दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शुक्रवार, अप्रैल 24, 2015

अनेक बीमारियों की रामबाण औषधि : पपीता

पपीते के गुण - पपीता के फायदे

Herbal Papaya is cosmetic

पेट का ही नहीं खूबसूरती और किडनी का भी ख़याल रखता है ...

पपीता एक ऐसा गुणकारी फल है, जो मिलने में जितना आसान है उतना ही लाभदायक और सौंदर्यवर्द्धक भी है। इस पौष्टिक और रसीले फल से कई विटामिन मिलते हैं, नियमित रूप से खाने से शरीर में कभी विटामिन्स की कमी नहीं होती। राजेश मिश्रा के अनुसार बीमार व्यक्ति को दिए जाने वाले फलों में पपीता भी शामिल होता है, क्योंकि इसके एक नहीं, अनेक फायदे हैं।आसानी से अवशोषित होने से यह शरीर को काफी जल्दी फायदा पहुंचाता है। पपीता एक ऐसा फल है, जो कच्चा और पका हुआ दोनों ही रूप में खाया जाता है। कच्चा फल हरे रंग का दिखाई देता है, अधिकतर इसकी सब्जी बनाई जाती है। फल के रूप में ज्यादातर पका हुआ पपीता ही खाया जाता है। पपीता को गुणों की खान कहा गया है। यह आपके पेट का भी खयाल रखता है और त्वचा की खूबसूरती का भी। यह कई बीमारियों से दूर रखता है और इसका स्वाद भी बेजोड़ है। पपीता के फायदों के बारे में बता रहे  हैं राजेश मिश्रा- 

क्या-क्या मिलता है?

प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, बी और सी के साथ ही कुछ मात्रा में विटामिन-डी भी मिलता है। पपीता पेप्सिन नामक पाचक तत्व का एकमात्र प्राकृतिक स्रोत है। इसमें कैल्शियम और कैरोटीन भी अच्छी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट्स, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन भी होता है। पपीता सालभर बाजार में उपलब्ध होता है।

पपीता के गुण


  • पपीता पेट के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे पाचन तंत्र ठीक रहता है और पेट के रोग भी दूर होते हैं। पपीता पेट के तीन प्रमुख रोग आम, वात और पित्त तीनों में ही राहत पहुंचाता है। यह आंतों के लिए उत्तम होता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन-ए होता है। इसलिए यह आंखों और त्वचा के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है। इससे आंखों की रोशनी तो अच्छी होती ही है, त्वचा भी स्वस्थ, स्वच्छ और चमकदार रहती है।
  • पपीते में कैल्शियम भी खूब मिलता है। इसलिए यह हड्डियां मजबूत बनाता है।
  • यह प्रोटीन को पचाने में सहायक होता है।
  • पपीता फाइबर का अच्छा स्रोत है।
  • इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, कैंसर रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज भी होती है।
  • जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती रहती है, उनके लिए पपीते का नियमित सेवन काफी लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है।
  • इसमें बढ़ते बच्चों के बेहतर विकास के लिए ज़रूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। शरीर को पोषण देने के साथ ही रोगों को दूर भी भगाता है।
  • पपीता खाने में जितना स्वादिष्ट होता है उतना ही हमारी सेहत को भी लाभ पहुंचाता है। सेहत के लिए पपीते का रस भी बहुत गुणकारी होता है।
  • पपीता न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि यह बालों व स्किन के लिए भी अच्छा होता है, इतना ही नहीं पपीते को सलाद के रूप में भी खाया जा सकता है। यानी सलाद खाएं सेहत बनाएं। आइए जानें पपीते खाने से सेहत पर क्‍या प्रभाव पड़ता है।
  • पपीते में बड़ी मात्रा में विटामिन ए, पोटेशियम और कैल्शियम होता है। इसमें विशेष रूप से एंजाइम होते हैं, जो मांसाहारी आहार करने वालों के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह हाई कैलोरी मांसाहारी भोजन को पचाने में भी मदद करता है।
  • पपीता बहुत जल्दी पचने वाला फल है। पपीते से दाद, खाज, खुजली दूर हो जाती है।
  • पपीते के सेवन से न सिर्फ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है बल्कि ये ऊर्जा बढ़ाने में भी कारगर है। 
  • त्वचा पर अगर कहीं कट लग गया है या उसमें सूजन, जलन है तो पपीते को उस जगह लगाकर आराम मिलता है।
  • यदि किसी के पेट में कीड़े है तो पपीते के बीज और छिलके इस बीमारी को दूर करने में फायदेमंद है।
  • जिन लोगों को बहुत अधिक कब्ज की शिकायत रहती है उनके लिए पपीता किसी औषधी से कम नहीं।
  • पपीते के सेवन से अर्थराइटिस के दर्द और कैंसर जैसी बीमारियों से राहत मिलती हैं, हालांकि इससे बीमारी को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता लेकिन ये इन बीमारियों से होने वाले दर्द और अन्य़ समस्याओं से निजात दिलवाता है।
  • पपीता खाने से शरीर अंदरूनी रूप से स्वस्थ रहता है जिस कारण हमें सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां भी नहीं होती।
  • लंबी उम्र पाने और लंबे समय तक जवान रहने के लिए पपीता खाना लाभाकारी है।
  • पपीते के सेवन से आमाशय और आंत संबंधी विकारों में बहुत लाभ मिलता है।
  • हृदय, नाड़ियों तथा पेशियों की क्रिया ठीक रखने में भी पपीते के सेवन से मदद मिलती है।
  • पपीते के सेवन से चेहरे पर झुर्रियां पड़ना, बालों का झड़ना, बवासीर, चर्मरोग, अनियमित मासिक धर्म आदि अनेक बीमारियां दूर हो जाती है।
  • यह हृदय रोगियों और डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। यह उच्च कोलेस्ट्राल स्तर को कम करने में मदद करता है।
  • पपीते का रस प्रोटीन को आसानी से पचा देता है। इस कारण आंत और पेट के विकारों के लिए काफी लाभदायक होता है। इसके नियमित सेवन से कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। इसमें पाए जाने वाला एंजाइम शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में मदद करता है।
  • पपीते में पाया जाने वाला विटामिन ए त्वचा और आंखों के लिए काफी उपयोगी होता है। - इसमें पाए जाने वाला कैल्शियम शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है। यह शरीर की पाचन क्षमता को सही रखता है साथ ही पेट के संक्रमण से बचाता है।
  • पपीते के चूर्ण का सेवन करने से आमशय की जलन, जख्म, अपच दूर होता है।
  • आधा पका पपीता पीस कर चेहरे पर नित्य लेप करके एक घंटे बाद धोयें। कील, मुंहासे, झुर्रियां दूर होकर चेहरा सुन्दर हो जायेगा। ऐसा दो माह करें।
  • लंबे समय तक नित्य पपीता खाने से चर्बी कम होती है और कमर का सौंदर्य बढ़ता है।
  • पपीता पेट के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। पपीता पेट साफ करता है। यकृत को ताकत देने वाला है। छोटे बच्चे जिनका यकृत खराब होता है, उन्हें पपीता खिलाना चाहिए। पेट के रोगों के लिए पपीता कारगर फल है।
  • कब्ज, अजीर्ण और रक्तस्रावी बवासीर में पका हुआ पपीता लाभदायक है।
  • पपीते के दस बीज पानी में पीस कर चौथाई कप पानी में मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। एक हफ्ते इसका नित्य प्रयोग करें।
  • उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखने के लिए सुबह खाली पेट चार फांक पका हुआ पपीता दो-तीन महीने खाते रहें।
  • पपीते का दूध दाद पर लगाने से लाभ होता है।
  • तिल्ली व पीलिया में नियमित पपीता खाने से लाभ होता है।
  • सुबह पपीता खाकर दूध पीने से कब्ज दूर होता है।
  • पपीता खाने से मूत्राशय के इंफेक्शन में भी फायदा मिलता है।
  • हर प्रकार के बवासीर में पका हुआ पपीता नित्य खाने से लाभ होता है।
  • पपीता खाने से पेशाब अधिक आती है।
  • जोड़ों के दर्द के रोगी पपीता नित्य खाएं। यह वात दर्द का शमन करता है।
  • अपच, अम्लपित्त, प्लीहा (स्पिलीन) बढ़ जाये तो खाली पका हुआ पपीता स्वाद के लिए काली मिर्च, काला नमक, सैंधा नमक डाल कर कुछ सप्ताह खायें, पेट के रोगों में लाभ होगा।
  • उद्योग, यातायात में डीजल आदि के धुएं से वायुमंडल दूषित होता है। सांस लेने में दम घुटता है। पपीता के ताजे बीज रुमाल में रख कर सूंघते हुए यात्रा करें। ताजा बीज नहीं हो तो सूखे बीज पानी में भिगोकर काम में लें। पपीता खायें। पपीता प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचाता है।
  • नवजात बच्चे के लिए मां का दूध लाभकारी होता है लेकिन कई बार ऐसा होता है कि स्तनों में दूध की कमी से बच्चा इस लाभ से वंचित हो जाता है। ऐसी मां कच्चे पपीते की सब्जी खाएं। इससे स्तनों में दूध की वृद्धि होती है। पका हुआ पपीता खाने से भी दूध बढ़ता है।
  • जिन महिलाओं और लड़कियों का मासिक धर्म अनियमित है, देर से या जल्दी आता है, मासिक स्राव में दर्द होता है। पपीते से सूखे बीज पीस कर आधा चम्मच सुबह-शाम गर्म पानी से फक्की मासिक स्राव आने के एक सप्ताह पहले से आरंभ करके मासिक धर्म का स्राव बन्द होने तक दो तीन महीने लेते रहने से मासिक धर्म के दोष दूर होकर मासिक धर्म आने लगता है।
  • दक्षिण भारत की औरतों का विश्वास है कि पपीते में गर्भ गिराने के शक्तिशाली गुण हैं। गर्भावस्था में पपीता नहीं खाना चाहिए।

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