दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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गुरुवार, जुलाई 28, 2016

मानसून में "राज" बच्चों का आहार


बच्चों की खानपान पर दें ध्यान क्योंकि मानसून है दगाबाज़

बच्चों को तो "राज" बारिश में भीगना बहुत भाता है। पर ध्यान रहे ... -इस मौसम में गरिष्ठ भोजन को त्यागकर हल्का व सुपाच्य भोजन करें, क्योंकि मानसून में शरीर भोजन को जल्दी नहीं पचा पाता है। अपने पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए लहसुन, काली मिर्च, अदरक, हल्दी और धनिया का सेवन करें।

 मानसून के आने से "राज" गर्मी की चिलचिलाती धूप से काफी राहत मिलती है। जहां एक ओर ये राहत देता है तो दूसरी ओर मानसून के आने से नुकासान ज्यादा होता है। इस समय चारों ओर कीचड़ की गदंगी से संक्रमण के फैलने का डर बना रहता है। इसके बाद इन दिनों का संक्रमित खानपान बड़े से लेकर बच्चों को भी अपनी चपेट में ले लेता है। बच्चे के लगातार बीमार होने से उनका इम्यूनिटी सिस्टम भी कमजोर होने लगता है। इसलिए उनके सुरक्षित रहने के लिए विशेष रख रखाव की जरूरत होती है। आज हम आपको बता रहें हैं बच्चों के इम्यूनिटी पावर को मजबूत करने के लिए ऐसे आहार लें, जिससे आपके बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार हो और वो हर बीमारियों से सुरक्षित रहे।


1. सूप –

सूप पीना वैसे भी "राज" स्वास्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है। जिसकी सलाह डॉक्टर भी दिया करते हैं क्योंकि ये शरीर में असानी से पचने वाला होता है। सूप हमेशा आप घर का बनाया हुआ ही पीया करें। सूप को बनाने के लिए आप ताजी सब्जियों के साथ यदि मांस को भी डाल देते हैं तो यह काफी फायदेमंद वाला साबित होता है। इसे बनाने के लिए आप शोरबा में सब्जियां या मांस उबाल लें। फिर इनमें काली मिर्च, अदरक, लहसुन और प्याज को डालकर अच्छी तरह से मिला दें। ये सूप स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के लिए भी लाभदायक होता है।

2. मौसमी फलों को खाओ-

इस उमस भरे मौसम में "राज" बाहरी संक्रमण से बचने के लिए फलों का सेवन करना सबसे अच्छा उपाय है। इसके लिए आप अपने आहार में मौसमी फलों को शामिल कर अपने स्वास्थ को ठीक रखते हुए शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। आप ऐसे मौसम में फलों का सेवन करने के लिए प्लम, जामुन और चेरी को शामिल करें। इन फलों का सेवन रोज करें इन मानसूनी फलों में एंटीबॉयोटिक गुणों की भरपूर मात्रा पाई जाती है। जो प्रतिरोधक क्षमता में सुधार लाती है जिससे सर्द गर्म से होने वाले बुखार से राहत मिलती है।

3. स्नैक और नट

सूखे मेवे और नट्स का सेवन "राज" बच्चों के शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इसके साथ ही इनमें पाए जाने वाले पौष्टिक गुण जैसे फैटी एसिड, प्रोटीन और सेलेनियम, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, carotenoids होते है। जो मानसून के समय में होने वाले संक्रमण के साथ बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक होते है। इसके साथ ही ये पौष्टिक तत्व बच्चों की ग्रोथ में भी सहायक होते है।

3. हल्दी वाला दूध-

हमारे भारत में "राज" हल्दी वाले दूध को हर घरों में मां और दादी के द्वारा दी जाने वाली औषधिय दवाई मानी जाती है। जो किसी भी तरह के संक्रमण को दूर करने में सहायक होती है। इसके अलावा शारीरिक दर्द को दूर करने लिए इसें जादूई चमत्कार माना जाता है। जादूई गुणों से भरपूर हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाएं जाते है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करने में मदद करता है। इसलिए यदि आपका बच्चा मामूली सी सर्दी या किसी प्रकार के संक्रमण से पीड़ित है,तो उसे बिस्तर पर जाने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी दूध पीने को दे दीजिए। आपका बच्चा स्वस्थ होने के साथ एक बेहतर नींद भी सोएगा।

4. शहद और अदरक-

शहद और अदरक का रस "राज" हमारे शरीर को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा उपचार माना जाता है। क्योंकि अदरक में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी के गुण पाए जाते है जो संक्रमण को दूर करने में मदद करते हैं। इसके अलावा हनी में भी एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं, जो संक्रमण दूर करने में मदद करते है। इस मौसम में सर्द-गर्मी से सर्दी खासी के साथ गले में खराश होने लगती है और इस समस्या को दूर करने का यह सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा माना जाता है।

5. तुलसी की चाय-

तुलसी के पत्तों में "राज" प्राकृतिक रूप से एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक के गुण पाए जाते है जो बाहरी संक्रमण को दूर करने में सहायक होते है। तुलसी का पत्तों से बनी चाय का सेवन रोज करने से हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। जो बच्चों को हर तरह की बीमारियों से लड़ने में मदद करती है।

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