दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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शुक्रवार, फ़रवरी 20, 2015

आँखों के सामने अँधेरा छाना और चक्कर आना

Eyes darken and Dizziness

बचपन में मैं भी इस बीमारी से बहुत परेशान था। स्कूल (प्राइमरी मिडील स्कूल भेल्दी, छपरा, बिहार) में प्रार्थना की लाईन में खड़े-खड़े दो बार गिर गए थे। पर इसमें शिक्षक लोग घबराते नहीं थे बल्कि बहुत ही संजीदगी से आहिस्ता-आहिस्ता मुझे कंट्रोल कर लेते थे। जब-जब ऐसा हुआ स्कूल के साथी शिक्षक की सहायता से- सर धुलाते, शिक्षक हाथ पंखे से हवा हवा करते  थे तब जाकर मेरी मनोस्थिति ठीक हो जाती थी। ऐसा 3 बार हुआ था। ज्यादातर गर्मियों में ही होता था।  तब ही मैंने  फैसला कर लिया था दूसरे को ऐसा न हो या हो तो उसे क्या उपचार दिया जाये इसका निराकरण खोजेंगे। आइये अब नज़र डालते हैं- रोग के कारन और निवारण पर :
आंखों के सामने गोल गोल घूमती हुई दिखाई देने वाली स्थिति को चक्कर आना या (vertigo ) कहते है । कुछ देर बैठे रहने के बाद जब उठते हैं तो चक्कर आने लगते हैं और आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है। रोगी को लगता है कि उसके चारों तरफ़ की चीजें बडी तेजी से घूम रही हैं। राजेश मिश्रा लाये हैं कुछ सुझाव और निवारण जो इस  के मरीज़ के लिए फायदेमंद होगा। 
  • चक्कर का एक कारण दिमाग में खून की पूर्ति कम हो जाना है।
  • नारियल का पानी रोज पीने से चक्कर आना बंद हो जाते हैं।
  • खरबूजे के बीज की गिरी गाय के घी में भुन लें। इसे पीसकर रख लें। 5 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम लेने से चक्कर आने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।
  • ग्राम मुनक्का देशी घी में भुनकर उस पर सैंधा नमक बुरककर सोते समय खाने से चक्कर आने का रोग मिट जाता है।
  • सूखा आंवला पीस लें। दस ग्राम आंवला चूर्ण और 10 ग्राम धनिया का पावडर एक गिलास पानी में डालकर रात को रख दें। सुबह अच्छी तरह मिलाकर छानकर पी जाएं। चक्कर आने में आशातीत लाभ होगा।
  • अदरक लगभग 20 ग्राम की मात्रा में बारीक काटकर पानी में उबालें आधा रह जाने पर छानकर पीयें। अदरक का रस भी इतना ही उपकारी है।सब्जी बनाने में भी अदरक का भरपूर उपयोग करें। चाय बनाने में अदरक का प्रयोग करें।अदरक किसी भी तरह खाएं चक्कर आने के रोग में आशातीत लाभकारी है।
  • तुलसी के 20 पत्ते पीसकर शहद मिलाकर चाटने से चक्कर आने की समस्या काफ़ी हद तक नियंत्रण में आ जाती है।
  • 10 ग्राम गेहूं, 5 ग्राम पोस्तदाना, 7 नग बादाम, 7 नग कद्दू के बीज लेकर थोडे से पानी के साथ पीसकर इनका पेस्ट बनालें। अब कढाई में थोडा सा गाय का घी गरम करें और इसमें 2 -3 नग लोंग पीसकर डाल दें। अब बनाया हुआ पेस्ट इसमें डालकर एक मिनट आंच दें। इस मिश्रण को एक गिलास दूध में घोलकर पियें। चक्कर आने में असरदार स्वादिष्ट नुस्खा है।
  • मौसमी और पाईनेपाल का जूस लेवे |
  • चाय,काफ़ी और तली गली मसालेदार चीजों से परहेज करना आवश्यक है। इनके उपयोग से चक्कर आने की तकलीफ़ में इजाफ़ा होता है।
  • कभी-कभी नमक की मात्रा शरीर में कम होने पर भी चक्कर आने लगते हैं। आलू की नमकीन चिप्स खाने से लाभ होता देखा गया है।
  • जब चक्कर आने का हमला हुआ हो , बर्फ़ के समान ठंडा पानी 3 गिलास पीने से भी तुरंत राहत मिलती है।
  • चक्कर आने की तकलीफ़ में रोगी को आहिस्ता घूमना चाहिये। तेज चलने से गिरकर चोंट लगने की संभावना रहती है। आहिस्ता चलने से वर्टिगो का प्रभाव कम हो जाता है।
  • अचानक चक्कर आने पर सबसे बढिया बात यह है कि लेट जाएं। चित्त लेटना उचित नहीं है। साइड से लेटें और सिर के नीचे तकिया अवश्य लगाएं।
  • अगर विडियो गेम्स की वजह से चक्कर आते हो तो यह रुचि नियंत्रित करें।
  • अनुलोम विलोम प्राणायाम से चक्कर आने की व्याधि से हमेशा के लिये छुटकारा मिल जाता है।
  • कानो की सफाई करे |

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