दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शनिवार, अगस्त 05, 2017

36 Health Tips for life : RAJESH MISHRA



स्वस्थ रहने के 36 उपाय
महत्वपूर्ण ध्यान रखने योग्य बातें:

1) हमेशा पानी को घूट-घूट करके चबाते हुए पिये और खाने को इतना चबाये की पानी बन जाये। किसी ऋषि ने कहा है कि "खाने को पियो और पीने को खाओ"

2) खाने के 40 मिनट पहले और 60-90 मिनट के बाद पानी पिये और फ्रीज का ठंडा पानी, बर्फ डाला हुआ पानी जीवन मे कभी भी नही पिये। गुनगुना या मिट्टी के घडे का पानी ही पिये ।
3)सुबह जगने के बाद बिना कुल्ला करे 2 से 3 गिलास पानी सुखआसन मे बैठकर पानी घूटं-घूटं करके पिये यानी उषा पान करे ।
4) खाने के साथ भी कभी पानी न पिये। जरुरत पड़े तो सुबह ताजा फल का रस, दोपहर मे छाछ और रात्रि मे गर्म दूध का उपयोग कर सकते हैं।
5) भोजन हमेशा सुखआसन मे बैठकर करे और ध्यान खाने पर ही रहे, मतलब टेलीविजन देखते, गाने सुनते हुए, पढ़ते हुए, बातचीत करते हुए कभी भी भोजन न करे।

6) हमेशा बैठ कर खाना खाये और पानी पिये। अगर संभव हो तो सुखासन, सिद्धासन मे बैठ कर ही खाना खाये।
7) फ्रीज़ मे रखा हुआ भोजन न करें या उसे साधारण तापमान में आने पर ही खाये दुबारा कभी भी गर्म ना करे ।
8) गूँथ कर रखे हुये आटे की रोटी कभी न खाये, जैसे- कुछ लोग सुबह में ही आटा गूँथ कर रख देते है और शाम को उसी से बनी हुई चपाती खा लेते है जो स्वास्थ के लिए हानिकारक है। ताजा बनाए ताजा खाये।
9) खाना खाने के तुरंत बाद पेशाब जरूर करे ऐसा करने से डायबिटज होने की समभावना कम होती हैं।
10) मौसम पर आने वाले फल, और सब्जियाँ ही उत्तम है इसलिए बिना मौसम वाली सब्जियाँ या फल न खाये।
11) सुबह मे पेट भर भोजन करें। जबकि रात मे बहुत हल्का भोजन करें।
12) रात को खीरा, दही और कोई भी वात उत्पन्न करने वाली चीज न खाये।
13) दही के साथ उड़द की दाल न खाये। जैसे- दही और उड़द की दाल का बना हुआ भल्ला।
14) दूध के साथ नमक या नमक की बनी कोई भी चीज न खाये। क्योंकि ये दोनों एक दूसरे के प्रतिकूल प्रभाव डालती है।
15) दूध से बनी कोई भी दो चीजे एक साथ न खाये।
16) कोई भी खट्टी चीज दूध के साथ न खाये सिर्फ एक खा सकते है आँवला। खट्टे आम का शेक न पिये केवल मीठे पके हुए आम का ही शेक पीये ।
17) कभी भी घी और शहद का उपयोग एक साथ न करे! क्योंकि दोनों मिलकर विष बनाते है।
18) खाना भूख से कम ही खाये। जीने के लिए खाना खाये न कि खाने के लिए जीये।
19) रिफाइण्ड तेल जहर हैं आप हमेशा कच्ची घाणी का सरसो, तिल या मूगंफली का तेल ही उपयोग करे और जीवन मे हाटॅ टेक व जोडो के दर्द से बचे ।
20) तला, और मसालेयुक्त खाना खाने से बचे। अगर ज्यादा ही मन हो तो सुबह मे खाये रात मे कभी भी नहीं।
21) खाने मे गुड या मिस्री का प्रयोग करें, चीनी के प्रयोग स बचें।
22) नमक का अधिक सेवन न करें। आयोडिन युक्त समुद्री नमक का उपयोग बिल्कुल भी नही करे! सेधां, काला या डली वाला नमक इस्तेमाल करें।
23) मेदा, नमक और चीनी ये तीनों सफ़ेद जहर है इनके प्रयोग से बचें।
24) हमेशा साधारण पानी से नहाएँ और पहले सर पर पानी डाले फिर पेरो पर और अगर गरम से नहाओ तो हमेशा पहले पैरो पर फिर सर पर पानी डालना चाहिये।
25) हमेशा पीठ को सीधी रख कर बेठे।
26) सर्दियों मे होंठ के फटने से बचने के लिए नहाने से पहले नाभि मे सरसों के तेल लगाये । जबरदस्त लाभ मिलता है।
27) शाम के खाने के बाद 2 घंटे तक न सोये। 5 से 10 मिनट वज्रासन मे बैठे 1000 कदम वाक जरूर करें।
28) खाना हमेशा ऐसी जगह पकाया जाये जहां वायु और सूर्य दोनों का स्पर्श खाने को मिल सके।
29) कूकर मे खाना न पकाए बल्कि किसी खुले बर्तन मे बनाए, क्योकि कूकर मे खाना उबलता है और खुले बर्तन के अन्दर खाना पकता हैं इससे खाने प्रोटीन मात्रा 93 प्रतिशत होती है और कूकर मे मात्र 13 प्रतिशत रहती है ।
30) सिल्वर के बर्तनो का प्रयोग खाना बनाने और खाने दोनों के लिए कभी भी न करें!पीतल, कासां, मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग करें।
31) खाने को कम से कम 32 बार चबाये।
32) रोज टूथब्रश का प्रयोग न करें इससे मसूड़े कमजोर होते है। दंतमंजन का प्रयोग कर सकते है।
33) अपनी दोनों नासिकाओ मे देशी गाय के घी को हल्का गुनगुना करके 1-1 बुंद रात मे डालने से दिमाग तंदरुस्त रहता है। नजला जुकाम, सिर दर्द, माइगृेन, नींद नहीं आना, तनाव आदि समस्या का समाधान होता हैं
34) हमेशा मीठा, नमकीन से पहले खाना चाहिए ।

35) बार-बार नहीं खाना चाहिये एक बार बैठ कर भरपेट या उससे थोड़ा कम खाना चाहिये।
36) हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिये। नकारात्मक सोचने से भी बीमारियाँ आती है।

बुधवार, मार्च 25, 2015

राज का स्वास्थ्य चालीसा

Raj's Health Chalisa
स्वस्थ रहने के सूत्र

एक स्वस्थ जीवन शैली का चयन करना एक लंबी, अधिक पूरा जीवन हो सकता है। आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार से आप के आसपास हर किसी पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप उदाहरण के माध्यम से अपने परिवार और दोस्तों के बेहतर आदतों को सिखा सकते हैं स्वस्थ रहने के विचार से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. कुछ छोटे परिवर्तन करने से आपको बड़े परिणाम देखने को मिल सकते है।

मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य का सर्वाधिक महत्व है। स्वास्थ्य के बिना धन ,संपत्ति, मनोरंजन और अन्य सुविधाएं महत्व हीन हैं। कहते हैं जो व्यक्ति तन और मन से स्वस्थ् होता है, वह संसार का सबसे सुखी प्राणी है, क्योंकि स्वस्थ् तन में ही स्वस्थ् मन रहता है। हमारे ऋषि मुनियों ने शुरू से ही स्वास्थ्य के महत्व को स्वीकार किया है और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करने की सलाह दी है। जो मनुष्य सूर्योदय से पूर्व उठते हैं और अपनी दिनचर्या पूर्ण करके निर्धारित समय के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते हैं, निष्काम भाव से कर्म करते हैं तथा रात्रि में समय पर शयन करते हैं वे हमेशा स्वस्थ् बने रहते हैं। स्वस्थ रहने का सबसे आसान मंत्र है- प्रकृति के नियमों का पालन, कठोर शारीरिक परिश्रम और पौष्टिक, सादा व गर्म भोजन। आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हम यहाँ दे रहे कुछ टिप्स जिन पर अमल करके आप अपने आपको चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।

ताजा हवा और धूप

सूरज की रोशनी के कई फ़ायदे है इस से आपकी त्वचा सूर्य के प्रकाश के संपर्क मे रहती है. इस से आपको विटामिन डी मिलता है जिससे आपके शरीर के निर्माण और मजबूत, स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है जो कैल्शियम को अवशोषित में मदद करता है।
1. दूध और कटहल का कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिये ।
2. दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए।
3. नमक और दूध (सेंधा नमक छोड़कर) दूध और सभी प्रकार की खटाइयां, दूध और मूँगफली, दूध और मछली, एक साथ प्रयोग ना करें।
4. दही गर्म करके नहीं खाना चाहिये हानि पहुँचती है, कढ़ी बनाकर खा सकते हैं।
5. शहद और घी समान परिणाम में मिलाकर लेना विष के समान है।
6. जौ का आटा कोर्इ अन्न मिलाये बिना नहीं लेना चाहिए।
7. रात्रि के समय सत्तू का प्रयोग वर्जित है, बिना जल मिलाये सत्तू ना खायें।
8. तेज धूप में चलकर आने के बाद थोड़ा आराम करके ही पानी पियें, व्यायाम या शारीरिक परिश्रम के तुरन्त बाद पानी ना पियें या थोड़ी देर बाद पानी पियें।
9. प्रात:काल भोजन के पश्चात तेज गति से चलना हानिकारक है।
10. शाम को खाने के बाद थोड़ी देर चलना आवश्यक है, खाना खाकर तुरन्त सो जाना हानिकारक है।
11. रात्रि में दही का सेवन निषेध है, भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन निषेध है। दिन में भोजन के बाद मठ्ठा और रात्रि में भोजन के बाद दूध लेना लाभदायक होता है। वात के रोगों में ब्लड एसिडिटी, कफ वृद्धि या संधिवात में दही ना खायें।
12. शौच क्रिया के बाद, भोजन से पहले, सर्दी-जुकाम होने पर, दांतों में पीव आने पर और पसीना आने की दशा में पान का सेवन नहीं करना चाहिए।
13. सिर पर अधिक गर्म पानी डालकर स्नान करने से नेत्रों की ज्योति कम होती है जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं।
14. सोते समय सिर पर कपड़ा बांधकर सोना, पैरों में मोजे पहनकर सोना, अधिक चुस्त कपड़े पहनकर सोना हानिकारक है।
15. शहद कभी भी गर्म करके ना खायें, छोटी मधुमक्खी का शहद सर्वोत्तम होता है।
16. तेज ज्वर आने पर तेज हवा, दिन में अधिक देर तक सोना, अधिक परिश्रम, स्नान, क्रोध आदि से बचना चाहिये।
17. नींद लेने से पित्त घटता है, मालिश से वात कम होता है और उल्टी करने से कफ कम होता है एवं उपवास करने से ज्वर शांत होता है ।

राज के इन आसान हेल्थ टिप्स को भी अपनाएं 

इन दिनों लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि दिनों दिन वे नई-नई परेशानियों और बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। चाहे खान-पान हो या आरामदायक जीवनशैली। और तो और शहरी वातावरण भी उन्हें इस तरह की दिनचर्या बनाने में काफी मदद की है। सभी ऐशोआराम की चीजें उन्हें घर बैठे हासिल हो जाती है। उन्हें उठकर कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
  • प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है।
  • ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
  • अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें। 
  • ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो।
  • तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज करें यह बहुत से बीमारियों की जड़ होती है। 
  • डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। जैसे कि चीज, कॉटेज चीज, दूध और क्रीम का लो फैट प्रोडक्ट आदि। 
  • यदि खाना ही है तो, मक्खन ,फैट फ्री चीज और मोयोनीज का लो फैट उत्पाद प्रयोग में लाऐं।
  • तनाव हमारी जिंदगी में काफी निगेटिव असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव कम करने के लिए सकारात्मक विचार बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। 
  • तनाव कम करने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा ऐसे काम करें, जिसे करने में आपको मन लगता हो। 
  • तनाव कम करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।
  • गुस्सा तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए गुस्सा आने पर स्वंय को शांत करने के लिए एक से दस तक गिनती गिनें। 
  • उन लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो आपके तनाव को बढ़ाते हों।
  • धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर और उम्र पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही फेफड़ों का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।
  • धूम्रपान में कमी लाने के लिए उसकी तलब लगने पर सौंफ आदि का सेवन करें।
  • मार्केट में भी आजकल बहुत से प्रोडक्ट मिलने लगे हैं जो धूम्रपान की तलब को कम करते हैं।
  • सुबह-शाम ताजा भोजन करें।
  • निश्चित समय पर भोजन करें।
  • अनियमित भोजन से दूर रहें।
  • पानी ज्यादा से ज्यादा पिएँ।
  • रात का भोजन सोने से तीन घंटे पहले अवश्य कर लें।
  • खाना खाने के बाद 10 मिनट वज्रासन में अवश्य बैठें।
  • भोजन से पहले व तुरंत बाद पानी पीना हानिकारक है।
  • गरिष्ठ, तले, मसालेदार, खटाईयुक्त भोजन से परहेज करें।
  • अंकुरित अन्न, सलाद, सूप का समावेश भोजन व नाश्ते में अवश्य करें।
  • केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।