दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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मंगलवार, फ़रवरी 16, 2016

पिम्पल के लिए प्राकृतिक और आसान तरीके

मुहांसे ठीक करने और चेहरे से दाग-
धब्बे हटाने के 10 हर्बल उपाय : राज
Common Ingredients Can Remove
Acne Scars If You Use Them In Right Way

किशोरों में अपने लुक्स को लेकर आजकल कुछ ज्यादा ही जागरूकता आ गई है। उन्हें अपनी त्वचा और चेहरे की सुंदरता को लेकर बड़ी चिंता बनी रहती है। किशोरावस्था के दौरान तेजी से होने वाले हॉर्मोनल परिवर्तन के कारण चेहरे तथा त्वचा संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं। इस दौरान होने वाली प्रमुख समस्याओं में से एक मुहांसे भी हैं। मुहांसों से निपटने के लिए किशोर बाजार में उपलब्ध तमाम क्रीम और दवाओं का इस्तमाल करते हैं और जब परिणाम संतोषजनक नहीं मिलते तो मानसिक तनाव के शिकार हो जाते हैं। मुहांसों की वजह से चेहरा बदसूरत लगता है। इससे उनमें आत्मविश्वास की कमी हो जाती है। इस वजह से वे खुद को अपनी मित्र मंडली से दूर तक कर लेते हैं। जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और तनावपूर्ण जीवनशैली भी त्वचा से संबंधित समस्याओं के कारण हैं।

आदिवासी आज भी त्वचा के रोगों के इलाज के लिए अपने पारंपरिक हर्बल ज्ञान का उपयोग करते हैं। मुहांसे जैसी समस्याओं के लिए अनेक देसी जड़ी-बूटियों पर आधारित फ़ॉर्मूलों का प्रयोग कर वे समस्या का निवारण भी कर लेते हैं। आइए, जानते हैं कुछ चुनिंदा हर्बल नुस्खों के बारे में। उम्मीद है, दैनिक भास्कर के पाठक इन हर्बल नुस्खों को अपनाकर अपनी समस्याओं से निजात पा सकेंगे। मुहांसे ठीक करने और चेहरे से दाग-धब्बे हटाने के 10 हर्बल उपाय। पिम्पल से लड़ने के लिए बेशक हम तमाम तरीके के प्रोडक्ट लगाते हैं। डॉक्टर के पास जाते हैं। लेकिन फिर भी पिम्पल की समस्या अक्सर ज्यों की त्यों रहती है। जबकि हकीकत यह है कि पिम्पल दूर भगाने के लिए प्राकृतिक और आसान तरीके मौजूद हैं। आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि प्राकृतिक तरीकों से एक रात में ही पिम्पल का सफाया किया जा सकता है। आइये इन तरीकों से रूबरू होते हैं।

1- बर्फ थैरेपी

अगर आपके घर में बर्फ का एक टुकड़ा मौजूद है तो पिम्पल होने पर दवाई लगाना और उसके हटने का इंतजार करना बेवकूफी है। जी, हां! बर्फ असल में पिम्पल की लालिमा को कम करता है, सूजन कम होती और जलन में भी कमी आती है। वास्तव में बर्फ लगाने से रक्तसंचार में वृद्धि होती है और रोमछिद्रों को भी प्रभावित करती है। बर्फ के जरिये पिम्पल के इर्द-गिर्द मौजूद गंदगी और तेल पूरी तरह निकल जाता है। आपको सिर्फ इतना करना है कि एक कपड़े में बर्फ के टुकड़े को लपेटना है और पिम्पल पर उसे कुछ सेकेंडों के लिए फेरना है। यही प्रक्रिया कुछ कुछ मिनटों में दोहरानी है।

2 - सफेद टूथपेस्ट

सफेद टूथपेस्ट काफी हद तक बर्फ ट्रीटमेंट की तरह काम करता है। सफेद टूथपेस्ट को तकरीबन एक घंटे के लिए पिम्पल पर लगाकर छोड़ दें। लेकिन यह ध्यान रखें कि आपका टूथपेस्ट जेलयुक्त न हो। पिम्पल हटाने के लिए सफेद टूथपेस्ट का ही इस्तेमाल करें। यह पिम्पल की सूजन कम करने में सहायक है।

3 - स्टीम उपचार

चेहरे की दमक के लिए स्टीम उपचार बेहद जरूरी है। यह न सिर्फ गंदगी हटाता है बल्कि चेहरे की त्वचा को मुलायम भी रखता है। दरअसल स्टीम उपचार के जरिये रोम छिद्र खुल जाते हैं। नतीजतन त्वचा को सांस लेने में आसानी होती है। स्टीम उपचार लेने से चेहरे में गंदगी नहीं जमती जिससे पिम्पल होने की आशंका में कमी आती है।

4 - लहसुन का चमत्कार

लहसुन पिम्पल को हटाने के लिए किसी चमत्कारिक उपचार से कम नहीं है। दरअसल लहसुन एंटीवायरल, एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट है जो तेजी से घाव आदि को भरता है। यही नहीं पिम्पल को भी आसानी से ठीक करता है। इसमें सल्फर भी पाया जाता है। यह भी त्वचा के लिए लाभदायक तत्व है। आपको सिर्फ इतना करना है कि लहसुन छीलकर उसे अपने पिम्पल पर लगाना है। 5 से 7 मिनट तक लहसुन लगाने के बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धोना है। आप इसी प्रक्रिया को एक घंटे बाद दोहरा सकते हैं।

5 - सेब युक्त सिरका

हालांकि यह हर घर में आसानी से पाया जाने वाला तत्व नहीं है। लेकिन जब बात पिम्पल की आती है तो यह पिम्पल हटाने के लिए पावरहाउस का काम करता है। सेब युक्त सिरका बैक्टीरिया को खत्म करता है और त्वचा के पीएच को संतुलित रखता है। चेहरे को अच्छी तरह धोने के बाद सेब युक्त सिरका में पानी मिलाकर एक किस्म का फेसवॉश बनाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल चेहरे पर रूई के जरिये करें। इस पैक को दस मिनट तक चेहरे पर लगाए रखें। धोने के बाद अपने चेहरे का फर्क देखें।

6 - अण्डे का सफेद भाग

अण्डे का सफेद भाग प्रोटीन से भरा हुआ है जो कि कील-मुंहासों से लड़ने में सहायक है। अण्डे का सफेद भाग आसानी से चेहरे के सभी दाग धब्बों को निकाल सकता है। इसके लिए आपको चाहिए कि तीन अण्डे के सफेद भागों को एकत्रित करें। इसके बाद इन्हें अच्छी तरह मिक्स करें और कुछ क्षणों के लिए इन्हें अच्छे से मिक्स होने के लिए रख दें। अपने अंगुली से इस पेस्ट को पिम्पल पर लगाएं। जैसे ही पिम्पल पर लगा पेस्ट सूख जाता है, उसे धो दें। ऐसा नियमित चार बार करें। आखिर में पेस्ट को 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाए रखें। इसके बाद फर्क महसूस करें।

7 - टमाटर

टमाटर तैलीय त्वचा के लिए सबसे सहायक पदार्थ है। इसमें लाइसोपीन नामक एंटीआक्सीडेंट होता है जो त्वचा की सुरक्षा करता है। यही नहीं टमाटर डैमेज त्वचा के लिए भी कारगर है। टमाटर में एंटीबैक्टीरियल तत्व भी मौजूद है जिससे ब्लैकहेड्स और चेहरे के कालेपन को खत्म किया जा सकता है। ताजे टमाटर से बने जूस को अपने चेहरे पर मास्क की तरह इस्तेमाल करें। उसके बाद एक घंटे बाद चेहरे को धो दें।

8 - संतरे के छिलके

सबसे पहले अपने चेहरे को गर्म पानी से धोएं ताकि चेहरे के छिद्र खुल सके। इसके बाद संतरे के छिलके को पिम्पल पर लगाएं। ऐसा एक घंटे तक करते रहें। संतरे के छिलके में मौजूद विटामिन सी आपके पिम्पल को निकालने में मदद करेगा।

9 - पपीता

गर्म पानी से चेहरे को धोने के बाद चेहरे पर पपीता का मिक्सचर लगाएं। 15-20 मिनट बाद चेहरे को धोएं। इससे चेहरा मोएस्चराइज होता है साथ ही पिम्पल आने की आशंका भी कम होती है।

10 - केले के छिलके

केला खाना जितना फायदेमंद है, उतना ही फायदेमंद केले का छिलका भी है। पिम्पल होने पर केले के छिलके को फेंके नहीं वरन चेहरे पर मास्क की तरह इस्तेमाल करें।

रविवार, जून 28, 2015

एक्ने और पिम्पल्स से छुटकारा : राज

आयुर्वेद आजमायें एक्‍ने की समस्‍या से निपटने के लिए

ज़रूरी नहीं कि एक्ने (किल -मुहासों ) सिर्फ टीन-एजर्स को ही हों. आजकल ये हर किसी को होते हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस उम्र के हैं. ऐसा शायद इसलिए क्योंकि आज की लाइफ बहुत ही ज्यादा स्ट्रेस (टेंशन भरी) और प्रदूषण से भरी हुई है. रंग चाहे सांवला हो या गेहुंआ, पिम्पल और रेडनेस का सामना सभी को करना पड़ रहा है. इसके बाद हमेशा के लिए रह जाने वाले ब्लेमिशेस भी इस एक्सपीरिएंस को जाने नहीं देते.  'एक्ने' के कारण : त्वचा का तैलीय होना एक्ने होने का मुख्य कारण है।  हार्मोनल समस्या भी एक प्रमुख कारण है।  दिन में दो बार आयल फ्री क्लींजर से त्वचा की नियमित सफाई करें।  पानी का अधिक से अधिक सेवन करें। एक्ने हर किसी को तंग करते हैं। हालांकि यह एक आम समस्या है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर इसका प्राकृतिक उपचार किया जाए तो इससे काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है।

  • युवावस्था में हार्मोंस में बदलाव के कारण होती है एक्‍ने की समस्‍या।
  • सिबेशस ग्रंथि की अति सक्रियता और हार्मोन के कारण होते हैं एक्‍ने।
  • गाय के ताजे दूध में चिरौंजी को पीसकर इसका लेप चेहरे पर लगायें।
  • चमेली के तेल को सुहागा में मिलाकर रात को सोने से पहले लगायें।
अगर चेहरे पर मुंहासों के जैसे बहुत सारे दाने, हो जाएं और बहुत दिनों तक ठीक न हों तो जरा सावधान हो जाइए। यह एक्ने हो सकते हैं। एक्ने को आयुर्वेदिक उपचार से ठीक किया जा सकता है। दरअसल त्वचा के नीचे स्थित सिबेशस ग्लैंड्स से त्वचा को नम रखने के लिए एक तेल निकलता है। ये ग्रंथियां चेहरे, पीठ, छाती और कंधों पर सबसे ज्यादा होते हैं।


अगर ये ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रोमछिद्र चिपचिपे होकर बंद हो जाते हैं और उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो आगे चलकर एक्ने का कारण बनते हैं। सिबेशस ग्लैंड्स की अति सक्रियता की प्रमुख वजह एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता होती है। एंड्रोजन पुरुष सेक्स हार्मोन है और यह लड़के और लड़कियों दोनों में ही होता है। किशोरावस्था में इसका प्रभाव ज्यादा होता है। आइए हम आपको एक्‍ने के उपचार के लिए आयुर्वेद तरीकों के बारे में बताते हैं।

एक्ने की समस्या :-

कुछ लड़कियों को पीरियड्स से पहले बार-बार मुंहासे निकल आते हैं जो बिगड़कर एक्ने का रूप ले सकते हैं। ऐसा ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के ज्यादा सिक्रीशन की वजह से भी होता है। इससे त्वचा पर छोटे-छोटे दानों के गुच्छे जैसे बन जाते हैं। इसी तरह सिबेशस ग्रंथियों से उत्पन्न सीबम त्वचा के पिगमेंट मिलकर रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देता है तो ब्लैकहेड्स बनते हैं। अगर त्वचा की अंदरूनी परत में सीबम जमा हो जाता है तो व्हाइटहेड्स बनते हैं। कई बार ब्लैकहैड्स और व्हाइटहेड्स त्वचा के भीतर फैलने के बाद फूट जाते हैं, जिससे बाहरी त्वचा पर एक्ने और ज्यादा फैल सकता है।

दरअसल टीनेज में हार्मोंस में लगातार बदलाव आते रहते हैं, नतीजन चेहरे पर दाग, धब्बे, मुंहासे और एक्ने की समस्या होने लगती हैं। एक्ने ऐसी समस्या है जो आमतौर पर टीनेज और युवावस्था में अधिक होती है। अगर आपके परिवार में पहले भी परिवार वालों को एक्ने रहे हैं यानी आपके मां या पिता को भी यह समस्या रही है तो भी आपको इससे बचाव के लिए तैयार रहना चाहिए। एक्ने त्वचा का एक विकार है। एक प्रकार से यह मुंहासों का ही बिगड़ा हुआ रूप है।

चिरौंजी :-

गाय के ताजे दूध में चिरौंजी पीसकर इसका लेप बनाकर चेहरे पर लगाएं और सूखने पर धो लें, इससे एक्ने की समस्या से निजात मिलेगी।

चमेली का तेल :-

चमेली के तेल को सुहागा में मिलाकर रात को सोते समय चेहरे पर लगाकर मसलें। सुबह बेसन को पानी से गीला कर गाढ़ा-गाढ़ा चेहरे पर लगाकर मसलें और पानी से चेहरा धो डालें। इससे चेहरे पर होने वाली जलन पर बहुत आराम मिलेगा।

मसूर की दाल :-

मसूर की दाल 2 चम्मच लेकर बारीक पीस लें। इसमें थोड़ा सा दूध और घी मिलाकर फेंट लें और पतला-पतला लेप बना लें। इस लेप को मुंहासों पर लगाएं।

जायफल :-

मुंहासों को दूर करने के लिए जायफल भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए साफ पत्थर पर पानी डालकर जायफल घिसकर लेप को कील-मुंहासों पर लगाएं।

अन्‍य आयुर्वेदिक उपाय :-

शुद्ध टंकण और शक्ति पिष्टी (आयुर्वेदिक दुकानों में उपलब्ध) 10-10 ग्राम मिलाकर एक शीशी में भर लें। थोड़ा सा यह पावडर और शहद अच्छी तरह मिलाकर कील-मुंहासों पर लगाएं।
लोध्र, वचा और धनिया, तीनों 50-50 ग्राम खूब बारीक पीसकर शीशी में भर लें। एक चम्मच चूर्ण थोड़े से दूध में मिलाकर लेप बना लें और कील-मुंहासों पर लगाएं। आधा घंटे बाद पानी से धो डालें।
सफेद सरसों, लोध्र, वचा और सेन्धा नमक 25-25 ग्राम बारीक चूर्ण करके मिला लें और शीशी में भर लें। एक चम्मच चूर्ण पानी में मिलाकर लेप बना लें और कील-मुंहासों पर लगाएं।
मसूर, वट वृक्ष की कोंपलें (नरम छोटी पत्तियां), लोध्र, लाल चन्दन, सब 10-10 ग्राम बारीक चूर्ण करके मिला लें। एक चम्मच चूर्ण पानी के साथ पीसकर लेप बना लें। इसे कील-मुंहासों पर लगाएं।

आयुर्वेद उपचार के साथ ही एक्ने की समस्‍या से बचने के लिए चेहरे की साफ-सफाई रखना जरूरी हैं, ऐसे में चेहरे को बार-बार पानी से धोएं। और मेकअप कम से कम करें और गर्मियों में वॉटरप्रूफ मेकअप का ही इस्तेमाल करें।

अन्‍य उपाय :-

आज आपको राज इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के 10 तरीके बता रहा है. इसे ट्राय करें और पाएं क्लिर स्किन.

1. एक अच्छा स्किन केयर रूटीन बनाएं
अगर आपकी स्किन ऑयली है और पिम्पल्स बहुत होते हैं तो एक अच्छा स्किन केयर रुटीन फॉलो करना ज़रूरी है. ‘क्लींज-टोन-मॉइश्चराइज़’ का साइकल हर दिन दो बार ज़रूर करें.

2. जेंटल क्लीन्जर यूज़ करें
क्लीन्जिग का असर पूरी तरह आपके द्वारा इस्तेमाल किए गए क्लीन्जर पर निर्भर करता है. हार्श या सख्त क्लीन्जर आपकी स्किन के अच्छे ऑयल और प्रोटेक्टिव बैरियर को भी हटा देते हैं. साबुन आपकी स्किन को बहुत ज्यादा ड्राय कर सकता है. इसलिए एक ऐसा क्लीन्जर इस्तेमाल करें जो आपकी स्किन ऑयल को बैलेंस तरीके से हटाए और जिसमें एंटी-इंफ्लामेटरी इनग्रिडिएंट्स भी हों, जो इरिटेटिड स्किन को आराम पहुंचाए. साथ ही, क्लीन्जिग बस अपने फिंगर टिप्स से ही करें. क्रीम-बेस्ड की जगह जैल मॉइश्चराइज़र लें. जैल-बेस्ड आपकी स्किन को हाइड्रेड करता है.

3. एक्सफोलिएट करें लेकिन सावधानी से
एक्सफोलिएट करना स्किन के लिए अच्छा है– परफेक्शन की चाह में आप अपनी स्किन को स्क्रब कर सकते हैं और ध्यान रखें कि उस पर ऑयली परत या बैक्टीरिया न पनपे, पर एक्सफोलिएंट ऐसा चूज़ करें जो प्रयोग में माइल्ड और जेंटल हो. बहुत सारे इनग्रिडिएंट्स और बीड्स जैसे हार्श कॉम्पोनेंट्स वाले एक्स्फोलिएंट्स को अवॉइड करें. ग्लाइसोल एसिड बेरंग हुए स्किन का कलर निखारता है, इसलिए एक ऐसा एक्स्फोलिएंट चुनें जिसमें यह हो.

4. टॉवल की थपकी लें
आपने सुना होगा – भगवान कण-कण में बसता है, इसलिए नहाने के बाद की केयर बहुत जरूरी है. थपकी देकर स्किन को सुखाएं और थोड़ा गीला ही रहने दें. इससे आपकी स्किन में इरिटेशन नहीं होगी.

5. ओवर-ड्राइंग अवॉइड करें
एक बार अगर आपने अपने ऑयलिनेस को हटाना डिसाइड कर लिया, तो आप इसे पूरी तरह हटाने की जैसे ठान ही लेते हैं और पूरी तरह ड्राई कर देते हैं. कभी भी एल्कोहल बेस्ड एंस्ट्रिजेंट्स का प्रयोग न करें, ये त्वचा को पूरी तरह ड्राई कर देते हैं.

6. अच्छी मॉइश्चराइजिंग टेकनीक का प्रयोग करें
जी हां, सभी को पता है कि एक अच्छे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल स्किन केयर का आधा काम पूरा कर देता है. नहाने के तुरंत बाद मॉइश्चराइज़र लगाएं ताकि नमी बनी रहे और एब्जॉर्ब्सन हो सके. रेटिनॉल, सेलिसिलिक (salicylic) और लैक्टिक एसिड वाले मॉइश्चराइज़र का प्रयोग करें क्योंकि ये ऐसे इंग्रिडिएंट्स हैं जो स्किन डैमेज को कंट्रोल करते हैं. हाइड्रेट करने वाले मॉइश्चराइज़र भी यूज़ कर सकते हैं.

7. आपके ब्यूटी इन्स्ट्रूमेंट्स साफ होने चाहिए
आपके वॉशिंग पैड्स से लेकर मेकप ब्रश तक साफ होने चाहिए ताकि उन पर बैक्टीरिया न पनपें. आपका पाउडर पफ भी हर सप्ताह साफ हो इसका ध्यान रखें और दो सप्ताह में कम से एक बार अपने ब्रश को शैंपू से ज़रूर साफ करें. ज़्यादा अच्छे रिजल्ट्स के लिए उन्हें एयर-ड्राई करें.

8. पिम्पल्स को हाथ न लगाएं
आपके हाथ गंदगी फैलाने का ज़रिया हैं. कभी भी पिम्पल को फोड़ने की कोशिश न करें, फिर भले ही वह कितना भी दर्द करता हो. इनपर स्पॉट रिडक्शन क्रीम लगाएं और इंतजार करें या अगर उतना समय न हो तो टूथपेस्ट ट्राई करें. बस एक डैब करें और पिम्पल ड्रायअप हो जाएंगे.

9. मेकप जो नुकसान न करें
अक्सर आप स्किन केयर का बहुत ध्यान रखती होंगी लेकिन अपनी कंवेनिएंट (सुविधा) से मेकप, जिसके कारण इसकी ज्यादा जरूरत पड़ती है, उसे भूल जाते हैं. ऐसा मेकप यूज करें या खरीदें जो पोर्स को बंद न करें. मिनरल बेस्ड कॉस्मेटिक यूज करें क्योंकि इनमें सिलिका, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड जैसे इनग्रिडिएंट्स होते हैं जो एक्सेस ऑयल को सोखने में मदद करते हैं.

10. अपने बालों का ध्यान रखें
कई बार आपके बाल चहरे के लिए परेशानी की वजह बन सकते हैं. हेयर स्कैल्प के डैंड्रफ या इरिटेशन आपकी स्किन के लिए भी समस्या बन सकती हैं. यहां तक कि आर्टिफिशियल फ्रेगरेन्स और प्रिज़र्वेटिव्स शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स भी एक्ने का कारण बन सकते हैं. इसलिए इन्हें लेने से पहले इनका लेबल जरूर पढ़ें और सुरक्षित रहें.

गुरुवार, फ़रवरी 12, 2015

घरेलू उपचार से करें मुहासे गायब

The pimple disappear from home remedies

प्रदूषित धुआं, धूल के कण, सिर में डेंड्रफ, रक्त में अशुद्धि, तेलीय त्वचा जैसी समस्याओं के चलते अक्सर चेहरों पर मुहांसे निकल आते हैं। सही समय पर इनका उपचार नही होने से यह समस्या विकराल रूप भी धारण कर लेती है।

घरेलू उपचार

  • लहसुन की कुछ कलियों को कुचलकर, इसे एक चम्मच दही और आधा चम्मच शहद मिलाकर मुहांसों पर आहिस्ता-आहिस्ता इस लेप को लगाना चाहिए। करीब 15 मिनट बाद चेहरे को साफ पानी से धुल लेना चाहिए। ऐसा करने से मुहांसे शीघ्र खत्म हो जाते हैं। माना जाता है कि महज 2 लहसून की कलियों को कुचलकर प्रतिदिन मुहांसों पर लगाया जाए तो भी काफी फायदा होता है।
  • चेहरे पर हल्दी का चूर्ण और नीम की पत्तियों का रस मिलाकर लगाया जाए तो मुहांसे खत्म होने लगते हैं। दही, हल्दी और लौंग का चूर्ण आपस में मिलाकर मुहांसों पर लगाया जाए तो राहत मिलती है।
  • हिमाचल में महिलाएं पारंपरिक ज्ञान के अनुसार सेव के फलों को कुचलकर रस तैयार करती हैं और इस रस को मुहांसों और चेहरे के अन्य दाग धब्बों वाले हिस्सों पर लगाती हैं, ऐसा करने से मुहांसों में आराम मिलता है और त्वचा के पुराने दाग-धब्बे भी समाप्त हो जाते हैं।
  • चंदन, हल्दी और गुलाब जल का मिश्रण तैयार कर फेसपैक तैयार किया जाए और सप्ताह में कम से कम एक बार रात को 15 मिनट के लिए इसे लगाकर रखा जाए तो मुहांसे होने की गुंजाईश काफी हद तक कम हो जाती है। यदि चेहरे पर मुहांसे हों तो वो भी खत्म हो जाते हैं।
  • जानकारों के अनुसार उन महिलाओं को ज्यादा मुहांसे होते हैं जिनके चेहरे की त्वचा तेलीय होती है। तेलीय त्वचा पर धूल और मिट्टी के कण अक्सर चिपक जाते हैं या सिर से झडऩे वाले डेंड्रफ इस तेल की वजह से चेहरे पर चिपक जाते हैं और फिर सूक्ष्मजीवी संक्रमण से मुहांसे बन जाते हैं।
  • हर्बल नुस्खों से मिटाएं चेहरे के दाग-धब्बे
  • सामान्यत: मुहांसों के होने के बाद या चेहरे पर आईं खरोचों के बाद इनके निशान चेहरे से दूर नहीं होते हैं, ऐसे निशानों को दूर करने के लिए इन पारंपरिक हर्बल नुस्खों को अपनाया जा सकता है।
  • पान के एक पत्ते को कुचल लिया जाए और इसमें एक चम्मच नारियल का तेल मिला लिया जाए। इसे चेहरे या शरीर के किसी भी हिस्से पर बने दाग, काले निशान या धब्बों पर लगाकर कुछ देर रखा जाए और फिर धो लिया जाए। ऐसा सप्ताह में कम से कम 2 से 3 बार किया जाए तो 3 महीने के भीतर निशान मिट सकते हैं।
  • एक आलू को बारीक पीस लिया जाए और इसमें 2-3 चम्मच कच्चा दूध मिला लिया जाए ताकि पेस्ट तैयार हो जाए। इस पेस्ट को प्रतिदिन सुबह शाम कुछ देर के लिए काले निशानों पर लगाकर रखा जाए और फिर धो लिया जाए, शीघ्र ही निशान दूर हो जाएंगे।
  • प्रतिदिन ग्लिसरीन और नींबू रस की समान मात्रा चेहरे के काले धब्बों पर लेपित की जाए तो जबरदस्त फायदा होता है और जल्द ही गहरे काले निशानों की छुट्टी हो जाती है।

चेहरे की झुर्रियां

  • कम उम्र में चेहरे पर झुर्रियां बनने की कई वजहें हो सकती है लेकिन कुछ पारंपरिक हर्बल नुस्खों को अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है।
  • सेव को कुचल लिया जाए और इसमें कुछ मात्रा कच्चे दूध की मिला ली जाए और चेहरे पर लगाया जाए। जब यह सूख जाए तो इसे धो लिया जाना चाहिए। सप्ताह में कम से कम 4 बार ऐसा करने से काफी फायदा होता है।
  • दो टमाटर को लेकर कुचला जाए और इसमें 3 चम्मच दही और दो चम्मच जौ का आटा मिला दिया जाए। चेहरे पर इस मिश्रण को कम से कम 20 मिनट के लिए लगाकर रखा जाए तो यह त्वचा क ी सिकुडऩ में मदद करता है जिससे झुर्रियां कम होने लगती हैं। इस उपाय को सप्ताह में 2 बार कम से कम 1 माह तक उपयोग में लाना चाहिए, फायदा होता है।
  • रात में सोने जाने से पहले संतरे के 2 चम्मच रस में 2 चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर 20 मिनिट तक लगाए रखना चाहिए, बाद में साफ कपास को दूध में डुबोकर चेहरे की सफाई करनी चाहिए, ऐसा प्रतिदिन करा जाए तो सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखने लगते हैं।
  • हर्बल वैद्यों की जानकारी के अनुसार 1/2 कप पत्ता गोभी का रस तैयार किया जाए और इसमें 1/2 चम्मच दही और 1 चम्मच शहद मिलाकर चेहरे पर लगाया जाए। जब यह सूख जाए तो गुनगुने पानी से इसे धो लिया जाए, ऐसा करने से चेहरे की त्वचा में प्राकृतिक रूप से खिंचाव आता है और यह झुर्रियों को दूर करने में मदद करता है।
  • चावल के आटे में थोड़ा सा दूध और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट तैयार कर लिया जाए और चेहरे पर हल्का-हल्का मालिश किया जाए। कुछ देर बाद इसे गुनगुने पानी से साफ भी कर लिया जाए। सप्ताह में कम से कम 3 बार इस प्रक्रिया को दोहराने से काफी फर्क महसूस किया जा सकता है।

डार्क सर्कल्स का बनना

  • तनावग्रस्त जीवन और अनिद्रा की वजह से अक्सर आंखों के इर्द-गिर्द डार्क सर्कल्स का बन जाना आम बात है लेकिन कुछ हर्बल नुस्खों के उपयोग से इस समस्या से भी छुटकारा पाया जा सकता है।
  • ककड़ी के गोल-गोल टुकड़े काट लिए जाएं और इन्हें रेफ्रिजरेटर में रख दिया जाए। जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें आंखो के ऊपर 15 मिनिट तक रख दिया जाए। बाद में इन टुकड़ों को डार्क सर्कल वाले हिस्सों पर आहिस्ता-आहिस्ता रगड़ दिया जाए और अंत में साफ पानी से चेहरा धो लिया जाए। प्रतिदिन एक बार ऐसा करने से जल्द ही डार्क सर्कल्स से छुटकारा मिल जाता है।
  • कच्चे आलू के गोल-गोल टुकड़ों को 15 से 20 मिनिट तक आंखों के ऊपर रख दिया जाए और बाद में ठंडे पानी से धो लिया जाए, फायदा करता है।
  • टमाटर के 1 चम्मच रस के साथ 1 चम्मच नींबू रस मिलाया जाए और डार्क सर्कल्स वाले हिस्सों पर लेपित कर दिया जाए, करीब 15 से 25 मिनिट के बाद इसे साफ पानी से धो लिया जाए। ऐसा प्रतिदिन रात सोने से पहले से किया जाए तो शीघ्र ही डार्क सर्कल्स छू मंतर हो सकते हैं।