दादी-नानी और पिता-दादाजी के बातों का अनुसरण, संयम बरतते हुए समय के घेरे में रहकर जरा सा सावधानी बरतें तो कभी आपके घर में डॉ. नहीं आएगा. यहाँ पर दिए गए सभी नुस्खे और घरेलु उपचार कारगर और सिद्ध हैं... इसे अपनाकर अपने परिवार को निरोगी और सुखी बनायें.. रसोई घर के सब्जियों और फलों से उपचार एवं निखार पा सकते हैं. उसी की यहाँ जानकारी दी गई है. इस साइट में दिए गए कोई भी आलेख व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं है. किसी भी दवा और नुस्खे को आजमाने से पहले एक बार नजदीकी डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें.
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नोट : यहाँ पर प्रस्तुत आलेखों में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी को संकलित करके पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का छोटा सा प्रयास किया गया है। पाठकों से अनुरोध है कि इनमें बताई गयी दवाओं/तरीकों का प्रयोग करने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लेना उचित होगा।-राजेश मिश्रा

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गुरुवार, फ़रवरी 26, 2015

कमर दर्द को आसान बनाये "आसन"


Make it easy to Back Pain (Backache)  "posture"

काम चाहे घर में हो या ऑफिस में, कार्य चाहे खडे़ रहकर करने का हो या बैठकर करनेका अक्सर कमर में दर्द हो ही जाता है। कमर दर्द की वजह से आपको बड़ी परेशानी होती है। महिलाओं में कमर दर्द एक आम समस्या हो गई है। खासकर कामकाजी महिलाएं तो इस समस्या के साथ जीने की आदी दिखती हैं। जब इससे बचने और उससे मुक्ति के उपाय बेहद आसान हैं तो क्यों इस समस्या से जूझा जाए। राजेश मिश्रा बता रहे हैं इससे मुक्ति के उपाय -
कमर दर्द के कई कारण होते हैं यथा- सर्जिकल डिलेवरी, सोने, उठने-बैठने के गलत नियम आदि। परन्तु आजकल जो ज्यादातर मामलों में कमर दर्द देखने में आ रहा है उसका कारण है ऊंची हील वाली चप्पलें पहनना। जो आज का प्रमुख फैशन भी है।

क्यों होता है कमर में दर्द

डाक्टर हमेशा से ऊंची एड़ी वाली चप्पलें व सैंडिल पहनने से बचने की सलाह देते आ रहे हैं। फैशन के चलते उनकी सलाह सुनना कोई पसंद नहीं करता है। हर किसी महिला को शारीरिक बढ़ाने हेतु इस तरह की चप्पलें व सैंडिल अधिक भाती हैं। एस्ट्रोजन हार्मोंस भी इस दर्द के लिये जिम्मेदार होता है। होता यह है कि चालीस-पैंतालीस वर्ष के उपरांत महिलाओं में मासिक चक्र लगभग बंद हो जाता है जिससे रीढ़ की हड्डी में कठोरता आने व कमर के आसपास चर्बी जम जाने से यह दर्द शुरू हो जाता है। एस्ट्रोजन की कमी यानि शरीर में कैल्शियम की कमी को दर्शाता है जिससे ओस्टियोपोरेसिस नामक रोग होता है जो हड्डी से जुड़ा रोग है।

अन्य कारण

उठने बैठने के गलत तरीके या झटकेदार तरीके से उठने बैठने के कारण कभी रीढ़ की डिस्क खिसक जाती है। इसके अलावा ज्यादा आरामतलब जिंदगी तथा कुछ घातक बीमारियां भी इस रोग की जनक मानी जाती है। प्रायः पीछे के पॉकेट में मोटी पर्स या मोबाइल रखना लड़कियां फैशन समझती हैं, पर यह भी कमर दर्द के लिए सबसे बड़ा कारण बन जाता है। 

छुटकारा पाने के लिये क्या करें

छुटकारा पाने के लिये सर्वोत्तम उपाय प्राकृतिक चिकित्सा ही है। योग अपनाकर कमर को लचीला बनाया जा सकता है जिससे कमर दर्द में राहत मिल सकती है। तात्कालिक राहत के लिये प्रचलित चिकित्सा पध्दति जैसे एलौपैथिक, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, बायोकेमिक जैसी अन्य पध्दतियों को भी साथ में अपना सकते हैं।.

दर्द से मुक्ति के लिये योग करें

कमर दर्द में नीचे दिये जा रहे चार आसन अति उपयोगी हैं। इन्हें आजमाइये और दर्द से छुटकारा पाइये।

शलभ आसन

1. इस आसन को करने के लिये सर्वप्रथम पेट के बल लेट जाइये।
2. अब दोनों हाथों को अपनी जांघ के नीचे रविये।
3. श्वांस अंदर भरते हुए पहले दाहिने पैर को बिना मोड़े धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाइये कुछ सेकेंड रुककर दाहिने पैर को उसी स्थिति में रखे हुए बायें दो दाहिने पैर की तरह ऊपर की ओर उठाइये। ध्यान रखिये कि हर स्थिति में आपको ठोड़ी जमीन से जुड़ी रहनी चाहिये। श्वांस छोड़ते हुए पूर्ण स्थिति में आइये।
4. आप अपनी क्षमतानुसार क्रम को दोहराइये।

मकरासन

1. पेट के बल लेटकर हाथ की कोहनियों को मोड़कर बिल्कुल सीधे हथेलियों पर ठोड़ी को रखिये।
2. धीरे-धीरे लम्बी श्वांस खींचते हुए दोनों पैर की एड़ियों को कूल्हे से सटाने का प्रयास कीजिए। श्वांस छोड़ते हुए पूर्व स्थिति में आ जाइये।

धनुरासन

इस आसन का सीधा-सा अर्थ है शरीर को मोड़कर धनुष के समान बनाना।
1. पेट के बल लेटकर दोनों पैरों के घुटने को मोड़कर कूल्हे के ऊपर लाकर दोनों हाथों से दोनों पंजों को पकड़िये।
2. श्वांस भरते हुए धीरे-धीरे ऊपर उठाइये एवं धनुष के समान रचना बनाईये। इस दौरान गर्दन सीधे रखते सामने की ओर देखिए। 
3. क्षमतानुसार रुककर धीरे-धीरे छोड़ते हुए पूर्व स्थिति में लौट आइये।

भुजंगासन

यानि फन फैलाये सांप के समान आकृति वाला आसन।
1. इसमें भी पहले वाले आसन की तरह पेट के बल लेटकर हथेलियों को छाती के बाजू में रखकर पंजे मिलाते हुए कोहनी को थोड़ा ऊपर उठाकर श्वांस छाती में भरते हुए सिर को ऊपर उठाइये। नाभि जमीन में सटी हो। सिर को पीछे की ओर मोड़िये। थोड़ रुककर पूर्व स्थिति में आ जाइये।

राजेशजी  द्वारा बताये गए ये टिप्स भी आजमाएं और दूसरे लोगों जो ऐसे रोगों से परेशान हैं उन्हें भी बताएं, सभी लाभवान होंगे 

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1. रोज सुबह सरसों या नारियल के तेल में लहसुन की तीन-चार कलियॉ डालकर (जब तक लहसुन की कलियां काली न हो जायें) गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें।
2. नमक मिले गरम पानी में एक तौलिया डालकर निचोड़ लें। इसके बाद पेट के बल लेट जाएं। दर्द के स्थान पर तौलिये से भाप लें। कमर दर्द से राहत पहुंचाने का यह एक अचूक उपाय है।
3. कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छे से सेक लें। इस नमक को थोड़े मोटे सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। कमर पर इस पोटली से सेक करने से भी दर्द से आराम मिलता है।
4. अजवाइन को तवे के पर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें। ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।
5. अधिक देर तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम न करें। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।
6. नर्म गद्देदार सीटों से परहेज करना चाहिए। कमर दर्द के रोगियों को थोड़ा सख्ते बिस्तर बिछाकर सोना चाहिए।
7. योग भी कमर दर्द में लाभ पहुंचाता है। भुन्ज्गासन, शलभासन, हलासन, उत्तानपादासन, श्वसन आदि कुछ ऐसे योगासन हैं जो की कमर दर्द में काफी लाभ पहुंचाते हैं। कमर दर्द के योगासनों को योगगुरु की देख रेख में ही करने चाहिए।
8. कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।
9. कमर दर्द के लिए व्यायाम भी करना चाहिए। सैर करना, तैरना या साइकिल चलाना सुरक्षित व्यायाम हैं। तैराकी जहां वजन तो कम करती है, वहीं यह कमर के लिए भी लाभकारी है। साइकिल चलाते समय कमर सीधी रखनी चाहिए। व्यायाम करने से मांसपेशियों को ताकत मिलेगी तथा वजन भी नहीं बढ़ेगा।
10. कमर दर्द में भारी वजन उठाते समय या जमीन से किसी भी चीज को उठाते समय कमर के बल ना झुकें बल्कि पहले घुटने मोड़कर नीचे झुकें और जब हाथ नीचे वस्तु तक पहुंच जाए तो उसे उठाकर घुटने को सीधा करते हुए खड़े हो जाएं।
11. कार चलाते वक्त सीट सख्त होनी चाहिए, बैठने का पोश्चर भी सही रखें और कार ड्राइव करते समय सीट बेल्ट टाइट कर लें।
12. ऑफिस में काम करते समय कभी भी पीठ के सहारे न बैठें। अपनी पीठ को कुर्सी पर इस तरह टिकाएं कि यह हमेशा सीधी रहे। गर्दन को सीधा रखने के लिए कुर्सी में पीछे की ओर मोटा तौलिया मोड़ कर लगाया जा सकता है।

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