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बुधवार, मार्च 16, 2016

पेट के लिए वरदान है पपीता

पपीता एक, फायदे अनेक : "राज"
The benefits of eating Papaya

पपीता एक फल है। कच्ची अवस्था में यह हरे रंग का होता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते हैं। कच्चे फलों की सब्जी बनती है। इन कारणों से घर के पास लगाने के लिये यह बहुत उत्तम फल है। राजेश मिश्रा बता रहे हैं ये शरीर के लिए कितना फायदेमंद और स्वास्थवर्धक है.   पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती का भी। यह कई बीमारियों से दूर रखता है और इसका स्वाद भी बेजोड़ है। इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं। पाचन के लिये सभी आवश्यक गुणों से भरपूर पपीता शरीर को पोषण देने वाला अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक फल है।

क्या आप जानते हैं?

  • पपीते में पपेन नामक पदार्थ पाया जाता है जो मांसाहार गलाने के काम आता है। भोजन पचाने में भी यह अत्यंत सहायक होता है।
  • पपीते के नियमित सेवन से अरूचि दूर होती है, कब्ज़ ठीक होता है और भूख बढ़ती है।
  • पपीता स्वादिष्ट होने और अपने सुंदर रंग के कारण जैम, जेली, हलवे और शीतल पेय के लिये प्रयोग में लाया जाता है।
  • यकृत तथा पीलिया के रोग में पपीता अत्यंत लाभकारी है।
  • सौन्दर्य प्रसाधनों में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

पपीते के बीच में छिपे हैं सेहत के राज़ : राजेश मिश्रा 

पपीते के स्वास्थ्यवर्धक गुण : "राज"

गुणों की खान कहा जाने वाला पपीता आपके पेट के साथ आपकी त्‍वचा की खूबसूरती बढ़ने में भी आपकी मदद करता है। यह एक ऐसा फल जिसमें विटामिन सी, ए, पोटेशियम और कैल्शियम और आयरन प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए कई हितकारी गुण निहित होते हैं। पपीते के कुछ बेहतरीन स्‍वास्‍थ्‍य लाभों की सूची यहां पर दी गई है। पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है।
  • पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है।
  • यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है।
  • पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है।
  • जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
  • इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।

वजन घटाने में मददगार : "राज"

मीठा होने के बावजूद कैलोरी में कम पपीते को वजन कम करने वाले लोगों को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा, पपीता में मौजूद फाइबर आपको संतुष्ट और पूर्ण महसूस करवाने के साथ आंतों के कार्यों को ठीक रखता है जिसके फलस्‍वरूप वजन घटाना आसान हो जाता है।

आंखों के लिए फायदेमंद : "राज"

पपीता नेत्र रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए की मौजूदगी आंखों की रोशनी को कम होने से बचाती है। इसके सेवन से रतौंधी रोग का निवारण होता है और आंखों की ज्योति बढ़ती हैं।

कोलेस्ट्रोल कम करें : "राज"

पपीते में फाइबर, विटामिन सी और एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है जो आपकी रक्त-शिराओं में कोलेस्ट्रोल के थक्कों को बनने देता। कोलेस्ट्रोल के थक्के दिल का दौरा पड़ने और उच्च रक्तचाप समेत कई अन्य ह्रदय रोगों का कारण बन सकते हैं।

माहवारी के दर्द से छुटकारा : "राज"

पपीते में पैपेन नामक एंजाइम माहवारी के दौरान रक्त के प्रवाह को ठीक कर दर्द को दूर करने में मदद करता है। इसलिए माहवारी के दर्द से गुजर रही महिलाओं को अपने आहार में पपीता को शामिल करना चाहिए।

प्रतिरोधक क्षमता में मजबूती : "राज"

आपकी इम्‍यूनिटी विभिन्‍न संक्रमणों के विरूद्ध ढाल का काम करती हैं। केवल एक पपीते में इतना विटामिन सी होता है जो आपके प्रतिदिन की विटामिन सी की आवश्यकता का लगभग 200 प्रतिशत होता है। इस तरह से ये आपकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

 डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा : "राज"

स्‍वाद में मीठा होने के बावजूद इसमें शुगर नाममात्र का होता है इसलिए पपीता डायबिटीज रोगियों के लिए आहार के रूप में एक बेहतरीन विकल्प है। इसके अलावा, जो लोग डायबिटीज के रोगी नहीं हैं, इसके सेवन से डायबिटीज होने के खतरों को दूर कर सकते हैं।

कैंसर को रोकने में मददगार : "राज"

कुछ अध्‍ययनों के अनुसार, पपीते के सेवन से कोलन और प्रोजेक्ट कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। पपीते में एंटी-ऑक्‍सीडेंट, फीटोन्यूट्रिएंट्स और फ्लेवोनॉयड्स प्रचूर मात्रा में होते हैं। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन सी, बीटा कैरोटीन और विटामिन ई शरीर में कैंसर सेल को बनने से रोकते हैं। इसलिए अपने आहार में पपीता शमिल करें।

तनाव कम करें : "राज"

इस कमाल के फल में तनाव को दूर करने की ताकत होती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बामा में हुए एक अध्‍ययन के अनुसार, लगभग 200 मिलीग्राम विटामिन सी स्ट्रेस हार्मोंन को संचालित करने में सक्षम होता है और पपीते में विटामिन सी प्रचुरता में उपलब्ध होता है।

पाचन को दुरुस्‍त करें : "राज"

पपीते में फाइबर के साथ-साथ पपैन नामक एक एंजाइम होता है जो आपकी पाचन शक्ति को दुरुस्त रखता है। यह एंजाइम आहार को पचाने में अत्‍यंत मददगार होता है। जिन लोगों को पेट से संबंधित समस्‍या जैसे कब्‍ज की शिकायत हमेशा बनी रहती है, उन्‍हें पपीते का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

एजिंग को रोकें : "राज"

हम सभी सदा जवां बने रहना चाहते हैं, पर कोई भी ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाता है। लेकिन फिर भी, स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक आदतों और पपीते को अपने आहार में शामिल कर आप उम्र के असर को कम कर सकते हैं। पपीते में विटामिन सी, विटामिन ई और बीटा-कैरोटीन सरीखे एंटी-ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं जो शरीर की पोषण की जरूरतों को पूरा कर आपको सालों साल जवान बनाये रखते हैं।

गठिया से बचाव : "राज"

गठिया जैसी बीमारी शरीर को दुर्बल करने के साथ आपकी जीवनशैली को भी बुरी तरह से प्रभावित करती है। इनमें विटामिन-सी के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण पपीता खाना आपकी हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी होता हैं। एक अध्ययन के अनुसार विटामिन-सी युक्त भोजन न लेने वाले लोगों में गठिया का खतरा विटामिन-सी का सेवन करने वालों के मुकाबले लगभग तीन गुना अधिक होता है।

गुणकारी हैं पपीते के बीज : "राज"

पपीता पेट और त्वचा के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि पपीते के बीज भी उतने ही अनमोल और पोषण से भरपूर हैं, जितना पपीता। आइए जानते हैं, पपीते के बीजों के खास गुण -
1 एंटी बैक्टीरियल - पपीते के बीज, एंटी बैक्टीरियल होते हैं, जो बीमारी फैलाने वाले जीवाणुओं से आपकी रक्षा करते हैं।
2 कैंसर से बचाव - पपीते के बीज में पाए जाने तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से आपकी रक्षा करते हैं। कैंसर से बचने के लिए पपीते के सुखाए गए बीजों को पीसकर प्रयोग किया जा सकता है ।
3 इंफेक्शन या एलर्जी - इंफेक्शन होने या शरीर के किसी भाग में जलन, सूजन या दर्द होने पर पपीते के बीज राहत देने का कार्य करते हैं।
4 लीवर - लीवर की समस्याओं से निजात दिलाकर पपीते के बीज उसे मजबूत बनाने का काम भी करते हैं। यह लीवर के लिए बेहतर दवा साबित होते हैं।
5 किडनी - पपीते के बीज किडनी के लिए भी बेहद फायदेमंद होते हैं। किडनी स्टोन और किडनी के ठीक तरीके से क्रियान्वयन में पपीते के बीज कारगर हैं।

शुक्रवार, अप्रैल 24, 2015

अनेक बीमारियों की रामबाण औषधि : पपीता

पपीते के गुण - पपीता के फायदे

Herbal Papaya is cosmetic

पेट का ही नहीं खूबसूरती और किडनी का भी ख़याल रखता है ...

पपीता एक ऐसा गुणकारी फल है, जो मिलने में जितना आसान है उतना ही लाभदायक और सौंदर्यवर्द्धक भी है। इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। राजेश मिश्रा के अनुसार बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं।आसानी से अवशोषित होने से यह शरीर को काफी जल्दी फायदा पहुंचाता है। पपीता एक ऐसा फल है, जो कच्चा और पका हुआ दोनों ही रूप में खाया जाता है। कच्चा फल हरे रंग का दिखाई देता है, अधिकतर इसकी सब्जी बनाई जाती है। फल के रूप में ज्यादातर पका हुआ पपीता ही खाया जाता है। पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती का भी। यह कई बीमारियों से दूर रखता है और इसका स्वाद भी बेजोड़ है। पपीता के फायदों के बारे में बता रहे  हैं राजेश मिश्रा- 

क्या-क्या मिलता है?

प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, बी और सी के साथ ही कुछ मात्रा में विटामिन-डी भी मिलता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी होता है। पपीता सालभर बाजार में उपलब्ध होता है।

पपीता के गुण


  • पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है।
  • पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है।
  • यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है।
  • पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है।
  • जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
  • इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।
  • पपीता खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही हमारी सेहत को भी लाभ पहुंचाता है। सेहत के लिए पपीते का रस भी बहुत गुणकारी होता है।
  • पपीता न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि यह बालों व स्किन के लिए भी अच्छा होता है, इतना ही नहीं पपीते को सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है। यानी सलाद खाएं सेहत बनाएं। आइए जानें पपीते खाने से सेहत पर क्‍या प्रभाव पड़ता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन ए, पोटेशियम और कैल्शियम होता है। इसमें विशेष रूप से एंजाइम होते हैं, जो मांसाहारी आहार करने वालों के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह हाई कैलोरी मांसाहारी भोजन को पचाने में भी मदद करता है।
  • पपीता बहुत जल्दी पचने वाला फल है। पपीते से दाद, खाज, खुजली दूर हो जाती है।
  • पपीते के सेवन से न सिर्फ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है बल्कि ये ऊर्जा बढ़ाने में भी कारगर है। 
  • त्वचा पर अगर कहीं कट लग गया है या उसमें सूजन, जलन है तो पपीते को उस जगह लगाकर आराम मिलता है।
  • यदि किसी के पेट में कीड़े है तो पपीते के बीज और छिलके इस बीमारी को दूर करने में फायदेमंद है।
  • जिन लोगों को बहुत अधिक कब्ज की शिकायत रहती है उनके लिए पपीता किसी औषधी से कम नहीं।
  • पपीते के सेवन से अर्थराइटिस के दर्द और कैंसर जैसी बीमारियों से राहत मिलती हैं, हालांकि इससे बीमारी को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता लेकिन ये इन बीमारियों से होने वाले दर्द और अन्य़ समस्याओं से निजात दिलवाता है।
  • पपीता खाने से शरीर अंदरूनी रूप से स्वस्थ रहता है जिस कारण हमें सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां भी नहीं होती।
  • लंबी उम्र पाने और लंबे समय तक जवान रहने के लिए पपीता खाना लाभाकारी है।
  • पपीते के सेवन से आमाशय और आंत संबंधी विकारों में बहुत लाभ मिलता है।
  • हृदय, नाड़ियों तथा पेशियों की क्रिया ठीक रखने में भी पपीते के सेवन से मदद मिलती है।
  • पपीते के सेवन से चेहरे पर झुर्रियां पड़ना, बालों का झड़ना, बवासीर, चर्मरोग, अनियमित मासिक धर्म आदि अनेक बीमारियां दूर हो जाती है।
  • यह हृदय रोगियों और डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। यह उच्च कोलेस्ट्राल स्तर को कम करने में मदद करता है।
  • पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है। इस कारण आंत और पेट के विकारों के लिए काफी लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इसमें पाए जाने वाला एंजाइम शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • पपीते में पाया जाने वाला विटामिन ए त्वचा और आंखों के लिए काफी उपयोगी होता है। - इसमें पाए जाने वाला कैल्शियम शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। यह शरीर की पाचन क्षमता को सही रखता है साथ ही पेट के संक्रमण से बचाता है।
  • पपीते के चूर्ण का सेवन करने से आमशय की जलन, जख्म, अपच दूर होता है।
  • आधा पका पपीता पीस कर चेहरे पर नित्य लेप करके एक घंटे बाद धोयें। कील, मुंहासे, झुर्रियां दूर होकर चेहरा सुन्दर हो जायेगा। ऐसा दो माह करें।
  • लंबे समय तक नित्य पपीता खाने से चर्बी कम होती है और कमर का सौंदर्य बढ़ता है।
  • पपीता पेट के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पपीता पेट साफ करता है। यकृत को ताकत देने वाला है। छोटे बच्चे जिनका यकृत खराब होता है, उन्हें पपीता खिलाना चाहिए। पेट के रोगों के लिए पपीता कारगर फल है।
  • कब्ज, अजीर्ण और रक्तस्रावी बवासीर में पका हुआ पपीता लाभदायक है।
  • पपीते के दस बीज पानी में पीस कर चौथाई कप पानी में मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। एक हफ्ते इसका नित्य प्रयोग करें।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए सुबह खाली पेट चार फांक पका हुआ पपीता दो-तीन महीने खाते रहें।
  • पपीते का दूध दाद पर लगाने से लाभ होता है।
  • तिल्ली व पीलिया में नियमित पपीता खाने से लाभ होता है।
  • सुबह पपीता खाकर दूध पीने से कब्ज दूर होता है।
  • पपीता खाने से मूत्राशय के इंफेक्शन में भी फायदा मिलता है।
  • हर प्रकार के बवासीर में पका हुआ पपीता नित्य खाने से लाभ होता है।
  • पपीता खाने से पेशाब अधिक आती है।
  • जोड़ों के दर्द के रोगी पपीता नित्य खाएं। यह वात दर्द का शमन करता है।
  • अपच, अम्लपित्त, प्लीहा (स्पिलीन) बढ़ जाये तो खाली पका हुआ पपीता स्वाद के लिए काली मिर्च, काला नमक, सैंधा नमक डाल कर कुछ सप्ताह खायें, पेट के रोगों में लाभ होगा।
  • उद्योग, यातायात में डीजल आदि के धुएं से वायुमंडल दूषित होता है। सांस लेने में दम घुटता है। पपीता के ताजे बीज रुमाल में रख कर सूंघते हुए यात्रा करें। ताजा बीज नहीं हो तो सूखे बीज पानी में भिगोकर काम में लें। पपीता खायें। पपीता प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाता है।
  • नवजात बच्चे के लिए मां का दूध लाभकारी होता है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि स्तनों में दूध की कमी से बच्चा इस लाभ से वंचित हो जाता है। ऐसी मां कच्चे पपीते की सब्जी खाएं। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है। पका हुआ पपीता खाने से भी दूध बढ़ता है।
  • जिन महिलाओं और लड़कियों का मासिक धर्म अनियमित है, देर से या जल्दी आता है, मासिक स्राव में दर्द होता है। पपीते से सूखे बीज पीस कर आधा चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी से फक्की मासिक स्राव आने के एक सप्ताह पहले से आरंभ करके मासिक धर्म का स्राव बन्द होने तक दो तीन महीने लेते रहने से मासिक धर्म के दोष दूर होकर मासिक धर्म आने लगता है।
  • दक्षिण भारत की औरतों का विश्वास है कि पपीते में गर्भ गिराने के शक्तिशाली गुण हैं। गर्भावस्था में पपीता नहीं खाना चाहिए।