दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
पुरे वर्ष सन् 2018 के पर्व त्यौहार निचे मौजूद है...

लेबल

आप यहाँ आये हमें अच्छा लगा... आपका स्वागत है

नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

स्वास्थ लाभ के साथी, इस वेबसाइट से जुड़ें : राज

दोमुहें बाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
दोमुहें बाल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, सितंबर 23, 2015

बाल की समस्या से हैं परेशान, आपनाएं यह 58 नुस्ख़े ...

Hair troubled by the problem, follow the Prescribed 58 ...

राज लाये हैं बालों के झड़ने, जल्द पकने, दोमुहें, घुंघराले, गंजेपन, रुसी से छुटकारा पाने के 58  नुस्खे


कुछ लोगों की शिकायत होती है कि उनके बाल गिरने के बाद पुनः उगते नहीं हैं। बालों का झडऩा ही बढ़ते हुए यह गंजेपन का रूप ले लेता है। चिंता, परेशानी, सदमा और दुर्घटना से भी सिर के बाल गिरने लगते हैं। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपाय ऐसे भी हैं जिन्हें आजमाकर गंजेपन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है ...आइए उन उपायों के बारे में जानें।

परिचय : सिर के बाल जब उड़ जाते हैं तो खोपड़ी खल्वाट (बालों रहित) हो जाती है जिसे गंज कहते हैं।
विभिन्न भाषाओं में नाम : अरबी ताकपर, चुलीउत्थ।
बंगाली- टाक, खालित्य।
डोंगरी-गेंजा, गेन्दा, गु गंजो।
हिन्दी- गंजा।
कन्नड़-कोऊडलु उदरूवुडु।
मलयालम- कसन्ती।
मराठी-टकला पाडने।
उड़िया-चांदा।
पंजाबी-वेंगंजा।
तमिल त्रुकालुटा।
अंग्रेजी-अलापेसिया।
कारण : गंजापन और बाल झड़ने के विभिन्न कारण होते हैं जो निम्नलिखित हैं- मानसिक कार्य अधिक करना, वंशानुगत (पीढ़ियों से चला आया गंजापन का रोग), भोजन में विटामिन्स की कमी, वृद्धावस्था (बुढ़ापा),
रक्तविकार (खून की खराबी), सिर में दाद , फेवस ( रूसी) आदि। कंघी या सिर की मालिश करते समय टूटे बाल हाथ में आते रहते हैं। धीरे-धीरे सिर में बाल नहीं के बराबर रह जाते हैं।

विभिन्न औषधियों से उपचार-

1. हाथी-दांत : हाथी-दांत की राख में बकरी का दूध और रसौत को मिलाकर सिर पर लेप करने से बाल उगने लगते हैं।

2. आम : एक साल पुराने आम के अचार के तेल से रोजाना मालिश करें। इससे गंजेपन का रोग कम हो जाता है।

3. केला : पके केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

4. दही : दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसे सिर में लगाने से गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

5. पत्तागोभी : पत्तागोभी के रस से एक महीने तक सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग
सही हो जाता है।

6. फिटकरी : 5-5 ग्राम फिटकरी और छड़ेला को पानी के साथ पीसकर गंजेपन की जगह 3-4 दिनों तक लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

7. कबीला : 5-5 ग्राम कबीला, कच्चा सुहागा तथा कम भुनी राई को एक साथ पीसकर सिर के गंजेपन पर सरसों के तेल में मिलाकर लेप करें। इससे गंजेपन का रोग मिट जाता है।


8. अरण्डी (एरण्ड) : अरण्डी (एरण्ड) या सरसों के तेल में हल्दी जलाकर छान लें और इसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर सिर के गंजे जगह पर मालिश करें। इससे सिर पर बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

9. तम्बाकू : 20-20 ग्राम तम्बाकू का जला गुल और कनेर के पत्ते को 100 मिलीलीटर सरसों के तेल में जलाकर ठंड़ा कर मिला लें और इसे सिर में लगायें। इससे सिर के बाल आना शुरू हो जाते हैं।

10. झाऊ : 100 ग्राम झाऊ की जड़ छाया में सुखाकर दरदरा यानी मोटा-मोटा कूटकर 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, 100 मिलीलीटर पानी रह जाने पर निथारकर 100 मिलीलीटर तिल के तेल में जलायें, फिर इसे ठंड़ा कर लेने के बाद बालों में लगाएं। इससे बालों का झड़ना भी कम हो जाता है।

11. गोरखमुण्डी : 5 ग्राम गोरखमुण्डी के चूर्ण को सुबह पानी के साथ सेवन करने से बालों का झड़ना कम हो जाता है।


12. कालीमिर्च : कालीमिर्च और नमक का चूर्ण प्याज के साथ पीसकर लगाने से सिर का दाद और बालों के झड़ने की शिकायत से राहत मिलती है।

13. मेथी : मेथी के बीजों को बालों में लेप करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है। दाना मेथी पीसकर गंज के स्थान पर रोजाना लेप करने से बाल उग जाते हैं।

14. प्याज : प्याज का रस शहद में मिलाकर गंजेपन की जगह पर लगाने से फिर से बालों का उगना शुरू जाता है। गंज (सिर पर कहीं से बाल उड़ जाने को गंज कहते हैं) वाले भाग पर प्याज का रस रगड़ने से बाल वापस उगने लगते हैं और बाल गिरने रुक जाते हैं। प्याज के रस में नमक और कालीमिर्च का पाउड़र मिलाकर मालिश करने से सिर की दाद के कारण सिर के उड़ गये बाल फिर से आने लगते हैं।

15. महानिम्ब (बकायन ) : महानिम्ब के बीज के बीचले भाग (मध्य भाग) लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग से 1 ग्राम या छाल का चूर्ण 3 ग्राम से 6 ग्राम सेवन करने से लाभ होता है। इसे दिन में 2 बार यानी सुबह-शाम दें अथवा इसके पत्ते का रस 5 से 10 मिलीलीटर तक भी दे सकते हैं। इससे गंजेपन के रोग में लाभ होता है।

16. हारसिंगार : हारसिंगार के बीजों को पानी के साथ पीसकर सिर के गंजेपन की जगह लगाने से सिर में नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

17. करंज : करंज के फूलों को पीसकर सिर में बांधने से गंजेपन से लाभ होता है और नये बालों का आना शुरू
हो जाता है। इसे रोजाना रात को बांधें और सुबह नींबू के रस मिले पानी से साफ कर लें।

18. करजनी (गुंजा) : करजनी के बीजों का मिश्रण गंजेपन पर लगाने से नये बाल उगने शुरू हो जाते हैं। इसे रोजाना रात में लगाकर सिर को बांधे और सुबह नींबू रस मिले पानी से साफ कर लें। इससे लाभ होता है। गुंजा के बीजों के साफ तेल को उपयोग में लाने से बालों में लाभ होता है।

19. रोहिस घास : रोहिस घास के पत्तों का तेल सिर में मालिश करने से गंजेपन के रोग में लाभ होता है और नये बाल निकल आते हैं।

20. भंगरैया : भंगरैया का रस रोजाना गंजे सिर में मालिश करने और उसका रस 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।


21. वन्यकाहू : वन्यकान्हू के बीज और कूठ को एक साथ पीसकर लेप करने से गंजेपन और बालों के झड़ने में कमी आती है।

22. रोजमरी : रोजमरी के तेल का प्रयोग गंजेपन और बालों के झड़ने में किया जाता है।

23. अलसी (तीसी ) : अलसी के तेल में बरगद (वटवृक्ष) के पत्तों को जलाने के बाद उसे पीसकर और छानकर रख लें। इस तेल को सुबह-शाम सिर में लगायें। इसी तरह इसे लगाते रहने से सिर पर फिर से बालों का उगना शुरू हो जाता है।

24. अमरबेल : अमरबेल के रस को रोजाना सिर में मालिश करने से बाल उग आते हैं। बालों के झड़ने से उत्पन्न गंजेपन को दूर करने के लिए गंजे हुए स्थान पर अमर बेल को पानी में घिसकर लेप तैयार कर लें, इस लेप को नियमित रूप से दिन में दो बार लगभग चार या पांच हफ्ते तक लगाएं। इससे अवश्य फायदा होगा।

25. सुहागा : 20 ग्राम सुहागा और 20 ग्राम कपूर दोनों को बारीक पीसकर पानी में घोलकर, बाल धोने से बालों का गिरना कम हो जाता है।

26. अनन्तमूल : 2 ग्राम अनन्तमूल की जड़ का चूर्ण रोजाना खाने से सिर के बाल उग आते हैं और सफेद बाल
काले होने लगते हैं।

27. धनिया : धनिया का पानी निकालकर (पत्ते का रस) सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं। सिर पर हरे धनिये का रस लगाने से बाल निकल आते हैं।



28. चुकन्दर : चुकन्दर के पत्ते का रस सिर में मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

29. लहसुन : सिर में लहसुन का रस लगाने से बाल उग जाते हैं। इसका प्रयोग 60 दिनों तक करने से गंजापन दूर कर सकते हैं।

30. जातीपत्र : जातीपत्र, करंज बीज, वरुण छाल, करवीर मूल और चित्रक सभी को बराबर मात्रा में लेकर मिश्रण बनाकर साफ किया तेल उपयोग में लाना चाहिए। इससे बालों को लाभ होता है।

31. आमलकी : आमलकी फल मज्जा और आम के बीज जिनका छिलका उतार दिया गया हो पानी में लेप तैयार कर उपयोग में लाने से गंजेपन से लाभ होगा।

32. रसांजन (रसोत) : हाथी-दांत की राख में रसांजन और बकरी का दूध मिलाकर सिर पर लेप करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

33. जमालगोटा : नींबू के रस में जमालगोटे के बीजों को पीसकर सिर पर लगाएं। सूखने पर कुछ ही देर में धो लें इसे हर रोज लगाते रहने से गंजेपन के रोग में लाभ होगा।

34. धतूरा : धतूरे के रस को सिर पर मलने से बाल उगने में सहायता मिलती है। इसका प्रयोग नियमित रूप से कुछ हफ्तों तक करना चाहिए। धतूरे के पत्तों के रस का लेप करने से खालित्य (गंजापन) नष्ट हो जाता है।

35. मुलहठी : मुलहठी का पाउडर, दूध और थोड़ी-सी केसर का पेस्ट बनाकर नियमित रूप से सिर में लगायें। अधिक रूसी होने पर तथा बाल अधिक झड़ने पर सिर पर मुलहठी लगाने से लाभ होता है।

36. दूधी : इसके पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) के रस और कनेर के पत्तों के रस को मिलाकर सिर
के गंजे स्थान पर लगाने से बाल सफेद होना बन्द हो जाते हैं तथा गंजापन दूर हो जाता है।



37. कलौंजी : जली हुई कलौजी हेयर आइल में मिलाकर नियमित रूप से गंजेपन
में मालिश करने से लाभ होता है।

38. ग्वारपाठा : रक्त घृत कुमारी (जिसमें नारंगी और कुछ लाल रंग के फूल लगते हैं) के गूदे को स्प्रिट में गलाकर सिर में लेप करने से बाल काले हो जाते हैं तथा गंजे सिर में लगाने से बाल उग जाते हैं।

39. गुड़हल :
  • गुड़हल के फूल के फल को कालीगाय के मूत्र के साथ पीसकर गंजेपन की जगह पर लगाने से
  • गंजेपन का रोग मिट जाता है। इससे बालों के बढ़ने में भी लाभ होता है।
  • नोट : इसके बीज गोलाकर और अनेक बीजों से युक्त होते हैं।
  • गंजापन दूर करने के लिए कालीगाय के पेशाब में गुड़हल के फूलों को पीसकर लगाने से बाल बढ़ जाते हैं और गंजापन भी दूर होता है। गुड़हल के पत्तों को पीसकर लुग्दी बनाकर बालों में लगा लें। 2 घंटे के बाद
  • बालों को धोकर साफ कर लें। इस प्रयोग को नियमित रूप से करते रहने से न केवल बालों को पोषण मिलता है बल्कि सिर में ठंडक का भी अनुभव होता है।
  • गुड़हल के ताजे फूलों के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर आग में पका लें। जब केवल तेल शेष रह जाए तो इसे शीशी में भरकर रख लें। इस तेल को बालों में मलकर जड़ों तक लगाने से बाल चमकीले और लंबे होते हैं।
  • गुड़हल के फूल और भृंगराज के फूल को भेड़ के दूध के साथ पीसकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद इसे निकालकर भृंगराज के रस में मिलाकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद निकालकर भृंगराज के पंचांग के रस में मिलाकर, रात को गर्म करके बालों में लगायें। सुबह उठकर सिर को धो लें। इससे बाल काले हो जाते हैं।

40. कटेरी : कटेरी के पत्तों के 20-50 मिलीलीटर रस में थोड़ा शहद मिलाकर गंजे सिर पर मालिश करने से कुछ ही दिनों में कीटाणु खत्म हो जाते हैं। इससे त्वचा मुलायम हो जाती है और गंजे स्थान पर नये बाल आ जाते हैं।

41. उड़द : उड़द की दाल को उबालकर पीस लें। रात को सोने के समय सिर पर लेप करें। इससे गंजापन धीरे-धीरे दूर हो जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

42. नींबू : रोजाना 1 से 2 महीने तक लगातार नींबू का रस रगड़ने से बाल वापस उग आते हैं।

43. नीम :
  • नीम के पत्ते 10 ग्राम तथा बेर के पत्ते 10 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह पीसकर इसका उबटन (लेप) तैयार कर लें। इसके बाद इस लेप को सिर पर लगाकर 1 से 2 घण्टे बाद धोने से बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग एक महीने तक करने से लाभ मिलता है। 
  • 100 ग्राम नीम के पत्तों को एक लीटर पानी में उबाल लें। इससे बालों को धोकर नीम के तेल को लगाने से बाल उगने लगते हैं।
  • नीम के तेल को सूंघने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।
  • नीम का तेल 2-3 महीने रोजाना बालों के उड़कर बने चकत्ते पर लगाने से बाल उग आते हैं।


44. परवल : कड़वे परवल के पत्तों का रस सिर के गंजेपन पर लगाने से लाभ होता है।

45. लता करंज : लता करंज के तेल को सिर में लगाने से गंजापन में लाभ होता है। लता करंज के फूल 6 से 12 ग्राम को पीसकर सिर में लेप करके से सिर का गंजापन दूर होता है।

46. अनार : अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर हो जाता है। प्रतिदिन मीठा अनार खाने से पेट मुलायम रहता है तथा कामेन्द्रियों को बल मिलता है।

47. अपामार्ग : कड़वे तेल (सरसों) में अपामार्ग के पत्तों को जलाकर मसल लें और मलहम बना लें। इसे गंजे स्थानों पर नियमित रूप से लेप करते रहने से पुन: बाल उगने की संभावना होगी।

बालों की साफ-सफाई में लापरवाही न बरतें। याद रखें कि पसीना बालों की जड़ों में पहुँचने पर बालों को नुकसान पहुँचाता है। इससे बचने के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार बालों की सफाई जरूर करें।

48. तीन चम्मच बेसन में डेढ़ गिलास पानी मिला कर इसे सिर के बालों में आधा घन्टे तक लगाए रखें। इसके बाद बालों को गुनगुने पानी से धो डालें। सूखने पर अच्छी तरह से बालों को झाड़ लें। ऐसा करने से सिर में लगे बेसन के कण अच्छी तरह से सिर के बालों से निकल जाते हैं और बाल चमकदार लगने लगते हैं।

49.  लंबे बालों के लिए आंवले का रस और तिल का तेल बराबर मात्रा मिलाकर तब तक गर्म करें जब तक उसमें का पानी ना जल जाए। इसे ठंड़ा कर के शीशी में भरकर रख लें और नियमित रुप से बालों में लगाएं इससे सिर ठंडा तथा बाल लंबे, काले व मजबूत बोते हैं। बाजार में बिकने में वाले तेल केमिकल युक्त होने के कारण बालों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। साथ ही बाल धोने के लिए सुखे आंवले को रात में भिगों दे फिर उसी से बाल धोएं। इससे बाल मजबूत व मुलायम होते हैं।

50. शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।

51.  ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।

52.  कपूर काचरी 100 ग्राम, नागरमोथा 100 ग्राम, कपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40ग्राम, शिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।



53.  बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।

54.  त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में 3 उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

55.  आंवलों का मोटा चूर्ण करके, चीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार 7भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाता है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाला, उम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।

56. भांगरा, त्रिफला, अनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।

57. त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।

58.  खट्टी दही में चुटकी भर फिटकरी मिला लें,साथ ही थोड़ी सी हल्दी भी मिला लें। इस मिश्रण को सिर के बालों में लगाने से सिर की गंदगी तो दूर होती ही,साथ ही सिर में फैला संक्रमण भी दूर होता है। इस क्रिया को करने से सिर के बाल निखर उठते हैं।

सोमवार, मई 04, 2015

मनचाहा घने और काले बालों के लिए 35 सूत्र

झड़ने से बचाएं, मिनटों में पाएं रेशमी और घनेरी बाल
Thick and Black Hair 35 formula's

1- घी खाएं और बालों के जड़ों में घी मालिश करें।
2- गेहूं के जवारे का रस पीने से भी बाल कुछ समय बाद काले हो जाते हैं।
3- तुरई या तरोई के टुकड़े कर उसे धूप मे सूखा कर कूट लें। फिर कूटे हुए मिश्रण में इतना नारियल तेल डालें कि वह डूब जाएं। इस तरह चार दिन तक उसे तेल में डूबोकर रखें फिर उबालें और छान कर बोतल भर लें। इस तेल की मालिश करें। बाल काले होंगे।
4- नींबू के रस से सिर में मालिश करने से बालों का पकना, गिरना दूर हो जाता है। नींबू के रस में पिसा हुआ सूखा आंवला मिलाकर सफेद बालों पर लेप करने से बाल काले होते हैं।
5- बर्रे(पीली) का वह छत्ता जिसकी मक्खियाँ उड़ चुकी हो 25 ग्राम, 10-15 देसी गुड़हल के पत्ते,1/2 लीटर नारियल तेल में मंद मंद आग पर उबालें सिकते-सिकते जब छत्ता काला हो जाये तो तेल को अग्नि से हटा दें. ठंडा हो जाने पर छान कर तेल को शीशी में भर लें. प्रतिदिन सिर पर इसकी हल्के हाथ से मालिश करने से बाल उग जाते हैं और गंजापन दूर होता है.
6- कुछ दिनों तक, नहाने से पहले रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
7- नीबू के रस में आंवला पाउडर मिलाकर सिर पर लगाने से सफेद बाल काले हो जाते हैं।
8- तिल का तेल भी बालों को काला करने में कारगर है।
9- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए। 15 मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।
10- नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
11- चाय पत्ती के उबले पानी से बाल धोएं। बाल कम गिरेंगे।
12- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा।
13- दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ (रूसी) भी नहीं होगी।
14- 50 ग्राम कलौंजी 1 लीटर पानी में उबाल लें। इस उबले हुए पानी से बालों को धोएं। इससे बाल 1 महीने में ही काफी लंबे हो जाते हैं।
15- नीम और बेर के पत्तो को पानी के साथ पीसकर सिर पर लगा लें और इसके 2-3 घण्टों के बाद बालों को धो डालें। इससे बालों का झड़ना कम हो जाता है और बाल लंबे भी होते हैं।
16- लहसुन का रस निकालकर सिर में लगाने से बाल उग आते हैं।
17- सीताफल के बीज और बेर के बीज के पत्ते बराबर मात्रा में लेकर पीसकर बालों की जड़ों में लगाएं। ऐसा करने से बाल लंबे हो जाते हैं।
18- 10 ग्राम आम की गिरी को आंवले के रस में पीसकर बालों में लगाना चाहिए। इससे बाल लंबे और घुंघराले हो जाते हैं।
19- शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।
20- ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।
21- कपूर कचरी 100 ग्राम, नागरमोथा 100 ग्राम, कपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40ग्राम, शिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।
22- गुड़हल के फूलों के रस को निकालकर सिर में डालने से बाल बढ़ते हैं।
23- गुड़हल के ताजे फूलों के रस में जैतून का तेल बराबर मिलाकर आग पर पकायें, जब जल का अंश उड़ जाये तो इसे शीशी में भरकर रख लें। रोजाना नहाने के बाद इसे बालों की जड़ों में मल-मलकर लगाना चाहिए। इससे बाल चमकीले होकर लंबे हो जाते हैं।
24- बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।
25- त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में 3 उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
26- आंवलों का मोटा चूर्ण करके, चीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार 7भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाता
है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाला, उम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।
27- भांगरा, त्रिफला, अनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।
28- 250 ग्राम अमरबेल को लगभग 3 लीटर पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाये तो इसे उतार लें। सुबह इससे बालों को धोयें। इससे बाल लंबे होते हैं।
29- त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।
30- नारियल तेल और शहद - दोनों में ही नमी होती है जिससे बालों में चमक आती है। 2 चम्‍मच नारिल तेल लें और उसमें 1 चम्‍मच शहद मिलाएं। इससे अपने बालों और सिर की मसाज करें। 15-20 मिनट तक लगा रहने के बाद शैंपू से धो लें। 
31- नारियल तेल और महंदी- महंदी से बाल झड़ना रुक जाता है लेकिन यह बालों को रूखा भी कर देती है। अगर आप चाहती हैं कि बाल रूखे ना बने तो महंदी में नारिल तेल डाल कर लगाएं। इससे बालों में नमी बन जाएगी।
32- नारियल तेल, दही और नींबू- एक कटोरी में अंडा फोडिये और उसमें 2 चम्‍मच दही और नारियल तेल डालिनये। इसे अपने बालों पर लगाइये और 20 मिनट के बाद बाल धो लीजिये। इससे बाल मुलायम और शाइनी बनेंगे। 
33- नारियल तेल और रीठा- थोड़ा सा नारियल तेल लीजिये और उसमें 4 चम्‍मच रीठा पाउडर मिलाइये। इसे 20 मिनट के लिये अपने बालों में लगा कर छोड़ दीजिये और फिर शैंपू कर लीजिये। इससे बाल झड़ना बंद हो जाएंगे और दोमुंहे बालों की समस्‍या भी खतम हो जाएगी। 
34- नारियल तेल और नींबू- थोड़ा सा नारियल तेल लें और उसमें कुछ बूंद नींबू की मिलाएं। इससे हल्‍के हल्‍के सिर की मसाज करें और बाद में शैंपू कर लें। इससे बालों में नमी रहेगी और नींबू से रूसी की समस्‍या दूर होगी।
35- नारियल तेल और अंडा- अंडे में 1 चम्‍मच नारियल तेल डालें और इन्‍हें अपने बालों पर लगाएं। इसे 20-25 मिनट के लिये बालों में लगा रहने दें और फिर शैंपू कर लें। इससे बाल सिल्‍की होंगे और शाइनी बनेंगे।

बुधवार, अप्रैल 08, 2015

गर्मियों में बालों की देखभाल

गर्मियों में बालों की खास देखभाल

Hair Special care in Summer

गर्मियों (Summer) के तीखेपन का जितना असर त्वचा (Skin) पर पड़ता है उतना ही बालों (Hair) पर भी होता है। गर्मी, तीखी धूप, जरूरत से ज्यादा पसीना, धूल-मिट्टी और इस सबके साथ त्वचा और सिर में संक्रमण (Infection) की समस्याएं काफी बढ़ जाती हैं जिनके चलते बालों की सेहत प्रभावित होती ही है। ऐसे मे हम दे रहे हैं बालों के देखभाल (Hair Care) संबंधी कुछ खास टिप्स (Tips) जिन्हें अपनाकर आप गर्मियों (Summer) मे भी आपने बालों (Hair) की खूबसूरती बरकरार रख सकते हैं:
तपती धूप और धूल भरी हवा के झोंकों के बीच बाल रफ ही नहीं होते, बल्कि सख्त भी हो जाते हैं। ऐसे में जरूरी है बालों की प्रॉपर केयर। बालों की उचित देखभाल से बाल प्राकृतिक रूप से चमकदार और हेल्दी बने रहते हैं।
हमारे बालों को सबसे अधिक धूप का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सूर्य की पराबैंगनी किरणें बालों को जलाती ही नहीं, बल्कि बालों की प्राकृतिक रक्षात्मक परत को भी प्रभावित करती है। 
इस वजह से बालों के क्यूटिकल को नुकसान पहुंचता है। सिर्फ 3-4 दिन ही लंबे समय तक लगातार तेज धूप में रहना ही बालों को ढंकने वाली स्केल-जैसी कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त करने के लिए पर्याप्त है। 

गर्मी से बाल न हों बेहाल

ज्यादा आर्द्रता और अधिक गर्मी बालों की सेहत को प्रभावित करते हैं। जहां ज्यादा नमी से बाल की लटों में खिंचाव आता है, वहीं तेज गर्मी और धूप से बाल सख्त और बेजान से दिखने लगते हैं। 
इसलिए अपने बाल को सुंदर बनाए रखने के लिए सबसे उपयुक्त तरीका उन्हें नियमित रूप से धोना और फिर अच्छे से सुखाना है। यह गर्मियों में आर्द्रता से बालों को होने वाले नुकसान को कम करता है। 
सख्त और गर्म हवा आपके बालों को शुष्क करने के साथ ही उन्हें बुरी तरह उलझा देती हैं, जिससे आपके बाल दोमुंहे भी होने लगते हैं। ऐसे में अगर घर से बाहर निकलना हो, तो बालों को ढंक लें या छाता लेकर जाएं। 
बालों की सेहत के लिए उचित खानपान भी जरूरी है। सोया और अंकुरित अनाज डाइट में जरूर लें। यह आपके पूरे शरीर के साथ-साथ बालों को भी पोषण देगा। इसके अलावा जैतून या नारियल तेल की मालिश भी बालों के लिए काफी फायदेमंद होती है।

माइल्‍ड शैंपू बालों के लिए है बेहतर 

तपती गर्मी आपके बालों के रक्षात्मक तेल को कम न कर दें, इसके लिए माइल्ड शैंपू इस्तेमाल में लाएं। यह बालों के रूखेपन को कम करने में मदद करेगा। बाल धोने के बाद प्राकृतिक कंडीशनर का इस्तेमाल करें। बालों में रूसी की समस्या हो, तो बाल धोने से पहले नींबू का रस या दही लगाएं। 

क्या न करें

गर्मियों में अपने बालों पर ड्रायर का इस्तेमाल कम-से-कम करें या इसके इस्तेमाल से बचें। यदि आप अपने बाल पर हेयर ड्रायर प्रयोग करना ही चाहती हैं, तो उसे कोल्ड ब्लो मोड में रखें। 
अगर गर्मियों में आप स्विमिंग करती हैं, तो बालों को रबर की टोपी से ढंक लें, क्योंकि पानी में मौजूद क्लोरीन बालों को क्षति पहुंचाता है। अगर बाल गीले हो गए हों, तो तैरने के तुरंत बाद अपने बालों को नल के पानी से धोएं। यह आपके बालों से क्लोरीन को निकालने में मदद करेगा।
अगर बाल रंगने ही हों, तो अमोनिया-फ्री हेयर कलर का प्रयोग करें। यह अपेक्षाकृत सुरक्षित होता है। इन दिनों बालों को ज्यादा देर तक खुले न रखें। लंबे बालों में जूड़ा, पोनी या चोटी बनाई जा सकती है।

बार-बार धोएं

गर्मियों में सबसे ज्यादा जरूरी होता है बालों की ज्यादा सफाई। उमस, गर्मी, धूल और पसीना ज्यादा होने की वजह से बालों और सिर को साफ रखने के लिए नियमित सफाई करनी चाहिए। अपनी बालों की स्थिति के हिसाब से हर दूसरे दिन बालों को शैंपू से धोने की सलाह दी जाती है। खासतौर से अगर आप बाहर ज्यादा वक्त गुजारते हैं, ट्रैवल ज्यादा करते हैं अथवा धूप मे रहते हैं तो आपके लिए साफ-सफाई पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी हो जाता है। हालांकि शैंपू का बहुत ज्यादा इस्तेमाल भी ठीक नहीं होता। इससे सिर की प्राकृतिक नमी खो जाती है। ऐसे में शैंपू का चुनाव भी सावधानी पूर्वक करें। बेहतर है कि ऐसे शैंपू का चुनाव करें जो आपके सिर और बालों की सफाई के साथ-साथ इसे मॉइश्चराइज भी करे।

बालों में तेल लगाएं

बालों में नियमित रूप से गुनगुने तेल का मसाज भी करें। लेकिन बहुत ज्यादा तेल भी न लगाएं क्योंकि फिर इसे साफ करने के लिए ज्यादा शैंपू लगाना पड़ेगा। तेल व शैंपू का बहुत ज्यादा इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। तेल नियमित रूप से लगाएं लेकिन कम मात्रा में लगाएं। अपनी उंगलियों के सिरों को तेल में डुबोएं और फिर हल्के हाथ से सिर में मालिश करें इससे सिर की तेल ग्रंथियां सक्रिय होंगी और रक्त संचार बढ़ेगा। आपको रात भर तेल लगाकर रखने की जरूरत नहीं है। एक-दो घंटे तक इसे बालों में लगाकर रखना काफी होता है।

धूप से बचाव

यहां तक कि कुछ मिनटों तक धूप का सीधा संपर्क भी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। जो लोग बाहर ज्यादा समय गुजारते हैं उन्हें समस्या होने का खतरा कहीं अधिक रहता है। त्वचा की तरह ही बालों के लिए भी यूवी किरणें खतरनाक साबित होती हैं। त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए तो हम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन बाल अक्सर असुरक्षित रह जाते है। ऐसे में जब भी बाहर निकलें अपने बालों को ढक लें। इसके लिए आप हैट अथवा स्कार्फ लगा सकते हैं। इसके साथ ही ऐसे कंडीशनर का इस्तेमाल करें जिसमें सनस्क्रीन भी हो। ये आपके बालों को एक सुरक्षात्मक कवर प्रदान करेंगे।
जो लोग बालों में कलर लगाते हैं वे महसूस कर सकते हैं कि इन दिनों उनके बालों का रंग फेड हो जाता है। यह भी यूवी किरणों का ही असर होता है। यूवी प्रोटेक्शन वाले हेयर केयर प्रॉडक्ट आपके बालों को एक सुरक्षा घेरा प्रदान करते हैं। लेकिन आपको इन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करना होता है।

स्विमिंग के दौरान रखें ध्यान

गर्मियों के दिनों में हमें स्विमिंग जैसी एक्टिविटी में हिस्सा लेना ज्यादा अच्छा लगता है। इससे आपके शरीर और दिमाग को काफी आराम मिलता है। साथ ही इसके जरिए अच्छी एक्सरसाइज भी हो जाती है। लेकिन आपके बाल स्विमिंग पूल का पानी बिल्कुल पसंद नहीं करते। ऐसे में बेहतर है कि स्विमिंग पूल में जाते समय शॉवर कैप पहन लें अथवा बालों में कंडीशनर लगाएं। इससे आपके बालों को पूल के क्लोरीन जैसे केमिकल से सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही स्विमिंग पूल से बाहर निकलने के तुरंत बाद साफ पानी से नहाएं।

ब्लो ड्रायर या हॉट आयरन का इस्तेमाल कम करें

ब्लो डृायर का इस्तेमाल हर मौसम में कम से कम करना बेहतर रहता है। बेहतर है कि अपने बालों से हल्के हाथों से अतिरिक्त पानी निचोड़कर बालों को तौलिए में लपेट लें। अगर आपके लिए ब्लो डृायर इस्तेमाल करना आवश्यक हो तो यह ध्यान रखें कि इससे निकलने वाली गर्म हवा आपके बालों के फोलिकल्स को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में डैमेज कम से कम हो इसके लिए हीट लो रखें और बेहतर है कि बालों पर काई सॉफ्टनिंग मॉज लगाएं। ब्लो डृायर के इस्तेमाल से आपके सिर की त्वचा के रोम छिद्र खुल सकते हैं और इनमें प्रदूषण व धूल-मिट्टी प्रवेश कर सकती है जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। इसके साथ ही हेयर डृायर का नियमित इस्तेमाल आपके बालों को बेजान भी बना सकता है।

मुड़े-तुड़े बालों का इलाज 

गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बालों की टिृमिंग कराएं ताकि दोमुंहें और डैमेज हो चुके बाल निकल जाएं। इससे गर्मियों की शुरूआत स्वस्थ बालों से होगी। अतिरिक्त रूखेपन से बचाव के लिए मॉइश्चराइजिंग शैंपू का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। शैंपू के बाद मॉइश्चराइजिंग कंडीशनर लगाना कभी न भूलें। अगर इसके बाद भी बाल मुड़े-तुड़े यानी फ्रिजी दिखते हों तो आप एंटी-फ्रिज ऑयल अथवा सिरम की कुछ बूंदें इस्तेमाल कर सकते हैं।

रविवार, अप्रैल 05, 2015

रूखे, बेजान और दोमुहें बाल

प्राकृतिक घरेलू उपचार बालों के लिए 

Home remedy for Stiff and Lifeless Hair

हमारे शरीर में बालों का भी अलग ही रोल होता है और अगर बाल देखने में सुन्दर है तो हमारे खूबसूरती पर भी उसका असर पड़ेगा और हम किस प्रकार से बालों की देखभाल करें यह भी जानना जरूरी हैं।
हमें अपने बालों को मौसम के अनुसार उसकी सुरक्षा करनी चाहिए और गर्मी में बालों मे धूल धक्कड़ ज्यादा हो जाती है इसलिए हमें सप्ताह में दो या तीन बार बालांे को धोना चाहिए। बालोें को शैम्पू करने के बाद में किसी सॉफ्ट टॉवेल से लपेट लेना चाहिए जब बाल सूख जाये तब ही उसक झाड़ना चाहिए गीले बालों में झाड़ने से बालों की जड़े कमजोर हो जाती हैं और बाल जल्दी टूटने लगते हैं और जाड़ो में बालो को धोने के बाद में गर्म पानी करके उस टॉवेल को गीलाकर निचोड़ कर बालों में लपेट लेना चाहिए इससे बालों को स्टीम मिलती है क्योंकिजाड़ो में बाल ज्यादातर टूटतें है
सबसे बड़ी बात यह है कि बालों का ध्यान रखने के लिए तनाव ग्रस्त नहीं रहना चाहिए और इसके अलावा बालों के लिए खान पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए ज्यादातर फल हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए । खाना नियमित रूप में समय पर खाना चाहिए क्योंकि हमारे भोजन से ही बालों को पोषण प्राप्त होता है।
हम में से अधिकतर रूखे और घुंघराले बालो का बार-बार होने सबसे आम समस्या है। दो मुहें बालों के कुछ कारणों में धूप में रहना, रासायनिक आधारित स्टाइलिंग उत्पाद, अधिक शैंपू का इस्तेमाल करना, क्लोरिन मिले पानी में तैरना है। हालांकि बाजार में रूखे और बैजान बालों के लिए कई रासायनिक आधारित उपचार उपलब्ध है, प्राकृतिक उपचारों का सहारा लेना यह एक अच्छी शुरूआत हो सकती है। इनमें कोई साइड इफेक्ट नही है। 

प्राकृतिक घरेलू उपचार

सबसे प्रभावी घरेलू उपचार, जिसमें रूखे और दोमुहें बालों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाना शामिल हो सकता हैः
  1. मेयोनेज़ रूखे रोमकूपों पर उपयोग के लिए सबसे उपयोगी विकल्पों में से एक है। यह आपकी रसोई में पायी जाने वाली सबसे सामान्य वस्तु है। मेयोनेजड में फैटी एसिड अधिक होता है और यह बालों के लिए उपयुक्त मॉइस्चराइजिंग प्रभाव, तथा सोफ्ट और शाइन बाल करने के लिए जाना जाता है। हालांकि, आप को वांछित प्रभाव के लिए शुद्ध मेयोनेज़ के उपयोग को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। कई पदार्थों के सथ इसका उपयोग करना बुरा प्रभाव दे सकता है। आप अपने बालों के धोने के बाद मेयोनेज़ को लगाये।
  2. अपने बालों में कंघी करने की आवशयकता है। एक प्लास्टिक की थैली में इन्हे रैप करें और कुछ समय के लिए एक गर्म तौलिये को लपेटें। 30 मिनट के बाद एक शैंपू और कंडीशनर से इसे धो लें। 
  3. अपने बालों को धोने औऱ तोलियें से सुखाने के बाद कुछ बियर का स्प्रे करें। इसे करने के लिए स्प्रे पंप का उपयोग सबसे अच्छा होगा। एक बार सूखने के बाद, आप अपने बालों को मनचाहा स्टाइल दे सकते है। बियर आपके बालों को सोफ्ट शाइनी बनाता है और दोमुहे बालों को समाप्त करने के लिए भी उपयोगी है। 
  4. अधिक पके अवोकादो और कैले का मिश्रण रूखे बालों के लिए एक आदर्श औषधि हो सकती है जो दोमुहें बालों के उपचार के लिए बहुत विकसित है। कैले में विटामिन ए और पोटाशियम अधिक मात्रा में होता है। एवोकादों ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर है। इसलिए इसका मिश्रण रूखे और बैजान बालों के लिए आदर्श है। इस पेस्ट को बालों को धोने के बाद साफ करने के बाद लगाएं। 15 मिनट के लिए छोड़ दे औऱ सोफ्ट बंची बालों के लिए धो दें।
  5. जैतून का तेल रूखे और दोमुहें बालों के लिए एक उत्कृष्ट उपचार माना जाता है। अपने बालों को अच्छी तरह से धोएं और तौलिये से सुखाएँ। थोड़ा सा जैतून का तेल गर्म करें और बालों की जडों और स्केल्प पर लगाएं। करीब आधा घंटे के लिए लगा रहने दें और फिर शैंपू से धो डालें। अपने नियमित कंडीशनर को लगाएं।
  6. एक महत्वपूर्ण सुझाव का पालन करें जब अक्सर अधिक शैंपू के इस्तेमाल से बचने के लिए अपने रूखे बालों की देखभाल करनी हो। ज्यादातर लोग नियमित शैंपू करते है क्योंकि यह उनकी दैनिक स्वच्छता नियम का एक हिस्सा प्रतीत होता है। हालांकि अपने बालों कों अधिक धोना, बालों के मॉइस्चर को समाप्त करता है।