दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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बुधवार, मार्च 25, 2015

राज का स्वास्थ्य चालीसा

Raj's Health Chalisa
स्वस्थ रहने के सूत्र

एक स्वस्थ जीवन शैली का चयन करना एक लंबी, अधिक पूरा जीवन हो सकता है। आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार से आप के आसपास हर किसी पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप उदाहरण के माध्यम से अपने परिवार और दोस्तों के बेहतर आदतों को सिखा सकते हैं स्वस्थ रहने के विचार से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. कुछ छोटे परिवर्तन करने से आपको बड़े परिणाम देखने को मिल सकते है।

मनुष्य के जीवन में स्वास्थ्य का सर्वाधिक महत्व है। स्वास्थ्य के बिना धन ,संपत्ति, मनोरंजन और अन्य सुविधाएं महत्व हीन हैं। कहते हैं जो व्यक्ति तन और मन से स्वस्थ् होता है, वह संसार का सबसे सुखी प्राणी है, क्योंकि स्वस्थ् तन में ही स्वस्थ् मन रहता है। हमारे ऋषि मुनियों ने शुरू से ही स्वास्थ्य के महत्व को स्वीकार किया है और स्वस्थ बने रहने के लिए प्रकृति के नियमों का पालन करने की सलाह दी है। जो मनुष्य सूर्योदय से पूर्व उठते हैं और अपनी दिनचर्या पूर्ण करके निर्धारित समय के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते हैं, निष्काम भाव से कर्म करते हैं तथा रात्रि में समय पर शयन करते हैं वे हमेशा स्वस्थ् बने रहते हैं। स्वस्थ रहने का सबसे आसान मंत्र है- प्रकृति के नियमों का पालन, कठोर शारीरिक परिश्रम और पौष्टिक, सादा व गर्म भोजन। आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए हम यहाँ दे रहे कुछ टिप्स जिन पर अमल करके आप अपने आपको चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।

ताजा हवा और धूप

सूरज की रोशनी के कई फ़ायदे है इस से आपकी त्वचा सूर्य के प्रकाश के संपर्क मे रहती है. इस से आपको विटामिन डी मिलता है जिससे आपके शरीर के निर्माण और मजबूत, स्वस्थ हड्डियों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है जो कैल्शियम को अवशोषित में मदद करता है।
1. दूध और कटहल का कभी भी एक साथ सेवन नहीं करना चाहिये ।
2. दूध और कुलत्थी भी कभी एक साथ नहीं लेना चाहिए।
3. नमक और दूध (सेंधा नमक छोड़कर) दूध और सभी प्रकार की खटाइयां, दूध और मूँगफली, दूध और मछली, एक साथ प्रयोग ना करें।
4. दही गर्म करके नहीं खाना चाहिये हानि पहुँचती है, कढ़ी बनाकर खा सकते हैं।
5. शहद और घी समान परिणाम में मिलाकर लेना विष के समान है।
6. जौ का आटा कोर्इ अन्न मिलाये बिना नहीं लेना चाहिए।
7. रात्रि के समय सत्तू का प्रयोग वर्जित है, बिना जल मिलाये सत्तू ना खायें।
8. तेज धूप में चलकर आने के बाद थोड़ा आराम करके ही पानी पियें, व्यायाम या शारीरिक परिश्रम के तुरन्त बाद पानी ना पियें या थोड़ी देर बाद पानी पियें।
9. प्रात:काल भोजन के पश्चात तेज गति से चलना हानिकारक है।
10. शाम को खाने के बाद थोड़ी देर चलना आवश्यक है, खाना खाकर तुरन्त सो जाना हानिकारक है।
11. रात्रि में दही का सेवन निषेध है, भोजन के तुरन्त बाद जल का सेवन निषेध है। दिन में भोजन के बाद मठ्ठा और रात्रि में भोजन के बाद दूध लेना लाभदायक होता है। वात के रोगों में ब्लड एसिडिटी, कफ वृद्धि या संधिवात में दही ना खायें।
12. शौच क्रिया के बाद, भोजन से पहले, सर्दी-जुकाम होने पर, दांतों में पीव आने पर और पसीना आने की दशा में पान का सेवन नहीं करना चाहिए।
13. सिर पर अधिक गर्म पानी डालकर स्नान करने से नेत्रों की ज्योति कम होती है जरूरत पड़ने पर गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं।
14. सोते समय सिर पर कपड़ा बांधकर सोना, पैरों में मोजे पहनकर सोना, अधिक चुस्त कपड़े पहनकर सोना हानिकारक है।
15. शहद कभी भी गर्म करके ना खायें, छोटी मधुमक्खी का शहद सर्वोत्तम होता है।
16. तेज ज्वर आने पर तेज हवा, दिन में अधिक देर तक सोना, अधिक परिश्रम, स्नान, क्रोध आदि से बचना चाहिये।
17. नींद लेने से पित्त घटता है, मालिश से वात कम होता है और उल्टी करने से कफ कम होता है एवं उपवास करने से ज्वर शांत होता है ।

राज के इन आसान हेल्थ टिप्स को भी अपनाएं 

इन दिनों लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि दिनों दिन वे नई-नई परेशानियों और बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। चाहे खान-पान हो या आरामदायक जीवनशैली। और तो और शहरी वातावरण भी उन्हें इस तरह की दिनचर्या बनाने में काफी मदद की है। सभी ऐशोआराम की चीजें उन्हें घर बैठे हासिल हो जाती है। उन्हें उठकर कहीं जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
  • प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है।
  • ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
  • अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें। 
  • ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो।
  • तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज करें यह बहुत से बीमारियों की जड़ होती है। 
  • डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। जैसे कि चीज, कॉटेज चीज, दूध और क्रीम का लो फैट प्रोडक्ट आदि। 
  • यदि खाना ही है तो, मक्खन ,फैट फ्री चीज और मोयोनीज का लो फैट उत्पाद प्रयोग में लाऐं।
  • तनाव हमारी जिंदगी में काफी निगेटिव असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव कम करने के लिए सकारात्मक विचार बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। 
  • तनाव कम करने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा ऐसे काम करें, जिसे करने में आपको मन लगता हो। 
  • तनाव कम करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।
  • गुस्सा तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए गुस्सा आने पर स्वंय को शांत करने के लिए एक से दस तक गिनती गिनें। 
  • उन लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो आपके तनाव को बढ़ाते हों।
  • धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर और उम्र पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही फेफड़ों का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।
  • धूम्रपान में कमी लाने के लिए उसकी तलब लगने पर सौंफ आदि का सेवन करें।
  • मार्केट में भी आजकल बहुत से प्रोडक्ट मिलने लगे हैं जो धूम्रपान की तलब को कम करते हैं।
  • सुबह-शाम ताजा भोजन करें।
  • निश्चित समय पर भोजन करें।
  • अनियमित भोजन से दूर रहें।
  • पानी ज्यादा से ज्यादा पिएँ।
  • रात का भोजन सोने से तीन घंटे पहले अवश्य कर लें।
  • खाना खाने के बाद 10 मिनट वज्रासन में अवश्य बैठें।
  • भोजन से पहले व तुरंत बाद पानी पीना हानिकारक है।
  • गरिष्ठ, तले, मसालेदार, खटाईयुक्त भोजन से परहेज करें।
  • अंकुरित अन्न, सलाद, सूप का समावेश भोजन व नाश्ते में अवश्य करें।
  • केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।

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