दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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सोमवार, जुलाई 18, 2016

जूस के साथ कभी न लें दवा, नहीं तो...


दवाओं को अगर पानी के साथ न लेकर जूस के साथ लेने की आदत है, तो इसे सुधार लीजिए, क्योंकि इससे दवाओं का असर कम हो सकता है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव व एचसीएफआई के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.के.के. अग्रवाल के मुताबिक, अंगूर का रस शरीर में कुछ दवाओं को सोखने की क्षमता कम कर सकता है, वहीं संतरा और सेब के जूस शरीर में दवाओं की सोखने की क्षमता कम कर उनके असर को कम कर सकते हैं।

कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ओंटारियो के डॉ.डेविड बैले के अध्ययन का हवाला देते हुए डॉ, अग्रवाल ने कहा, "अंगूर का रस रक्तधारा में जाने वाली दवाओं की मात्रा कम कर देता है।"

अमेरिकन एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस, के डॉक्टरों ने कॉलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन की दवा लेने वाले मरीजों को अंगूरों का रस न पीने की चेतावनी दे रखी है।

शोध में पता चला है कि अंगूर, संतरे व सेब का रस कैंसर की दवा एटोपोफोस, बीटा ब्लॉकर दवा एटेनोलोल और एंटी ट्रांसप्लांट रिजेक्शन ड्रग सिस्लोस्पोरीन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन, लिवोफ्लॉक्सासिन व इट्राकॉनाजोल जैसे एंटीबायोटिक्स का असर कम कर देता है।

शोध में शामिल स्वयंसेवकों ने एलर्जी की दवा फेक्सोफेनाडाईन सादे पानी व अंगूर के रस के साथ ली। जिन्होंने यह दवा अंगूर के रस के साथ ली, उनके शरीर ने केवल आधी दवा ही सोखी।

रस में मौजूद तत्व दवा के सोखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। कुछ रसायन दवा को ले जाने वाले तत्वों को बाधित कर देते हैं, जिससे दवा के सोखने की क्षमता कम हो जाती है, जबकि कुछ रसायन ड्रग्स मेटाबॉलिज्म एंजाइम जो आम तौर पर दवा को तोड़ने का काम करते हैं, उन्हें बाधित कर देते हैं।

आम तौर पर पानी के साथ दवा लेना सुरक्षित होता है। एक घूंट के बजाय एक ग्लास बेहतर होता है, क्योंकि यह दवा को घुलने में मदद करता है। ठंडे पानी की बजाए गर्म पानी ज्यादा बेहतर रहता है।

इन 5 हर्बल जूस को पीते वक़्त रखे सावधानी, वरना फायदे की जगह आप हो सकते है बीमार

Herbal juice benefits and side effects in Hindi

नेचुरल प्रोडक्ट्स हमें फायदा जरूर पहुंचाते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल शुरू करने से पहले ये सोच लेना जरूरी है कि ये आपके लिए फायदेमंद हैं या नहीं? इसकी वजह ये है कि कई बार ये दवाएं आपको बीमार भी कर सकती हैं। दूसरी ओर, आयुर्वेदिक दवाएं उम्र, बॉडी की पावर और बीमारी, उसकी स्टेज, सही मात्रा और मौसम के अनुसार लेने पर ही फायदेमंद साबित होती हैं। इसलिए जब भी ऐसी दवाओं को खाना जरूरी लगे तो सबसे पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह-मशविरा जरूर करें।



सेहतमंद बने रहने के लिए तरह-तरह के नेचुरल जूस का सेवन शुरू करने से पहले उनकी प्योरिटी और इस्तेमाल के लिए हिदायतों पर गौर करना जरूरी होता है। वरना फायदे की जगह आपको हो सकता है नुक्सान।

1. एलोवेरा जूस (Aloevera juice)
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लाभ- यह ठंडा होता है। इसे पीना स्किन और बालों के ही लिए बहुत ही फायदेमंद है। शरीर की इम्यूनिटी पावर और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में भी ये मददगार होता है। यह दिल और लिवर से जुड़ी कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 10 से 30 मिली.।

एहतियात- कफ की शिकायत है, तो मानसून या सर्दी के मौसम में इसे नहीं पीना चाहिए, क्योंकि कई बार इससे गले में खराश, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। एलोवेरा शरीर में नए सेल्स को बनाता है और उनका ग्रोथ भी करता है, इसलिए कैंसर रोगी इसे न पिएं।


2. आंवला जूस (Amla juice)



लाभ- वजन कंट्रोल करता है, आंखों, बालों और स्किन के लिए फायदेमंद होता है। इम्यूनिटी और डाइजेशन सिस्टम को मज़बूत बनाता है। शरीर की गर्मी को बाहर करने के साथ-साथ एसिडिटी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी दूर करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 से 40 मिली.।


एहतियात- गर्मियों में तो इसे कोई भी व्यक्ति पी सकता है, लेकिन कफ की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को बारिश और ठंड के दिनों में इससे परहेज करना चाहिए।

3. जामुन का रस (Jamun juice)



लाभ- डायबिटीज रोगियों के लिए खासतौर से फायदेमंद। ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। डाइजेशन सिस्टम को सही रखने में मददगार होता है।


कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।

एहतियात- कसैला होने के कारण वात प्रकृति के लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। गले में खराश या दर्द की शिकायत होने पर भी इसका सेवन न करें।

4. करेले का रस (Karele ka juice)




लाभ- डायबिटीज का खतरा कम करता है।

कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।

एहतियात- ठंड खत्म होने का दौर में इससे परहेज करना चाहिए। इससे पेट दर्द और गैस की शिकायत हो सकती है। दस्त होने पर भी इसे पीना अवॉयड करना चाहिए।

5. जवारे का रस (Jaware ka ras)



लाभ- खून की कमी दूर करता है। कैंसर मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।


कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 40 मिली.।

एहतियात- डायबिटीज की शिकायत हो, तो इससे परहेज करें।

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