दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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बुधवार, मार्च 16, 2016

पेट के लिए वरदान है पपीता

पपीता एक, फायदे अनेक : "राज"
The benefits of eating Papaya

पपीता एक फल है। कच्ची अवस्था में यह हरे रंग का होता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते हैं। कच्चे फलों की सब्जी बनती है। इन कारणों से घर के पास लगाने के लिये यह बहुत उत्तम फल है। राजेश मिश्रा बता रहे हैं ये शरीर के लिए कितना फायदेमंद और स्वास्थवर्धक है.   पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती का भी। यह कई बीमारियों से दूर रखता है और इसका स्वाद भी बेजोड़ है। इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं। पाचन के लिये सभी आवश्यक गुणों से भरपूर पपीता शरीर को पोषण देने वाला अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक फल है।

क्या आप जानते हैं?

  • पपीते में पपेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो मांसाहार गलाने के काम आता है। भोजन पचाने में भी यह अत्यंत सहायक होता है।
  • पपीते के नियमित सेवन से अरूचि दूर होती है, कब्ज़ ठीक होता है और भूख बढ़ती है।
  • पपीता स्वादिष्ट होने और अपने सुंदर रंग के कारण जैम, जेली, हलवे और शीतल पेय के लिये प्रयोग में लाया जाता है।
  • यकृत तथा पीलिया के रोग में पपीता अत्यंत लाभकारी है।
  • सौन्दर्य प्रसाधनों में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

पपीते के बीच में छिपे हैं सेहत के राज़ : राजेश मिश्रा 

पपीते के स्वास्थ्यवर्धक गुण : "राज"

गुणों की खान कहा जाने वाला पपीता आपके पेट के साथ आपकी त्‍वचा की खूबसूरती बढ़ने में भी आपकी मदद करता है। यह एक ऐसा फल जिसमें विटामिन सी, ए, पोटेशियम और कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए कई हितकारी गुण निहित होते हैं। पपीते के कुछ बेहतरीन स्‍वास्‍थ्‍य लाभों की सूची यहां पर दी गई है। पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है।
  • पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है।
  • यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है।
  • पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है।
  • जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
  • इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।

वजन घटाने में मददगार : "राज"

मीठा होने के बावजूद कैलोरी में कम पपीते को वजन कम करने वाले लोगों को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, पपीता में मौजूद फाइबर आपको संतुष्ट और पूर्ण महसूस करवाने के साथ आंतों के कार्यों को ठीक रखता है जिसके फलस्‍वरूप वजन घटाना आसान हो जाता है।

आंखों के लिए फायदेमंद : "राज"

पपीता नेत्र रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए की मौजूदगी आंखों की रोशनी को कम होने से बचाती है। इसके सेवन से रतौंधी रोग का निवारण होता है और आंखों की ज्योति बढ़ती हैं।

कोलेस्ट्रोल कम करें : "राज"

पपीते में फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है जो आपकी रक्त-शिराओं में कोलेस्ट्रोल के थक्कों को बनने देता। कोलेस्ट्रोल के थक्के दिल का दौरा पड़ने और उच्च रक्तचाप समेत कई अन्य ह्रदय रोगों का कारण बन सकते हैं।

माहवारी के दर्द से छुटकारा : "राज"

पपीते में पैपेन नामक एंजाइम माहवारी के दौरान रक्त के प्रवाह को ठीक कर दर्द को दूर करने में मदद करता है। इसलिए माहवारी के दर्द से गुजर रही महिलाओं को अपने आहार में पपीता को शामिल करना चाहिए।

प्रतिरोधक क्षमता में मजबूती : "राज"

आपकी इम्‍यूनिटी विभिन्‍न संक्रमणों के विरूद्ध ढाल का काम करती हैं। केवल एक पपीते में इतना विटामिन सी होता है जो आपके प्रतिदिन की विटामिन सी की आवश्यकता का लगभग 200 प्रतिशत होता है। इस तरह से ये आपकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

 डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा : "राज"

स्‍वाद में मीठा होने के बावजूद इसमें शुगर नाममात्र का होता है इसलिए पपीता डायबिटीज रोगियों के लिए आहार के रूप में एक बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा, जो लोग डायबिटीज के रोगी नहीं हैं, इसके सेवन से डायबिटीज होने के खतरों को दूर कर सकते हैं।

कैंसर को रोकने में मददगार : "राज"

कुछ अध्‍ययनों के अनुसार, पपीते के सेवन से कोलन और प्रोजेक्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। पपीते में एंटी-ऑक्‍सीडेंट, फीटोन्यूट्रिएंट्स और फ्लेवोनॉयड्स प्रचूर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन सी, बीटा कैरोटीन और विटामिन ई शरीर में कैंसर सेल को बनने से रोकते हैं। इसलिए अपने आहार में पपीता शमिल करें।

तनाव कम करें : "राज"

इस कमाल के फल में तनाव को दूर करने की ताकत होती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बामा में हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, लगभग 200 मिलीग्राम विटामिन सी स्ट्रेस हार्मोंन को संचालित करने में सक्षम होता है और पपीते में विटामिन सी प्रचुरता में उपलब्ध होता है।

पाचन को दुरुस्‍त करें : "राज"

पपीते में फाइबर के साथ-साथ पपैन नामक एक एंजाइम होता है जो आपकी पाचन शक्ति को दुरुस्त रखता है। यह एंजाइम आहार को पचाने में अत्‍यंत मददगार होता है। जिन लोगों को पेट से संबंधित समस्‍या जैसे कब्‍ज की शिकायत हमेशा बनी रहती है, उन्‍हें पपीते का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

एजिंग को रोकें : "राज"

हम सभी सदा जवां बने रहना चाहते हैं, पर कोई भी ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाता है। लेकिन फिर भी, स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक आदतों और पपीते को अपने आहार में शामिल कर आप उम्र के असर को कम कर सकते हैं। पपीते में विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा-कैरोटीन सरीखे एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं जो शरीर की पोषण की जरूरतों को पूरा कर आपको सालों साल जवान बनाये रखते हैं।

गठिया से बचाव : "राज"

गठिया जैसी बीमारी शरीर को दुर्बल करने के साथ आपकी जीवनशैली को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है। इनमें विटामिन-सी के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण पपीता खाना आपकी हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी होता हैं। एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-सी युक्त भोजन न लेने वाले लोगों में गठिया का खतरा विटामिन-सी का सेवन करने वालों के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक होता है।

गुणकारी हैं पपीते के बीज : "राज"

पपीता पेट और त्वचा के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि पपीते के बीज भी उतने ही अनमोल और पोषण से भरपूर हैं, जितना पपीता। आइए जानते हैं, पपीते के बीजों के खास गुण -
1 एंटी बैक्टीरियल - पपीते के बीज, एंटी बैक्टीरियल होते हैं, जो बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं से आपकी रक्षा करते हैं।
2 कैंसर से बचाव - पपीते के बीज में पाए जाने तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करते हैं। कैंसर से बचने के लिए पपीते के सुखाए गए बीजों को पीसकर प्रयोग किया जा सकता है ।
3 इंफेक्शन या एलर्जी - इंफेक्शन होने या शरीर के किसी भाग में जलन, सूजन या दर्द होने पर पपीते के बीज राहत देने का कार्य करते हैं।
4 लीवर - लीवर की समस्याओं से निजात दिलाकर पपीते के बीज उसे मजबूत बनाने का काम भी करते हैं। यह लीवर के लिए बेहतर दवा साबित होते हैं।
5 किडनी - पपीते के बीज किडनी के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। किडनी स्टोन और किडनी के ठीक तरीके से क्रियान्वयन में पपीते के बीज कारगर हैं।

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