2. अगर लगातार टाइम नहीं मिल रहा या ज्यादा थकान होती है, तो 15-15 मिनट 3 बार वॉक कर लें।
  3. साइकलिंग, स्वीमिंग और डांसिंग भी कर सकते हैं।
  4. 40-45 तक की उम्रवाले लोग हल्की वेट लिफ्टिंग भी कर सकते हैं। इससे मसल्स टोंड होती हैं।
  5. योग करें। पश्चिमोत्तान आसन, अर्धमत्स्येंद्र आसन खास फायदेमंद हैं।
  6. प्राणायाम खासकर कपालभांति और डीप ब्रीदिंग करें। मन शांत रहेगा।

लाइफस्टाइल

  • खाने में गैप न रखें। गैप रखने से शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होता है। हर दो घंटे में कुछ खाएं।
  • खाने की मात्रा करीब-करीब बराबर ही रखें।
  • अपने छोटे-मोटे काम खुद करें। जितना चलेंगे और जितना कड़वा खाएंगे, उतना फायदा होगा।

पैरों और घुटने का दर्द

पैरों और घुटने के दर्द में एक साइकल बन जाती है दर्द और मोटापे की। दर्द है इसलिए चल नहीं पाते और चल नहीं पाते, इसलिए वजन बढ़ता जाता है। ऐसे में डाइट वजन घटाने का सबसे बड़ा जरिया है।

डाइट

  1. मोटे तौर पर डाइट हार्ट या डायबीटीज के मरीजों वाली ही रहेगी। यानी भरपूर फाइबर, कम तेल-मसाला और चिकनाई वाली चीजें खाएं। मीठा भी कम करें। इससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।
  2. प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर डाइट लें। प्रोटीन के लिए फिश, सोयाबीन, स्प्राउट्स, दालें, मक्का और बीन्स आदि को खाने में शामिल करें, जबकि कैल्शियम के लिए दूध और दूध से बनी चीजें जैसे कि पनीर, दही आदि खाएं।
  3. सामान्य तौर पर फल और सब्जियों (खासकर हरी पत्तेदार) को खाने में शामिल करें।
  4. डॉक्टर की सलाह पर कैल्शियम और विटामिन डी की टैब्लेट और सैशे भी ले सकते हैं।

एक्सरसाइज

  • जिन मरीजों को बैठने के बाद दर्द होता घुटने में दर्द होता है, वे ज्यादा से ज्यादा चलें। इससे दर्द कम होगा। दर्द ज्यादा है और चल नहीं सकते, तो लेटकर और खड़े होकर करनेवाली एक्सरसाइज करें, जैसे कि साइकलिंग, योग आदि।
  • धीरे-धीरे ही सही, चलें। लंबा नहीं चल सकते, तो जब भी वक्त मिले, 10-10 मिनट के लिए चलें।
  • फिक्स साइकलिंग और स्वीमिंग करें। सारी एक्सरसाइज मिलाकर रोजाना 50 मिनट जरूर करें।
  • बैठे-बैठे 15-20 मिनट में पैरों को गोल-गोल घुमाते रहें। सीधा तानें।
  • ताड़ासन, एकपादउत्तानासन, कटिचक्रासन, सेतुबंध, पवनमुक्तासन (बिना सिर उठाए), भुजंगासन, अर्धनौकासन और हाथों व पैरों की सूक्ष्म क्रियाएं करें।
  • अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका, कपालभाति प्राणायाम करें।

नोट

  1. स्क्वैटिंग (उठक-बैठक) न करें। घुटनों को मोड़कर और चौकड़ी मारकर न बैठें।
  2. लगातार एक ही पोजिशन में बैठे या खड़े न रहें। एक पैर पर वजन न डालें।
  3. वज्रासन जैसे घुटने मोड़ने वाले आसन न करें।
  4. ट्रेडमिल से बेहतर खुले में एक्सरसाइज करना है, क्योंकि ट्रेडमिल के वाइब्रेशन घुटने और एड़ी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

लाइफस्टाइल

  • ऐसा कोई काम न करें, जिससे घुटनों पर अतिरिक्त प्रेशर पड़े। फास्ट डांस, एयरोबिक्स और जॉगिंग न करें।
  • घुटनों में दर्द है तो इंडियन टायलेट यूज न करें। पिंडलियों में दर्द होता है तो कैल्शियम चेक कराएं।
  • अस्थमा
  • जितना वजन कम होगा, उतना ही हमारे लंग्स की कैपेसिटी बढ़ेगी। जिन मरीजों को एक्सरसाइज करने पर बेहतर महसूस होता है, वे कोई भी एक्सरसाइज कर सकते हैं, लेकिन जिन्हें दिक्कत होती है, वे डॉक्टर से पूछ कर ही करें।

डाइट

  • ई फाइबर और प्रोटीन से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। इस दौरान मसल्स ज्यादा काम करती हैं, इसलिए प्रोटीन से भरपूर दालें, सोयाबीन, अंडा आदि खाएं।
  • काली मिर्च, सौंठ, लौंग को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इस चूर्ण को आधा छोटा चम्मच खाने से पहले खा लें। हल्की गर्म तासीर होने से यह मेटाबॉलिज्म बढ़ाती हैं।
  • एक्सरसाइज
  • नॉर्मल दिनों में 45-50 मिनट घूमें, लेकिन जब अस्थमा अटैक हो तो न घूमें। बाहर जाएं, तो नेबुलाइजर लेकर जाएं।
  • योग का रोल ज्यादा है। सर्वांगासन अस्थमा के मरीजों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है।
  • डीप ब्रिदिंग करें। मन शांत रहेगा, तो बेचैनी और घबराहट अटैक की वजह नहीं बनेगी। लाइफस्टाइल आमतौर पर लाइफस्टाइल सामान्य ही रहता है। छोटे-मोटे काम खुद करें। खुद को बहुत ज्यादा न थकाएं।

किडनी की समस्या

जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें वजन कंट्रोल करने में खानपान पर खास ध्यान देना होता है। फिर भी यह तय है कि खाना ऐसा हो, जिससे किडनी पर फालतू जोर न पड़े। किडनी की प्रॉबल्म में प्रोटीन कम लेना चाहिए, क्योंकि किडनी जब सही से काम नहीं करती, तब अधिक प्रोटीन लेने से शरीर में प्रोटीन वेस्ट ज्यादा हो जाते हैं। इससे प्रोटीन टॉक्सिसिटी हो जाती है और किडनी फेल भी हो सकती है। प्रोटीन दालें, दूध, दही, पनीर, मीट, अंडा, मछली आदि में पाया जाता है।

डाइट

  1. टमाटर, पालक, मशरूम अवॉयड करें, क्योंकि ये यूरिक एसिड बढ़ाते हैं, जोकि किडनी के लिए नुकसानदेह है। हैवी दालों राजमा, आदि को अवॉयड करें।
  2. टिंडा, तोरी, सेब, अमरूद और पपीता खाएं। संतरा, मौसमी टमाटर, आंवला आदि कम खाएं क्योंकि इनमें पोटैशियम ज्यादा होता है। इसी तरह लौकी और करेले का जूस न पीएं। इनमें विटामिन सी होता है। ये किडनी के लिए अच्छे नहीं हैं।
  3. ऐपल, ब्लैकबेरी, मटर जैसे अल्केलाइन (जिनका पीएच लो रहता है) फल ज्यादा खाएं, ताकि एसिडिक हो गए सिस्टम को बैलेंस किया जा सके। एक्सरसाइज साइकलिंग, स्वीमिंग और ब्रिस्क वॉक को मिलाकर रोजाना 40-50 मिनट एक्सरसाइज करें। लेकिन खुद को बहुत ज्यादा थकाएं नहीं।
लाइफस्टाइल
  • दवा टाइम पर लें। खाना टाइम पर खाएं और डाइट को प्लान पूरी तरह फॉलो करें।
  • किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) टाइम पर करवाएं।

थायरॉयड

हाइपोथायरॉइडिज्म वजन बढ़ने की एक बड़ी वजह है। थायरॉइड की गड़बड से हॉर्मोंस का बैलेंस बिगड़ सकता है, जिससे मोटापा बढ़ता है। इसके मरीज का तीखा, चटपटा, मीठा आदि खाने का दिल ज्यादा करता है, सो वजन बढ़ता जाता है।

डाइट

  1. ब्रोकली, गोभी, मशरूम, सोयाबीन आदि न खाएं, क्योंकि इनमें आयोडीन ज्यादा होता है। ये हाइपोथायरॉडिज्म में नुकसान पहुंचाती हैं।
  2. थायरॉयड से कोलेस्ट्रोल बढ़ सकता है। ऐसे में दिल की बीमारी में बताई गई डाइट को फॉलो करना बेहतर है।
  3. नमक कम करें। एक्सरसाइज 40-45 साल वाले वेट एक्सरसाइज और एयरोबिक्स करें। पहली कैटिगरी की एक्सरसाइज से स्ट्रैंथिंग होती है और दूसरी कार्डियो कैटिगरी में है।

लाइफस्टाइल

  • थोड़ी राहत मिलने पर दवाएं छोड़े नहीं, वरना समस्या के साथ मोटापा लौट आएगा।
  • लें नियमों की असरदार गोली
  • अगर आपको कोई बीमारी है और आपका वजन ज्यादा है, तो सिर्फ 10 फीसदी वजन कम करने से आपको बीमारी में 45 फीसदी तक फायदा हो सकता है।
  • एकदम वजन घटाने की न सोचें। तेजी से वजन घटाना चाहेंगे, तो न सिर्फ सेहत को नुकसान होगा, बल्कि मनचाहा रिजल्ट न मिलने से आपका विश्वास भी कम होगा और आप वजन घटाने की कोशिश छोड़ देंगे। महीने में 2 किलो वजन घटाना सही है।
  • पहचानें कि आपका मोटापा कार्ब्स की वजह से है या फैट की वजह से। आम पहचान यह है कि फैट आधारित मोटापा पूरे शरीर में होगा, जबकि कार्ब आधारित मोटापा तोंद पर ज्यादा होगा। आमतौर पर डायबीटीज, बीपी आदि में कार्ब वाला मोटापा ज्यादा होता है, क्योंकि लोग डाइट से फैट तो कम कर देते हैं, कार्ब नहीं। मोटापा पहचानने के बाद डाइट में बदलाव करें।
  • जितना वजन आपका 20 साल की उम्र में था, उसमें 5 किलो बढ़ा दें। आपका वजन उतना ही होना चाहिए, बाकी ओवरवेट हैं।
  • रोजाना 500 और हफ्ते में 3500 कैलरी कम करने से हफ्ते भर में करीब आधा किलो वजन कम हो जाएगा।
  • आयुर्वेद के मुताबिक मीठी, नमकीन और खट्टी चीजें वजन बढ़ाती हैं, जबकि तीखी, कड़वी और कसैली चीजें मोटापा को कंट्रोल करती हैं, इसलिए हर मीठी चीज के साथ तीखा या कसैला खाएं।
  • 20 से 40 साल की उम्र वाले हफ्ते में दो दिन एनएरोबिक्स यानी वे एक्सरसाइज जो रेजिस्टेंस के अगेंस्ट (स्क्वैश, रनिंग, जॉगिंग, बाधा दौड़, पंजा लड़ाना आदि) होती हैं, कर सकते हैं। अगर लगातार करते हैं और फिर छोड़ देते हैं, तो दिक्कत हो सकती है। 40 साल के बाद डॉक्टर की सलाह से करें।
  • हैवी एक्सरसाइज एक मिनट में 4-5 कैलरी से ज्यादा बर्न नहीं कर सकती। यानी एक घंटे मैराथन करने के बाद आप करीब 250-300 कैलरी बर्न कर सकते हैं, लेकिन उसके बाद अगर एक बालूशाही खा ली तो करीब 400 कैलरी आप शरीर में जमा कर लेते हैं। ऐसे में डाइट पर कंट्रोल बहुत जरूरी है।
  • पहली मंजिल के बाद लिफ्ट न लें।
  • घर में मोबाइल फोन और रिमोट यूज न करें।
  • मोबाइल पर बात करते हुए चहलकदमी करें।
  • कार ऑफिस से दूर पार्क करके ऑफिस तक वॉक करें।

सोमवार, फ़रवरी 09, 2015

Then follow these easy steps to keep weight under control

वजन पर रखना है काबू तो अपनाएं ये आसान उपाय

वजन घटाने का इरादा आप बनाते तो कई बार हैं लेकिन डाइटिंग, एक्सरसाइज आदि पर लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं है। ऐसे में अगर आप अपने रुटीन में इन सात छोटी-छोटी बातों का ध्यान दें तो वजन कम करने में आपको यकीनन मदद मिल सकती है।
आइए जानें, वजन घटाने में मददगार सात आसान उपायों के बारे में जिनके लिए आपको खास मशक्कत करने की भी जरूरत नहीं है और ये आसानी से आपकी दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं।

खाने से आधे घंटे पहले लें हल्की डाइट

डाइट‌िशियन्स मानती हैं कि भोजने से आधे घंटे पहले हल्की डाइट लेना बहुत फायदेमंद है। आप सलाद, पानी या फल भोजन के आधे घंटे पहले लें जिससे आपकी डाइट नियंत्रित भी होगी और एक साथ हेवी डाइट लेने से भी बचेंगे।

पर्स में रखें कुछ हेल्दी

दिन भर बाहर रहने के दौरान भूख न लगे ऐसा तो हो नहीं सकता है और भूख लगती है तो बाहर मिलने वाले स्नैक्स का ख्याल सबसे पहले आता है। ऐसे में अच्छा तरीका यह है कि पर्स में हमेशा फल या हेल्डी स्नैक्स रखें जिससे बिना टाइम की भूख पर फास्टफूड खाने की जरूरत ही न पड़े।

फल खाएं पर समझदारी से

वजन घटाने के लिए फलों का डाइट में बहुत महत्व है पर हर फल कैलोरी कम करे ऐसा जरूरी नहीं है। ऐसे में बजाय केला जैसे हाइ कैलोरी फल के आप पपीता, तरबूज, संतरे, स्ट्राबेरी आदि का सेवन अधिक करें।

फ्रिज की सफाई हो जाए

फ्रिज में अगर चॉकलेट्स या फैटी चीजें रखी हैं तो थोड़ा मन करें और हटाएं। घर में ऐसी चीजों को स्टोर ही न करें जिन्हें खाने से आपकी कैलोरी बढ़ सकती है।

खाने की प्लेट का बदलें रंग

कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि प्लेट का रंग अगर नीला या हरा हो, तो पेट जल्दी भर जाता है। तो अगर आप हल्के रंग की प्लेट्स में खाते हैं तॊ अब रंग बदलने का सही समय है।

खाते वक्त टीवी नहीं

खाना खाते वक्त देर तक टीवी देखना या मोबाइल फोन पर बात करना आपको ओवरडाइट करा सकता है। कई शोधों में यह तथ्य अब प्रमाणित हो चुका है। तो खाते वक्त अब रिमोट का मोह छोड़ ही दें।

इस्तेमाल करें छोटे बर्तन

खाने की प्लेट में छोटी कटोरियां भी वजन कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं। इनसे भूख जल्दी शांत हो जाती है। इसके अलावा, खाना चम्मच या कांटे से खाने से भी पेट भरने का एहसास जल्दी होता है।

आइए राजेश मिश्रा आपको बताते हैं मोटापा कम करने वाले कुछ घर पर बने पेय-

सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।

नींबू, शहद और गरम पानी
गरम पानी में नींबू का रस और शहद घोलकर रोज सुबह खाली पेट पिएं। इससे आपकी स्किन साफ होगी, पेट सही रहेगा और मोटापा दूर होगा।
ग्रीन टी
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो मोटापा घटाने के साथ-साथ चेहरे की झुर्रियों को भी दूर करता है। ग्रीन टी को बिना चीनी के पीने से ये जल्दी फायदा करती है।
लौकी जूस
लौकी में फाइबर होता है, जो पेट को ठंडक पहुंचाता है। इसका जूस पीने से पेट घंटो तक भरा रहता है और मोटापा भी कम होता है।
एप्पल साइडर वेनिगर
एप्पल साइडर वेनिगर को पानी या जूस के साथ मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है। यह पाचन तंत्र को सही रखता है और कोलेस्ट्रॉल भी कम करता है।
धनिया जूस
धनिया जूस किडनी के लिए फायदेमंद होता है, साथ ही इससे मोटापा भी कंट्रोल रहता है। ये शरीर की सफाई करता है। इसे पीने से पेट देर तक भरा रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती है।
फल और सब्जियां
वजन कम करने के लिए आपको वेट बढ़ाने वाले ऑयली और जंक फूड को गुडबाय कहना होगा और साथ ही हेल्दी फूड के साथ दोस्ती करनी होगी। इसके लिए आपको फल और सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना होगा। फल और सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे आप सेहतमंद बनते हैं और वजन भी नहीं बढ़ता है।
पानी पीएं
पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है। पानी पीने से शरीर की सारी गदंगी बाहर निकल जाती है। शरीर की हर एक प्रणाली को पानी की जरूरत होती है। एक व्यस्क को हर रोज कम से कम 1.5 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए।
नमक कम करें
ज्यादा नमक आपके शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए अपने खाने में नमक कम कर दें। इसके लिए अचार, पापड़, नमकीन दही आदि खाने से बचें, क्योंकि इनमें नमक काफी ज्यादा होती है। एक दिन में अधिकतम 5 ग्राम नमक का ही सेवन करना चाहिए।

एक्सरसाइज करें
आप हर रोज का एक नियम बना लें और कुछ देर एक्सरसाइज करें। एक्सरसाइज से आप चुस्त रहेंगे और आपका वजन भी कम होगा। इसके साथ ही आप आप एरोबिक्स, योगा, स्विमिंग, साइकलिंग भी कर सकते हैं।

बुधवार, जनवरी 28, 2015

Weight Loss in Hindi tips : RAJ

वजन पर रखना है काबू तो अपनाएं ये आसान उपाय

वजन घटाने का इरादा आप बनाते तो कई बार हैं लेकिन डाइटिंग, एक्सरसाइज आदि पर लंबे समय तक टिके रहना आसान नहीं है। ऐसे में अगर आप अपने रुटीन में इन सात छोटी-छोटी बातों का ध्यान दें तो वजन कम करने में आपको यकीनन मदद मिल सकती है।http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html

आइए जानें, वजन घटाने में मददगार सात आसान उपायों के बारे में जिनके लिए आपको खास मशक्कत करने की भी जरूरत नहीं है और ये आसानी से आपकी दिनचर्या का हिस्सा हो सकते हैं।

खाने से आधे घंटे पहले लें हल्की डाइट : राजेश मिश्रा 

डाइट‌िशियन्स मानती हैं कि भोजने से आधे घंटे पहले हल्की डाइट लेना बहुत फायदेमंद है। आप सलाद, पानी या फल भोजन के आधे घंटे पहले लें जिससे आपकी डाइट नियंत्रित भी होगी और एक साथ हेवी डाइट लेने से भी बचेंगे। http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html

पर्स में रखें कुछ हेल्दी : राजेश मिश्रा 

दिन भर बाहर रहने के दौरान भूख न लगे ऐसा तो हो नहीं सकता है और भूख लगती है तो बाहर मिलने वाले स्नैक्स का ख्याल सबसे पहले आता है। ऐसे में अच्छा तरीका यह है कि पर्स में हमेशा फल या हेल्डी स्नैक्स रखें जिससे बिना टाइम की भूख पर फास्टफूड खाने की जरूरत ही न पड़े।

फल खाएं पर समझदारी से : राजेश मिश्रा 

वजन घटाने के लिए फलों का डाइट में बहुत महत्व है पर हर फल कैलोरी कम करे ऐसा जरूरी नहीं है। ऐसे में बजाय केला जैसे हाइ कैलोरी फल के आप पपीता, तरबूज, संतरे, स्ट्राबेरी आदि का सेवन अधिक करें।

फ्रिज की सफाई हो जाए : राजेश मिश्रा 

फ्रिज में अगर चॉकलेट्स या फैटी चीजें रखी हैं तो थोड़ा मन करें और हटाएं। घर में ऐसी चीजों को स्टोर ही न करें जिन्हें खाने से आपकी कैलोरी बढ़ सकती है।

खाने की प्लेट का बदलें रंग : राजेश मिश्रा 

कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि प्लेट का रंग अगर नीला या हरा हो, तो पेट जल्दी भर जाता है। तो अगर आप हल्के रंग की प्लेट्स में खाते हैं तॊ अब रंग बदलने का सही समय है।

खाते वक्त टीवी नहीं : राजेश मिश्रा 

खाना खाते वक्त देर तक टीवी देखना या मोबाइल फोन पर बात करना आपको ओवरडाइट करा सकता है। कई शोधों में यह तथ्य अब प्रमाणित हो चुका है। तो खाते वक्त अब रिमोट का मोह छोड़ ही दें।

इस्तेमाल करें छोटे बर्तन : राजेश मिश्रा 

खाने की प्लेट में छोटी कटोरियां भी वजन कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं। इनसे भूख जल्दी शांत हो जाती है। इसके अलावा, खाना चम्मच या कांटे से खाने से भी पेट भरने का एहसास जल्दी होता है।

राज द्वारा बताये गए इन उपायों को भी आजमाएं  : राजेश मिश्रा 



  • सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इनका सेवन अधिक मात्रा में करें। केला और चीकू न खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है। पुदीने की चाय बनाकर पीने से मोटापा कम होता है।
  • खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर को विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा। इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रित हो जाएगा।
  • दही का सेवन करने से शरीर की फालतू चर्बी घट जाती है। छाछ का भी सेवन दिन में दो-तीन बार करें।
  • छोटी पीपल का बारीक चूर्ण पीसकर उसे कपड़े से छान लें। यह चूर्ण तीन ग्राम रोजाना सुबह के समय छाछ के साथ लेने से बाहर निकला हुआ पेट अंदर हो जाता है। 
  • आंवले व हल्दी को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को छाछ के साथ लेंं। कमर एकदम पतली हो जाएगी। http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html
  • मोटापा कम नहीं हो रहा हो तो खाने में कटी हुई हरी मिर्च या काली मिर्च को शामिल करके बढ़ते वजन पर काबू पाया जा सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि वजन कम करने का सबसे बेहतरीन तरीका मिर्च खाना है। मिर्च में पाए जाने वाले तत्व कैप्साइसिन से भूख कम होती है। इससे ऊर्जा की खपत भी बढ़ जाती है, जिससे वजन कंट्रोल में रहता है।
  • खाने में फाइबर युक्‍त भोजन लें। यह आपके शरीर को कोलेस्‍ट्रोल से बचाता है और उसे आपके शरीर से बाहर करता है। फाइबरयुक्‍त भोजन आपके शरीर की एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी को भी बर्न करता है।
  • तली हुई चीजे जैसे- आलू चिप्‍स, कुकीज का कम से कम उपयोग करें। फास्‍ट फूड जैसे- बर्गर, पिज्‍जा की जगह सलाद, फ्रूट जैसी स्‍वस्‍थ चीजों का चुनाव करें। 
  • सब्जियों और फलों में कैलोरी कम होती है, इसलिए इन्हें अधिक मात्रा में लें। केला और चीकून खाएं। इनसे मोटापा बढ़ता है।  http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html



  • खाने के साथ टमाटर और प्याज का सलाद काली मिर्च व नमक डालकर खाएं। इनसे शरीर कोविटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, आयरन, पोटैशियम, लाइकोपीन और ल्यूटिन मिलेेगा।इन्हें खाने के बाद खाने से पेट जल्दी भर जाएगा और वजन नियंत्रिण में रहेगा।


  • पुदीने की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाकर चपाती के साथ खाएं। पुदीने वाली चाय पीने सेभी वजन नियंत्रण में रहता है। http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html
  • रोज खाने से पहले गाजर खाएं। खाने से पहले गाजर खाने से भूख कम हो जाएगी। आधुनिकविज्ञान भी गाजर को मोटापा कम करने में कारगर मानता है।
  • आधा चम्मच सौंफ को एक कप खौलते पानी में डाल दें। 10 मिनट तक इसे ढक कर रखें। ठंडाहोने पर इस पानी को पिएं। ऐसा तीन माह तक लगातार करने से वजन कम होने लगता है।
  • गुग्गुल गोंद को दिन मे दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुना कर पीने से वजन कमकरने में मदद मिलती है। http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html
  • हरड़ और बहेड़ा का चूर्ण बना लें। एक चम्मच चूर्ण 50 ग्राम परवल के जूस (1 गिलास) केसाथ मिलाकर रोज लें। वजन तेजी से कम होने लगेगा।

  • करेले की सब्जी खाने से भी वजन कम करने में मदद मिलती है। सहजन के नियमित सेवन सेभी वजन नियंत्रित रहता है। http://rajayurved.blogspot.in/2015/02/blog-post_10.html
  • सौंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3-3 ग्राम) पीसकर चूर्ण बना लें। सुबह खाली पेटऔर रात सोने से पहले पानी से इस चूर्ण को लें। मोटापा कम होने लगेगा।
हर दो घंटे पर आप पांच मिनट की सैर करें। ध्यान रहे आप ब्रिस्क वॉक या तेज कदमों से चलें। सैर को बनाए रखने के लिए आप लिफ्ट या एस्कलेटर की जगह सीढियों का इस्तेमाल करें। अपनी कार या स्कूटर को पार्किंग में थोड़ा दूर लगाएं ताकि आप अधिक से अधिक कदम चल सकें। हर रोज आधे घंटे की सैर की जगह 45 मिनट की सैर करें। रोज आधे घंटे की सैर से जहां बढ़ते वजन पर नियंत्रण लगेगा, वहीं 45 मिनट की वॉक से आप रोज 300 कैलोरी तक अधिक खर्च कर पाएंगी। तो जाहिर है, कम कैलोरी यानी शरीर में कम वसा। प्रसंस्कृत या ऐसे प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें, जिसमें शुगर, फ्रूक्टोस या कॉर्न सिरप का इस्तेमाल हो। सूखे मेवे खाएं, जिनसे आपको कैलोरीज के साथ-साथ प्राकृतिक तेल और फाइबर भी मिले। शाम को पांच बजे से पहले कैफीनयुक्त उत्पादों का सेवन कर लें ताकि रात को नींद में कोई बाधा न आए। फेसबुक और ट्विटर पर रिश्तेदारों से मिलने की बजाए सप्ताह में एक बार दोस्त-रिश्तेदारों से मिलें। इसके लिए आप किसी पार्क में मिलने का कार्यक्रम रखें, जहां आप फास्ट फूड या तले और मसालेदार भोजन से भी दूर रहेंगी। बाहर के खाने की जगह घर पर बने और पोषक तत्वों से भरपूर खाने को तरजीह दें। दोपहर तक अधिक कैलोरी वाला भोजन खाएं, उसके बाद कम से कम कैलोरीज लें, ताकि आप रात तक अपनी कैलोरीज का इस्तेमाल भी कर पाएं और वह शरीर में वसा का रूप न ले पाए।