दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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रविवार, मई 03, 2015

खूब खाएं हरी-हरी साग-सब्जियॉं

भोजन में शामिल करें सलाद जो रखेगा आपको आबाद : राजेश मिश्रा 
Eat Salad keeps Disease away
The advantages of salad

सलाद के पत्ते : 

ये पत्ते विटामिन ए, सी, ई और पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम और दूसरे खनिज तत्वों से भरपूर होते है। सलाद के पत्ते जितने हरे होगें, उतने पोषक तत्वों से भरपूर होगें। सलाद की पत्तियां चुनते समय देख लें कि वे ताजी और कड़क हों। उन पर लगी मिट्टी और कीडों को पानी से धोकर साफ किया जा सकता है। लेकिन जो पत्तियां मुरझायी हुई हों या पीली पड़ गयी हों, उन्हें ना लें। पनीर और दूसरी ताजी-कटी सब्जियों के साथ इन सलाद के पत्तों को मिलाकर खाना स्वास्थ्यकारी होता है। कम कैलोरीवाले इस सलाद को खाने से चौगुना फायदा होता है।
 
खीरा : 
खीरे का इस्तेमाल सलाद के रूप में करते है। यह क्षारीय और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें पोटेशियम होता है, जो हाइ ब्लड पे्रशर के शिकार लोगों का ब्लड प्रेशर कम करने में मदद करता है। खीरा खाने से खूब पेशाब आता है। यह अल्सर के इलाज में प्रभावकारी है।
मूली : 
नेचुरोपैथ इसे बहुत उपयोगी मानते हैं। इसमें विटामिन सी, सोडियम और कैल्शियम होने की वजह से यह पीलिया या कमजोर लिवर के रोगियों को खाने के लिए दी जाती है। इसकी तीखी गंघ होती है। अगर सलाद बनाते समय सब्जियों के साथ इसके पत्तों को भी मिला कर लिया जाए, तो इसकी गंघ कम हो जाती है।
शिमला मिर्च
लाल और हरी शिमला मिर्च विटामिन सी का बेहतरीन स्त्रोत हैं। सलाद बनाते समय इसे भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
करेला
सुबह खाली पेट 1 छोटा चम्मच कच्चे करेले का जूस लेने से ब्लड शुगर का स्तर तेजी से सामान्य हो जाती है। यह केवल डाइबिटीज से पीडित लोगों के लिए ही प्रभ्रावकारी नहीं हैं। चुंकि यह शरीर पर क्षारीय प्रभाव डालता है, इसलिए शरीर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालता है। करेले में कॉपर, आयरन और पोटेशियम होता है। इसे खाने का सबसे अच्छा तरीका यह है इन्हें प्रेशर कुकर में स्टीम दिलवाएं और फिर इसमें भरावन भर कर प्याज के साथ भून कर खाएं।
भिंडी
यह सब्जी विश्वभर में पसंद की जाती है। इसमें पेक्टोस होने की वजह से यह क्षारीय होती है और जिलेटिन की वजह से एसिडिटी, अपच के शिकार लोगों को ठंडक पहुंचाती है। जिन लोगों को पेशाब से संबंघित समस्याएं होती है, उन्हें डॉक्टर खासतौर से भिंडी खाने की हिदायत देते है।
पोदीना
पोदीने की पत्तियां कच्ची खाने से शरीर की सफाई होती है व ठंडक मिलती है। यह बहुत ही गुणकारी होता है। ताजा पोदीना एंजाइम्स से भरपूर होता है। यह पाचन में सहायता करता है। अनियमित मासिकघर्म की शिकार महिला के शारीरिक चक्र में प्रभावकारी ढंग से संतुलन कायम करता है। यह भूख खोलने का काम करता है। पोदीने की चाय या पोदीने का अर्क लिवर के लिए अच्छा होता है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में बहुत ही उपयोगी डिटॉक्सीफायर का काम करता है।
मशरूम
चाइनीज काले मशरूम को खाने से टयूमर नहीं होता। यहां मिलने वाले मशरूम भी खनिज तत्वों से भरपूर होते है मशरूम खासतौर से उन लोगों को खाने के लिए दिये जाते हैं, जिनके लिपिड और कोलेस्ट्राल में असंतुलन होता है।
बैंगन
बैंगन में पोटेशियम, सल्फर, क्लोरीन, थोडा-बहुत आयरन और विटामिन सी होता है। जो लोग वायु विकार के शिकार होते है, उन्हें बैगन खाने चाहिए। बैंगन खाने से कोलेस्ट्राल कम होता है और खट्टी डकारे भी दूर होती है।
मटर
इसमें सल्फर, फास्फोरस, क्लोरीन और पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। मटर ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। यदि इसे अनाज और दालों के साथ खाया जाए, तो इसके बेहतरीन परिणाम मिलते हैं। यदि केवल मटर को अघिक मात्रा में खाया जाए, तो यह पाचन के लिए अच्छा नहीं है।
आलू
आलू सालभर मिलता है, लेकिन गर्मियों में इसकी खपत बढ जाती हहै। आलू में विटामिन सी और बी 6 पोटेशियम, फास्फोरस मैगनीशियम, आयरन, कॉपर और रेशा होता है चुंकि ये अत्यघिक क्षारीय होते है, इसलिए इन्हें गर्मियों में खाना अच्छा होता है। इनके छिलकें एंटी ऑक्सीडेंट ये भरपूर होते है, इसलिए इन्हें छील कर नहीं खाना चाहिए। इन्हें उबाल कर या भून कर खाना अच्छा होता है, क्योकि तब इसके विटामिन और खनिज तत्व अघिक मात्रा में बरकरार रहते है। युरिक एसिड बढने पर कच्चे आलू का जूस पीना चाहिए।
लौकी, तोरी और टिंडा
ये सब्जियां खनिज तत्वों से भरपूर होती है। क्षारीय होने के कारण शरीर को ठंडक पहुंचाती है। अकसर हम इन्हें खाना पसंद नहीं करते, पर ये बहुत फायदेमंद होती है। इन्हें अपने भोजन में शामिल करने के लिए इन्हें बनाने की नयी – स्वादिष्ट रेसिपी मालूम करें। कश्मीरी डिश यखनी बनाने के लिए लौकी को बडे टुकडों में काट कर दही में पका कर खाएं।
प्याज
प्याज बहुत ही उपयोगी सब्जी है। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते है। यह खूनसे विषैले तत्वों को बाहर निकालता है। इसकी सब्जी बना कर खाने से बुखार, कफ और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। पुराने जमाने में इजिप्शियन नियमित रूप ये प्याज और लहसुन खाते थे सल्फर की वजह से इनसे तीखी गंघ आती है। कच्चा प्याज खाने से अच्छे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढता है। प्याज और अदरक का रस आस्थमा के रोगियों के लिए अच्छा होता है। प्याज खाने से खून पतला होता है और लिवर की बिमारियों के इलाज के लिए अच्छा माना
जाता है।
टमाटर
दिन में रोज एक टमाटर खाएं और बीमारियों को दूर भगाएं। टमाटर विटामिन ए,सी, फोलेट, पोटेशियम, फाइबर ओर दुसरे सभी तरह के सुरक्षात्मक एंटी ऑक्सीडेंट बहुतायत में मिलते है। इसे खाने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है और प्रतिरोघक क्षमता बढती है, जिससे कोल्ड ओर फ्लू नहीं होता। टमाटर प्राकृतिक सनस्क्रीन का भी काम करता है। इसे खाने से घमनियों और दिल के रोग की समस्याएं नहीं होती।

Seasonal Foods