दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शनिवार, मार्च 21, 2015

पाचन शक्ति बढ़ाने के कारगर उपाय

भूख बढाने के कुछ असरदार नुस्खे

एक कहावत है ‘पहला सुख निरोगी काया’। स्वस्थ शरीर स्वस्थ दिमाग के निर्माण में सहायक होता है। स्वस्थ रहने की पहली शर्त है आपकी पाचन शक्ति का सुदृढ़ होना। भोजन के उचित पाचन के अभाव में शरीर अस्वस्थ हो जाता है, मस्तिष्क शिथिल हो जाता है और कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। जिस प्रकार व्यायाम में अनुशासन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार भोजन में भी अनुशासन महत्वपूर्ण है। अधिक खाना, अनियमित खाना, देर रात तक जागना, ये सारी स्थितियां आपके पाचन तंत्र को प्रभावित करती हैं। अतः यह आवश्यक हो जाता है कि पाचन शक्ति को दुर्बल होने से बचाएं। पाचन तंत्र की दुर्बलता दूर करने के कुछ घरेलू उपाय यहां दिए जा रहे हैं, जिनके प्रयोग से निश्चय ही काफी लाभ होगा।
  • पके अनार के 10 ग्राम रस में भुना हुआ जीरा और गुड़ समभाग मिलाकर दिन में दो या तीन बार लें। पाचन शक्ति की दुर्बलता दूर होगी।
  •  काली राई 2-4 ग्राम फांकी लेने से कब्ज से होने वाली बदहजमी मिट जाती है।
  • अनानास के पके फल के बारीक टुकड़ों में सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाकर खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • भोजन के बाद पेट झूल जाए, बेचैनी महसूस हो तो 20-50 ग्राम अनानास का रस पीएं।
  • पकाए हुए आंवले को घीयाकस करके स्वादानुसार काली मिर्च, सौंठ, सेंधा नमक, भुना जीरा और हींग मिलाकर बड़ी बनाकर छाया में सुखा लें। इसके सेवन से पाचन विकार दूर हो जाता है तथा भूख बढ़ती है। मन भी प्रसन्न रहता है।
  • अमरूद के कोमल पत्तों के 10 ग्राम रस में थोड़ी शक्कर मिलाकर प्रतिदिन केवल एक बार प्रातःकाल सेवन करने से बदहजमी दूर होकर पाचन शक्ति बढ़ती है।
  • खट्टे-मीठे अनार का रस एक ग्राम मुंह में लेकर धीरे-धीरे पीएं। इस प्रकार 8-10 बार करने से मुख का स्वाद ठीक होकर आंत्र दोष दूर होता है और ज्वर के कारण हुई अरूचि दूर होती है तथा पाचन शक्ति बढ़ जाती है।
  • हरड़ एवं गुड़ के 6 ग्राम चूर्ण को गर्म पानी से या हरड़ के चूर्ण में सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से पाचन शक्ति तेज होती है।
  • हरड़ का मुरब्बा खाने से पाचन शक्ति सबल होती है।
  • 1-2 ग्राम लौंग को जौकूट करके 100 ग्राम पानी में उबालें। 20-25 ग्राम शेष बचने पर छान लें और ठंडा होने पर पीएं। इससे पाचन संबंधी विकार दूर होते हैं। हैजे में भी यह लाभकारी है।
  • इलायची के बीजों के चूर्ण में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर दिन में 2-3 बार 3 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से गर्भवती स्त्री के पाचन विकार दूर हो जाते हैं तथा खुलकर भूख लगती है।
  • एक कप पानी में आधा नींबू निचोड़कर 5-6 काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम भोजन के बाद पीने से पेट की वायु, उर्द्धवात, बदहजमी, विषमाग्नि जैसी शिकायतें दूर होकर पाचन शक्ति प्रबल होती है।
  • नींबू काटकर काला नमक लगाकर चाटने से बदहजमी और भोजन के प्रति अरूचि दूर होती है।

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