दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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गुरुवार, जुलाई 28, 2016

मानसून में "राज" बच्चों का आहार


बच्चों की खानपान पर दें ध्यान क्योंकि मानसून है दगाबाज़

बच्चों को तो "राज" बारिश में भीगना बहुत भाता है। पर ध्यान रहे ... -इस मौसम में गरिष्ठ भोजन को त्यागकर हल्का व सुपाच्य भोजन करें, क्योंकि मानसून में शरीर भोजन को जल्दी नहीं पचा पाता है। अपने पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए लहसुन, काली मिर्च, अदरक, हल्दी और धनिया का सेवन करें।

 मानसून के आने से "राज" गर्मी की चिलचिलाती धूप से काफी राहत मिलती है। जहां एक ओर ये राहत देता है तो दूसरी ओर मानसून के आने से नुकासान ज्यादा होता है। इस समय चारों ओर कीचड़ की गदंगी से संक्रमण के फैलने का डर बना रहता है। इसके बाद इन दिनों का संक्रमित खानपान बड़े से लेकर बच्चों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। बच्चे के लगातार बीमार होने से उनका इम्यूनिटी सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। इसलिए उनके सुरक्षित रहने के लिए विशेष रख रखाव की जरूरत होती है। आज हम आपको बता रहें हैं बच्चों के इम्यूनिटी पावर को मजबूत करने के लिए ऐसे आहार लें, जिससे आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो और वो हर बीमारियों से सुरक्षित रहे।


1. सूप –

सूप पीना वैसे भी "राज" स्वास्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है। जिसकी सलाह डॉक्टर भी दिया करते हैं क्योंकि ये शरीर में असानी से पचने वाला होता है। सूप हमेशा आप घर का बनाया हुआ ही पीया करें। सूप को बनाने के लिए आप ताजी सब्जियों के साथ यदि मांस को भी डाल देते हैं तो यह काफी फायदेमंद वाला साबित होता है। इसे बनाने के लिए आप शोरबा में सब्जियां या मांस उबाल लें। फिर इनमें काली मिर्च, अदरक, लहसुन और प्याज को डालकर अच्छी तरह से मिला दें। ये सूप स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के लिए भी लाभदायक होता है।

2. मौसमी फलों को खाओ-

इस उमस भरे मौसम में "राज" बाहरी संक्रमण से बचने के लिए फलों का सेवन करना सबसे अच्छा उपाय है। इसके लिए आप अपने आहार में मौसमी फलों को शामिल कर अपने स्वास्थ को ठीक रखते हुए शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। आप ऐसे मौसम में फलों का सेवन करने के लिए प्लम, जामुन और चेरी को शामिल करें। इन फलों का सेवन रोज करें इन मानसूनी फलों में एंटीबॉयोटिक गुणों की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जो प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाती है जिससे सर्द गर्म से होने वाले बुखार से राहत मिलती है।

3. स्नैक और नट

सूखे मेवे और नट्स का सेवन "राज" बच्चों के शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसके साथ ही इनमें पाए जाने वाले पौष्टिक गुण जैसे फैटी एसिड, प्रोटीन और सेलेनियम, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, carotenoids होते है। जो मानसून के समय में होने वाले संक्रमण के साथ बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक होते है। इसके साथ ही ये पौष्टिक तत्व बच्चों की ग्रोथ में भी सहायक होते है।

3. हल्दी वाला दूध-

हमारे भारत में "राज" हल्दी वाले दूध को हर घरों में मां और दादी के द्वारा दी जाने वाली औषधिय दवाई मानी जाती है। जो किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में सहायक होती है। इसके अलावा शारीरिक दर्द को दूर करने लिए इसें जादूई चमत्कार माना जाता है। जादूई गुणों से भरपूर हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाएं जाते है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करने में मदद करता है। इसलिए यदि आपका बच्चा मामूली सी सर्दी या किसी प्रकार के संक्रमण से पीड़ित है,तो उसे बिस्तर पर जाने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी दूध पीने को दे दीजिए। आपका बच्चा स्वस्थ होने के साथ एक बेहतर नींद भी सोएगा।

4. शहद और अदरक-

शहद और अदरक का रस "राज" हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा उपचार माना जाता है। क्योंकि अदरक में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी के गुण पाए जाते है जो संक्रमण को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा हनी में भी एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो संक्रमण दूर करने में मदद करते है। इस मौसम में सर्द-गर्मी से सर्दी खासी के साथ गले में खराश होने लगती है और इस समस्या को दूर करने का यह सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा माना जाता है।

5. तुलसी की चाय-

तुलसी के पत्तों में "राज" प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक के गुण पाए जाते है जो बाहरी संक्रमण को दूर करने में सहायक होते है। तुलसी का पत्तों से बनी चाय का सेवन रोज करने से हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जो बच्चों को हर तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करती है।

बुधवार, जुलाई 27, 2016

टमाटर के फायदे और नुकसान

टमाटर के आश्चर्य चकित करने वाले लाभ

टमाटर सिर्फ स्वाद में ही खट्टा-मीठा नहीं होता बल्कि टमाटर कई तरह के औषधिय गुणों से भी भरपूर होता है। टमाटर एंटी-ऑक्सीडेंट और खासकर लाइकोपीन से भरपूर होता है। टमाटर में प्रोटीन, विटामिन, वसा आदि तत्व विद्यमान होते हैं। यह सेवफल व संतरा दोनों के गुणों से युक्त होता है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है इसके अलावा भी टमाटर खाने से कई लाभ होते हैं। पौष्टिक तत्वों से भरपूर टमाटर हर मौसम में फायदेमंद है। इसे सब्जी में डालें या सलाद के रूप में या किसी और रूप में यह आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। टमाटर पर किए गए परीक्षणों से ज्ञात हुआ कि टमाटर सब्जी नहीं, बल्कि पौष्टिक व गुणकारी फल है। गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों के शरीर में लौह तत्व की कमी को पूरा करने वाला टमाटर को स्वादिष्ट व गुणकारी फल माना जाता है। टमाटर में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाये जाते हैं, विटामिन, पोटाश, मैगजीन, लौह और कैल्शियम से भरपूर टमाटर को चटनी, सांस कैचाअप, जैम और विभिन्न व्यंजनों के रूप में सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा लोग सर्दियों के मौसम में टमाटर का सूप भी पीते हैं। यह सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक है।

टमाटर खाने से भूख बढती है। इसके अलावा टमाटर पाचन शक्ति, पेट से संबंधित अनेक समस्याओं को दूर करता है। टमाटर खाने से पेट साफ रहता है और इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। त्वचा के लिए टमाटर खाने से सनबर्न और टैन्ड स्किन में फायदा होता है। टमाटर में पाया जाने वाला लाइकोपीन तत्व त्वचा को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाता है।
डायबिटीज रोगियों के लिए टमाटर खाना बहुत फायदेमंद होता है। हर रोज एक खीरा और एक टमाटर खाने से डायबिटीज रोगी को लाभ मिलता है। टमाटर आंखों व पेशाब संबंधी रोगों के लिए भी फायदेमंद है। टमाटर खाने से लीवर और किडनी की कार्यक्षमता को बढ़ाता है। हर रोज टमाटर का सूप पीने से लीवर और किडनी को फायदा होता है।

यदि आप टमाटर जैसा लाल दिखना चाहते हैं तो अपने भोजन में टमाटर का सेवन शुरू कर दीजिए। टमाटर को कच्चा, पकाकर और सूप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी न किसी तरह से आप टमाटर को आप हर रोज इस्तेमाल करते हैं। टमाटर खाने से कैंसर का खतरा कम होता है।
टमाटर खाने से त्वचा जवां दिखती है और त्वचा से संबंधित बीमारियां नहीं होती हैं। यानी टमाटर आपको जवां दिखाता है। ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी टमाटर बहुत फायदेमंद होता है। आइए हम आपको बताते हैं कि टमाटर में क्या-क्या गुण हैं और कैंसर से बचाव के लिए यह कितना फायदेमंद है।
टमाटर के नियमित सेवन से पेट साफ रहता है। टमाटर इतने पौष्टिक होते हैं कि सुबह नाश्ते में केवल दो टमाटर संपूर्ण भोजन के बराबर होते हैं और सबसे बड़ी बात तो यह है कि इनसे आपके वजन में जरा भी वृद्धि नहीं होगी। इसके अलावा यह पूरे शरीर के छोटे-मोटे विकारों को दूर करता है।
जो लोग अपना वजन कम करने के इच्छुक हैं, उनके लिए टमाटर एक वरदान है। एक मध्यम आकार के टमाटर में केवल 12 कैलोरीज होती है, इसलिए इसे पतला होने के भोजन के लिए उपयुक्त माना जाता है।

टमाटर के फायदे और नुकसान

टमाटर के फायदे

1. एनीमियाके रोगी को रोजाना दो सौ ग्राम टमाटर का रस पीने से बहुत लाभ होता है।
2. रोजाना टमाटर का रस पीने से जॉंडिस रोग में बहुत लाभ होता है।
3 कम वजन से परेशान लोग यदि भोजन के साथ पक्के टमाटर खाएं तो उनका वजन बढ़ता है।
4. पेट में कीड़े हो तो टमाटर के टुकडों पर या रस में काली मिर्च का चूर्ण और सेंधा नमक डालकर खाएं। पेट के कीड़े दूर हो जाएंगे।
5. टमाटर के रस में थोडी-सी शर्करा मिलाकर पीने से पित्त की विकृति से उत्पन्न रोग दूर होते है।
6. टमाटर खाने से न केवल मुंह के छाले दूर होते हैं बल्कि कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
7. छोटे बच्चों में आंखों की ज्योति में क्षीणता अनुभव होने पर उन्हें टमाटर खिलाना चाहिए। टमाटरों में विटामिन ए होता है जो आंखों की ज्योति को विकसित करता है।
8. दांतों में खून की समस्या का अनुभव होते ही रोजाना दो सौ ग्राम टमाटर का रस सुबह-शाम पीने से बहुत लाभ होता है। यह स्कर्वी रोग में सहायक है।
9. भोजन के प्रति अरूचि होने या भूख न लगने की स्थिति में टमाटर के दो सौ ग्राम रस में अदरक का रस और नींबू का रस मिलाकर पीने से भूख अधिक लगती है।
10. अर्श रोग में खून निकलने पर रोजाना दो सौ ग्राम टमाटर खाने या रस पीने से खून निकलने की समस्या दूर होती है, टमाटर कब्ज को दूर करता है।
11. पके टमाटरों का रस रोजाना पिलाने से बच्चों के नाक से नकसीर की समस्या दूर होती है।
12. पके टमाटरों का रस, सुबह-शाम पीने से गर्मियों में निकलने वाले फोड़े-फुंसियों व त्वचा के अन्य विकारों से सुरक्षा होती है।
13. गर्मियों में अधिक प्यास की विकृति होने पर दो सौ ग्राम टमाटर के रस में दो-तीन लौंग का चूर्ण मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है।
14. टमाटर के सौ ग्राम रस में पचास ग्राम नारियल का तेल मिलाकर, शरीर पर मलकर कुछ देर बाद स्नान करने से खाज-खुजली से राहत मिलेगी।
15. अदरक, पोदीना, धनिया और सेंधा नमक को टमाटर के साथ पीसकर चटनी बनाकर भोजन के साथ सेवन करने से भूख बढ़ती है।
16. दो सौ ग्राम टमाटर का रस सुबह-शाम पीने से रतौंधी की विकृति नष्ट होती है।
17. टमाटर को काटकर उन पर सोंठ का चूर्ण और सेधा नमक डालकर खाने से पाचन क्रिया तीव्र होती है।
18. टमाटर के डेढ़ सौ ग्राम रस में दस ग्राम शहद मिलाकर सेवन करने से नाक व मुंह से रक्तपित्त की समस्या दूर होती है।
19. मधुमेह रोगी को रोजाना टमाटर का सेवन करना चाहिए। टमाटरों की खटाई शरीर में शर्करा की मात्रा को कम करती है।
20. गर्भावस्था में स्त्रियों को टमाटर का दो सौ ग्राम रस रोजाना पीना चाहिए, इससे खून निकलने की समस्या दूर होती है।

टमाटर के नुकसान

ध्यान रखें तेज खांसी, दस्त और पथरी के रोगी को टमाटर नहीं खाना चाहिए। साथ शरीर में सूजन और मांसपेशियों में दर्द हो तो टमाटर का सेवन ना करें।

टमाटर का सूप

भारत में टमाटर का सूप बड़े ही चाव से पिया जाता है। सर्दियों के मौसम में इसकी मांग बढ़ जाती है। यह एक ऐसा सूप है जिसे हर कोई असानी से बना सकता है। यह सूप सस्ती होने के साथ-साथ आपके सेहत को भी बेहतर बना सकती है। जिन लोगों की हड्डियां कमजोर है या जिन्हें ह्र्दय संबंधित रोग है उन्हें टमाटर का सूप पीना चाहिए। अगर आप नियमित रूप से टमाटर का सूप पीते हैं तो यह रक्त वाहिकाओं को दुरुस्त करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मधुमेह और कैंसर के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। यहां तक जिन लोगों को अपना वजन कम करना है उन्हें भी टमाटर का सूप लगातार पीते रहना चाहिए।

गुरुवार, जुलाई 21, 2016

18 रोगों के लिए "राज" सिर्फ एक घरेलू दवा

वृद्ध को जवान बना दे, रोगी को दौड़ना सिखा दे "राज" लाये  हैं ऐसा प्राकृतिक दवा

  • 250 ग्राम मैथीदाना
  • 100 ग्राम अजवाईन
  • 50 ग्राम काली जीरी

 (ज्यादा जानकारी के लिए नीचे देखे)

उपरोक्त तीनो चीजों को साफ-सुथरा करके हल्का-हल्का सेंकना (ज्यादा सेंकना नहीं) है। तीनों को अच्छी तरह मिक्स करके मिक्सर में पावडर बनाकर कांच की शीशी या बरनी में भर लेवें ।
रात्रि को सोते समय एक चम्मच पावडर एक गिलास पूरा कुन-कुना पानी के साथ लेना है। गरम पानी के साथ ही लेना अत्यंत आवश्यक है लेने के बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है। यह चूर्ण सभी उम्र के व्यक्ति ले सकतें है।
चूर्ण रोज-रोज लेने से शरीर के कोने-कोने में जमा पडी गंदगी (कचरा) मल और पेशाब द्वारा बाहर निकल जाएगी । पूरा फायदा तो 80-90 दिन में महसूस करेगें, जब फालतू चरबी गल जाएगी, नया शुद्ध खून का संचार होगा । चमड़ी की झुर्रियाॅ अपने आप दूर हो जाएगी। शरीर तेजस्वी, स्फूर्तिवाला व सुंदर बन जायेगा । घरेलू

इससे " राज" फायदे ये हैं-

1. गठिया दूर होगा और गठिया जैसा जिद्दी रोग दूर हो जायेगा ।
2. हड्डियाँ मजबूत होगी ।
3. आॅख का तेज बढ़ेगा ।
4. बालों का विकास होगा।
5. पुरानी कब्जियत से हमेशा के लिए मुक्ति।
6. शरीर में "राज" खून दौड़ने लगेगा ।
7. कफ से मुक्ति ।
8. हृदय की कार्य क्षमता बढ़ेगी ।
9. थकान नहीं रहेगी, घोड़े की तहर दौड़ते जाएगें।
10. स्मरण शक्ति बढ़ेगी ।
11. स्त्री का शारीर "राज" शादी के बाद बेडोल की जगह सुंदर बनेगा ।
12. कान का बहरापन दूर होगा ।
13. भूतकाल में जो एलाॅपेथी दवा का साईड इफेक्ट से मुक्त होगें।
14. खून में "राज" सफाई और शुद्धता बढ़ेगी ।
15. शरीर की सभी खून की नलिकाएॅ शुद्ध हो जाएगी ।
16. दांत मजबूत बनेगा, इनेमल जींवत रहेगा ।
17. नपुसंकता दूर होगी।
18. डायबिटिज काबू में रहेगी, डायबिटीज की जो दवा लेते है वह चालू रखना है। इस चूर्ण का असर "राज" दो माह लेने के बाद से दिखने लगेगा । जिंदगी निरोग, आनंददायक, चिंता रहित स्फूर्ति दायक और आयुष्ययवर्धक बनेगी । जीवन जीने योग्य बनेगा।

कुछ लोग कलौंजी को काली जीरी समझ रहे है जो कि गल्त है काली जीरी अलग होती है जो आपको पंसारी/करियाणा की दुकान से मिल जाएगी जिसके नाम इस तरह से है-
  • हिन्दी कालीजीरी, करजीरा।
  • संस्कृत अरण्यजीरक, कटुजीरक, बृहस्पाती।
  • मराठी कडूकारेलें, कडूजीरें।
  • गुजराती कडबुंजीरू, कालीजीरी।
  • बंगाली बनजीरा।
  • अंग्रेजी पर्पल फ्लीबेन।
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सोमवार, जुलाई 18, 2016

जूस के साथ कभी न लें दवा, नहीं तो...


दवाओं को अगर पानी के साथ न लेकर जूस के साथ लेने की आदत है, तो इसे सुधार लीजिए, क्योंकि इससे दवाओं का असर कम हो सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव व एचसीएफआई के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.के.के. अग्रवाल के मुताबिक, अंगूर का रस शरीर में कुछ दवाओं को सोखने की क्षमता कम कर सकता है, वहीं संतरा और सेब के जूस शरीर में दवाओं की सोखने की क्षमता कम कर उनके असर को कम कर सकते हैं।

कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो के डॉ.डेविड बैले के अध्ययन का हवाला देते हुए डॉ, अग्रवाल ने कहा, "अंगूर का रस रक्तधारा में जाने वाली दवाओं की मात्रा कम कर देता है।"

अमेरिकन एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस, के डॉक्टरों ने कॉलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन की दवा लेने वाले मरीजों को अंगूरों का रस न पीने की चेतावनी दे रखी है।

शोध में पता चला है कि अंगूर, संतरे व सेब का रस कैंसर की दवा एटोपोफोस, बीटा ब्लॉकर दवा एटेनोलोल और एंटी ट्रांसप्लांट रिजेक्शन ड्रग सिस्लोस्पोरीन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन, लिवोफ्लॉक्सासिन व इट्राकॉनाजोल जैसे एंटीबायोटिक्स का असर कम कर देता है।

शोध में शामिल स्वयंसेवकों ने एलर्जी की दवा फेक्सोफेनाडाईन सादे पानी व अंगूर के रस के साथ ली। जिन्होंने यह दवा अंगूर के रस के साथ ली, उनके शरीर ने केवल आधी दवा ही सोखी।

रस में मौजूद तत्व दवा के सोखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। कुछ रसायन दवा को ले जाने वाले तत्वों को बाधित कर देते हैं, जिससे दवा के सोखने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि कुछ रसायन ड्रग्स मेटाबॉलिज्म एंजाइम जो आम तौर पर दवा को तोड़ने का काम करते हैं, उन्हें बाधित कर देते हैं।

आम तौर पर पानी के साथ दवा लेना सुरक्षित होता है। एक घूंट के बजाय एक ग्लास बेहतर होता है, क्योंकि यह दवा को घुलने में मदद करता है। ठंडे पानी की बजाए गर्म पानी ज्यादा बेहतर रहता है।

इन 5 हर्बल जूस को पीते वक़्त रखे सावधानी, वरना फायदे की जगह आप हो सकते है बीमार

Herbal juice benefits and side effects in Hindi

नेचुरल प्रोडक्ट्स हमें फायदा जरूर पहुंचाते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल शुरू करने से पहले ये सोच लेना जरूरी है कि ये आपके लिए फायदेमंद हैं या नहीं? इसकी वजह ये है कि कई बार ये दवाएं आपको बीमार भी कर सकती हैं। दूसरी ओर, आयुर्वेदिक दवाएं उम्र, बॉडी की पावर और बीमारी, उसकी स्टेज, सही मात्रा और मौसम के अनुसार लेने पर ही फायदेमंद साबित होती हैं। इसलिए जब भी ऐसी दवाओं को खाना जरूरी लगे तो सबसे पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह-मशविरा जरूर करें।



सेहतमंद बने रहने के लिए तरह-तरह के नेचुरल जूस का सेवन शुरू करने से पहले उनकी प्योरिटी और इस्तेमाल के लिए हिदायतों पर गौर करना जरूरी होता है। वरना फायदे की जगह आपको हो सकता है नुक्सान।

1. एलोवेरा जूस (Aloevera juice)
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लाभ- यह ठंडा होता है। इसे पीना स्किन और बालों के ही लिए बहुत ही फायदेमंद है। शरीर की इम्यूनिटी पावर और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में भी ये मददगार होता है। यह दिल और लिवर से जुड़ी कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 10 से 30 मिली.।

एहतियात- कफ की शिकायत है, तो मानसून या सर्दी के मौसम में इसे नहीं पीना चाहिए, क्योंकि कई बार इससे गले में खराश, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। एलोवेरा शरीर में नए सेल्स को बनाता है और उनका ग्रोथ भी करता है, इसलिए कैंसर रोगी इसे न पिएं।


2. आंवला जूस (Amla juice)



लाभ- वजन कंट्रोल करता है, आंखों, बालों और स्किन के लिए फायदेमंद होता है। इम्यूनिटी और डाइजेशन सिस्टम को मज़बूत बनाता है। शरीर की गर्मी को बाहर करने के साथ-साथ एसिडिटी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी दूर करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 से 40 मिली.।


एहतियात- गर्मियों में तो इसे कोई भी व्यक्ति पी सकता है, लेकिन कफ की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को बारिश और ठंड के दिनों में इससे परहेज करना चाहिए।

3. जामुन का रस (Jamun juice)



लाभ- डायबिटीज रोगियों के लिए खासतौर से फायदेमंद। ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। डाइजेशन सिस्टम को सही रखने में मददगार होता है।


कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।

एहतियात- कसैला होने के कारण वात प्रकृति के लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। गले में खराश या दर्द की शिकायत होने पर भी इसका सेवन न करें।

4. करेले का रस (Karele ka juice)




लाभ- डायबिटीज का खतरा कम करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।

एहतियात- ठंड खत्म होने का दौर में इससे परहेज करना चाहिए। इससे पेट दर्द और गैस की शिकायत हो सकती है। दस्त होने पर भी इसे पीना अवॉयड करना चाहिए।

5. जवारे का रस (Jaware ka ras)



लाभ- खून की कमी दूर करता है। कैंसर मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।


कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 40 मिली.।

एहतियात- डायबिटीज की शिकायत हो, तो इससे परहेज करें।

सोमवार, जून 13, 2016

मधुमेह में कैसा आहार लेना चाहिए

मधुमेह को घरेलू इलाज से करें कंट्रोल

मधुमेह जैसी आजीवन रहने वाली बीमारी की चिकित्सा संभव नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जाना आसान है। गौरतलब है कि मधुमेह या चीनी की बीमारी को मधुमेह रोगी स्वंय अपनी देखभाल करके कंट्रोल कर सकते हैं। विशेष भोजन या हल्का भोजन लेकर मधुमेह आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन इसमें ध्यान रखने वाली बात होती है कि मधुमेह रोगियों का खाना कैसा हो। आइए जानें मधुमेह रोगियों को खाने में क्या चीज लेनी चाहिए और क्या नहीं। 
"मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है...: "राज"

यदि आप मधुमेह रोगी हैं तो, जाहिर सी बात है कि आपके दिमाग में यह एक सवाल जरुर आया होगा कि क्या हम फल का सेवन कर सकते हैं? एक्सपर्ट बोलते हैं कि मधुमेह रोगी भी फल का सेवन कर सकते हैं लेकिन सही मात्रा में। ऐसे फल जैसे, केला, लीची, चीकू और कस्टर्ड एप्पल आदि से बचना चाहिये। आज हम आपको कुछ ऐसे 18 फल बताने जा रहे हैं, जिसका सेवन आप आराम से कर सकते हैं। दरअसल, मधुमेह के रोगियों को रेशेदार फल, जैसे तरबूज, खरबूजा, पपीता, सेब और स्ट्राबेरी आदि खाने चाहिए। इन फलों से रक्त शर्करा स्तर नियंत्रित होता है इसलिये इन्‍हें खाने से कोई नुकसान नहीं होता। मधुमेह रोगियों को फलो का रस नहीं पीना चाहिये क्योंकि एक तो इसमें चीनी डाली जाती है और दूसारा कि इसमें गूदा हटा दिया जाता है, जिससे शरीर को फाइबर नहीं मिल पाता। तो आइये जानते हैं कि मधुमेह रोगियों को कौन-कौन से फलों का सेवन करना चाहिये।

कीवी 

कई रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आई है कि कीवी खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कम होता है।

काली जामुन 

मधुमेह रोगियो के लिये यह फल बहुत ही लाभकारी है। इसके बीजो़ को पीस कर खाने से मधुमेह कंट्रोल होता है।

अमरख 

यदि आप को मधुमेह है तो आप यह फल आराम से खा सकते हैं। पर यदि रोगी को डायबिटीज अपवृक्कता है तो उसे अमरख खाने से पहले डॉक्‍टर से पूछना चाहिये।

अमरूद 

अमरूद में विटामिन ए और विटामिन सी के अलावा फाइबर भी होता है।

चैरी 

इसमें जीआई मूल्‍य 20 होता है जो कि बहुत कम माना जाता है। यह मधुमेह रोगियों के लिये बहुत ही स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक मानी जाती है।

आड़ू 

इस फल में भी जीआई बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और मधुमेह रोगियों के लिये अच्‍छा माना जाता है।

सेब 

सेब में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।

अनानास 

इसमें एंटी बैक्‍टीरियल तत्‍व होने के साथ ही शरीर की सूजन कम करने की क्षमता होती है। यह शरीर को पूरी तरह से फायदा पहुंचाता है।

नाशपाती 

इसमें खूब सारा फाइबर और विटामिन पाया जाता है जो कि मधुमेह रोगियों के लिये फायदेमंद होता है।

पपीता 

इसमें विटामिन और अन्‍य तरह के मिनरल होते हैं।

अंजीर

इसमें मौजूद रेशे मधुमेह रोगियों के शरीर में इंसुलिन के कार्य को बढावा देते हैं।

संतरा

यह फल रोज खाने से विटामिन सी की मात्रा बढेगी और मधुमेह सही होगा।

तरबूज 

यदि इसे सही मात्रा में खाया जाए तो यह फल मधुमेह रोगियों के लिये अच्‍छा साबित होगा।

अंगूर 

अंगूर का सेवन मधुमेह के एक अहम कारक मेटाबोलिक सिंड्रोम के जोखिम से बचाता है। अंगूर शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है।

अनार 

यह फल भी बढे हुए ब्‍लड शुगर लेवल को कम करने में असरदार है।

खरबूज 

इसमें ग्‍लाइसिमिक इंडेक्‍स ज्‍यादा होने के बावजूद भी फाइबर की मात्रा अच्‍छी होती है इसलिये यदि इसे सही मात्रा में खाया जाए तो अच्‍छा होगा।

कटहल

यह फल इंसुलिन लेवल को कम करता है क्‍योंकि इसमें विटामिन ए, सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, कैल्‍शियम, पौटैशियम, आयरन, मैग्‍नीशियम तथा अन्‍य पौष्टिक तत्‍व होते हैं।

आमला

इस फल में विटामिन सी और फाइबर होता है जो‍ कि मधुमेह रोगी के लिये अच्‍छा माना जाता है।

मधुमेह रोगियों का खाना "राज" कैसा हो?

मधुमेह जैसी आजीवन रहने वाली बीमारी की चिकित्सा संभव नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित किया जाना आसान है। गौरतलब है कि मधुमेह या चीनी की बीमारी को मधुमेह रोगी स्वंय अपनी देखभाल करके कंट्रोल कर सकते हैं। विशेष भोजन या हल्का भोजन लेकर मधुमेह आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन इसमें ध्यान रखने वाली बात होती है कि मधुमेह रोगियों का खाना कैसा हो। आइए जानें मधुमेह रोगियों को खाने में क्या चीज लेनी चाहिए और क्या नहीं।
  1. मधुमेह रोगियों को घुलनशील फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए।
  2. विशेष भोजन के रूप में मधुमेह रोगी जल्दी पचने वाला आहार ले सकते हैं। 
  3. मधुमेह रोगी को खाने में हल्दी का सेवन किसी न किसी रूप में ज़रूर करना चाहिए।
  4. मधुमेह रोगियों को काब्रोहाइड्रेट के रूप में मोटा अनाज, भूरे चावल, प्रोटीन युक्त पदार्थ, मांस इत्यादि लेना चाहिए। 
  5. हल्के आहार में मधुमेह रोगी को अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, टोंड दूध इत्यादि लेना फायदेमंद होता है। 
  6. मधुमेह में संतुलित आहार के साथ-साथ कैलोरी, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट इत्यादि भी भरपूर मात्रा में लेना चाहिए। 
  7. तरल पदार्थों को बनाते समय उसमें शुगर फ्री खाद्य पदार्थ का ही इस्तेमाल करें जैसे टमाटर की चटनी इत्यादि में शुगर न डालें। 
  8. अंगूर, जामुन,सेब इत्यादि फलों से भी मधुमेह को नियंत्रि‍त किया जा सकता है। 
  9. कम शुगर वाले खाद्य पदार्थ लें जिसमें कम वसा वाले खाने को प्राथमिकता दें। 
  10. दूध वाली चाय के बजाय ग्रीन टी, लेमन टी, हर्बलटी इत्यादि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 
  11. सलाद में हरी सब्जियां की सलाद बना सकते हैं। 
  12. आप घर की बनी टमाटर की चटनी, सूप और टमाटर ले सकते हैं। 
  13. खीरा प्याज, नींबू और सामान्य मिर्च मसालों का ही प्रयोग करें।
  14. करेला, मेथी दाना का सेवन करें। 
  15. अधिक समय तक भूखे ना रहें और थोड़े-थोड़े समय में कुछ न कुछ खाते रहें। 
  16. खाना बनाते समय सरसों का तेल, मूंगफली,सोयाबीन,सूर्यमुखी के तेल का इस्तेमाल करें ये आपको मधुमेह नियंत्रित करने में बहुत मदद करेगा। 
  17. स्ट्राबेरी, तरबूज़, पपीता, बेर जैसे फल आदि जल्दी पच जाते हैं इसलिए वो आंत में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। काजू, बादाम और ड्राईफ्रूट्स खाने से भी मधुमेह को बढ़ने से रोका जा सकता है। 
  18. मधुमेह के मरीज साबुत दाल ,सलाद ,कच्चे मीठे खट्टे फलों के साथ-साथ विटामिन सी, ई कुछ खनिज इत्यादि पौष्टिक आहार को अपने भोजन में शामिल कर मधुमेह को कम कर सकते हैं। 
  19. हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ मैग्निशियम और विटामिन जैसी एंटी-ऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होती हैं जो कि रक्त से शुगर की मात्रा कम करने में लाभकारी भूमिका निभाता है।
वे खाद्य पदार्थ  "राज" जो रक्त में शुगर का स्तर बढ़ाते हैं
  • चीनी
  • नमक
  • गुड़ 
  • देसी घी
  • फुलक्रीम दूध
  • घी में तले परांठें 
  • आइस्क्रीम
  • मांस 
  • अंडा 

धूम्रपान व मदिरापान 

डायबिटीज के रोगी को आहार में जड़ एवं कंद, मिठाइयाँ, चॉकलेट, तला हुआ भोजन, सूखे मेवे, केला, चीकू, सीताफल इत्यादि चीजों को खाने से बचना चाहिए। इतना ही नहीं मधुमेह नियंत्रि‍त करने के लिए डॉक्टर के निर्देशानुसार ही कैलोरीज लेनी चाहिए।

मधुमेह को घरेलू इलाज से करें कंट्रोल

मधुमेह बीमारी में रक्त में शर्करा की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है। अभी तक इसका कोई स्थाई इलाज सामने निकल कर नहीं आया है। इसलिए अगर आपको डायबीटीज को कंट्रोल करना है, तो अच्छा पौष्टिक आहार और अपने लाइफस्टाइल में परिवर्तन लाना होगा। इस बीमारी को घरेलू इलाज से काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते है मधुमेह को घरेलू इलाज से कैसे कंट्रोल कर सकते हैं।

मधूमेह को ठीक करने के लिए "राज" घरेलू इलाज- 

1. करेला- डायबिटीज में करेला काफी फायदेमंद होता है, करेले में कैरेटिन नामक रसायन होता है, इसलिए यह प्राकृतिक स्टेरॉयड के रुप में इस्तेमाल होता है, जिससे खून में शुगर लेवल नहीं बढ़ पाता। करेले के 100 मिली. रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है।
2. मेथी- मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप रोज़ 50 ग्राम मेथी नियमित रुप से खाएगें तो निश्चित ही आपका ग्लूकोज़ लेवल नीचे चला जाएगा, और आपको मधुमेह से राहत मिलेगी।
3. जामुन- जामुन का रस, पत्ती़ और बीज मधुमेह की बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकता हैं। जामुन के सूखे बीजों को पाउडर बना कर एक चम्मच दिन में दो बार पानी या दूध के साथ लेने से राहत मिलती है।
4. आमला- एक चम्मच आमले का रस करेले के रस में मिला कर रोज पीएं , यह मधुमेह की सबसे अच्छी दवा है।
5. आम की पत्ती – 15 ग्राम ताजे आम के पत्तों को 250 एमएल पानी में रात भर भिगो कर रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पी लें। इसके अलावा सूखे आम के पत्तों को पीस कर पाउडर के रूप में खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है।
6. शहद- कार्बोहाइर्ड्रेट, कैलोरी और कई तरह के माइक्रो न्यू ट्रिएंट से भरपूर शहद मधुमेह के लिए लाभकारी है। शहद मधुमेह को कम करने में सहायता करता है।
इसके अलावे इनका सेवन करने से भी मधुमेह में आराम मिलता है-
1. एक खीरा, एक करेला और एक टमाटर, तीनो का जूस निकालकर सुबह खाली पेट पीने से मधुमेह नियंत्रित होता है।
2. नीम के सात पत्ते सुबह खाली पेट चबाकर या पीसकर पानी के साथ लेने से मधुमेह में आराम मिलता है।
3. सदाबहार के सात फूल खाली पेट पानी के साथ चबाकर पीने से मधुमेह में आराम मिलता है।
4. जामुन, गिलोय, कुटकी, नीम के पत्ते, चिरायता, कालमेघ, सूखा करेला, काली जीरी, मेथी इन सब को समान मात्रा में मिलाकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण सुबह-शाम खाली पेट पानी के साथ लें, इससे मधुमेह में आराम मिलता है।

इन आहार से "राज" दूर रहें-

1. मीठे से दूर रहें
वैसे तो ऐसे लोग बहुत बड़ी संख्या में हैं, जो मीठा खाना पसंद नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद वे मधुमेह के शिकार हैं। मधुमेह मीठा खाने के कारण नहीं होता, लेकिन एक बार यह हो जाए तो मरीज को मीठे से दूर रहना पड़ता है। इसलिए कोशिश करें कि मिठाई ना खाएं।
2. जमीन के अंदर उगनेवाले चाजों से बचें
शकरकंदी, अरवी, आलू और ऐसी कई चीजे जो जमीन के अंदर उगती है, उनको ना खाएं या कोशिश करें कि कम से कम मात्रा में इनका सेवन करें।
3. जंक फ़ूड से दूर रहें
जंक फ़ूड बिल्कुल ना खाएं, इससे मधुमेह का खतरा और बढ़ जाता है। साथ ही तली हुई चीजें भी ना खाएं, यह आपकी बीमारी को और बढ़ा देगा। अंकुरित अन्न को उबालकर या भुनकर खाएं पर तलकर नहीं खाएं।
4. सूखा मेवा ना खाएं
अगर आपको मधुमेह है तो आप सूखा मेवा कभी नहीं खाएं, और अगर खाना भी हो तो इन्हे पानी में भिगोकर खा सकते हैं।
5. वसायुक्त भोजन ना करें
मधुमेह से बचना है, तो वसायुक्त भोजन कम लें। वसा या कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन करने से मधुमेह बढ़ता है। इसलिए वसा या कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा वाला भोजन लेने से मधुमेह से बचाव हो सकता है।
6. चावल ना खाएं 
अगर आप रोज एक बड़ा बाउल सफेद चावल खाते हैं, तो आपको टाइप-2 मधुमेह होने का खतरा सामान्य से 11 प्रतिशत ज्यादा होता है। चावल के पकाने की विधि पर उसके खाने से होने वाला फायदा या नुकसान निर्भर करता है। अगर चावल की बिरयानी बनाई जाए या चावल को मांस या सोयाबीन के साथ खाया जाए, तो डाइबिटीज होने का खतरा ज्यादा रहता है। क्योंकि इससे शरीर में रक्त में शर्करा की मात्रा पर असर पड़ सकता है।
7. इन फलों से दूर रहें
केला, आम, लीची जैसे फलों को ना खाएं या कम मात्रा में खाएं, क्योंकि इससे मधूमेह का खतरा बढ़ता है।
8. इनसे भी दूर रहें
अगर आपको मधुमेह हो तो आप आइसक्रीम, केक, पेस्ट्री आदि से भी परहेज रखें। यह आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए हानिकारक होते है।

गुरुवार, मई 12, 2016

जल्दी वजन बढ़ाने के लिए

कैलोरी और वसायुक्त आहार का करें सेवन

वजन भी एक समस्‍या है चाहे वह ज्‍यादा हो या कम। लेकिन जिनका वजन कम हे वे इसे बढ़ाने के लिए कई प्रकार के जतन करते हैं, कुछ लोग तो जल्दी वजन बढ़ाने के लिए कुछ ऐसे नुस्खे आजमाते हैं जो वजन तो बढ़ाते हैं लेकिन उसका नुकसान शरीर पर होता है।

वजन बढ़ाने के साथ- साथ आप ऐसे टिप्स आजमायें जो आपके शरीर के लिए फायदेमंद हों और आपको फिट रखें। इसके लिए आपको निरंतर कोशिश करते रहना चाहिए। कहीं ऐसा न हो इसका साइड इफेक्ट आपके शरीर पर पड़े। जैसे - फास्ट फूड, जंक फूड और कोलेस्टॉल और वसायुक्त आहार के सेवन से वजन तो बढ़ता है लेकिन इनके कारण कई बीमारियों होने का खतरा भी बढ़ जाता है। आइए हम आपको वजन बढ़ाने के आसान नुस्खों के बारे में बताते हैं।



वजन बढ़ाने के टिप्‍स

  • वजन बढ़ाने के लिए सबसे पहले तो आपका फिट रहना जरूरी है। आप वजन बढ़ाना चाहते हैं इसका ये अर्थ नहीं कि आप शारीरिक रूप से बिल्कुल भी सक्रिय नहीं होंगे।
  • वजन बढ़ाने के लिए नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है, इसके लिए आप फिटनेस सेंटर ज्वॉइन कर सकते हैं।
  • वजन बढ़ाने के लिए सबसे बढ़िया उपाय है आप हाई कैलोरी का खाना खाएं। लेकिन इसका ये अर्थ नहीं कि आप जंकफूड भारी मात्रा में खाने लगे।
  • जंक फूड और फास्ट फूड की तुलना में स्‍वस्‍थ और अधिक कैलोरीयुक्त खाद्य-पदार्थों को प्राथमिकता दीजिए।
  • अगर आप वजन हेल्दी रूप से बढ़ाना चाहते हैं तो आपको सुबह का नाश्ता हेवी करना होगा। सुबह का नाश्ता करने आप दिनभर ऊर्जावान बने रहते हैं।
  • वजन बढ़ाने के लिए प्रोटीन शेक भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे हड्डियां भी मजबूत होती है।
  • चिकन, चावल, फिश, अंडा इत्यादि भी वज़न बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इन सभी खाद्य पदार्थों में भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है।
  • दूध या दूध से बनी चीजों में भी प्रोटीन पाया जाता है या फिर आप सोया मिल्क या पाउडर के सेवन से भी अपना वजन बढ़ा सकते हैं।
  • अंकुरित अनाज में प्रोटीन अच्छी मात्रा में मौजूद होती है। आप अंकुरित चने, मोंठ इत्यादि के सेवन से अपना वजन बढ़ा सकते हैं।
  • पनीर, मक्खन, घी, तेल, तैलीय भोजन सभी को खाने से मोटापा बढ़ाने में मदद मिलती हैं।
  • वजन बढ़ाने के लिए फुलक्रीम दूध में रात को चने भिगोकर सुबह खाने चाहिए। इस तरह के खाद्य पदार्थों में प्रोटीन अच्छी मात्रा में मौजूद होता है।
  • फलियां, मेवा, बींस इत्यादि में भरपूर प्रोटीन मौजूद होता हैं। इनके सेवन से आप आसानी से अपना वजन बढ़ा सकते हैं।
  • बहुत अधिक तैलीय पदार्थों के सेवन और तरल पदार्थों की कमी से भी वजन बढ़ता है।
  • अधिक वसा इत्यादि का सेवन या फिर अधिक मात्रा में कैलोरी लेना लेकिन उस अनुसार व्यायाम ना करने से भी मोटापा बढ़ता है।

इसके अलावा आप हरी सब्जियां, फल, सूप इत्यादि के सेवन से भी आसानी से अपना वजन बढ़ा सकते हैं। इन टिप्स से आप प्रोटीन की कमी को दूर कर अपना वजन बढ़ा सकते हैं, साथ ही आप अपने भोजन को भी संतुलित रख सकते हैं। वजन बढ़ाने के लिए भोजन का संतुलित होना भी बेहद जरूरी है।

सोमवार, मई 09, 2016

गर्मियों में "राज" अमृत बन जाता है पुदीना

Summer becomes nectar peppermint
बदहज़मी, दिल और दिमाग को ठंडा करने, चटनी और शरबत के स्वाद का क्या कहने...

हमारे देश में अमृतमय खाद्य पदार्थों की कमी नहीं है, भारत की धरती माता हमें समय समय पर ऐसे फल और सब्जियां देती रहती है जो हमारे शरीर के लिए अमृत का काम करते हैं, अगर हम इन चीजों को नियमित इस्तेमाल करें तो हमारे शरीर से हजारों बीमारियाँ तो ख़त्म हो ही सकती हैं, बीमारियों से भी बचा जा सकता है, पुदीना भी एक ऐसा ही खाद्य पदार्थ है जिसे गर्मियों में नियमित इस्तेमाल किये जाने से शरीर को अनेकों लाभ होते हैं।

क्या है पुदीना यानी पिपरमिंट खाने से लाभ
1. याददास्त में लाभ

अगर आप बमुश्किल किसी चीज को याद रख पाते हैं, तो पुदीने की चाय पीजिए, क्योंकि एक शोध में पता चला है कि पुदीने की चाय स्वस्थ वयस्कों की याददाश्त लंबी अवधि के लिए सुधार सकती है। इस शोध के लिए अध्ययनकर्ताओं ने 180 प्रतिभागियों को पुदीने की चाय, कैमोमिल (बबूने का फूल) की चाय और गर्म पानी का सेवन कराया था।

शोध के परिणामों से पता चला कि है कि कैमोमिल और गर्म पानी का सेवन करने वालों की तुलना में जिन प्रतिभागियों ने पुदीने की चाय का सेवन किया था, उनकी दीर्घकालिक स्मरणशक्ति और सतर्कता में महत्वपूर्ण सुधार देखे गए।

वहीं कैमोमिल चाय का सेवन करने वाले प्रतिभागियों में पुदीने की चाय और गर्म पानी का सेवन करने वाले प्रतिभागियों की तुलना में स्मृति और एकाग्रता की क्षमता में कमी महसूस की गई।

इस शोध को हाल ही में नॉटिंघम में आयोजित साइकोलॉजिकल सोसाइटी के वार्षिक सम्मेलन में पेश किया गया था।

2. पेट और गैस की बीमारियों में लाभ

पेट और गैस से सम्बंधित बीमारियों में पुदीना रामबाण का काम करता है। इसकी चटनी और शरबत पीने से पेट में ठंढक पहुँचती है और लीवर में इकठ्ठा जहरीला पदार्थ बाहर आ जाता है, इसको नियमित खाते रहने से पाचन शक्ति बढ़िया हो जाती है। पुदीने के तेल की पेट पर मालिश करने से भी गैस और पेट दर्द में आराम मिलता है।

3. माँ को लाभ

बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं की छाती में दर्द होने पर भी पुदीने का तेल फायदेमंद होता है।

4. सांस की बीमारियों में लाभ

नियमित रूप से पुदीना खाने वालों को सांस की ‘घरघराहट और सरसराहट’ जैसे बामारियों से फायदा मिलता है। पुदीने के तेल की छाती पर मालिस करने से छाती का दर्द भी सही होता है। आयुर्वेदिक सीरप में पुदीने का जमकर इस्तेमाल किया जाता है। अस्थमा में भी लाभ मिलता है।

5. सिरदर्द

पुदीने का तेल लगाने से सिरदर्द में तुरंत लाभ मिलता है, आयुर्वेदिक तेलों में इसका बहुत इस्तेमाल किया जाता है। इसका तेल बालों और शरीर की त्वचा के लिए बहुत बढ़िया होता है।

6. खून में वृद्धि

नियमित रूप से पुदीना खाने से शरीर का हीमोग्लोबिन बढ़ने लगता है, वैसे भी हरी साग सब्जियां खून बढाने में रामबाण का काम करती हैं।
इसके अलावा भी पुदीने के हजारों लाभ हैं इसलिए बिना सोचे समझे गर्मियों में जमकर पुदीना खाइए और शरीर की कई बीमारियों को दूर भगाइए।

जानिए पुदीने के 10 लाजवाब गुणों के बारे में-

  • – पुदीने में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करता है और मैगनीशियम हड्डियों को ताकत देता है। उल्टी होने पर आधा कप पोदीना हर दो घंटे में रोगी को पिलाएं। उल्टी आना बंद हो जाएगी।
  • – पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की सभी बीमारियों में आराम मिलता है।
  • – पुदीने का रस काली मिर्च व काले नमक के साथ चाय की तरह उबालकर पीने से जुकाम, खांसी व बुखार में राहत मिलती है।
  • – पुदीने की पत्तियां चबाने या उनका रस निचोड़कर पीने से हिचकियां बंद हो जाती हैं। सिरदर्द में पत्तियों का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है।
  • – माहवारी समय पर न आने पर पुदीने की सूखी पत्तियों के चूर्ण को शहद के साथ समान मात्रा में मिलाकर दिन में दो-तीन बार नियमित रूप से लें।
  • – पुदीने का रस किसी घाव पर लगाने से घाव जल्दी भर जाते हैं। यह चर्म रोगों को भी समाप्त करता है। चर्म रोग होने पर पुदीना के पत्तों का लेप लगाने से आराम मिलता है।
  • – पुदीने की पत्तियों को सुखाकर बनाए गए पाउडर को मंजन की तरह प्रयोग करने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और मसूड़े मजबूत होते हैं।
  • – पुदीने के रस को नमक के पानी के साथ मिलाकर कुल्ला करने से गले का भारीपन दूर होता है और आवाज साफ होती है।
  • – अधिक गर्मी में जी मिचलाए तो एक चम्मच सूखे पुदीने की पत्तियों का चूर्ण और आधी छोटी इलायची के चूर्ण को एक गिलास पानी में उबालकर पीने से लाभ होता है। हैजा होने पोदीना, प्याज का रस और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
  • – अगर आपकी त्वचा ऑयली है, तो पुदीने का फेशियल आपके लिए सही रहेगा। इसको बनाने के लिए दो बड़े चम्मच ताजा पीसे पुदीने के साथ दो बड़े चम्मच दही और एक बड़ा चम्मच ओटमील लेकर गाढ़ा घोल बनाएं। इसे चेहरे पर दस मिनट तक लगाएं और चेहरे को धो लें। इसके रस को चेहरे पर लगाने से कील और मुंहासे दूर होता है। पोदीने के रस को मुल्तानी मिट्टी में मिलाकर चेहरे पर लेप करने से चेहरे की झांइयां समाप्त हो जाती हैं और चेहरे की चमक बढ जाती है। शराब में पुदीने की पत्तियों को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे के दाग, धब्बे, झांई मिट जाते हैं।