नींबू की गिनती फल तथा सब्जियों दोनों में कर सकते हैं एकगिलास उबलते हुए पानी में "राज एक नींबू निचोडकर पीते रहने से शरीर में नयी स्फूर्ति का अनुभव होता है। नेत्र ज्योति बढ़ती है। मानसिक दुर्बलता दूर होती है। अधिक काम करने से थकावट नहीं होती। नींबू पानी बिना चीनी-नमक के एक एक घूंट पीना चाहिए। लंम्बी बीमारी के बादकी कमजोरी खाना खाने से कहीं ज्यादा नींबू पानी से दूर होती है। पर रोज-रोज नहीं लेना चाहिए, आपका मोटापा काफी कम हो जाएगा और यह आम्लीय होताहै ज्यादा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
- एक कप उबला पानी में एक चुटकी सेंधा नमक, एक चुटकी काला नमक, एक चम्मच-lemonचीनी, दस बूंद नींबू का रस, भूना हुआ जीरा चौथाई चम्मच मिलाकर पियें। इसे चाय की जगह पर पी सकते हैं, यह पाचन शक्ति, शारीरिक शक्ति बढ़ता है। कभी –कभी इसे पीते रहें ।
सेबःapple
इसमें फासफोरस होता है, जो पेट को साफ करता है। सेब, विटामिन व खनिज जैसे तत्वों से भरपूर होता है। इसके छोटे-छोटे टुकडे कर शहद डालकरखायें ,फलकी गुणवत्ता बढजातीहै। सेब काटकर उस पर उबलता पानी डालें जब पानी ठंडा हो जाये तो सेब को मसल कर उसका शर्बत बनायें मीठे के लिये मिश्री डालें।यह छोटे बच्चों केलिये भी उपयोगी आहार है.बच्चों ,बडों सब को शक्ति व स्फूर्ति देता है। गठिया रोग में दो सेब रोज खायें।
प्रतिदिन एक सेब खाएँ। यह हमें अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करेगा। सेब का सेवन हृदय रोगियों के लिए भी लाभदायक है। एनीमिया के रोगी सेब के रस का सेवन करें, लाभ होगा। भोजन के साथ सेब का सेवन करने से शराब पीने की आदत धीरे-धीरे छूट जाती है। कच्चे सेब के सेवन से अतिसार व कब्ज में आराम मिलता है। उच्च रक्तचाप में सेब खाने से बहुत राहत मिलती है। पथरी रोग में भी सेब का सेवन लाभप्रद सिद्ध होता ह
पपीताः pappaya
अच्छा पका हुआ पपीता ही खाना गुणकारी है। खाली पेट पपीता खाना ज्यादा लाभदायक होता है। इसके बाद दोपहर भोजन के बाद पपीता खाने से भोजन ठीक से हजम हो जाता है। पपीता सेवन से रक्तवाहिनी शिरायें लचीली होती हैं, रक्त सुचारु रूप से प्रवाहि होता है। ह्रदय रोग में सबसे ज्यादा लाभदायक है।
आमःmango
आम खाने से रक्तअधिक मात्रा में बनता है। दुबले लोगों का वजन बढ़ता है। शरीर में स्फूर्ति आती है। आम में शहद व ठंडे या गुनगुने दूध में मिलाकर पियें अधिक लाभकारी होता है.एनिमिक होने पर या गर्भवती महिलाएं अधिक मात्रा में खाएं।
अंगूरःgrape
शरीर को भरपूर आयरन (Iron) पौष्टिक तत्व : अंगूर में कैल्शियम, क्लोरिन, लोहा और बायफ्लवोनाइडस् हैं।
सुझाव : अंगूर में शक्कर की मात्रा बहुत ज़्यादा है। अंगूर जितने गहरे रंग का होता है "राज उतना ही पौष्टिक होता है। स्वाद के अनुसार हरे या गहरे लाल रंग के अंगूर खा सकते हैं। इन्हें दूध से बने कस्टर्ड, क्रीम दही या पुडिंग में बिना पकाए डाला जा सकता है) मिलता है।
करता है ताकि रक्तआस नी से प्रवाहित हो सके। आपको मांसल करता है। श्वेत प्रदर में लाभ होता है। गर्भवति महिलाओं का बच्चा स्वस्थ्य व बलवान होता है।
मोनक्काः
सर्दी के मौसम में मोनक्का लाभप्रद है। बीस मोनक्का गर्म पानी में धोकर रात को भिगो दें। प्रातः पानी पीलें तथा इसे खा लें। इसे नित्य प्रयोग करने से रक्तबढता है व शक्ति उत्पन्न होती है। दुर्बल-कमजोर रोगी को मोनक्का का पानी रोज पिलायें।मोनक्का से आयरन प्राप्त होता है ।एक पाव दूध में चार पांच मोनक्का उबालकर दूध पी जायें तथा पका हुआ मोनक्का भी खा जायें इससे कब्जियत दूर करता है।
आंवलाः amla
इसमें सारे रोगों को दूर रखने की शक्ति होती है। आंवला युवक को नवयौवनता प्रदान करता है। इसमें विटामिन सी सर्वाधिक होता है। एक आंवला दो संतरे के बराबर होता है। आंवला शक्ति का भंडार है। आंवला किसी प्रकार भी खायें स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है।एक आंवला रोज किसी भी रूप में लें.
केलाः banana
केला एक संपू्र्ण व संतुलित आहारमाना जाता हैजो बच्चे भोजन नहीं कर पाते उन्हे भोजन की जगह केला खिलाने से ताकत मिलती है।केला अपने में संपूर्ण भोजन की तरह होता है ।मांसपेशियां मजबूत होती है। वीर्यवर्धक होता है। केला एक फल ही नहीं है इसे जरूरत पडने पर रोटी की जगह भी खा सकते हैं. एक समय में तीन से अधिक केले नहीं खाना चाहिये। ताजा केला खाना सर्वोत्तम है। प्रातः दो केले पर थोड़ा सा घी लगाकर खाकर ऊपर से दूध पीयें। इससे शरीर पुष्ठ होता है।
अमरूदःguava
इसमें विटामिन सी 300 से 450 मि.ग्रा. तक होता है। ह्दय को बल, शरीर को स्फूर्ति देता है.पाचन क्रिया को सुचारू बनाता,होसके तो इसे भूंनकर भीखायें पेट के लिये फायदेमंद है.खाने को हजम करता है।
छुआराः
इससे केलशियम बहुत मात्रा में मिलता है। इसे खाकर ऊपर से दूध पीने से हड्डियों के सभी रोगों से निजात मिलता है।
गाजरः
रोज आधा गिलास गाजर के रसमें शहद मिलाकर पीने से कमजोरी दूर होती है। रक्त (हिमोग्लोबिन)बढता है। गाजर खाने से फाइबर अधिक मिलता है जिसकी सख्त जरूरत आपके शरीर को होती है।
शक्तिवर्धक सब्जियाँ vegetables
मूलीः radish
गन्धक, पोटाश, आयोडीन, कैलशियम, लोहा, फासफोरस, मैग्नीशियम, क्लोरीन मूली में बहुतायत पाया जाता है। एक मूली रोज खाने से हड्डियां मजबूत होंगी। ह्दय को बल मिलता है ।जॉडिस में सुबह खाली पेट अवश्य खायें.
टमाटरः tomato
प्रातः नाश्ते में एक ग्लास टमाटर के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पियें चहेरा टमाटर की तरह लाल हो जायेगा, स्मरण शक्ति बढ़ती है, हाईब्लड प्रेशर घटता है, भूख बढ़ती है ,हिमोग्लोबिन बढ़ाता है तथा रक्त में लाल कणों को बढ़ाता है। टमाटर में लोहा दोगुना पाया जाता है। बच्चों को टमाटर का रस पिलाने से बलवान हष्टपुष्ट रहते हैं। बड़ी आंतों को ताकत देता है। उनके घाव को दूर करता है
आलूःpotat
आलुओं में "राज मुर्गों के चूजों जैसी प्रोटीन होती है। बड़ी आयु वालों के लिय बहुत लाभदायक है इसमें विटामिन .सी.अधिक मात्रामें पाया जाताहै.इसे भूनकर खायें तो डायबिटीस वालों को नुकसान नहीं करेगा.बच्चों को उबले आलू देना फायदेमंद है.छोटेबच्चों को आलू खिचडी में डालकर या अलग से उबालकर,मसलकरक खिलायें .
लहसुनःgarlic
दिन में तीनों बार खाने के साथ खाने से बल बढ़ता है। पाचन शक्ति ठीक होती है। प्रातः चार दाने खाकर दूध पीने से वीर्य बढ़ता है। नपुंसकता जाती है। यदि लहसुन नियमित खाने तो बुढापा जल्दी नहीं आता। झुर्रिर्यां नहीं पड़ती हैं ,कारण झुर्रियां धमनियों के सिकुडने से पड़ती हैं–।
मूंगफलीःgroundnut
इसमें प्रोटीन, चिकनाई पाई जाती है। इसकी चिकनाई घी से मिलती जुलती होती है। मूंगफली खाने से दूध बादाम घी की कमी पूरी होती है। अण्डे के बराबर प्रोटीन पाई जाती है। यह गर्म होती है इसलिए सर्दियों में खाना चाहिये, गरम प्रकृति के व्यक्तियों को हानिकारक है ज्यादा खाने से पित बढ़ता है। गर्भावस्था में नित्य मूंगफली खाने से शिशु की प्रगति में लाभ होता है। कच्ची मूंगफली खाने से दूध पिलाने वाली माताओं को दूध बढ़ता है। सर्दियों में सूखापन आ जाता है तो मूंगफली के तेल, गुलाब जल मिलाकर मालिश करें। सूखापन दूर होता है। मुठ्ठी भर मूंगफली तमाम पोषक तत्वों को पूरा करती है।
शक्तिवर्धक दालें dal
मूंग दालmungdal
- ज्वर में मूंगदाल देना उत्तम है।इसमें प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाई जाती है ये दाल पचनें में हल्की होती है इस कारण मरीज के लिये उत्तम मानी जाती है। छिलके सहित काम में लेना चाहिये। मूंग दाल आंखों के लिये हितकारक है।
- लम्बे समय तक बीमार रहने के बाद मूंग की दान खाने से शक्ति बढ़ती है। मूंग पानी में उबाल कर नमक, काली मिर्च डालकर, हींग का तड़का लगाकर देने से सुपाच्य होता है व शक्ति बढ़ती है।
-मूंग सेककर पीसे, उससे उबटन लगायें पसीना आना बंद हो जायेगा।
-कब्जः चावल एक भाग दाल दो भाग मूंग मिलाकर खिचड़ी बनाये कब्ज दूर होगा। पेट साफ होगा।
-मूंग पानी में पीसकर जले स्थान पर लगाये लेप से जलन ठीक होगी।
- छिल्के सहित मूंग इतने पीनी में भिगायें कि पानी सोख ले। दो घंटे बाद पीसकर दाल, खाज पर लगायें लाभ होगा।
उड़द दाल urad dal
- मलमूत्र अधिक लाने वाली, गठिया, दमा, बवासीर, लकवा में लाभदायक इसकी दालें खायें।
-. शक्तिवर्धक उड़द किसी भी रूप में खाये शक्ति ही बढ़ायेगी। यह गरिष्ठ होती है, अच्छी पाचन शक्ति वाले ही खाये। उड़द खाने से शरीर में मांस बढ़ता है। दाल हींग से छौंकर खाने से इसके गुणों में वृद्धि होती है।
- साबुत उड़द जलते कोयले पर डालें इसका धुंआ सूंघे हिचकी मिट जायेगी।
- नकसीर सिर दर्द- उड़द की दाल पीसकर माथे पर लगाने से नकसीर, सिर दर्द ठीक होता है।
अरहर दाल arhar dal
जिन्हें अरहर की दाल नुकसान करती है किसी भी तरह से इसे घी में छौंकर खायें फिर किसी प्रकार हानि नहीं करेगी। इसे खोलकर पकाएं इसको उबाला पानी गिरा कर इसमें नमक मिर्च हल्दी डालकर बंद कर दें इसका झाग निकाल देनें से इससे यूरिया एसिड नहीं बनता।
हाइडोसिल- बच्चों की अगर पोत लटक जाये तो इसे भिगोकर, पीसकर गर्म कर लेप लगाये।
दाल प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। कई दाले मिलाकर खाने से प्रोटीन के अतिरिक्त लोहा-चूना कार्बोहाइडेट पाया जाता है। सामान्य व्यक्ति को अपने आहार में सामान्य रूप से पचास ग्राम दालें सेवन करना चाहिये।
मसूर दाल masoor dal
मसूर दाल गर्म शुष्क रक्त बढ़ाने वाली रक्त को गाढ़ा करने वाली होती है। पचने में भारी होती है। घी का छौंक लगाकर खाने से नेत्रों को शक्ति मिलती है। मसूर, मूंग की दाल समान है। मूंग की जगह धुली मसूर प्रयोग कर सकते है। -
-.पेट के रोग- पाचन क्रिया से संबंधित हर प्रकार के रोग में मसूर की दाल खाना लाभप्रद है।
-फोडे फुनसी- मसूर की पुलिटिस लगाने से फोडे फूटकर मवाद सुखा देते है।
- मुंहासे व मुंहासे के दाग धब्बे- मसूर की दाल इतने पानी में भिगोये की पानी सोखले फिर पीसकर दूध में मिलाकर सुबह शाम चेहरे पर मलें।
-खूनी बवासीर- हो तो प्रायः भोजन के साथ मसूर की दाल खाने व एक गिलास खट्टी छाछ पीने से लाभ होता है।
पापड papad
शक्तिप्रद- जो किसी बीमारी से उठें हों। पाचन शक्ति दुर्बल हो तो पापड के साथ भोजन करने से भोजन शीघ्र पचता है। रक्त अधिक बनता है।