दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शनिवार, फ़रवरी 07, 2015

और खांसी -जुकाम गायब !

सर्दी-खांसी-जुकाम का घरेलू ईलाज 
 


मौसम बदल रहा है और इस बदलते मौसम में अगर हमें कोई बीमारी सबसे ज्यादा परेशान करती है तो वह है सर्दी, खांसी और जुकाम। लेकिन परेशान होने की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि हमारे घर में ही कई ऐसी चीजें हैं, जो इससे आसानी से निजात दिला सकती हैं। आइए राजेश मिश्रा के सौजन्य से जानें, उन घरेलू नुस्खों के बारे में:
अदरक वाली चाय : सर्दी-जुकाम में तो अदरक की चाय पीने की सलाह हमारी दादियां-नानियां देती ही हैं। और यह सलाह गलत भी नहीं होती है। अदरक की एक अच्छी सी चाय आपको सर्दी से लड़ने की जबर्दस्त ताकत देती है।

हल्दी और दूध : अदरक और मसाला चाय को भूल भी जाएं तो, दूध और हल्दी का मिक्स्चर भी आपकी सर्दी को ठीक कर सकता है। सबसे बड़ी बात इसे बच्चे, बूढ़े या जवान कोई भी ले सकते हैं।

नींबू, दालचीनी और शहद : नींबू, दालचीनी और शहद का सिरप भी सर्दी-खांसी से लड़ने में कारगर है। इसको बनाने के लिए शहद को तब तक गर्म करिए जब तक कि वह पतला न हो जाए। फिर उसमें थोड़ी सी दालचीनी और नींबू का रस मिलाकर इस्तेमाल करें।

गरारे करें : नमक-पानी का गरारा भी एक कमाल की थेरपी है। आप इसे थोड़ा और असरकारक बनाने के लिए थोडी़ सी हल्दी भी मिला सकते हैं।

शहद और ब्रैंडी : ब्रैंडी जहां आपके सीने को गर्म रखती है और आपके शरीर का भी तापमान बढ़ा देती है, वहीं शहद खांसी से लड़ने की ताकत देता है। इस मिश्रण की एक टी-स्पून मात्रा ही आपको राहत दिला सकती है।

पानी : यदि गले में दर्द की शिकायत हो और हल्की-फुल्की खांसी हो, तो आपको सिर्फ गुनगुना पानी पीने से भी राहत मिल सकती है।

आंवला : आंवला में कमाल के औषधिय गुण होते हैं, जो आपको तमाम बिमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। इसके सेवन से आप सर्दी और खांसी जैसी बिमारियों को दूर से ही टाटा कर सकते हैं।

मसालेदार चाय : चाय बनाते समय उसमें अदरक, काली मिर्च और तुलसी के पत्ते डालें। यह तीनों चीजें आपकी चाय को जायकेदार तो बनाएंगी ही, साथ ही सर्दी और खांसी से लड़ने की ताकत भी देंगी।

गुड़ : गर्म पानी में काली मिर्च, जीरा और गुड़ मिलाएं। हल्का गर्म हो तभी इस मिश्रण को थोड़ा-थोड़ा लें। आपको सीने की जकड़न से राहत मिलेगी।

गाजर का जूस : बहुत लोगों को पता ही नहीं होगा कि गाजर का जूस भी सर्दी-खांसी-जुकाम में कारगर हो सकता है। आपको अब भी यकीन नहीं हो रहा है तो जब भी कभी आपको यह बीमारी परेशान करे, आप आजमा लीजिएगा।

इन्हें भी आजमाएं : राज 

1 हल्दी का धुआं देने से जुकाम-नजला दूर हो जाता है।

2 इलायची के दानों का चूर्ण दो ग्राम और सौंठ का चूर्ण दो ग्राम लेकर दोनों को शहद में मिलाकर चाटने से खांसी दूर होती है।

3 पके हुए सेब का रस एक  गिलास निकाल कर मिश्री मिलाकर प्रात: पीते रहने से पुरानी खांसी ठीक हो जाती है।

4 आठ भाग अनार के छिलके का चूर्ण, एक भाग सेंधा नमक मिलाकर पानी डालकर गोलियां बना लें। एक-एक गोली तीन बार चूसने से खांसी ठीक हो जाती है। 60 ग्राम सरसों के तेल में लहसुन की एक गांठ को साफ करके उसमें डालकर रख लें। इस तेल की सीने व गले पर मालिश करें।

5 20 ग्राम गेहूं, 9 ग्राम सेंधा नमक, पात्र भर पानी में औटाकर तिहाई पानी रहने पर छानकर पीने से सात दिन में खांसी मिट जाती है।

6 खांसी, कुकर खांसी, जुकाम आदि में मक्की का भुट्टा जलाकर उसकी राख पीस कर इसमें स्वादानुसार सेंधा नमक मिला लें। नित्य चार बार चौथाई चम्मच गर्म पानी से फंकी लें।

7 जुकाम के साथ बुखार भी हो तो गर्म पानी, शहद और अदरक रस में चुटकी भर मीठा सोडा डालकर पिला दें तथा पसीना आने दें। पसीने के दौरान शरीर को हवा न लगने दें।

8 दालचीनी व जायफल को बराबर मात्रा में पीसकर सुबह-शाम लेने से जुकाम ठीक हो जाता है।

9 कफ अधिक हो तो 100 ग्राम सरसों पीस कर उसमें 100 ग्राम हल्दी (मंद आंच पर भूनकर) मिलाकर इस चूर्ण को 5-5 ग्राम सुबह-शाम शहद के साथ लेने से लाभ होता है।

10 यदि अमरूद को गर्म राख या बालू में भून कर खाया जाए तो पुराने से पुराना जुकाम भी शीघ्र नष्ट हो जाता है।

11 थोड़ी-सी अजवाइन को गर्म करके पतले कपड़े से बांध लें, हथेली पर रगड़ कर बार-बार सूंघना जुकाम में आराम देता है एवं सिरदर्द व भारीपन तुरन्त मिट जाता है।

12 सर्दी-जुकाम, कफ-खांसी, पेट के कृमियों के लिए मूली के बीजों का चूर्ण फायदेमंद है।

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