दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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बुधवार, अगस्त 26, 2015

घुटने के दर्द के लिए राज का रामबाण इलाज़

Turmeric-Limestone Plaster Treatment

1 चम्मच हल्दी1 चम्मच पिसी हुई चीनी
1 चुटकी खाने वाला चुना1 -2 चम्मच पानी

उपरोक्त सभी को मिला कर एक लेप बना लीजिये और रात्रि में सोते समय लगा के सो जाइए.
कुछ ही दिन में आप को आराम आना शूरु हो जायेगा. दर्द सूजन मोच सब खीच लेगा ये लेप.

चमत्कारी हल्दी

भारतीय रसोई की शान हल्दी सचमुच गुणों की खान है। हल्दी की गांठों को चूने के साथ दो महीने एक मटकी में पकाना पड़ता है तब वह चमत्कारिक हो जाती है। दो महीने बाद इस हल्दी का शहद के साथ नियमित सेवन किया जाए तो शरीर का कायाकल्प हो जाता है। आप भी चाहें तो कर सकते हैं।

बनाने की विधिः आधा किलो हल्दी की गांठे और एक किलो कली का चूना (पान में खाने वाला) लीजिए। चूना डली के रूप में हो पावडर नहीं। दोनों को एक मटकी में भर कर उसमें करीब दो लीटर पानी भर दीजिए। पानी डालते ही चूना उबलने लगेगा। अब मटकी का मुंह अच्छी तरह बंद कर रख दीजिए। दो माह बाद इसे खोलें और हल्दी की गांठों को कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। फिर इन्हें थोड़ा कूट कर मिक्सर में बारीक पीस लें। चमत्कारी हल्दी का पावडर तैयार है। अब इसे किसी एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख लीजिए। रोज सुबह खाली पेट तीन ग्राम पावडर (चने बराबर) शहद के साथ चाटिए। करीब एक घंटे तक कुछ खाएं पीए नहीं। कम से कम चार महीने तक सेवन करें। इससे शरीर का कायाकल्प होने लगता है। बंद रक्त वाहिनियां खुल जाती हैं। बाल असमय सफेद हो गए हों तो काले होने लगते हैं। उगने भी लगते हैं। उसमें कुछ अतिरंजना भी है, जैसे गिद्ध सी दृष्टि और हाथी सा बल आ जाता है। आपभी प्रयोग कर अनुभव शेयर कीजिए। आयुर्वेद में ऐसे अनेक नुस्खों का खजाना भरा पड़ा है, जरूरत है इन्हें नए सिरे से शोध कर आजमाने की।