दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शनिवार, फ़रवरी 06, 2016

Skin Care In Winter : RAJ

सर्दी में "राज" त्वचा की देखभाल ऐसे करें

त्वचा को सुंदर और हेल्दी बनाने के लिए 


सेहतमंद त्वचा खूबसूरती का सबसे अनमोल तोहफा है, लेकिन इस सर्दी का क्या करें, जो त्वचा की खूबसूरती को छीन लेती है। पर इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि आप अपनी त्वचा के प्रति लापरवाह हो जाएं। जानें, ठंड में दमकती त्वचा के ल‌िए क्या उपाय जरूरी हैं। सर्दी में त्वचा का बेजान और रुखा होना आम बात है, लेकिन कभी-कभी रूखेपन के अलावा सर्द मौसम के चलते अन्य त्वचा की समस्याएं भी पैदा होने लगे तो यह गंभीर रोग भी हो सकता है। तो दोस्तों इस मौसम में इन समस्याओं से लड़ने के लिए उनसे बचने के उपाय के बारे में जानना बहुत जरुरी है। 

सर्दी के मौसम होने वाले त्वचा सम्बन्धी रोग व समस्याएं (Skin Problems & Diseases In Winter)


त्वचा का सूखापन – सर्दी की वजह से शरीर की त्वचा सूखने लगती है पर वैसे तो ये समस्या बीमार और उम्रदराज लोगों में ज्यादा होती है पर फिर भी इससे बचने के लिए हमें तेल और Mostoriser का इस्तेमाल करना चाहिए।

चिलब्लेंस (Chilblains) – इस रोग में हाथ पैर की अँगुलियों में सूजन आ जाती है और लाल होने के साथ साथ खुजली भी होने लगती है, इस रोग से बचने के लिए हमें हाथों में दस्ताने और पैरों में मोजे पहनने चाहिए।

सोराइसिस (Psoriasis) – ये रोग आम तौर पर सर्दी के समय बढ़ जाता है, इस रोग में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना फायदेमंद रहता है।

ऐटोपिक एग्जिमा (Atopic Eczema) – ये रोग आम तौर पर बच्चों में होता है, इससे बचाने के लिए कोल्ड क्रीम लगाएं और शरीर पूरी तरह से ढककर रखें।

नाखुनो और बालों का बेजान होना – सर्दी में ये समस्या ज्यादातर लोगों में देखी जाती है इसके साथ-साथ बालों में Dandruff भी बढ़ जाता है, इसके लिए Vitamin B और Biotin का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।

इन त्वचा सम्बन्धी समस्याओं से बचने के लिए कुछ नुस्खे

  • सर्दी के मौसम में त्वचा सम्बन्धी रोगों से बचाव का पहला ध्यान रखने योग्य नुस्खा है नियमित और प्रतिदिन स्नान। नहाने के लिए आप ठंडा गर्म या गुनगुना जैसा चाहें वैसा पानी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सर्दी के मौसम में ज्यादा साबुन का प्रयोग ना करें, नहाने से पहले पूरे शरीर पर तेल लगाएं और नहाने के बाद भी तेल या Mostoriser का इस्तेमाल करें।
  • सर्दियों में धूप का नियमित सेवन भी अत्यधिक लाभप्रद है इससे Chilblains जैसे गंभीर त्वचा रोगों से बचा जा सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान अवश्य रखें की अगर धूप से त्वचा में जलन या रेडनेस होने लगे तो धुप का इस्तेमाल न करें ।
  • हाथ पैरों की उँगलियों के सुन्न होने, खून का दौरा कम होने या त्वचा के फटने से बचने का सबसे अच्छा उपाय है संतुलित आहार, भोजन में दूध, दही और हरी सब्जियां खूब लें। भोजन में Vitamin A की अधिकता रखें, और त्वचा के लिए गाजर का सेवन भी लाभप्रद है।
  • त्वचा में खुजली व रूखेपन से बचने के लिए Cold Cream का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन जहाँ तक संभव हो नारियल तेल का प्रयोग करें।

अन्य उपाय

हल्दी, लाल चंदन, नीम की छाल, चिरायता, बहेडा, आंवला, हरेडा और अडूसे के पत्ते को एक समान मात्रा में लीजिए। इन सभी सामानों को पानी में पूरी तरह से फूलने के लिए भिगो दीजिए। जब ये सारे सामान पूरी तरह से फूल जाएं तो पीसकर ढ़ीला पेस्ट बना लीजिए। अब इस पेस्ट से चार गुना अधिक मात्रा में तिल का तेल लीजिए। तिल के तेल से चार गुनी मात्रा में पानी लेकर सारे सामानों को एक बर्तन में मिला लीजिए। उसके बाद मिश्रण को मंद आंच पर तब तक गर्म करते रहिए जब तक सारा पानी भाप बनकर उड़ ना जाए। इस पेस्ट को पूरे शरीर में जहां-जहां खुजली हो रही हो वहां पर या फिर पूरे शरीर में लगाइए। इसके लगाते रहने से आपके त्वचा से चर्म रोग ठीक हो जाएगा।

एग्जिमा, सोरियासिस, मस्सा, ल्यूकोर्डमा, स्केबीज या खुजली चर्म रोग के प्रकार हैं।किसी भी प्रकार का चर्म रोग जब तक ठीक नही हो जाता है, बहुत कष्टदायक होता है। जिसके कारण से आदमी मानसिक रूप से बीमार हो जाता है। चर्म रोग की समस्या होने पर आप चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं।

ताकि त्वचा रहे सेहतमंद

त्वचा को सुंदर और हेल्दी बनाने के लिए चेहरे की क्लीनिंग, मॉइश्चराइजिंग और स्क्रबिंग जरूरी है। दिन भर की धूल और प्रदूषण के असर को खत्म करने के लिए त्वचा की सही तरह से सफाई करना जरूरी है।

इसके लिए दिन में दो बार किसी अच्छे मेडिकेटेड फेस वॉश से चेहरा साफ करें। मृत त्वचा को हटाने के लिए माइल्ड स्क्रब का इस्तेमाल करें, लेकिन हफ्ते में तीन बार से ज्यादा न करें।

इन दिनों शुष्क हवा सबसे पहले त्वचा की नमी को नष्ट करती है। इससे त्वचा में खिंचाव और रूखापन पैदा हो जाता है। इसका असर आपके चेहरे पर ही नहीं शरीर के अन्य हिस्सों पर भी होता है। ऐसे में अपने चेहरे पर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर पर ही किसी अच्छे बॉडी लोशन या मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। यह त्वचा के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। 

मुंहासों के लिए कुछ अलग

अगर आपके चेहरे पर मुंहासे हैं, तो अपने चेहरे पर बार-बार हाथ न लगाएं। स्किन को ज्यादा रगड़ें भी नहीं। खासतौर से दानों और मुंहासे से तो बिल्कुल भी छेड़छाड़ न करें। 

यदि आप चाहते हैं कि आपकी त्वचा कोमल रहे, तो ज्यादा गरम पानी के बजाय गुनगुने पानी का प्रयोग करें। ज्यादा गर्म पानी से आपकी त्वचा रूखी हो सकती है।

होंठ रहें मुलायम 

बदलते मौसम में होंठ फटने की शिकायत आम हो जाती है। ऐसे में आपको होंठों की देखभाल पर ध्यान देना भी जरूरी है। होंठों पर पेट्रोलियम जेली और ग्लिसरीन यूज करें। लिप बाम लगाना भी ठीक रहेगा। 

इसके अलावा सोने से पहले होंठों पर मलाई या ऑलिव ऑयल लगाएं। होंठों के लिए यह काफी फायदेमंद होता है।

पैरों की अनदेखी क्यों

सर्दियों में एड़ियां ज्यादा ड्राई हो जाती हैं। अगर प्रॉपर साफ-सफाई न की जाए, तो पैरों की खूबसूरती छिन जाती है। पैरों की सफाई डिटॉल मिले गुनगुने पानी से करें। मॉइस्चराइजर के प्रयोग के बाद भी यदि आपके हाथ-पैर की त्वचा खुश्क रहती है, तो आप मेनीक्योर और पेडीक्योर का सहारा ले सकती हैं। 

इससे पैरों की सही प्रकार से सफाई हो जाती है। हमेशा कॉटन के मोजों का प्रयाग करें। गीले पैरों को सही प्रकार से साफ करने के बाद उनके सूखने के बाद ही जूते पहनें। नंगे पांव बिल्कुल न चलें। सप्ताह में एक दिन जूतों को कुछ देर धूप में रखें, जिससे उसमें मौजूद बैक्टीरिया नष्ट हो जाएं।

अगर आप डायबिटीज या अस्थमा से ग्रस्त हैं, तो पैरों की देखभाल में कोताही न बरतें। 

राइट डाइट 

इस मौसम में फ्राइड और मीठी चीजें खाना अच्छा लगता है, लेकिन अगर आप फिट रहना चाहते हैं तो रोस्टेड चीजे ज्यादा खाएं। फिश, डॉट सूप और ड्राई फ्रूट्स लें। 

मौसमी सब्जियां, टमाटर, पालक, लहसुन, फलों में संतरा और पपीता सेहत के साथ त्वचा के लिए भी लाभकारी होता है। 

टमाटर में केरोटीन तत्व होता है, जो ब्लड को क्लीन करता है, वहीं पालक कैल्शियम देने के साथ हीमोग्लोबीन की मात्रा को बढ़ाती है। ग्रीन टी, लेमन जूस और हनी अच्छा विकल्प है।

घर का बना मॉइश्चराइजर

ग्लिसरीन और गुलाब जल मिलाकर चेहरे, नाक और होठों की मसाज करने से फायदा होता है। इससे ड्राई स्किन नम हो जाती है। यही नहीं, नाक के आस-पास की त्वचा नर्म होकर शाइन करने लगती है। स्किन की हाइजीन मेंटेन करने के लिए हॉट शावर लें। नहाने के तुरंत बाद मॉइश्चराइजर का प्रयोग करें।

दिन के समय जिंग आक्साइड मॉइस्चराइजर लगाएं, जिसमें एसपीएफ 30 प्रोटेकन हो। रात के लिए विटामिन ए और दिन के लिए विटामिन सी और ई युक्त क्रीम फायदेमंद होती है। वॉटर बेस क्रीम और मॉइश्चराइजर लगाएं।

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