दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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गुरुवार, अक्टूबर 29, 2015

राज का ये नुस्खा अपनाएं बवासीर से निजात पाएं

Home Remedies for Hemorrhoids (Piles)

इसे इस्तेमाल करने के बाद फायदे और नुकसान से राजेश मिश्रा को अवगत जरूर कराएं... मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है... 

बवासीर (Piles) आजकल एक आम बीमारी के रूप में प्रचलित है। इस रोग मे गुदे की खून की नसें (शिराएं) फ़ूलकर शोथयुक्त हो जाती हैं, जिससे दर्द, जलन और कभी कभी रक्तस्राव भी होता है। बवासीर का प्रधान कारण कब्ज का होना है। जिगर मे रक्त संकुलता भी इस रोग कारण होती है। मोटापा, व्यायाम नहीं करना और भोजन में रेशे (फ़ाईबर) की कमी से भी इस रोग की उत्पत्ति होती है।

बवासीर दो प्रकार की होती है-

1. खूनी बवासीर :- अंदर की बवासीर से खून निकलता है इसलिए इसे खूनी बवासीर कहते हैं।
2. बादी-बवासीर :- बाहर की बवासीर में दर्द तो होता है लेकिन उनसे खून नहीं निकलता है इसलिए इसे बादी-बवासीर कहते हैं।

बवासीर रोग होने के कारण :-

  • मलत्याग करते समय में अधिक जोर लगाकर मलत्याग करना।
  • बार-बार जुलाव का सेवन करना।
  • बार-बार दस्त लाने वाली दवाईयों का सेवन करना।
  • उत्तेजक पदार्थों का अधिक सेवन करना।
  • अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन का सेवन करना।
  • अधिक कब्ज की समस्या होना।
  • वंशानुगत रोग या यकृत रोग होना।
  • शारीरिक कार्य बिल्कुल न करना।
  • शराब का अधिक मात्रा में सेवन करना।
  • पेचिश रोग कई बार होना।
  • निम्नस्तरीय चिकनाई रहित खुराक लेना।
  • घुड़सवारी करना।
  • गर्भावस्था के समय में अधिक कष्ट होना तथा इस समय में कमर पर अधिक कपड़ें का दबाव रखना।
  • रात के समय में अधिक जागना।
  • मूत्र त्याग करने के लिए अधिक जोर लगना।
  1. मस्से के लिये कई घरेलू ईलाज हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण और आधार भूत बात यह है कि रोगी को 24 घंटे में 4 से 6 लिटर पानी पीने की आदत डालनी चाहिये। ज्यादा पानी पीने से शरीर से विजातीय पदार्थ बाहर निकलते रहेंगे और रोगी को कब्ज नहीं रहेगी जो इस रोग का मूल कारण है।
  2. हरी पत्तेदार सब्जियां,फ़ल और ज्यादा रेशे वाले पदार्थों का सेवन करना जरुरी है।

बवासीर रोग में निम्न घरेलू उपचार परम हितकारी हैं:-

1.) कलमी शोरा और रसोंत बराबर मात्रा में लेकर मूली के रस में पीस लें,यह पेस्ट बवासिर के मस्सो पर लगाने से तुरंत राहत मिलती है।
2) जमींकंद को भोभर मे भून लें और दही के साथ खाएं।
3) कमल का हरा पता पीसकर उसमे मिश्री मिलाकर खाने से बवासीर का खून बंद हो जाता है|
4) नाग केशर ,मिश्री और ताजा मक्खन सम भाग मिलाकर खाने से बवासीर रोग नियंत्रण में आ जाता है|
5) गुड़ के साठ हरड खाने से बवासीर में लाभ मिलता है|
6) बवासीर में छाछ अमृत तुल्य है| छाछ में सैंधा नमक मिलाकर लेना उचित है|
7) मूली के नियमित सेवन से बवासीर ठीक होने के प्रमाण मिले हैं|
8) गेंदे के हरे पत्ते 10 ग्राम, काली मिर्च के 5 दाने मिश्री 10 ग्राम सबको 50 मिली पानी में पीस कर मिला दें | ऐसा मिश्रण चार दिन तक लेते रहने से खूनी बवासीर खत्म हो जाती है| 
9 ) बिदारीकंद और पीपल समान भाग लेकर चूर्ण बनालें। ३ ग्राम चूर्ण बकरी के दूध के साथ पियें।
10) कडवी तोरई की जड को पीसकर यह पेस्ट मस्से पर लगाने से लाभ होता है।
11 ) करंज, हरसिंगार, बबूल, जामुन, बकायन, ईमली इन छ: की बीजों की गिरी और काली मिर्च इन सभी चीजों को बराबर मात्रा में लेकर कूट पीसकर मटर के दाने के बराबर गोलियां बनालें। 2 गोली दिन में दो बार छाछ के साथ लेने से बवासिर में अचूक लाभ होता है।
12 ) आक के पत्ते और तम्बाखू के पत्ते गीले कपडे मे लपेटकर गरम राख में रखकर सेक लें। फ़िर इन पत्तों को निचोडने से जो रस निकले उसे मस्सों पर लगाने से मस्से समाप्त होते हैं।
13 ) कनेर के पत्ते, नीम के पत्ते, सहजन के पत्ते और आक के पत्ते पीसकर मस्सों पर लगावें जरूर फ़ायदा होगा।
14) चिरायता, सोंठ, दारूहल्दी, नागकेशर, लाल चन्दन, खिरेंटी इन सबको समान मात्रा मे लेकर चूर्ण बनालें। 5 ग्राम चूर्ण दही के साथ लेने से पाईल्स ठीक होंगे।
15) एलोवेरा( ग्वार पाठा) का गूदा मस्सों पर लगाने से सूजन दूर होती है।
16 ) विटामिन सी (एस्कोर्बिक एसीड) खून की नलिकाओं को स्वस्थ बनाती है। ५०० एम जी की २ गोली रोज लेना उपकारी है।
17) पके केले को बीच से चीरकर दो टुकडे कर लें और उसपर कत्था पीसकर छिडक दें,इसके बाद उस केले को खुली जगह पर शाम को रख दें,सुबह शौच से निवृत्त होने के बाद उस केले को खालें, केवल 15 दिन तक यह उपचार करने से भयंकर से भयंकर बवासीर समाप्त हो जाती है।
18 ) हारसिंगार के फ़ूल तीन ग्राम काली मिर्च एक ग्राम और पीपल एक ग्राम सभी को पीसकर उसका चूर्ण तीस ग्राम शकर की चासनी में मिला लें,रात को सोते समय पांच छ: दिन तक इसे खायें। इस उपचार से खूनी बवासीर में आशातीत लाभ होता है। कब्ज करने वाले भोजन पदार्थ वर्जित हैं।
19) दही और मट्ठे के नियमित उपयोग से बवासीर में हितकारी प्रभाव होता है।
20) प्याज के छोटे छोटे टुकडे करने के बाद सुखालें,सूखे टुकडे दस ग्राम घी में तलें,बाद में एक ग्राम तिल और बीस ग्राम मिश्री मिलाकर रोजाना खाने से बवासीर का नाश होता है|
21) एक नीबू लेकर उसे काट लें,और दोनो फ़ांकों पर पांच ग्राम कत्था पीस कर छिडक दें, खुली जगह पर रात भर रहने दें,सुबह बासी मुंह दोनो फ़ांकों को चूस लें,कैसी भी खूनी बबासीर दो या तीन हफ़्तों में ठीक हो जायेगी।
22) आम की गुठली का चूर्ण शहद या पानी के साथ एक चम्मच की मात्रा में लेते रहने से खूनी बवासीर ठीक होती है।
23) सूखे आंवले का चूर्ण रात को सोते वक्त मामूली गरम जल से लें । अर्श में लाभ होगा।
24) अब मैं यहां खूनी बवासीर का एक उपचार प्रस्तुत कर रहा हूं जो आश्चर्य जनक रूप से लाभकारी है और एक ही रोज में खून गिरना बंद कर देता है। नारियल की जटा को जलाकर भस्म(राख) करलें और एक शीशी में भरलें। करना ये है कि ३ ग्राम भस्म एक गिलास मट्ठे या दही के साथ उपयोग करें। उपचार खाली पेट लेना है। ऐसी खुराक दिन मे तीन बार लेना है। बस एक दिन में ही खूनी बवासीर ठीक करने का यह अनोखा उपचार है।

Here are the top 6 home remedies for hemorrhoids.

1. Ice

The first home treatment that is highly recommended is ice. Ice will help constrict the blood vessels, reduce swelling and give you immediate pain relief.
Apply an icepack or a partially melted piece of ice wrapped in a cloth directly on the affected area for about 10 minutes. Do this several times a day until the hemorrhoid goes away.
You can even use a small pack of frozen vegetables such as peas or corn. Wrap the pack in a tea towel and then apply it on the hemorrhoid. Do this for 20 minutes at a time, three times a day.
2. Aloe Vera

Aloe vera is one of nature’s best ingredients for treating hemorrhoids. The anti-inflammatory and therapeutic properties of aloe vera help reduce the irritation of hemorrhoids. Aloe vera can be used for both internal and external hemorrhoids.
For treating external hemorrhoids, apply a little bit of aloe vera gel to your anus and slowly massage the area. This simple remedy will give relief from the pain and soothe the burning sensation.
To treat internal hemorrhoids, cut aloe vera leaves in strips. Make sure to cut off the thorn-like parts of the plant. Place the slices in a container and freeze them. Apply the icy cold aloe vera strip to the painful hemorrhoid to relieve the pain, burning, and itching sensation.
3. Lemon Juice

Lemon juice contains various nutrients that can give you relief from hemorrhoids by strengthening the capillaries and blood vessel walls.
Saturate a cotton ball with freshly squeezed lemon juice and apply it on the hemorrhoid. Initially there will be some mild tingling or a burning sensation, but relief from the pain will soon follow.
Alternatively, squeeze half a lemon into a cup of hot milk and drink it. Do this every three hours for best results.
Mix one-half teaspoon each of lemon juice, ginger juice, mint juice and honey together. Take this once a day.
4. Almond Oil

Almond oil, known for its emollient and deep tissue absorption properties, is used mainly for external hemorrhoid treatment. Dip a cotton ball in pure almond oil and apply it on the affected area. It moisturizes and eases inflammation, and will relieve the burning and itching sensation in and around the anus. Do this several times a day.
5. Olive Oil

Olive oil has anti-inflammatory and antioxidant properties and is used primarily to treat external hemorrhoids. It will help increase the elasticity of blood vessels, which in turn will help reduce inflammation and shrink the size of swollen blood vessels in the anal canal.
Consume one teaspoon of olive oil daily. It will help reduce inflammation and the monounsaturated fats will improve the functionality of the excretory system.
Crush the juice out of some plum leaves and add it to olive oil. Apply this mixture on your hemorrhoids. It will give you relief from the pain and swelling.
6. Whole Grains

Start eating whole grain products if you suffer from hemorrhoids. Whole grain products contain a good amount of fiber, which is highly effective in relieving hemorrhoid symptoms and bleeding.

This nutrient helps clean out the gastrointestinal system, preventing constipation and allowing the colon to work more efficiently. Fiber-rich foods can soften stool and increase its bulk, which helps reduce straining during bowel movements. Some of the best whole grain products are oats, barley, maize, brown rice, millet, quinoa and buckwheat.

शनिवार, अक्टूबर 03, 2015

रात में 8 घंटे की नींद रोज लेनी चाहिये

नींद से कंजूसी गंभीर परिणाम

नींद से कंजूसी करने से मोटापा, इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर, दिल की बीमारी, मधुमेह, स्‍ट्रोक, हाइ बीपी, सिरदर्द, उम्र कम हो सकती है : राजेश मिश्रा

इन दिनों रात को देर से सोना मानों एक फैशन सा हो गया है। आप रात से सुबह तक पार्टी करते हैं और फिर हल्‍की सी नींद ले कर दूसरे दिन सुबह ऑफिस पहुंच जाते हैं। आज कल यही लाइफस्‍टाइल पूरे देश के युवाओं में फैली हुई है। कभी कभी ऑफिस का भारी काम पड़ने पर भी रात को नींद पूरी नहीं हो पाती। रात में 6 घंटों की नींद पूरी करना हर शरीर के लिये आवश्‍यक है। नियम के अनुसार आपको रात में 8 घंटे की नींद रोज लेनी चाहिये।



जी हां! वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि अगर किसी वजह से रात की नींद ना ले पाएं हो तो ये सीधा आपके जीन पर असर डालता है। ये शरीर की जैविक घड़ी को नियंत्रित करने वाले जीन को प्रभावित करता है जिससे जीन को नुकसान पहुंचेगा। 

पहले भी नींद की कमी से होने वाले घातक परिणामों का पता कई शोधों से मिला है। नींद की कमी आपके मैटाबॉलिजम पर उलटा असर डालती है। साथ ही अगर आप मोटे हो रहें हो तो आपको सोने और जागने के समय पर ध्यान देना होगा। यहां तक की कम नींद लेने से टाइप 2 डायबटीज का भी खतरा मंडराता रहता है।
अब शोध से पता चला है कि शरीर की जैविक घड़ी को नियंत्रित करने वाले जींस नींद ना लेने की वजह से घट जाते हैं। जिसकी वजह से जींस को नियंत्रित करने वाले डीएनए अणु तेजी से बढ़ते हैं। 

डीएनए अणुओं के बढ़ने से जींस के खुलने और बंद होने का खतरा दोगुना हो जाता है। इसके अलावा एक हफ्ते से ज्यादा यदि सोनें में दिक्कत है तो ये 700 से ज्यादा जींस को प्रभावित करेगा जिसमें इम्यून सिस्टम, तनाव सभी कुछ आता है। इसलिए जरुरी है की आप अपनी नींद का बेहतर ख्याल रखें। 

अगर आप रात को देर से सोएंगे और दिन में जल्‍दी उठेगें तो आपके दिमाग को इसका खामियाजा भुगतना पडे़गा। इससे आपके शरीर में कई सारी बीमारियां भी पैदा हो सकती हैं। तो चलिये जानते हैं कि रात को देर से सोने पर हमारे शरीर पर क्‍या-क्‍या बुरे प्रभाव पड़ते हैं। 

मोटापा बढता है

मोटापा तभी बढता है जब आप अपनी नींद को पूरा नहीं करते। अगर आप रात में 6 घंटे की नींद पूरी नहीं करेगें तो आपका फैट मैटोबॉलिज्‍म बढ जाएगा।

इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर बनता है

रात को जगने से आपकी वाइट ब्‍लड सेल्‍स खराब हो जाती हैं जो कि आपके शरीर को इम्‍यूनिटी प्रदान करते हैं।

दिल की बीमारी

रात को देर से सोने पर दिल कमजोर बनता है।

मधुमेह

रात को देर से सोने से शरीर का होर्मोन इंबैलेंस हो जाता है। शुगर बढने लगती है और आप मधुमेह के रोगी बन सकते हैं।

स्‍ट्रोक

कई लोगों को रात में देर से सो कर जल्‍दी उठना पड़ता है, जिससे उन्‍हें कम नींद मिलती है। इससे दिल पर प्रेशर आता है और कार्डियेक अरस्‍ट का खतरा बढ जाता है।

हाइ बीपी

अगर आपको पूरी नींद नहीं मिलेगी तो आप स्‍ट्रेस में आ जाएंगे और हमेशा स्‍ट्रेस में रहने से आकपा बीपी बढ सकता है।

सिरदर्द

रात को देर से सोना और सुबह जल्‍दी उठना आपके दिमाग को ब्रेन हैमरेज तक की कगार पर पहुंचा सकता है।

उम्र का कम होना

अगर आप एक स्‍वस्‍थ लाइफस्‍टाइल नहीं अपना रहे हैं तो निश्‍चित ही आकी उम्र के दिल कम हो सकते हैं। रात को देर से सोने आपकी उम्र कम हो सकती है।

बुधवार, सितंबर 23, 2015

बाल की समस्या से हैं परेशान, आपनाएं यह 58 नुस्ख़े ...

Hair troubled by the problem, follow the Prescribed 58 ...

राज लाये हैं बालों के झड़ने, जल्द पकने, दोमुहें, घुंघराले, गंजेपन, रुसी से छुटकारा पाने के 58  नुस्खे


कुछ लोगों की शिकायत होती है कि उनके बाल गिरने के बाद पुनः उगते नहीं हैं। बालों का झडऩा ही बढ़ते हुए यह गंजेपन का रूप ले लेता है। चिंता, परेशानी, सदमा और दुर्घटना से भी सिर के बाल गिरने लगते हैं। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उपाय ऐसे भी हैं जिन्हें आजमाकर गंजेपन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है ...आइए उन उपायों के बारे में जानें।

परिचय : सिर के बाल जब उड़ जाते हैं तो खोपड़ी खल्वाट (बालों रहित) हो जाती है जिसे गंज कहते हैं।
विभिन्न भाषाओं में नाम : अरबी ताकपर, चुलीउत्थ।
बंगाली- टाक, खालित्य।
डोंगरी-गेंजा, गेन्दा, गु गंजो।
हिन्दी- गंजा।
कन्नड़-कोऊडलु उदरूवुडु।
मलयालम- कसन्ती।
मराठी-टकला पाडने।
उड़िया-चांदा।
पंजाबी-वेंगंजा।
तमिल त्रुकालुटा।
अंग्रेजी-अलापेसिया।
कारण : गंजापन और बाल झड़ने के विभिन्न कारण होते हैं जो निम्नलिखित हैं- मानसिक कार्य अधिक करना, वंशानुगत (पीढ़ियों से चला आया गंजापन का रोग), भोजन में विटामिन्स की कमी, वृद्धावस्था (बुढ़ापा),
रक्तविकार (खून की खराबी), सिर में दाद , फेवस ( रूसी) आदि। कंघी या सिर की मालिश करते समय टूटे बाल हाथ में आते रहते हैं। धीरे-धीरे सिर में बाल नहीं के बराबर रह जाते हैं।

विभिन्न औषधियों से उपचार-

1. हाथी-दांत : हाथी-दांत की राख में बकरी का दूध और रसौत को मिलाकर सिर पर लेप करने से बाल उगने लगते हैं।

2. आम : एक साल पुराने आम के अचार के तेल से रोजाना मालिश करें। इससे गंजेपन का रोग कम हो जाता है।

3. केला : पके केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

4. दही : दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसे सिर में लगाने से गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

5. पत्तागोभी : पत्तागोभी के रस से एक महीने तक सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग
सही हो जाता है।

6. फिटकरी : 5-5 ग्राम फिटकरी और छड़ेला को पानी के साथ पीसकर गंजेपन की जगह 3-4 दिनों तक लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

7. कबीला : 5-5 ग्राम कबीला, कच्चा सुहागा तथा कम भुनी राई को एक साथ पीसकर सिर के गंजेपन पर सरसों के तेल में मिलाकर लेप करें। इससे गंजेपन का रोग मिट जाता है।


8. अरण्डी (एरण्ड) : अरण्डी (एरण्ड) या सरसों के तेल में हल्दी जलाकर छान लें और इसमें थोड़ा सा कपूर मिलाकर सिर के गंजे जगह पर मालिश करें। इससे सिर पर बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

9. तम्बाकू : 20-20 ग्राम तम्बाकू का जला गुल और कनेर के पत्ते को 100 मिलीलीटर सरसों के तेल में जलाकर ठंड़ा कर मिला लें और इसे सिर में लगायें। इससे सिर के बाल आना शुरू हो जाते हैं।

10. झाऊ : 100 ग्राम झाऊ की जड़ छाया में सुखाकर दरदरा यानी मोटा-मोटा कूटकर 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, 100 मिलीलीटर पानी रह जाने पर निथारकर 100 मिलीलीटर तिल के तेल में जलायें, फिर इसे ठंड़ा कर लेने के बाद बालों में लगाएं। इससे बालों का झड़ना भी कम हो जाता है।

11. गोरखमुण्डी : 5 ग्राम गोरखमुण्डी के चूर्ण को सुबह पानी के साथ सेवन करने से बालों का झड़ना कम हो जाता है।


12. कालीमिर्च : कालीमिर्च और नमक का चूर्ण प्याज के साथ पीसकर लगाने से सिर का दाद और बालों के झड़ने की शिकायत से राहत मिलती है।

13. मेथी : मेथी के बीजों को बालों में लेप करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है। दाना मेथी पीसकर गंज के स्थान पर रोजाना लेप करने से बाल उग जाते हैं।

14. प्याज : प्याज का रस शहद में मिलाकर गंजेपन की जगह पर लगाने से फिर से बालों का उगना शुरू जाता है। गंज (सिर पर कहीं से बाल उड़ जाने को गंज कहते हैं) वाले भाग पर प्याज का रस रगड़ने से बाल वापस उगने लगते हैं और बाल गिरने रुक जाते हैं। प्याज के रस में नमक और कालीमिर्च का पाउड़र मिलाकर मालिश करने से सिर की दाद के कारण सिर के उड़ गये बाल फिर से आने लगते हैं।

15. महानिम्ब (बकायन ) : महानिम्ब के बीज के बीचले भाग (मध्य भाग) लगभग 1 ग्राम का चौथाई भाग से 1 ग्राम या छाल का चूर्ण 3 ग्राम से 6 ग्राम सेवन करने से लाभ होता है। इसे दिन में 2 बार यानी सुबह-शाम दें अथवा इसके पत्ते का रस 5 से 10 मिलीलीटर तक भी दे सकते हैं। इससे गंजेपन के रोग में लाभ होता है।

16. हारसिंगार : हारसिंगार के बीजों को पानी के साथ पीसकर सिर के गंजेपन की जगह लगाने से सिर में नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

17. करंज : करंज के फूलों को पीसकर सिर में बांधने से गंजेपन से लाभ होता है और नये बालों का आना शुरू
हो जाता है। इसे रोजाना रात को बांधें और सुबह नींबू के रस मिले पानी से साफ कर लें।

18. करजनी (गुंजा) : करजनी के बीजों का मिश्रण गंजेपन पर लगाने से नये बाल उगने शुरू हो जाते हैं। इसे रोजाना रात में लगाकर सिर को बांधे और सुबह नींबू रस मिले पानी से साफ कर लें। इससे लाभ होता है। गुंजा के बीजों के साफ तेल को उपयोग में लाने से बालों में लाभ होता है।

19. रोहिस घास : रोहिस घास के पत्तों का तेल सिर में मालिश करने से गंजेपन के रोग में लाभ होता है और नये बाल निकल आते हैं।

20. भंगरैया : भंगरैया का रस रोजाना गंजे सिर में मालिश करने और उसका रस 5-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।


21. वन्यकाहू : वन्यकान्हू के बीज और कूठ को एक साथ पीसकर लेप करने से गंजेपन और बालों के झड़ने में कमी आती है।

22. रोजमरी : रोजमरी के तेल का प्रयोग गंजेपन और बालों के झड़ने में किया जाता है।

23. अलसी (तीसी ) : अलसी के तेल में बरगद (वटवृक्ष) के पत्तों को जलाने के बाद उसे पीसकर और छानकर रख लें। इस तेल को सुबह-शाम सिर में लगायें। इसी तरह इसे लगाते रहने से सिर पर फिर से बालों का उगना शुरू हो जाता है।

24. अमरबेल : अमरबेल के रस को रोजाना सिर में मालिश करने से बाल उग आते हैं। बालों के झड़ने से उत्पन्न गंजेपन को दूर करने के लिए गंजे हुए स्थान पर अमर बेल को पानी में घिसकर लेप तैयार कर लें, इस लेप को नियमित रूप से दिन में दो बार लगभग चार या पांच हफ्ते तक लगाएं। इससे अवश्य फायदा होगा।

25. सुहागा : 20 ग्राम सुहागा और 20 ग्राम कपूर दोनों को बारीक पीसकर पानी में घोलकर, बाल धोने से बालों का गिरना कम हो जाता है।

26. अनन्तमूल : 2 ग्राम अनन्तमूल की जड़ का चूर्ण रोजाना खाने से सिर के बाल उग आते हैं और सफेद बाल
काले होने लगते हैं।

27. धनिया : धनिया का पानी निकालकर (पत्ते का रस) सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं। सिर पर हरे धनिये का रस लगाने से बाल निकल आते हैं।



28. चुकन्दर : चुकन्दर के पत्ते का रस सिर में मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

29. लहसुन : सिर में लहसुन का रस लगाने से बाल उग जाते हैं। इसका प्रयोग 60 दिनों तक करने से गंजापन दूर कर सकते हैं।

30. जातीपत्र : जातीपत्र, करंज बीज, वरुण छाल, करवीर मूल और चित्रक सभी को बराबर मात्रा में लेकर मिश्रण बनाकर साफ किया तेल उपयोग में लाना चाहिए। इससे बालों को लाभ होता है।

31. आमलकी : आमलकी फल मज्जा और आम के बीज जिनका छिलका उतार दिया गया हो पानी में लेप तैयार कर उपयोग में लाने से गंजेपन से लाभ होगा।

32. रसांजन (रसोत) : हाथी-दांत की राख में रसांजन और बकरी का दूध मिलाकर सिर पर लेप करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

33. जमालगोटा : नींबू के रस में जमालगोटे के बीजों को पीसकर सिर पर लगाएं। सूखने पर कुछ ही देर में धो लें इसे हर रोज लगाते रहने से गंजेपन के रोग में लाभ होगा।

34. धतूरा : धतूरे के रस को सिर पर मलने से बाल उगने में सहायता मिलती है। इसका प्रयोग नियमित रूप से कुछ हफ्तों तक करना चाहिए। धतूरे के पत्तों के रस का लेप करने से खालित्य (गंजापन) नष्ट हो जाता है।

35. मुलहठी : मुलहठी का पाउडर, दूध और थोड़ी-सी केसर का पेस्ट बनाकर नियमित रूप से सिर में लगायें। अधिक रूसी होने पर तथा बाल अधिक झड़ने पर सिर पर मुलहठी लगाने से लाभ होता है।

36. दूधी : इसके पंचांग (जड़, तना, पत्ती, फल और फूल) के रस और कनेर के पत्तों के रस को मिलाकर सिर
के गंजे स्थान पर लगाने से बाल सफेद होना बन्द हो जाते हैं तथा गंजापन दूर हो जाता है।



37. कलौंजी : जली हुई कलौजी हेयर आइल में मिलाकर नियमित रूप से गंजेपन
में मालिश करने से लाभ होता है।

38. ग्वारपाठा : रक्त घृत कुमारी (जिसमें नारंगी और कुछ लाल रंग के फूल लगते हैं) के गूदे को स्प्रिट में गलाकर सिर में लेप करने से बाल काले हो जाते हैं तथा गंजे सिर में लगाने से बाल उग जाते हैं।

39. गुड़हल :
  • गुड़हल के फूल के फल को कालीगाय के मूत्र के साथ पीसकर गंजेपन की जगह पर लगाने से
  • गंजेपन का रोग मिट जाता है। इससे बालों के बढ़ने में भी लाभ होता है।
  • नोट : इसके बीज गोलाकर और अनेक बीजों से युक्त होते हैं।
  • गंजापन दूर करने के लिए कालीगाय के पेशाब में गुड़हल के फूलों को पीसकर लगाने से बाल बढ़ जाते हैं और गंजापन भी दूर होता है। गुड़हल के पत्तों को पीसकर लुग्दी बनाकर बालों में लगा लें। 2 घंटे के बाद
  • बालों को धोकर साफ कर लें। इस प्रयोग को नियमित रूप से करते रहने से न केवल बालों को पोषण मिलता है बल्कि सिर में ठंडक का भी अनुभव होता है।
  • गुड़हल के ताजे फूलों के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर आग में पका लें। जब केवल तेल शेष रह जाए तो इसे शीशी में भरकर रख लें। इस तेल को बालों में मलकर जड़ों तक लगाने से बाल चमकीले और लंबे होते हैं।
  • गुड़हल के फूल और भृंगराज के फूल को भेड़ के दूध के साथ पीसकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद इसे निकालकर भृंगराज के रस में मिलाकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद निकालकर भृंगराज के पंचांग के रस में मिलाकर, रात को गर्म करके बालों में लगायें। सुबह उठकर सिर को धो लें। इससे बाल काले हो जाते हैं।

40. कटेरी : कटेरी के पत्तों के 20-50 मिलीलीटर रस में थोड़ा शहद मिलाकर गंजे सिर पर मालिश करने से कुछ ही दिनों में कीटाणु खत्म हो जाते हैं। इससे त्वचा मुलायम हो जाती है और गंजे स्थान पर नये बाल आ जाते हैं।

41. उड़द : उड़द की दाल को उबालकर पीस लें। रात को सोने के समय सिर पर लेप करें। इससे गंजापन धीरे-धीरे दूर हो जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

42. नींबू : रोजाना 1 से 2 महीने तक लगातार नींबू का रस रगड़ने से बाल वापस उग आते हैं।

43. नीम :
  • नीम के पत्ते 10 ग्राम तथा बेर के पत्ते 10 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह पीसकर इसका उबटन (लेप) तैयार कर लें। इसके बाद इस लेप को सिर पर लगाकर 1 से 2 घण्टे बाद धोने से बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग एक महीने तक करने से लाभ मिलता है। 
  • 100 ग्राम नीम के पत्तों को एक लीटर पानी में उबाल लें। इससे बालों को धोकर नीम के तेल को लगाने से बाल उगने लगते हैं।
  • नीम के तेल को सूंघने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।
  • नीम का तेल 2-3 महीने रोजाना बालों के उड़कर बने चकत्ते पर लगाने से बाल उग आते हैं।


44. परवल : कड़वे परवल के पत्तों का रस सिर के गंजेपन पर लगाने से लाभ होता है।

45. लता करंज : लता करंज के तेल को सिर में लगाने से गंजापन में लाभ होता है। लता करंज के फूल 6 से 12 ग्राम को पीसकर सिर में लेप करके से सिर का गंजापन दूर होता है।

46. अनार : अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर हो जाता है। प्रतिदिन मीठा अनार खाने से पेट मुलायम रहता है तथा कामेन्द्रियों को बल मिलता है।

47. अपामार्ग : कड़वे तेल (सरसों) में अपामार्ग के पत्तों को जलाकर मसल लें और मलहम बना लें। इसे गंजे स्थानों पर नियमित रूप से लेप करते रहने से पुन: बाल उगने की संभावना होगी।

बालों की साफ-सफाई में लापरवाही न बरतें। याद रखें कि पसीना बालों की जड़ों में पहुँचने पर बालों को नुकसान पहुँचाता है। इससे बचने के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार बालों की सफाई जरूर करें।

48. तीन चम्मच बेसन में डेढ़ गिलास पानी मिला कर इसे सिर के बालों में आधा घन्टे तक लगाए रखें। इसके बाद बालों को गुनगुने पानी से धो डालें। सूखने पर अच्छी तरह से बालों को झाड़ लें। ऐसा करने से सिर में लगे बेसन के कण अच्छी तरह से सिर के बालों से निकल जाते हैं और बाल चमकदार लगने लगते हैं।

49.  लंबे बालों के लिए आंवले का रस और तिल का तेल बराबर मात्रा मिलाकर तब तक गर्म करें जब तक उसमें का पानी ना जल जाए। इसे ठंड़ा कर के शीशी में भरकर रख लें और नियमित रुप से बालों में लगाएं इससे सिर ठंडा तथा बाल लंबे, काले व मजबूत बोते हैं। बाजार में बिकने में वाले तेल केमिकल युक्त होने के कारण बालों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। साथ ही बाल धोने के लिए सुखे आंवले को रात में भिगों दे फिर उसी से बाल धोएं। इससे बाल मजबूत व मुलायम होते हैं।

50. शिकाकाई और सूखे आंवले को 25-25 ग्राम लेकर थोड़ा-सा कूटकर इसके टुकड़े कर लें। इन टुकड़ों को 500 ग्राम पानी में रात को डालकर भिगो दें। सुबह इस पानी को कपड़े के साथ मसलकर छान लें और इससे सिर की मालिश करें। 10-20 मिनट बाद नहा लें। इस तरह शिकाकाई और आंवलों के पानी से सिर को धोकर और बालों के सूखने पर नारियल का तेल लगाने से बाल लंबे, मुलायम और चमकदार बन जाते हैं।

51.  ककड़ी में सिलिकन और सल्फर अधिक मात्रा में होता है जो बालों को बढ़ाते हैं। ककड़ी के रस से बालों को धोने से तथा ककड़ी, गाजर और पालक सबको मिलाकर रस पीने से बाल बढ़ते हैं। यदि यह सब उपलब्ध न हो तो जो भी मिले उसका रस मिलाकर पी लें। इस प्रयोग से नाखून गिरना भी बन्द हो जाता है।

52.  कपूर काचरी 100 ग्राम, नागरमोथा 100 ग्राम, कपूर तथा रीठे के फल की गिरी 40-40ग्राम, शिकाकाई 250 ग्राम और आंवले 200 ग्राम की मात्रा में लेकर सभी का चूर्ण तैयार कर लें। इस मिश्रण के 50 ग्राम चूर्ण में पानी मिलाकर लुग्दी(लेप) बनाकर बालों में लगाना चाहिए। इसके पश्चात् बालों को गरम पानी से खूब साफ कर लें। इससे सिर के अन्दर की जूं-लींकें मर जाती हैं और बाल मुलायम हो जाते हैं।



53.  बालों को छोटा करके उस स्थान पर जहां पर बाल न हों भांगरा के पत्तों के रस से मालिश करने से कुछ ही दिनों में अच्छे काले बाल निकलते हैं जिनके बाल टूटते हैं या दो मुंहे हो जाते हैं।

54.  त्रिफला के चूर्ण को भांगरा के रस में 3 उबाल देकर अच्छी तरह से सुखाकर खरल यानी पीसकर रख लें। इसे प्रतिदिन सुबह के समय लगभग 2 ग्राम तक सेवन करने से बालों का सफेद होना बन्द जाता है तथा इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

55.  आंवलों का मोटा चूर्ण करके, चीनी के मिट्टी के प्याले में रखकर ऊपर से भांगरा का इतना डाले कि आंवले उसमें डूब जाएं। फिर इसे खरलकर सुखा लेते हैं। इसी प्रकार 7भावनाएं (उबाल) देकर सुखा लेते हैं। प्रतिदिन 3 ग्राम की मात्रा में ताजे पानी के साथ सेवन से करने से असमय ही बालों का सफेद होना बन्द जाता है। यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाला, उम्र को बढ़ाने वाला लाभकारी योग है।

56. भांगरा, त्रिफला, अनन्तमूल और आम की गुठली का मिश्रण तथा 10 ग्राम मण्डूर कल्क व आधा किलो तेल को एक लीटर पानी के साथ पकायें। जब केवल तेल शेष बचे तो इसे छानकर रख लें। इसके प्रयोग से बालों के सभी प्रकार के रोग मिट जाते हैं।

57. त्रिफला के 2 से 6 ग्राम चूर्ण में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लौह भस्म मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।

58.  खट्टी दही में चुटकी भर फिटकरी मिला लें,साथ ही थोड़ी सी हल्दी भी मिला लें। इस मिश्रण को सिर के बालों में लगाने से सिर की गंदगी तो दूर होती ही,साथ ही सिर में फैला संक्रमण भी दूर होता है। इस क्रिया को करने से सिर के बाल निखर उठते हैं।

गुरुवार, अगस्त 27, 2015

आँखों में चमक बरकरार रखने के नुस्खे

चश्मे से मिल सकती है छुटकारा अपना लें ये उपाय

आधुनिक जीवन में कम्प्यूटर, टीवी और मोबाइल लोगों के जीवन का अभिन्न अंग बन गए हैं। ऐसे में लोगों की आंखों का कमजोर होना आम सा हो गया है। आजकल हर दूसरे व्यक्ति को चश्मा लग जाता है।
कई लोगों को तो बहुत कम उम्र में चश्मा लग जाता है। लेकिन चश्मा को कैसे बाय-बाय कहा जाए, इसके संबंध में हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं। राज से जानिए कुछ ऐसे ही उपाय 

1- बादाम,सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर उसे पीस लें। इस मिश्रण का 10 ग्राम हिस्सा 250 मिली दूध के साथ रात में सोने से पहले लें। 40 दिन तक लगातार इसे इस्तेमाल करने से आप महसूस करेंगे कि आंखों की रोशनी बढ़ी है। याद रहे इसे लेने के दो घंटे बाद तक पानी न पएिं।

2- आंवला में विटामिन सी की मात्रा ज्यादा होने से यह आंखों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आंवला का सेवन पाउडर, कैप्सूल, जैम या जूस की तरह किया जा सकता है। हर सुबह शहद के साथ ताजा आमले का रस पीने से या रात में सोने से पहले पानी के साथ एक चम्मच आमला पाउडर खाने से भी फायदा मिलता है।

3- एक चम्मच त्रिफला पाउडर को पानी में डाल कर रात भर के लिए छोड़ दें। अगली सुबह इस पानी को छान कर इसी से आंखें धुलें। साथ ही अगर आंखें धुलते वक्त मुंह में ताजा पानी भरे रखेंगे तो और भी फायदा मिलेगा। एक ही महीने में आपको फर्क महसूस होगा।

4- गाजर में फॉसफोरस, विटामिन ए, विटामिन सी और आयरन की मात्रा काफी होती है जो इसे आंखों के लिए असरदार बनाते हैं। नियमित रूप से कच्चे गाजर को सलाद की तरह खा कर या उसका रस पीकर आप अपनी आंखों की रोशनी तेज कर सकते हैं।

5- बिलबेरी एक तरह का बेर है जो शरीर में खून के बहाव को बढ़ाता है। ताजी बिलबेरी खाने से रात में कम दिखने की बीमारी और कमजोर रोशनी की समस्या दूर हो जाती है।

6- याद रहे आपके खाने में सभी पोषक तत्व मौजूद हों। संतुलित आहार सिर्फ आंखों के लिए ही नहीं, पूरे शरीर के लिए जरूरी है। गाजर का रस, अंडे, दूध, हरी सब्जियां, फल, मेवे, गोभी और नींबू इसका हिस्सा हो सकते हैं।

7- हरी घास पर सुबह सुबह नंगे पांव चलना आंखों को बहुत फायदा पहुंचाता है। इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें।

8- सुबह उठने पर अपनी हथेलियों को आपस में रगड़े। जब हथेलियां गर्म हो जाएं तो उन्हें अपनी आंखों पर रख कर सिकाई करें। ऐसा 4-5 बार करें तो आंखों को बहुत फायदा पहुंचेगा।

बुधवार, अगस्त 26, 2015

घुटने के दर्द के लिए राज का रामबाण इलाज़

Turmeric-Limestone Plaster Treatment

1 चम्मच हल्दी1 चम्मच पिसी हुई चीनी
1 चुटकी खाने वाला चुना1 -2 चम्मच पानी

उपरोक्त सभी को मिला कर एक लेप बना लीजिये और रात्रि में सोते समय लगा के सो जाइए.
कुछ ही दिन में आप को आराम आना शूरु हो जायेगा. दर्द सूजन मोच सब खीच लेगा ये लेप.

चमत्कारी हल्दी

भारतीय रसोई की शान हल्दी सचमुच गुणों की खान है। हल्दी की गांठों को चूने के साथ दो महीने एक मटकी में पकाना पड़ता है तब वह चमत्कारिक हो जाती है। दो महीने बाद इस हल्दी का शहद के साथ नियमित सेवन किया जाए तो शरीर का कायाकल्प हो जाता है। आप भी चाहें तो कर सकते हैं।

बनाने की विधिः आधा किलो हल्दी की गांठे और एक किलो कली का चूना (पान में खाने वाला) लीजिए। चूना डली के रूप में हो पावडर नहीं। दोनों को एक मटकी में भर कर उसमें करीब दो लीटर पानी भर दीजिए। पानी डालते ही चूना उबलने लगेगा। अब मटकी का मुंह अच्छी तरह बंद कर रख दीजिए। दो माह बाद इसे खोलें और हल्दी की गांठों को कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें। फिर इन्हें थोड़ा कूट कर मिक्सर में बारीक पीस लें। चमत्कारी हल्दी का पावडर तैयार है। अब इसे किसी एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख लीजिए। रोज सुबह खाली पेट तीन ग्राम पावडर (चने बराबर) शहद के साथ चाटिए। करीब एक घंटे तक कुछ खाएं पीए नहीं। कम से कम चार महीने तक सेवन करें। इससे शरीर का कायाकल्प होने लगता है। बंद रक्त वाहिनियां खुल जाती हैं। बाल असमय सफेद हो गए हों तो काले होने लगते हैं। उगने भी लगते हैं। उसमें कुछ अतिरंजना भी है, जैसे गिद्ध सी दृष्टि और हाथी सा बल आ जाता है। आपभी प्रयोग कर अनुभव शेयर कीजिए। आयुर्वेद में ऐसे अनेक नुस्खों का खजाना भरा पड़ा है, जरूरत है इन्हें नए सिरे से शोध कर आजमाने की।

बुधवार, अगस्त 19, 2015

गायक कलाकारों और बच्चों के लिए विशेष

गला और छाती की बीमारी का अचूक इलाज : राजेश मिश्रा
Throat and Chest illness Easy Treatment


खाँसी रोग कई कारणों से पैदा होता है और यदि जल्दी दूर न किया जाए तो विकट रूप धारण कर लेता है। एक कहावत है, रोग का घर खाँसी। खाँसी यूँ तो एक मामूली-सी व्याधि मालूम पड़ती है, पर यदि चिकित्सा करने पर भी जल्दी ठीक न हो तो इसे मामूली नहीं समझना चाहिए, क्योंकि ऐसी खाँसी किसी अन्य व्याधि की सूचक होती है। आयुर्वेद ने खाँसी के 5 भेद बताए हैं अर्थात वातज, पित्तज, कफज ये तीन और क्षतज व क्षयज से मिलाकर 5 प्रकार के रोग मनुष्यों को होते हैं।


खाँसी को आयुर्वेद में कास रोग भी कहते हैं। इसका प्रभाव होने पर सबसे पहले रोगी को गले (कंठ) में खरखरापन, खराश, खुजली आदि की अनुभूति होती है, गले में कुछ भरा हुआ-सा महसूस होता है, मुख का स्वाद बिगड़ जाता है और भोजन के प्रति अरुचि हो जाती है।

ये पाँच प्रकार का कास कई कारणों से होता है और वे कारण शरीर में अन्य व्याधियाँ उत्पन्न कर शरीर को कई रोगों से ग्रस्त कर देते हैं। इसी कारण से कहावत में 'रोग का घर खाँसी' कहा गया है।


गले में किनती भी ख़राब से ख़राब बीमारी हो, कोई भी इन्फेक्शन हो, इसकी सबसे अछि दावा है हल्दी । जैसे गले में दर्द है, खरास है , गले में खासी है, गले में कफ जमा है, गले में टोनसीलाईटिस हो गया; इन बिमारियों में आधा चम्मच कच्ची हल्दी का रस लेना और मुह खोल कर गले में डाल देना और फिर थोड़ी देर चुप होकर बैठ जायें तो ये हल्दी गले में निचे उतर जाएगी लार के साथ और एक खुराक में ही सब बीमारी ठीक हो जाएगी, दुबारा डालने की जरुरत नही ।
यह उपाय छोटे बच्चों के लिए रामबाण -
जरुर करना चाहिए। बच्चों को टोन्सिल जब बहुत तकलीफ देते हैं तो अक्सर हम ऑपरेशन करवा कर उनको कटवा देते हैं. अब ऐसा करने की जरुरत नहीं है हल्दी से सब ठीक हो जायेगा।

गले और छाती से जुडी हुई कुछ बीमारिया है जैसे खासी; इसका एक इलाज तो कच्ची हल्दी का रस है जो गले में डालने से तुतंत ठीक हो जाती है चाहे कितनी भी जोर की खासी हो ।
दूसरी दवा है अदरक, ये जो अदरक है इसका छोटा सा टुकड़ा मुह में रख लो और टॉफी की तरह चुसो खांसी तुरंत बंद हो जाएगी । अगर किसी को खांसते-खांसते चेहरा लाल पड़ गया हो तो अदरक का रस ले लो और उसमे थोड़ा पान का रस मिला लो दोनों एक एक चम्मच और उसमे मिलाना थोड़ा सा गुड या सेहद । अब इसको थोडा गरम करके पी लेना तो जिसको खासते खासते चेहरा लाल पड़ा है उसकी खासी एक मिनट में बंध हो जाएगी ।
और एक अच्छी दवा है- अनार।
अनार का रस गरम करके पियो तो खासी तुरन्त ठीक होती है ।
काली मिर्च है -गोल मिर्च इसको मुह में रख के चबाना चाहिए उसके बाद गरम पानी पी लें तो खासी बंद हो जाएगी, काली मिर्च को चुसो तो भी खांसी बंद हो जाती है ।


छाती की कुछ बिमारियां जैसे-दमा, अस्थमा, ब्रोंकिओल अस्थमा, इन तीनो बीमारी का सबसे अच्छा दवा है गाय मूत्र ; आधा कप गोमूत्र पियो सबेरे का ताजा ताजा तो दमा ठीक होता है, अस्थमा ठीक होता है, ब्रोंकिओल अस्थमा ठीक होता है । और गोमूत्र पिने से टीबी भी ठीक हो जाता है , लगातार पांच-छह महीने पीना पड़ता है । दमा/अस्थमा का और एक अच्छी दवा है दालचीनी, इसका पाउडर रोज सुबह आधे चम्मच खाली पेट गुड या शहद मिलाकर गरम पानी के साथ लेने से दमा/अस्थमा ठीक कर देती है।

मंगलवार, अगस्त 11, 2015

मेथी शरीर के लिए संजीवनी ब्यूटी है : राजेश मिश्रा

मेथी एक गुण अनेक : कई रोगों का मिनटों में ठीक करता है * बच्चों से बूढों को देता है निरोगी काया  * महिलाओं की कामेच्छा बढाती है

मेथी देखने में तो हैं छोटे, मगर गुण है अनेक। ये अपने महक और स्वाद के द्वारा पूरे व्यंजन के स्वाद को बदल देने की क्षमता रखते हैं। वैसे तो मेथी का स्वाद थोड़ा कड़वा होता है लेकिन भारतीय रसोईघरों में मेथी का इस्तेमाल साधारणतः करी, सब्ज़ियों से बने व्यंजन, दाल आदि के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। और मेथी के पत्तों से बनें मेथी पराठा की बात कैसे भूल सकते हैं।
इन सबके अलावा मेथी के बहुत सारे औषधीय गुण भी हैं, जिसके बारे में शायद बहुत कम ही लोग जानते हैं।मेथी में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नियासिन, पोटेशियम, आयरन, और एल्कलॉयड (क्षाराभ- वनस्पतियों का मूल तत्व) होते हैं। इसमें डाओस्जेनिन नामक यौगिक (कम्पाउन्ड) होता है जो एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन जैसा काम करता है। इस यौगिक के कारण ही मेथी बहुगुणी बन जाता है, जिसके कारण वह स्वास्थ्य से लेकर सौन्दर्य सभी क्षेत्रों में अपना जादू चला पाता है।

1 . मेथी (fenugreek), सोंठ और हल्दी बराबर मात्रा में मिलाकर, पीसकर रोज सुबह-शाम खाना खाने के बाद गर्म पानी से दो – दो चम्मच खाएं, इससे मौसमी बदलाव के असर से बचे रहेंगे।
2 . रोज सुबह भूखे पेट एक चम्मच कुटी हुई मेथी में, 1 ग्राम कलोंजी (मंगरेल) मिलाकर खाएं, पाचन ठीक रहेगा।
3 . मेथी के दाने हर सुबह खाली पेट, दोपहर और रात को खाना खाने के बाद आधा चम्मच पानी के साथ फाकने से हड्डियों के जोड़ मजबूत रहेंगे।
4 . हल्दी, गुड, पिसा हुआ मेथी दाना और पानी समान मात्रा में मिलाकर गर्म करें और रात को सोते समय घुटनों पर इसका लेप लगाएँ। इस पर पट्टी बांध कर रात भर बंधे रहने दे। सुबह पट्टी हटा कर साफ कर ले। कुछ ही दिनों में दर्द से राहत महसूस होगा: राजेश मिश्रा
5. अलसी के बीजो के साथ 2 अखरोट लेने से जोड़ो के दर्द से आराम मिलता है।
6. मेथी के लड्डू खाने से हाथ पैरों के जोड़ो के दर्द में आराम मिलता है।
7. 30 साल की उम्र के बाद रोज मेथी के दाने फांकने से शरीर के जोड़ मजबूत बने रहते हैं। बुढ़ापे तक मधुमेह, ब्लड प्रेशर और गठिया जैसे रोगों से बचाव होता है।
8. मेथी दाने को तवे या कड़ाही में गुलाबी होने तक सेकें। ठंडा होने पर पीस ले, रोज सुबह आधा चम्मच, एक गिलास पानी के साथ लें। : राजेश मिश्रा
9. मेथी को दरदरी कूट कर सर्दियों मे रोज सुबह दो चम्मच और गर्मियों मे एक चम्मच पानी के साथ लें।
10. अंकुरित मेथी खाएं और इसे खाने के बाद आधे घंटे तक कुछ न खाएं। पाचन दुरुस्त रहेगा और स्किन की समस्याओं से बचे रहेंगे : राजेश मिश्रा

औरतों के ल‌िए मेथी का सेवन इन 5 मामलों में है फायदेमंद

वैसे तो मेथी का सेवन दमा से लेकर कामेच्छा तक, कई मामलों में फायदेमंद है लेकिन महिलाओं के लिए इसका सेवन खास वजह से भी जरूरी है। चाहे मेथी का सेवन साग के रूप में हो या फिर दाने के तौर पर, महिलाओं के लिए मासिक चक्र से जुड़ी समस्याओं के उपचार में यह काफी फायदेमंद माना जाता है।

जानें महिलाओं की सेहत के लिए मेथी के सेवन से जुड़े फायदे

  • मेथी में सेपोनिन्स और डायोसजेनिन नामक दो ऐसे तत्व हैं जो शरीर में स्टीरॉयड्स व एस्ट्रोजन की तरह काम करते हैं। इनकी वजह से पीरियड्स के दौरान पड़ने वाले क्रैंप और पेट दर्द में आराम मिलता है।
  • इसमें आयरन की मात्रा अधिक है इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
  • मेथी में मौजूद सेपोनिन्स और डायोसजेनिन शरीर में सेक्स हार्मोन बढ़ाते हैं जिससे महिलाओं की कामेच्छा बढ़ती है।
  • मेथी में मौजूद डायोसजेनिन और आइसोफ्लेवोन्स मेनोपॉड के दौरान महिलाओं के मूड को नियंत्रित करने में मददगार माना जाता है।
  • मेथी में मौजूद डायोसजेनिन महिलाओं के शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है। इससे हार्मोन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

 मेथी के 15 स्वास्थ्यवर्द्धक गुण:

स्तन्यआहार (ब्रेस्टमिल्क) के उत्पादन को बढ़ाता है:

मेथी में डाओस्जेनिन नामक यौगिक होता है जो दूध पिलाने वाली माँ के लिए दूध का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है।

शिशु के जन्म की प्रक्रिया को आसान करता है

मेथी शिशु के जन्म की प्रक्रिया को आसान बनाने में बहुत मदद करता है। यह शिशु के जन्म के समय गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाकर जन्म की प्रकिया को आसान करने में मदद करता है। इसके कारण यह प्रसव वेदना को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन एक बात का ध्यान रखें गर्भधारण के अवस्था में अत्यधिक मात्रा में मेथी न खायें, इससे गर्भपात होने का खतरा बढ़ जाता है।

महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को आसान करने में मदद करता है

मेथी में जो एस्ट्रोजन सेक्स हार्मोन जैसे गुण वाला यौगिक डाओस्जेनिन और आईसोफ्लैवोन्स (isoflavones) होता है वह मासिक धर्म चक्र के समय शारीरिक समस्याओं जैसे उल्टी करने की इच्छा, बेचैनी, मनोभाव में बदलाव आदि समस्याओं को कम करने में मदद करता है। मेनोपोज़ या रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में जो समस्याएं उत्पन्न होती है, जैसे गर्मी लगना, कुछ भी अच्छा न लगना यानि मनोभाव में जल्दी-जल्दी बदलाव आना जैसी अवस्थाओं को कुछ हद तक कम करने में मदद करता है। किशोरावस्था, गर्भावस्था, दूध पिलाने के अवधि में आयरन की कमी को पूर्ण करने में मेथी मदद करता है। इसलिए अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में मेथी साग खाना न भूलें। खाना बनाते वक्त आयरन के सोखने की प्रक्रिया को बढ़ाने के लिए व्यंजन में आलू या टमाटर को डालना न भूलें।

स्तन के आकार को बढ़ाता है

अगर आप स्तन के छोटे आकार को लेकर शर्मिंदा महसूस करते हैं तो मेथी को अपने रोज के आहार में शामिल करें। इसका एस्ट्रोजेन हार्मोन स्तन के आकार को बढ़ाने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल को कम करता है

अध्ययन के अनुसार मेथी शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है।

हृदय संबंधी खतरे को कम करने में मदद करता है

मेथी के दानों में गैलाक्टोमेनन (galactomannan) के गुण के कारण वह दिल के दौरा पड़ने के खतरे को कम करने में मदद करता है। मेथी पोटेशियम का सबसे अच्छा स्रोत होता है जो सोडियम के प्रभाव को कम करके दिल के हृदय गति और रक्त चाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।

मधुमेह को नियंत्रित करता है

मेथी मधुमेह ग्रस्त लोगों के लिए वरदान स्वरूप है। मेथी में जो घुलनशील फाइबरगैलाक्टोमेननहोता है, वह रक्त में शुगर के सोखने की प्रक्रिया को कम करने में मदद करता है।

हजम शक्ति को बढ़ाता है

मेथी शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। साथ ही कब्ज़ से भी राहत दिलाता है।

एसिड रिफल्क्स या हर्टबर्न से राहत दिलाता है

अपने आहार में एक छोटा चम्मच मेथी को शामिल करने से एसिड रिफल्क्स या हर्टबर्न से प्रभावकारी रूप से राहत मिलता है। इस्तेमाल करने के पहले मेथी के दानों को पानी में भिगोकर रखने से उसके ऊपर म्यूसीलाजिनॉस का स्तर बन जाता है जो पेट में जलन से राहत दिलाने में मदद करता है।

बुखार और गले के दर्द से राहत दिलाता है

एक छोटा चम्मच नींबू का रस और शहद के साथ मेथी खाने से न सिर्फ बुखार कम होता है, म्यूसलिज के प्रभाव से सर्दी-खांसी और गले के दर्द से राहत मिलती है।

कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है

मेथी का फाइबर शरीर से विषाक्त पदार्थ टॉक्सिन्स को निकालने में सहायता करता है। इस प्रक्रिया के द्वारा वह कैंसर से कोलोन के म्युकस मेमब्रेन की रक्षा करता है।

भूख को कम करके वज़न घटाने की प्रक्रिया में मदद करता है

सुबह भिगोया हुआ मेथी दाना खाने से पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है। इसलिए जो लोग वज़न घटाना चाहते हैं वे खाली पेट इसका सेवन कर सकते हैं।

त्वचा के सूजन और दाग जैसे समस्याओं से राहत दिलाता है

अगर आपके त्वचा में कहीं भी जल गया है, फोड़ा हुआ है या एक्जिमा हुआ है, उस जगह पर मेथी के पेस्ट में भिगोया हुआ साफ कपड़ा बाँध दें। यह उपचार प्रभावकारी रूप से काम करता है।

सौन्दर्य उत्पादक

मेथी के बने फेस पैक ब्लैकहेड, मुँहासे, झुर्रियों को रोकने में बहुत प्रभावकारी रूप से काम करते हैं। थोड़े से पानी में मेथी के दानें डालकर उबाल लें फिर उससे मुँह को धोयें। एक और भी तरीका है, मेथी के पत्तों को पीसकर पेस्ट बना लें और उसको चेहरे पर बीस मिनट तक लगाकर रखें। सूखने पर पानी से धो लें। इस पैक से चेहरे की रौनक बढ़ जाती है।

बालों की समस्या से राहत दिलाता है

बालों की समस्या से लड़ने के लिए अपने आहार में मेथी को शामिल करें या बालों पर मेथी का पेस्ट भी लगा सकते हैं, इससे आपके बाल काले और घने बन जायेंगे। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या पतले हो गए हैं तो नारियल के तेल में मेथी के दानों को उबालकर रात भर भिगोकर रखें। अगले दिन सुबह इस तेल को बालों में लगायें, इससे बालों का झड़ना कम हो जाएगा।