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मंगलवार, दिसंबर 01, 2015

These are the source of Protein for Vegetarians

शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का स्रोत : राज

शाकाहारी लोग कैसे पा सकते हैं ज्यादा प्रोटीन शाकाहार से जुड़ा एक भ्रम है कि शाकाहारी लोगों कोप्रोटीन का पोषण नहीं मिल पाता। ... इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र और हड्डियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होता है। शाकाहारी लोग प्रोटीन के पोषण से वंचित रह जाते हैं, पर यह बहुत बड़ी गलतफहमी है कि मांसाहार ही प्रोटीन का प्रमुख स्रोत है।
शरीर के लिए एक ऊर्जा स्रोत होते हैं। हर शरीर के लिए अलग-अलग प्रोटीन की आवश्यकता होती है। एक सामान्य स्वस्थ्य व्यक्ति के लिए उसके प्रति किलोग्राम भार की तुलना में 0.8 ग्राम से एक ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। लेकिन किसी व्यक्ति को किडनी की बीमारी है तो उसके लिए उच्च प्रोटीन युक्त भोजन हानिकारक हो सकता है।

शाकाहारी लोगों के लिए पूर्ण प्रोटीन प्राप्त करना मुश्किल होता है। 20 विभिन्न अमीनो एसिड्स से मिलकर प्रोटीन का निर्माण होता है। लेकिन नौ अमीनो एसिड्स का निर्माण शरीर स्वयं नहीं कर सकता है। इनको आवश्यक अमीनो एसिड्स कहा जाता है और इनको अपने भोजन में शामिल करना जरूरी है क्योंकि हम इनको स्वयं नहीं बना सकते हैं। अंडा और मीट पूर्ण प्रोटीन्स वाले स्रोत हैं लेकिन फलियों और बादाम आदी में पूर्ण प्रोटीन नहीं होते हैं।

अगर आप शाकाहारी हैं और आप प्रोटीन्स के पूर्ण शाकाहारी स्रोतों के बारे में आप जानना चाहते हैं तो हम आपको बताते हैं कुछ विकल्प, जिसे आप अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

1- चिया सीड्स: यह ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के प्रमुख स्रोतों में से एक है। इसमें अन्य बीजों और बादाम आदी से अधिक फाइबर पाए जाते हैं। इसमें आयरन, कैल्शियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। दो चम्मच चिया सीड्स के सेवन से 4 ग्राम प्रोटीन मिलता है। वजन कम करने में भी इससे मदद मिल सकती है।

2- फाफरा या कूटू: एक कप कूटू के आटे में 6 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इसके सेवन से रक्त संचार बेहतर होता है और ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। जापानियों ने इसे सोबा नूडल्स में परिवर्तित कर दिया है। यह भारत में भी उपलब्ध है।

3- काबुली चना और पीटा ब्रेड: एक पीटा ब्रेड और दो चम्मच काबुली चने के छोले में 6 ग्राम प्रोटीन मिलता है। गेहूं और चावल में अमीनो एसिड लिसिन की कमी होती है, जबकि छोले में प्रचुर मात्रा में लिसिन होती है।

4- हेम्प सीड्स (भांग): दो चम्मच हेम्प सीड्स में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में सभी नौ आवश्यक अमीनो एसिड्स, मैग्निशियम, जिंक, आयरन और कैल्शियम पाए जाते हैं। ये ओमेगा 3 जैसे आवश्यक फैटी एसिड्स के भी स्रोत हैं।

5- क्विनोवा: एक कप क्विनोवा में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें फाइबर, मैग्निशियम और आयरन पाया जाता है। यह चावल का एक अच्छा विकल्प है। चपातियां और कुकीज बनाने में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। नाश्ते में इसकी खिचड़ी भी खाई जा सकती है।

6- चावल और फलियां: एक कप चावल या फलियों के सेवन से 7 ग्राम प्रोटीन मिलता है। अधिकतर फलियों में कम मात्रा में अमिनो एसिड मेथलोनीन और अधिक मात्रा में अमीनो एसिड लिसिन होता है जबकि चावल में कम मात्रा में लिसिन और अधिक मात्रा में मेथलोनीन होता है। चावल और फलियों के साथ सेवन से संपूर्ण प्रोटीन मिलता है।

7- पीनट बटर सैन्डविच: दो सैंडविच और दो चम्मच पीनट बटर में 15 ग्राम प्रोटीन होता है। आटे के ब्रेड पर पीनट बटर लगाकर खाने से सभी आवश्यक अमीनो एसिड्स शरीर को मिलते हैं। इसमें प्रचुर मात्रा में फैट्स होते हैं।

8- सोया: आधा कप सोया में 15 ग्राम प्रोटीन होता है। सोया अपने आप में पूर्ण प्रोटीन है। अगर आपको थायराइड या कैंसर की समस्या है तो सोया के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

9- अनाज या बादाम आदी के साथ स्पीरूलीना (नीला-हरा शैवाल) : एक चम्मच स्पीरूलीना में 4 ग्राम प्रोटीन होता है। यह एक संपूर्ण प्रोटीन है, लेकिन इसमें मेथलोनीन और सिस्टेलिन अमिनो एसिड की कमी होती है। इसके लिए आप इसमें ओट्स, बादाम आदी मिला सकते हैं।

सूखे मेवे और बीज

बादाम, पीली दाल, अखरोठ, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज आदि ऊर्जा का अच्छा भंडार हैं। सूखे मेवे वसा युक्त होते हैं, इसलिये सीमित मात्रा में ही इनका इस्तेमाल किया जाना चाहिये।

अंकुरित अनाज

अंकुरित अनाज प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। इन्हें कच्चा खा सकते हैं, सलाद में या हल्का मसालेदार बनाकर भी खा सकते हैं। लेकिन जो लोग एसिडिटी का शिकार रहते हैं, वे अंकुरित अनाज का उपयोग नहीं कर सकते। एक कप बींस में 15 ग्राम प्रोटीन होता है। यह प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है।

डेयरी

जो लोग लैक्टोज के प्रति संवेदनशील हैं वे योगर्ट का उपयोग आसानी से कर सकते हैं। यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और दूध के मुकाबले पचने में आसान है।

शाकाहारी स्रोत से लिए प्रोटीन से खतरा

यदि कोई व्यक्ति बहुत अधिक प्रोटीन ले रहा है, तो उसमें अनावश्यक कैलरी जा रही है इस वजह से उसका वजन बढेगा। शाकाहारी स्रोतों से लिए गए अतिरिक्त प्रोटीन से आमतौर पर कोई हानि नहीं होती, परंतु जिन्हें गुर्दे व मधुमेह का रोग है उन्हें इस तरह के भोजन से परहेज करना चाहिए।

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