दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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गुरुवार, अप्रैल 02, 2015

उच्‍च रक्‍तचाप, हाई ब्लड प्रेशर

बिना दवाओं के भी कम कर सकते हैं उच्च रक्तचाप

Control High Blood Pressure
without Medication

क्तचाप या ब्लड प्रेशर रक्तवाहिनियों में बहते रक्त द्वारा वाहिनियों की दीवारों पर डाले गए दबाव को कहते हैं। धमनी वह नलिका होती हैं जो रक्त को हृदय से शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ले जाती हैं। हृदय रक्त को धमनियों में पंप करता है। किसी भी व्यक्ति का रक्तचाप सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप के रूप में जाना जाता है। जैसे 120/80 सिस्टोलिक अर्थात ऊपर की संख्या धमनियों में दाब को दर्शाती है। इसमें हृदय की मांसपेशियाँ संकुचित होकर धमनियों में रक्त को पंप करती है।

रक्त चाप बढने से तेज सिर दर्द, थकावट, टांगों में दर्द, उल्टी होने की शिकायत और चिडचिडापन होने के लक्छण मालूम पडते हैं। यह रोग जीवन शैली और खान-पान की आदतों से जुडा होने के कारण केवल दवाओं से इस रोग को समूल नष्ट करना संभव नहीं है। जीवन चर्या एवं खान-पान में अपेक्षित बदलाव कर इस रोग को पूरी तरह नियंत्रित किया सकता है।
दौड़ती-भागती ज़िदगी ऊपर से तनाव और चिंता ऊपर से खाने में जंक फूड। इन सब ने मिलकर जीवन को कुछ ऐसा स्वरूप दिया है कि उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां बहुत आम हो गई हैं। यदि समय पर इनका इलाज न किया जाय तो इससे अन्य रोग भी हो सकते हैं तो आइए देखते हैं कि बिना दवाओं के इस रोग पर कैसे नियंत्रण पाया जा सकता है। आपका उच्च रक्तचाप ( ऊपर का - 140 से और नीचे का 90) के साथ का निदान किया गया है, तो आपको अपना रक्तचाप नीचे-नीचे लाने के लिए दवा लेने की जरूरत है।
आपकी दिनचर्या आपका रक्तचाप कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। यदि आप अपनी स्वस्थ जीवनशैली से अपने उच्च रक्तचाप को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लेते हैं, तो आप दवाओं से बच या उन्हें कम कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्न चीजें जीवन में अपनानी होंगीः

वज़न कम करें

अक्सर वज़न बढ़ने से रक्तचाप बढ़ता है। साममान्यतः आप जितना वज़न कम करें उसी अनुपात में रक्तचाप कम होगा। वज़न कम होने से ली जाने वाली रक्तचाप की दवाएं ज्यादा प्रभावी ढंग से काम करती हैं।
वज़न कम करते समय आपको अपनी कमर पर बहुत ध्यान देना चाहिए। जितनी चौड़ी कमर होगी उच्च रक्तचाप की संभावना उतनी बढ़ जाएगी। उदाहरण के लिएः
यदि किसी पुरुष की कमर की चौड़ाई 40 इंच से ज्यादा है तो उसे उच्च रक्तचाप का खतरा हो सकता है।
यदि किसी स्त्री की कमर की नाप 35 इंच से ज्यादा हो तो उसे भी सचेत हो जाना चाहिए।

नियमित व्यायाम करें

  • दिन भर सुस्त बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। कम से कम आधा से एक घंटा की शारीरिक गतिविधि प्रत्येक दिन नियमित रूप से करनी चाहिए, इससे भी आपका रक्तचाप कम हो सकता है। अगर आप ऐसा कर रहे है तो अंतर आपको बहुत जल्दी दिखाई पड़ने लगेगा। अगर आप दैनिक जीवन में संक्रिय नहीं हें तो व्यायाम का स्तर बढा दें, कुछ सप्ताहों के अंदर ही आपका रक्तचाप कम हो सकता है।
  • अगर आपका रक्तचाप ऊपर का 120 और 139 और नीचे का 80 और 89 के बीच है तो इसका मतलब है कि आप Prehypertension से ग्रस्त हैं, ऐसे में व्यायाम आपको पूर्ण विकसित उच्च रक्तचाप के विकास से बचने में मदद कर सकता हैं। अगर आप पहले से ही उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं, तो नियमित शारीरिक गतिविधि से आप सुरक्षित स्तर तक नीचे अपने रक्तचाप को ला सकते हैं।
  • कोई भी व्यायाम शुरू करने से पूर्व अपने डॉक्टर से सलाह-मशविरा जरूर कर लें। आपका डॉक्टर आपको बताएगा की कौन सा व्यायाम आपको करना चाहिए और कौन सा नहीं। यदि आप दस मिनट टहल भी लें तो भी रक्तचाप में आने वाला फर्क आपको पता चलेगा।
  • लेकिन अगर आप सोचते हैं कि सप्ताहांत में आप पूरे सप्ताह का व्यायाम कर लें, तो ये सोच गलत है, इससे कोई लाभ होने वाला नहीं है हाँ, नुकसान जरूर हो सकता है या यूं कहें ये खतरनाक सोच है।

स्वस्थ आहार लें

खाने की आदतों को बदलना आसान नहीं होता लेकिन इन टिप्स के साथ आप स्वस्थ आहार को अपना सकते हैः
  1. खाने की एक डायरी रखिएः उसमें एक हफ्ते तक वो सबकुछ लिखिए जो आप खाते हैं, इस तरह आपको पता चस सकेगा कि वास्तव में आपकी खाने की आदतें क्या है। जांच करिए कि आप क्या खाते हैं, कितना खाते हैं, कब और क्यों खाते हैं।
  2. खाने में साबुत अनाज, फलों और सब्जियों की मात्रा बढ़ा दीजिए। वसा रहित दूध लें। भोजन में घी, तेल की मात्रा घटाएं।
  3. भोजन में पोटेशियम की मात्रा बढ़ाने पर विचार करिए. पोटेशियम रक्तचाप पर सोडियम के प्रभाव को कम कर सकता है। पोटेशियम का सबसे अच्छा स्रोत है फल और सब्जियां। अपने डॉक्टर से बात करें कि आप के लिए सबसे अच्छा पोटेशियम का सबसे अच्छा स्तर क्या होगा।
  4. एक जागरूक खरीददार बनिए। सुपर मार्केट जाने से पहले एक लिस्ट बना लें कि आपको क्या खरीदना है जिससे आप जंक फूड खरीदने से बच सकें.। खरीदने से पहले खाने लेबल जरूर चेक कर लें कि खाने की तारीख एक्सपायरी तो नहीं हो गई है। यदि आप बाहर खाना खाने जा रहे हैं तो पौष्टिकता का ध्यान जरूर रखे।

अपने भोजन में सोडियम की मात्रा कम करें

भोजन में सोडियम की थोड़ी भी मात्रा कम करने से आपको रक्तचाप में फर्क पता चलेगा। सोडियम को कम करने के निम्न सुझाव हैः
  • दिन भर में 2.300 मिलीग्राम या उससे भी कम सोडियम खाएं।
  • 51या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को 1,500 मिलीग्राम या उससे भी कम सोडियम दिन भर में लेना चाहिए।
  • खाने से पहले जांच लें कि उसमें सोडियम की मात्रा कितनी है। अंजाने में ही आप आप खाद्य या पेय पर्दांथ के माध्यम अधिक सोडियम लेते हैं।
  • आप जो भोजन और पेय पदार्थ खाते हैं कोशिश करिए कि वह भोजन लें जिसमें नमक कम हो।
  • संसाधित भोजन कम करें। आलू के चिप्स, फ्रोजन डिनर और संसाधित मांस का खाना, इन सभी में हाई सोडियम होता है।
  • खाने में अतिरिक्त नमक मत मिलाइए।.
  • अचानक से भोजन में सोडियम की मात्रा कम मत करिए। धीरे-धीरे कम करिए

शराब पीना कम करिए

  1. शराब पीना आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा भी है और खराब भी है। एक ड्रिंक यह संभवतः 2 से 4 मिमी तक रक्तचाप को कम कर दें। लेकिन बहुत ज्यादा शराब पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जा सकत हैं। सामान्यतः 65 साल की उम्र से ज्यादा स्त्री और पुरुष एक ड्रिंक ले सकते हैं। लेकिन यदि आप सामान्य रूप से शराब नहीं पीते तो आपको रक्तचाप को कम करने के लिए एक रास्ते के रूप में पीने के शुरूआत नहीं करनी चाहिए।. शराब पीने के लाभ की तुलना में हानि अधिक हैं।
  2. यदि आप सामान्य से ज्यादा पीते हैं, तो वास्तव में शराब रक्तचाप बढ़ाती है। यह उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए ली गई दवा के असर को कम कर देती है।
  3. लगातार चार-पाँच ड्रिंक न लें- इससे अचानक रक्तचाप में वृद्धि हो सकती है, अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के अलावा।
  4. अगर आप हैवी ड्रिंकर हैं तो अचानक से शराब पीना बंद न करें इससे रक्तचाप कई दिनों तक बढ़ा रहेगा। यदि आप शराब पीना बंद करने जा रहे हैं तो डॉक्टर की देखरेख में ही बंद करें।

तम्बाकू उत्पाद और सिगरेट से बचिए

धूम्रपान के अन्य सभी खतरों के शीर्ष पर, तम्बाकू उत्पादों में निकोटीन का होना है। धूम्रपान के बाद एक घंटे तक के लिए यह आपके रक्तचाप को बढ़ा सकता है। इसका मतलब है दिन भर का धूम्रपान आपके रक्तचाप को लगातार उच्च रह सकती है।

कैफीन में कटौती

रक्तचाप में कैफीन की भूमिका भी विवादास्पद है कैफीनयुक्त पेय लेने से रक्तचाप बढ़ता है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रभाव अस्थायी है या लंबे समय तक रहता है।

तनाव कम करिए



तनाव या चिंता अस्थायी रूप से रक्तचाप बढ़ा सकते हैं। कुछ ठहर कर सोचिए कि आपके तनावग्रस्त होने के क्या कारण हैं जैसे काम, परिवार, आर्थिक तंगी या बीमारी। एक बार जब आप समस्या जान जाएगे कि आपके तनाव का क्या कारण है, कारण पता होने पर उसे दूर करने या कम करने का प्रयास किया जा सकता है।
आप अपने तनाव को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकते, तो आप कम से कम एक स्वस्थ तरीके से उन स्थितियों का सामना तो कर सकते हैं। गहरी साँस लेने के व्यायाम के लिए ब्रेक लें। शरीर की मालिश करें या योग या ध्यान करें। अगर स्वयं की सहायता काम नहीं आती, परामर्श के लिए किसी पेशेवर की सहायता लीजिए।
घर पर अपने रक्तचाप की निगरानी और नियमित रूप से चिकित्सक के सम्पर्क में रहना
यदि आपको उच्च रक्तचाप है, तो अपने रक्तचाप की निगरानी घर पर कर सकते हैं। घर में निगरानी करने से पहले आप अपने डॉक्टर से बात कर लें।
अपने चिकित्सक को नियमित मिलना भी अपनी सामान्य दिनचर्या का एक हिस्सा बनाएं। इससे आपके रक्तचाप पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
अगर आप इन सब चीजों को ध्यान में रखे तो उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण कर सकते हैं।

लक्षण व उपचार

  • मोटापा
  • तनाव(टेंशन)
  • महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन
  • ज्यादा नमक उपयोग करना
अब यहां ऐसे सरल घरेलू उपचारों की चर्चा की जायेगी जिनके सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने से बिना गोली केप्सुल लिये इस भयंकर बीमारी पर पूर्णत: नियंत्रण पाया जा सकता है-
  • सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रोगी को नमक का प्रयोग बिल्कुल कम कर देना चाहिये। नमक ब्लड प्रेशर बढाने वाला प्रमुख कारक है।
  • उच्च रक्तचाप का एक प्रमुख कारण है रक्त का गाढा होना। रक्त गाढा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। इससे धमनियों और शिराओं में दवाब बढ जाता है।लहसुन ब्लड प्रेशर ठीक करने में बहुत मददगार घरेलू वस्तु है।यह रक्त का थक्का नहीं जमने देती है। धमनी की कठोरता में लाभदायक है। रक्त में ज्यादा कोलेस्ट्ररोल होने की स्थिति का समाधान करती है।
  • एक बडा चम्मच आंवला का रस और इतना ही शहद मिलाकर सुबह -शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में लाभ होता है।
  • जब ब्लड प्रेशर बढा हुआ हो तो आधा गिलास मामूली गरम पानी में काली मिर्च पावडर एक चम्मच घोलकर 2-2 घंटे के फ़ासले से पीते रहें। ब्लड प्रेशर सही मुकाम पर लाने का बढिया उपचार है।
  • तरबूज का मगज और पोस्त दाना दोनों बराबर मात्रा में लेकर पीसकर मिला लें। एक चम्मच सुबह-शाम खाली पेट पानी से लें। 3-4 हफ़्ते तक या जरूरत मुताबिक लेते रहें।
  • बढे हुए ब्लड प्रेशर को जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा निंबू निचोडकर 2-2 घंटे के अंतर से पीते रहें। हितकारी उपचार है।
  • तुलसी की 10 पती और नीम की 3 पत्ती पानी के साथ खाली पेट 7 दिवस तक लें।
  • पपीता आधा किलो रोज सुबह खाली पेट खावें। बाद में 2 घंटे तक कुछ न खावें। एक माह तक प्रयोग से बहुत लाभ होगा।
  • नंगे पैर हरी घास पर 15-20 मिनिट चलें। रोजाना चलने से ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है।
  • सौंफ़, जीरा, शकर तीनों बराबर मात्रा में लेकर पावडर बनालें। एक गिलास पानी में एक चम्मच मिश्रण घोलकर सुबह-शाम पीते रहें।
  • उबले हुए आलू खाना रक्त चाप घटाने का श्रेष्ठ उपाय है। आलू में सोडियम (नमक) नही होता है।
  • पालक और गाजर का रस मिलाकर एक गिलास रस सुबह-शाम पीयें। अन्य सब्जीयों के रस भी लाभदायक होते हैं।
  • नमक दिन भर में 3 ग्राम से ज्यादा न लें।
  • अण्डा और मांस ब्लड प्रेशर बढाने वाली चीजें हैं। ब्लड प्रेशर रोगी के लिये वर्जित हैं।
  • करेला और सहजन की फ़ली उच्च रक्त चाप-रोगी के लिये परम हितकारी हैं।
  • केला,अमरूद,सेवफ़ल ब्लड प्रेशर रोग को दूर करने में सहायक कुदरती पदार्थ हैं।
  • मिठाई और चाकलेट का सेवन बंद कर दें।
सूखे मेवे :-- जैसे बादाम काजू, आदि उच्च रक्त चाप रोगी के लिये लाभकारी पदार्थ हैं।
चावल:- (भूरा) उपयोग में लावें। इसमें नमक ,कोलेस्टरोल और चर्बी नाम मात्र की होती है। यह उच्च रक्त चाप रोगी के लिये बहुत ही लाभदायक भोजन है। इसमें पाये जाने वाले केल्शियम से नाडी मंडल की भी सुरक्षा हो जाती है।
अदरक:-प्याज और लहसून की तरह अदरक भी काफी फायदेमंद होता है। बुरा कोलेस्ट्रोल धमनियों की दीवारों पर प्लेक यानी कि कैलसियम युक्त मैल पैदा करता है जिससे रक्त के प्रवाह में अवरोध खड़ा हो जाता है और नतीजा उच्च रक्तचाप के रूप में सामने आता है। अदरक में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेट्स होते हैं जो कि बुरे कोलेस्ट्रोल को नीचे लाने में काफी असरदार होते हैं। अदरक से आपके रक्तसंचार में भी सुधार होता है, धमनियों के आसपास की मांसपेशियों को भी आराम मिलता है जिससे कि उच्च रक्तचाप नीचे आ जाता है।
लालमिर्च:-धमनियों के सख्त होने के कारण या उनमे प्लेक जमा होने की वजह से रक्त वाहिकाएं और नसें संकरी हो जाती हैं जिससे कि रक्त प्रवाह में रुकावटें पैदा होती हैं। लेकिन लाल मिर्च से नसें और रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं, फलस्वरूप रक्त प्रवाह सहज हो जाता है और रक्तचाप नीचे आ जाता है।

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